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मेरठ (12 फरवरी 2026): पश्चिमी उत्तर प्रदेश का केंद्र कहे जाने वाले मेरठ में आज शहनाई की गूंज पर 'खौफ' और 'विवाद' का शोर भारी पड़ गया है। कल यानी 13 फरवरी को मवाना रोड पर जिस पैराडाइज मंडप में खुशियों के गीत गूंजने थे, वहां आज सन्नाटा पसरा है। एक हिंदू युवती और समुदाय विशेष (मुस्लिम) के युवक साहिल की शादी, जो सामाजिक समरसता की मिसाल बन सकती थी या धर्मांतरण का एक और मामला, वह अब पुलिस की फाइलों और संगठनों की रस्साकशी में उलझकर रह गई है।READ ALSO:-मेरठ ब्रेकिंग: पुलिस की नाक के नीचे 'ट्रैफिक टेरर', कांवड़ यात्रा के बीच बेगमपुल पर ई-रिक्शा की अवैध 'दीवार'— पूर्व अध्यक्ष ने DM-SSP को चेताया, "हादसा हुआ तो कौन जिम्मेदार?"
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हिंदू सुरक्षा संगठन की धमकियों के आगे मंडप स्वामी ने घुटने टेक दिए हैं और बुकिंग रद्द कर दी है। इसे जहां एक पक्ष अपनी "धर्म रक्षा" की जीत बता रहा है, वहीं दूसरा पक्ष—जिसमें युवती और उसकी विधवा मां शामिल हैं—इसे "संविधान और कानून की हार" मान रहा है। लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया जब युवती ने थाने में खड़े होकर अपने ही सगे चाचा पर 'प्रॉपर्टी के लालच' का बम फोड़ दिया।
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आज की यह विशेष रिपोर्ट इसी सवाल की पड़ताल करती है: क्या यह वाकई 'लव जिहाद' है, या करोड़ों की संपत्ति हड़पने के लिए 'धर्म' को हथियार बनाया जा रहा है?
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13 फरवरी का सपना और 11 फरवरी का 'बवंडर'

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शादी की तारीख तय थी—13 फरवरी 2026। कार्ड बंट चुके थे, रिश्तेदार आ रहे थे, और दुल्हन के हाथों में मेहंदी रची थी। मवाना रोड स्थित पैराडाइज विवाह मंडप (Paradise Vivah Mandap) को सजाया जा रहा था। लेकिन बुधवार (11 फरवरी) की शाम होते-होते सब कुछ बदल गया।
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वह फोन कॉल जिसने उम्मीदें तोड़ दीं

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युवती की मां लता गौतम, जो इस शादी के लिए अपनी बेटी के साथ चट्टान की तरह खड़ी थीं, उनके पास मंडप स्वामी का एक फोन आया। फोन पर मंडप मालिक की आवाज में डर साफ था। उन्होंने कहा, "मैडम, मुझे माफ कीजिए। मुझे लगातार धमकियां मिल रही हैं। हिंदू संगठन के लोग दबाव बना रहे हैं कि अगर यहां दूसरे समुदाय के लड़के की बरात आई, तो अंजाम बुरा होगा। मैं अपनी प्रॉपर्टी और जान का जोखिम नहीं ले सकता। आपकी बुकिंग कैंसिल की जा रही है।"
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लता गौतम ने बहुत मिन्नते कीं, लेकिन मंडप स्वामी मजबूर थे। इस एक कॉल ने न सिर्फ शादी को टाल दिया, बल्कि उस मां की तैयारियों पर पानी फेर दिया जो अपनी बेटी को विदा करने के सपने देख रही थी।
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मां का दर्द: "कोई मंडप दे दे, तो अभी कर दूं शादी"

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देर शाम मीडिया से बात करते हुए लता गौतम का दर्द छलक पड़ा। उन्होंने कहा:
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"मेरी बेटी बालिग है। वह अपनी मर्जी से साहिल से शादी कर रही है। दोनों परिवारों की रजामंदी है। लेकिन कुछ लोग धर्म के ठेकेदार बनकर हमारी खुशियों को नजर लगा रहे हैं। बुकिंग कैंसिल होने से बरातियों का स्वागत और रस्में अब संभव नहीं हैं। मैं इतनी लाचार हो गई हूं कि अगर आज कोई मुझे हाथों-हाथ मंडप दिलवा दे, तो मैं इसी तिथि पर शादी कर दूं। लेकिन खौफ इतना है कि कोई आगे नहीं आ रहा।"
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'चाचा' का धर्मयुद्ध या संपत्ति का षड्यंत्र?

