पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजधानी कहे जाने वाले मेरठ शहर के लिए लखनऊ से एक ऐसी खबर आई है, जिसका इंतजार शहरवासी वर्षों से कर रहे थे। बढ़ते वाहनों के दबाव और संकरी होती सड़कों के कारण जो मेरठ अक्सर जाम के झाम में फंसा नजर आता था, अब उसकी सूरत बदलने वाली है।READ ALSO:-मेरठ में 'शीत लहर' का टॉर्चर: घने कोहरे और बर्फीली हवाओं के आगे प्रशासन ने टेके घुटने, 12वीं तक के सभी स्कूलों में 5 जनवरी तक 'ताला', आदेश न मानने वालों पर होगी कार्रवाई
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उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री ग्रिड (CM Grid) योजना' के तहत मेरठ के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए खजाना खोल दिया गया है। लखनऊ में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में, मेरठ शहर की यातायात व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली चार और प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के प्रस्ताव को अंतिम वित्तीय स्वीकृति (Financial Approval) मिल गई है।
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इन चार सड़कों के कायाकल्प पर कुल 165 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह निर्णय न केवल शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाएगा, बल्कि मेरठ के आधुनिकीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
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लखनऊ में फैसला, मेरठ में जश्न
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मेरठ के विकास का खाका लखनऊ में खींचा गया। अपर मुख्य सचिव (वित्त) की अध्यक्षता में आयोजित सीएम ग्रिड योजना की महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के चुनिंदा शहरों की सड़कों के प्रस्तावों पर चर्चा हुई।
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मेरठ का प्रतिनिधित्व: इस बैठक में मेरठ का पक्ष रखने के लिए नगर आयुक्त सौरभ गंगवार और नगर निगम के मुख्य अभियंता प्रमोद कुमार सिंह मौजूद थे। उन्होंने आंकड़ों और तथ्यों के साथ बताया कि शहर के किन हिस्सों में ट्रैफिक का दबाव सबसे ज्यादा है और क्यों इन विशिष्ट सड़कों का चौड़ीकरण तत्काल आवश्यक है।
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वित्तीय मंजूरी की अहमियत: प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद अक्सर परियोजनाएं धन के अभाव में अटक जाती हैं, लेकिन 'वित्तीय स्वीकृति' मिलने का मतलब है कि सरकार ने इन परियोजनाओं के लिए बजट आवंटित कर दिया है। अब केवल जमीनी काम शुरू होना बाकी है। नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने पुष्टि की है कि हरी झंडी मिल चुकी है और नगर निगम अब इन सड़कों के निर्माण के लिए जल्द ही टेंडर (निविदा) प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है।
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वे चार सड़कें जो बदल देंगी मेरठ की तस्वीर

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जिन चार सड़कों को मंजूरी मिली है, वे शहर के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ती हैं और वर्तमान में ट्रैफिक के लिहाज से सबसे चुनौतीपूर्ण मानी जाती हैं। आइए, एक-एक कर इन सड़कों के महत्व और उन पर होने वाले खर्च को समझते हैं।
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1. बेगम पुल से बच्चा पार्क मार्ग (शहर का दिल)

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    विस्तार: बेगम पुल (डॉ. करोली मार्ग चौराहा) से बच्चा पार्क चौराहा तक।
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    लंबाई: लगभग 1 किलोमीटर।
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    स्वीकृत बजट: 26 करोड़ रुपये।
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महत्व और वर्तमान स्थिति: यह सड़क मेरठ शहर का 'हृदय' है। बेगम पुल और बच्चा पार्क शहर के सबसे पुराने और व्यस्ततम व्यावसायिक केंद्र हैं। यहां दिन भर वाहनों और पैदल यात्रियों का भारी दबाव रहता है। वर्तमान में, यह सड़क संकरी होने के कारण यहां हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। खासकर शाम के समय यहां से निकलना किसी चुनौती से कम नहीं होता।
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बदलाव: 26 करोड़ रुपये के निवेश से इस 1 किमी के टुकड़े को चौड़ा किया जाएगा। इसका सीधा असर शहर के मुख्य बाजार की कनेक्टिविटी पर पड़ेगा। खरीदारों और व्यापारियों दोनों को इससे बड़ी राहत मिलेगी।
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2. कंकरखेड़ा फ्लाईओवर से मेरठ बाईपास इंटरसेक्शन

