मेरठ (उत्तर प्रदेश): पश्चिमी उत्तर प्रदेश की क्रांतिधरा, मेरठ में मौसम ने ऐसा करवट बदला है कि जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। कड़ाके की ठंड, घने कोहरे की चादर और हड्डियों को गला देने वाली सर्द हवाओं ने शहर को अपनी चपेट में ले लिया है। हालात यह हैं कि रविवार (21 दिसंबर) का दिन पिछले 16 सालों में सबसे ठंडा दिन साबित हुआ। मौसम के इस रौद्र रूप को देखकर बुजुर्गों को पुराने जमाने की सर्दियाँ याद आ गईं, वहीं बच्चे और युवा घरों में रजाई में दुबकने को मजबूर हो गए।READ ALSO:-संभल में 'कलयुगी' पत्नी का खूनी खेल: 2 आशिकों के साथ मिलकर पति के किए टुकड़े-टुकड़े, 10 साल की बेटी ने रोते हुए खोला मां के पाप का 'चिट्ठा'
\r\n\r\n\r\n\r\n
16 साल का रिकॉर्ड ध्वस्त: 21 दिसंबर बना 'सीजन का सबसे ठंडा दिन'
\r\n\r\nमेरठ में सर्दी का सितम इस कदर बढ़ा है कि इसने पिछले डेढ़ दशक के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 21 दिसंबर को बीते 16 सालों में इतनी भीषण ठंड कभी दर्ज नहीं की गई थी।
\r\n\r\n\r\n\r\n
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) की मौसम वेधशाला द्वारा जारी आंकड़ों ने सभी को चौंका दिया है:
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n अधिकतम तापमान (Max Temp): 17.0 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से बेहद कम)।\r\n \r\n
- \r\n न्यूनतम तापमान (Min Temp): 7.1 डिग्री सेल्सियस।\r\n \r\n
- \r\n रिकॉर्ड: यह इस सीजन का अब तक का सबसे कम अधिकतम तापमान है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
दिन के समय भी सूर्य देवता के दर्शन दुर्लभ हो गए। थोड़ी बहुत धूप निकली भी, तो वह सर्द हवाओं के आगे बेअसर साबित हुई। लोग दिनभर अलाव और हीटर के सहारे समय काटते नजर आए।
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
कोहरे और पछुआ हवाओं का 'डबल अटैक'
\r\n\r\nमेरठवासियों को केवल गिरते तापमान का ही सामना नहीं करना पड़ रहा, बल्कि कोहरे और बर्फीली हवाओं की जुगलबंदी ने मुसीबत को दोगुना कर दिया है। रविवार की सुबह शहर एक घनी सफेद चादर में लिपटा हुआ था। विजिबिलिटी (दृश्यता) इतनी कम थी कि सड़कों पर वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट्स जलानी पड़ीं। इसके बाद जब कोहरा थोड़ा छटा, तो पश्चिमी दिशा से चलीं बर्फीली हवाओं (Ice Cold Winds) ने ठिठुरन बढ़ा दी।
\r\n\r\n\r\n\r\n
सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। जो लोग जरूरी काम से बाहर निकले, वे गर्म कपड़ों में ऊपर से नीचे तक लिपटे हुए थे, फिर भी सर्दी का अहसास कम नहीं हो रहा था। बाजार में भी ग्राहकों की संख्या न के बराबर रही, जिससे व्यापारियों के चेहरों पर भी चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती थीं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
एक हफ्ते में ही बदल गई मौसम की तस्वीर: 8.4 डिग्री लुढ़का पारा
\r\n\r\nमौसम में आया यह बदलाव अचानक नहीं, बल्कि पिछले एक हफ्ते से लगातार जारी गिरावट का नतीजा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 7 दिनों में मौसम ने यू-टर्न ले लिया है:
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n 15 दिसंबर: अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस था (मौसम सुहावना था)।\r\n \r\n
- \r\n 21 दिसंबर: अधिकतम तापमान गिरकर 17.0 डिग्री सेल्सियस पर आ गया।\r\n \r\n
- \r\n गिरावट: मात्र 7 दिनों के भीतर दिन के तापमान में 8.4 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
