उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक महिला डॉक्टर द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि पाने के लिए धार्मिक रूप से संवेदनशील कंटेंट पोस्ट करने का मामला सामने आया है। डॉ. शीबा खान को 6 दिसंबर को 'ब्लैक डे' के संदर्भ में एक विवादित वीडियो पोस्ट करने के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया। डॉक्टर का मकसद सोशल मीडिया पर फेमस होने के लिए विवादित वीडियो पोस्ट करके अपने क्लिनिक पर मरीजों की संख्या बढ़ाना था, लेकिन उनकी यह कोशिश उल्टी पड़ गई और उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा।READ ALSO:-Meerut Crime: 'पानी' के लिए बहा दिया खून! 20 रुपये मांगने पर कार सवार रईसजादों ने होटल मालिक के दोनों हाथ तोड़े, CCTV में कैद खौफनाक मंजर
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क्या था विवादित वीडियो में?

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अब्दुल्लापुर में क्लिनिक चलाने वाली डॉ. शीबा खान ने 6 दिसंबर के दिन को संदर्भित करते हुए अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर 'ब्लैक डे' के नाम से एक विवादित पोस्ट किया। 1 मिनट 8 सेकंड के इस वीडियो में डॉ. शीबा अपने क्लिनिक की कुर्सी पर बैठी हुई दिख रही हैं, और बैकग्राउंड में एक मुस्लिम नेता का आपत्तिजनक ऑडियो चल रहा था। वीडियो पर 'ब्लैक डे' भी लिखा हुआ था।
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इस वीडियो को हिंदू संगठनों ने देखा और इसे धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाला मानते हुए तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर, पुलिस ने डॉ. शीबा खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और उन्हें थाने में लाकर पूछताछ की।
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फेमस होने के लिए किया पोस्ट: पुलिस पूछताछ

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पुलिस पूछताछ के दौरान डॉ. शीबा खान ने स्वीकार किया कि उन्होंने यह विवादित वीडियो केवल फेमस होने के लिए विवादित वीडियो पोस्ट किया था। उनका मानना था कि इस तरह का कंटेंट उनके सोशल मीडिया अकाउंट की रीच बढ़ाएगा और नतीजतन उनके क्लिनिक (फर्टिलिटी, प्रेग्नेंसी प्रोसेस) पर मरीजों की संख्या में वृद्धि होगी।
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सीओ पंकज लवानिया ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि पूछताछ पूरी होने के बाद डॉक्टर को हिरासत में रखा गया था। बाद में उनका चालान किया गया और उन्हें एसडीएम कोर्ट से जमानत पर रिहा कर दिया गया।
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प्रोफाइल पर फीमेल हेल्थ और धार्मिक संदेश

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मूल रूप से सीना गांव की रहने वाली डॉ. शीबा खान का पति दुबई में कारोबारी है। डॉ. शीबा की सोशल मीडिया प्रोफाइल पर 400 से अधिक वीडियो पोस्ट किए गए हैं। इनमें से अधिकांश कंटेंट फीमेल हेल्थ, गर्भावस्था प्रक्रिया (प्रेग्नेंसी प्रोसेस), नॉर्मल डिलीवरी और बाल स्वास्थ्य से संबंधित हैं। 
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हालांकि, उनके कई वीडियो में धार्मिक संदेश, जैसे कि कुरान की आयतों के ऑडियो का इस्तेमाल किया गया है। 2 अक्टूबर को भी उन्होंने धार्मिक स्थलों से जुड़ा एक वीडियो शेयर किया था, जिस पर लोगों की तीखी प्रतिक्रिया आई थी। बताया जा रहा है कि क्लिनिक कॉम्पिटिशन के चलते भी डॉ. शीबा ने रातों-रात प्रसिद्धि पाने की यह विवादास्पद रणनीति अपनाई।
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सोशल मीडिया पर विवादित कंटेंट और कानून

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किसी भी व्यक्ति, विशेषकर चिकित्सा पेशेवर द्वारा, सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने वाले या धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले कंटेंट को सोशल मीडिया पर पोस्ट करना एक गंभीर कानूनी अपराध है। भारत में ऐसे मामलों में सख्त कानूनी प्रावधान हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का इस्तेमाल अराजकता फैलाने के लिए न किया जाए। 
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डॉ. शीबा खान का मामला इस बात की चेतावनी है कि सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि और व्यावसायिक लाभ के लिए सीमा लांघना महंगा पड़ सकता है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई की है और आगे की जांच जारी है।
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मेरठ की डॉ. शीबा खान द्वारा फेमस होने के लिए विवादित वीडियो पोस्ट करने की यह घटना सोशल मीडिया के दुरुपयोग का एक क्लासिक उदाहरण है। एक पेशेवर के रूप में, उनका प्राथमिक उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना होना चाहिए, न कि सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए धार्मिक और राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दों का सहारा लेना। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने वाले किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, भले ही उसका उद्देश्य केवल 'फेमस होना' ही क्यों न हो।
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