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    विस्तार: कंकरखेड़ा फ्लाईओवर से शुरू होकर मेरठ बाईपास तक।
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    लंबाई: लगभग 1.8 किलोमीटर।
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    स्वीकृत बजट: 46 करोड़ रुपये।
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महत्व और वर्तमान स्थिति: यह सड़क शहर को बाहरी कनेक्टिविटी प्रदान करती है। कंकरखेड़ा एक बड़ी आवासीय कॉलोनी है और यहां से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली या हरिद्वार की तरफ बाईपास पकड़ने के लिए निकलते हैं। यह मार्ग भारी वाहनों के आवागमन के लिए भी इस्तेमाल होता है। वर्तमान में संकरा होने के कारण यहां अक्सर दुर्घटनाएं और लंबा जाम लगता है।
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बदलाव: 46 करोड़ रुपये की लागत से इसे चौड़ा किया जाएगा। इससे शहर के अंदरूनी हिस्से से हाईवे तक पहुंचना आसान और तेज हो जाएगा। यह कंकरखेड़ा वासियों के लिए एक बड़ी सौगात है।
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3. जेलचुंगी चौराहा से तेजगढ़ी चौराहा (सबसे महत्वपूर्ण लिंक)

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    विस्तार: जेलचुंगी चौराहे से तेजगढ़ी चौराहे तक।
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    लंबाई: लगभग 2.30 किलोमीटर।
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    स्वीकृत बजट: 51 करोड़ रुपये (सबसे अधिक बजट)।
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महत्व और वर्तमान स्थिति: यह शायद इस सूची की सबसे महत्वपूर्ण सड़क है। यह मार्ग साकेत, सिविल लाइंस और यूनिवर्सिटी रोड जैसे पॉश इलाकों को गढ़ रोड और मेडिकल कॉलेज से जोड़ता है। यहां कई बड़े स्कूल, अस्पताल और कोचिंग सेंटर स्थित हैं। सुबह और दोपहर के समय स्कूल बसों और निजी वाहनों के कारण यहां रेंगकर चलना पड़ता है।
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बदलाव: इस सड़क पर सबसे ज्यादा 51 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके चौड़ीकरण से शहर के एक बड़े हिस्से को ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी। मेडिकल इमरजेंसी में एंबुलेंस के लिए भी यह रास्ता सुगम हो जाएगा।
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4. गांधी आश्रम से बच्चा पार्क मार्ग

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    विस्तार: गांधी आश्रम चौराहे से बच्चा पार्क तक।
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    लंबाई: करीब 2 किलोमीटर।
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    स्वीकृत बजट: 42 करोड़ रुपये।
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महत्व और वर्तमान स्थिति: यह सड़क पुराने शहर और नए शहर के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यह हापुड़ रोड और दिल्ली रोड के बीच कनेक्टिविटी प्रदान करती है। यहां भी अतिक्रमण और संकरी सड़क के कारण यातायात बाधित रहता है।
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बदलाव: 42 करोड़ रुपये से इस 2 किमी लंबे मार्ग का कायाकल्प होगा, जो शहर के मध्य भाग में यातायात के प्रवाह को सुचारू बनाएगा।
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सिर्फ डामर नहीं, होगा संपूर्ण 'स्मार्ट' कायाकल्प

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सीएम ग्रिड योजना की खासियत यह है कि इसमें सिर्फ सड़क पर तारकोल बिछाना शामिल नहीं है, बल्कि सड़क को आधुनिक मानकों के अनुसार विकसित करना है। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, इन 165 करोड़ रुपयों से कई अन्य महत्वपूर्ण कार्य भी किए जाएंगे:
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1. भूमिगत बिजली लाइनें (Underground Cabling): मेरठ की सुंदरता में सबसे बड़ा दाग सड़कों के ऊपर लटकते बिजली के तारों का मकड़जाल है। इन चारों सड़कों पर बिजली की लाइनों को अंडरग्राउंड (भूमिगत) किया जाएगा। इससे न केवल शहर की सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि आंधी-तूफान में तार टूटने और बिजली गुल होने की समस्या से भी निजात मिलेगी। यह एक बड़ा कदम है जो इन इलाकों को 'स्मार्ट सिटी' जैसा लुक देगा।
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2. आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम (नाले-नाली निर्माण): बरसात के दिनों में मेरठ की सड़कों का जलमग्न होना आम बात है। इस परियोजना के तहत, सड़कों के किनारे चौड़े और पक्के नाले-नालियों का निर्माण किया जाएगा ताकि बारिश का पानी तुरंत निकल सके और नई बनी सड़कें खराब न हों।
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3. फुटपाथ और सौंदर्यीकरण: योजना में पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित फुटपाथ और सड़क किनारे सौंदर्यीकरण (ग्रीनरी आदि) का प्रावधान भी शामिल होने की उम्मीद है, जो इसे एक संपूर्ण शहरी सड़क बनाएगा।
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क्या है 'सीएम ग्रिड योजना' और मेरठ को फायदा?

