मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ से पिछले चार दिनों से चर्चा का विषय बना 'बल्ब वाला दूल्हा' आखिरकार मिल गया है। सरधना थाना क्षेत्र का रहने वाला दूल्हा मोहसिन, जो अपनी सुहागरात (Wedding Night) पर 'बल्ब लाने' का बहाना बनाकर घर से निकला था, सोमवार को हरिद्वार से बरामद किया गया। पुलिस और परिजनों ने राहत की सांस ली है। पूछताछ में दूल्हे ने घर से भागने की जो वजह बताई है, वह बेहद चौंकाने वाली है। उसने बताया कि शादी की पहली रात वह घबरा गया था और इसी 'नर्वसनेस' (Nervousness) में उसने घर छोड़ दिया।READ ALSO:-बिजनौर: नशे की लत ने बनाया हैवान, कलयुगी बेटे ने अपनी ही मां की रोजी-रोटी को किया आग के हवाले
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सुहागरात पर बल्ब का बहाना और दूल्हा फरार

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यह पूरा मामला मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के मोहल्ला ऊंचापुर का है। यहां रहने वाले सईद अब्बासी के बेटे मोहसिन उर्फ मोनू का निकाह 26 नवंबर को मुजफ्फरनगर के खतौली में हुआ था। शादी की रस्में खुशी-खुशी पूरी हुईं और 27 नवंबर को मोहसिन अपनी नई नवेली दुल्हन की विदाई कराकर घर लाया।
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घर में खुशी का माहौल था, लेकिन सुहागरात की रात करीब 12 बजे एक अजीब घटना घटी। मेरठ का यह दूल्हा अचानक अपनी पत्नी और परिजनों से यह कहकर घर से निकला कि वह बल्ब लेने जा रहा है। परिवार को लगा कि वह अभी वापस आ जाएगा, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी मोहसिन नहीं लौटा। नई दुल्हन पूरी रात अपने पति का इंतजार करती रही। अगले दिन परिजनों ने परेशान होकर पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
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हरिद्वार से आया फोन: 'अब्बू, मुझे ले जाओ'

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सोमवार, 1 दिसंबर की सुबह मोहसिन के पिता सईद अब्बासी और पुलिस की टीम गंगनहर के आसपास उसकी तलाश कर रही थी। तभी सुबह करीब 8:30 बजे सईद के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। फोन उठाते ही दूसरी तरफ से आवाज आई, "अब्बू, मैं मोहसिन बोल रहा हूं। मुझे यहां अच्छा नहीं लग रहा, प्लीज मुझे आकर ले जाओ।"
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पिता ने घबराते हुए पूछा कि वह कहां है, तो मोहसिन ने बताया कि वह हरिद्वार में है और उसने एक राहगीर से फोन मांगकर कॉल किया है। इसके बाद सईद ने उस राहगीर से बात की और अपने बेटे को पास की पुलिस चौकी या जीआरपी (GRP) के हवाले करने की गुजारिश की। सूचना मिलते ही मेरठ पुलिस और परिजन तुरंत हरिद्वार के लिए रवाना हो गए।
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पूछताछ में खुला राज: क्यों भागा था दूल्हा?

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देर शाम पुलिस मोहसिन को लेकर मेरठ पहुंची। पुलिस पूछताछ में मोहसिन ने बताया, "मैं सुहागरात पर बहुत नर्वस हो गया था। मुझे डर लग रहा था और मैं तनाव में आ गया था। तभी पत्नी ने बल्ब लाने की बात कही, तो मुझे घर से निकलने का मौका मिल गया। मैं वहां से सीधा निकल गया और रातभर नहर के किनारे बैठा रहा।"
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मोहसिन ने आगे बताया कि वह काफी देर तक नहर पर घूमता रहा और घर लौटने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। बाद में वह एक लोकल बस पकड़कर मेरठ के भैंसाली बस अड्डे पहुंचा और वहां से बस लेकर 28 नवंबर को हरिद्वार चला गया।
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जेब में थे 1000 रुपये, खरीदी जैकेट

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भागते समय मोहसिन की जेब में सिर्फ 1000 रुपये थे। उसने बताया कि हरिद्वार पहुंचने के बाद उसे घर की याद आने लगी थी, लेकिन बिना बताए आने की शर्मिंदगी के कारण वह लौट नहीं पाया। उसने तीन रातें हरिद्वार रेलवे स्टेशन के आसपास गुजारीं। ठंड से बचने के लिए उसने उन्हीं पैसों से एक जैकेट खरीदी और बाकी पैसों से खाना खाया।
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सबसे पहले पूछा- 'मेरी पत्नी कहां है?'

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हरिद्वार में जब मोहसिन अपने पिता से मिला, तो उसने सबसे पहले अपनी पत्नी के बारे में पूछा। उसने डरे हुए स्वर में कहा, "अब्बू, मेरी पत्नी कैसी है? वह घर पर है या चली गई? वह कुछ कह तो नहीं रही थी?" पिता ने उसे दिलासा दिया कि उसकी पत्नी को उसकी चिंता थी और वह फिलहाल अपने मायके में सुरक्षित है। घर पहुंचने पर मोहसिन की मां फरीदा ने उसे गले लगा लिया और रो पड़ीं।
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सीओ सरधना आशुतोष ने पुष्टि की है कि मिसिंग दूल्हे को सकुशल बरामद कर लिया गया है। यह घटना मानसिक तनाव और शादी से जुड़ी घबराहट का एक उदाहरण है, जिसने पूरे शहर में सनसनी फैला दी थी।
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