यह गिरावट स्पष्ट संकेत दे रही है कि मेरठ अब 'कोल्ड डे कंडीशन' (Cold Day Condition) की ओर तेजी से बढ़ रहा है। लगातार तीसरे दिन मौसम बेहद सर्द बना रहा, जिससे शरीर को गर्म रखना चुनौती बन गया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
मौसम वैज्ञानिकों की चेतावनी: अभी और सताएगी सर्दी
\r\n\r\nसरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (SVPUAT) के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने आने वाले दिनों के लिए चेतावनी जारी की है। उन्होंने बताया, "पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर और पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी का सीधा प्रभाव मैदानी इलाकों पर पड़ रहा है। आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। रातें और अधिक सर्द होंगी और कोहरे का घनत्व भी बढ़ सकता है।"
\r\n\r\n\r\n\r\n
डॉ. शाही के अनुसार, लोगों को अभी इस कड़ाके की ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं हैं, बल्कि उन्हें और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
तिहरी मार: ठंड, कोहरा और अब 'जहरीली हवा'
\r\n\r\nमेरठ के लोगों के लिए परेशानी केवल ठंड नहीं है, बल्कि प्रदूषण ने इस संकट को 'तिहरा' (Triple Trouble) कर दिया है। ठंड के कारण हवा भारी हो गई है, जिससे प्रदूषक तत्व (Pollutants) वातावरण में नीचे ही जमा हो गए हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n AQI अपडेट: रविवार को मेरठ का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 280 दर्ज किया गया।\r\n \r\n
- \r\n श्रेणी: यह 'खराब' (Poor) श्रेणी में आता है।\r\n \r\n
- \r\n प्रभाव: स्मॉग (Smog) और कोहरे के मिश्रण ने सांस लेना मुश्किल कर दिया है। अस्थमा और दिल के मरीजों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
डॉक्टरों ने सलाह दी है कि सुबह की सैर (Morning Walk) से बचें, क्योंकि सुबह के समय प्रदूषण का स्तर और ठंड दोनों अपने चरम पर होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकते हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
जनजीवन पूरी तरह प्रभावित
\r\n\r\nसर्दी के इस प्रकोप का असर समाज के हर तबके पर दिख रहा है:
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n स्कूली बच्चे: यद्यपि जिला प्रशासन ने कुछ कक्षाओं के समय में बदलाव या छुट्टी के आदेश (पूर्व के आदेशानुसार) दिए हैं, लेकिन बढ़ती ठंड को देखते हुए अभिभावक अब पूर्ण अवकाश की मांग कर रहे हैं।\r\n \r\n
- \r\n दिहाड़ी मजदूर: खुले आसमान के नीचे काम करने वाले मजदूरों और रिक्शा चालकों के लिए यह मौसम किसी सजा से कम नहीं है।\r\n \r\n
- \r\n यातायात: कोहरे के कारण ट्रेनों और बसों की रफ्तार थम गई है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भी वाहनों की गति धीमी पड़ गई है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
आगे क्या? सावधानी ही सुरक्षा
\r\n\r\nप्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है:
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n गर्म कपड़े पहनें और सिर को ढक कर रखें।\r\n \r\n
- \r\n जरूरत न हो तो घर से बाहर निकलने से बचें।\r\n \r\n
- \r\n गुनगुना पानी पिएं और ताज़ा भोजन करें।\r\n \r\n
- \r\n वाहन चलाते समय फॉग लाइट्स का उपयोग करें और गति सीमा का पालन करें।\r\n \r\n
- \r\n कमरे में हीटर या अंगीठी जलाते समय वेंटिलेशन (हवादार जगह) का ध्यान रखें ताकि ऑक्सीजन की कमी न हो।\r\n \r\n
\r\n\r\n
मेरठ में पड़ रही यह रिकॉर्ड तोड़ ठंड ने यह साबित कर दिया है कि प्रकृति के आगे इंसान बेबस है। आने वाले कुछ दिन मेरठवासियों के लिए परीक्षा की घड़ी होंगे। उम्मीद की जा रही है कि नए साल तक ठंड का यह प्रकोप जारी रहेगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.