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में यातायात व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाने के लिए 'मुख्यमंत्री ग्रिड (CM Grid - Green Road Infrastructure Development) योजना' शुरू की है।
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    उद्देश्य: इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहरों की प्रमुख सड़कों को चिन्हित करके उनका चौड़ीकरण करना, उन्हें गड्ढामुक्त बनाना और वहां आधुनिक सुविधाएं विकसित करना है, ताकि ट्रैफिक जाम की समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके।
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    मेरठ की स्थिति: नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने बताया कि मेरठ नगर निगम इस योजना का पूरा लाभ उठा रहा है। इससे पहले, 8 अन्य महत्वपूर्ण सड़कों को सीएम ग्रिड योजना के तहत मंजूरी मिल चुकी है। अब इन 4 नई सड़कों के शामिल होने के बाद, मेरठ में सीएम ग्रिड के तहत बनने वाली कुल सड़कों की संख्या 12 हो गई है।
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यह दर्शाता है कि राज्य सरकार मेरठ के विकास को प्राथमिकता दे रही है। रैपिड रेल (RRTS) और मेट्रो के बाद, सड़क नेटवर्क का यह सुधार शहर को एक नए युग में ले जाएगा।
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आम जनता पर प्रभाव और भविष्य की तस्वीर

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165 करोड़ रुपये का यह निवेश मेरठ की अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन पर गहरा सकारात्मक प्रभाव डालेगा।
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    समय और ईंधन की बचत: जाम से मुक्ति मिलने पर लोगों का आवागमन का समय बचेगा और वाहनों का ईंधन भी कम खर्च होगा, जिससे प्रदूषण में भी कमी आएगी।
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    व्यापार को बढ़ावा: बेगम पुल और बच्चा पार्क जैसे व्यावसायिक क्षेत्रों में आवागमन सुगम होने से ग्राहकों की संख्या बढ़ेगी, जिससे स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
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    प्रॉपर्टी के दामों में उछाल: जिन इलाकों में चौड़ी सड़कें और अंडरग्राउंड बिजली जैसी सुविधाएं होती हैं, वहां स्वाभाविक रूप से प्रॉपर्टी के दाम बढ़ जाते हैं। इन चार सड़कों के आसपास के निवासियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
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    जीवन गुणवत्ता में सुधार: एक बेहतर बुनियादी ढांचा सीधे तौर पर नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता (Quality of Life) में सुधार करता है।
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बदलाव की दहलीज पर मेरठ

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लखनऊ से मिली यह मंजूरी मेरठ के लिए एक नए साल के तोहफे जैसी है। 12 प्रमुख सड़कों का सीएम ग्रिड योजना में शामिल होना यह सुनिश्चित करता है कि आने वाले कुछ वर्षों में मेरठ की यातायात व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी।
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अब चुनौती नगर निगम के सामने है कि वह टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित तरीके से पूरा करे और निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा कराए। यदि ऐसा होता है, तो वह दिन दूर नहीं जब मेरठ की सड़कें भी एनसीआर के विकसित शहरों को टक्कर देंगी।
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खबरीलाल की राय: यह परियोजना मेरठ के लिए अत्यंत आवश्यक थी। विशेषकर जेलचुंगी-तेजगढ़ी और बेगम पुल मार्ग का चौड़ीकरण शहर के लिए 'गेम चेंजर' साबित होगा। अब जनता को निर्माण कार्य के दौरान थोड़ी असुविधा सहने के लिए तैयार रहना चाहिए, क्योंकि यह असुविधा एक बेहतर भविष्य की नींव रखेगी।
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(मेरठ के विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़ी हर अपडेट, टेंडर की जानकारी और निर्माण कार्य की प्रगति रिपोर्ट के लिए पढ़ते रहें खबरीलाल)
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