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इस पूरी कहानी का 'विलन' कौन है—साहिल, जो दूसरे धर्म का है, या युवती का चाचा, जो अपने ही खून के खिलाफ खड़ा है? यह सवाल अब पुलिस जांच का विषय है।
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चाचा का तर्क: "यह धर्मांतरण है, लव जिहाद है"

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युवती के चाचा ने शुरुआत से ही इस शादी का विरोध किया है। उनका कहना है कि उनकी भतीजी को बहला-फुसलाकर फंसाया गया है।
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    FIR दर्ज: चाचा ने गंगानगर थाने (Gangnagar Police Station) में साहिल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि साहिल शादी की आड़ में युवती का जबरन धर्म परिवर्तन कराना चाहता है।
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    धमकी मिलने का दावा: चाचा का कहना है कि उन्हें इस विरोध की कीमत चुकानी पड़ रही है। उन्होंने एसएसपी अविनाश पांडेय को बताया कि मंगलवार सुबह 7:40 बजे उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई।
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      धमकी के शब्द: "साहिल के खिलाफ FIR दर्ज कराकर अच्छा नहीं किया। अगर शादी रुकवाने की कोशिश की, तो अंजाम बहुत बुरा होगा। अपनी जान की खैर मनाओ।"
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इसके बाद चाचा ने अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही से संपर्क किया और उनके साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचकर सुरक्षा की गुहार लगाई।
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संगठन की एंट्री और 'जीत' का जश्न

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मेरठ में ऐसे मामलों में हिंदू संगठनों की सक्रियता नई नहीं है। जैसे ही मामला सचिन सिरोही के संज्ञान में आया, उन्होंने इसे एक बड़ी मुहीम में बदल दिया।
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    संगठन का स्टैंड: हिंदू सुरक्षा संगठन का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर अपनी "बेटियों को लव जिहाद का शिकार" नहीं होने देंगे। उनका तर्क है कि मुस्लिम युवक पहचान छिपाकर या झूठे वादे करके हिंदू युवतियों को फंसाते हैं।
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    दबाव की राजनीति: सूत्रों के मुताबिक, संगठन के कार्यकर्ताओं ने ही मंडप स्वामी को संपर्क किया और शादी न होने देने की चेतावनी दी।
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    जीत का दावा: मंडप बुकिंग कैंसिल होने को संगठन अपनी नैतिक जीत मान रहा है। उनका कहना है कि उन्होंने एक "बहन" को गलत रास्ते पर जाने से रोक लिया है।
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युवती का पलटवार— "लव जिहाद नहीं, लैंड जिहाद कहिए"

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जब मामला पुलिस और प्रशासन के गलियारों में गूंजा, तो युवती ने जो खुलासा किया, उसने इस 'धार्मिक मामले' को एक 'क्रिमिनल षड्यंत्र' में बदल दिया।
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पुलिस के सामने बयान

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गंगानगर पुलिस ने युवती को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया। वहां युवती ने निडरता से कहा:
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  1. \r\n
    "मैं बालिग हूं": युवती ने अपने बालिग होने के दस्तावेज पेश किए और कहा कि उसे अपना जीवनसाथी चुनने का संवैधानिक अधिकार है।
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    "धर्मांतरण झूठ है": उसने स्पष्ट किया कि वह अपना धर्म नहीं बदल रही है और शादी स्पेशल मैरिज एक्ट (Special Marriage Act) के तहत या आपसी सहमति से हो रही है। साहिल ने कभी उस पर धर्म बदलने का दबाव नहीं डाला।
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    असली मकसद प्रॉपर्टी: युवती ने पुलिस को बताया, "मेरे चाचा को मेरे धर्म की नहीं, मेरी प्रॉपर्टी की चिंता है। मेरे पिता की मृत्यु के बाद मेरे हिस्से में जो संपत्ति आई है, चाचा उसे हड़पना चाहते हैं। उन्हें डर है कि अगर मैंने अपनी मर्जी से शादी कर ली, तो वह संपत्ति उनके हाथ से निकल जाएगी। इसलिए वे लव जिहाद का नाटक रचकर समाज और पुलिस को गुमराह कर रहे हैं।"
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युवती ने एडीएम सिटी (ADM City) कार्यालय में भी शादी के लिए सुरक्षा और अनुमति मांगते हुए प्रार्थना पत्र दिया है।
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पुलिस की जांच और प्रशासन की दुविधा

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मेरठ पुलिस इस समय 'सांप-छछूंदर' वाली स्थिति में है। एक तरफ कानून है जो बालिगों को शादी की आजादी देता है, दूसरी तरफ सामाजिक दबाव और कानून-व्यवस्था बिगड़ने का डर।
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    एसएसपी का बयान: एसएसपी अविनाश पांडेय ने मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा, "किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं है। चाचा को धमकी देने वाले नंबर की जांच साइबर सेल कर रही है। वहीं, युवती के बयानों की भी तस्दीक की जा रही है। अगर दोनों बालिग हैं और कोई जबरदस्ती नहीं है, तो पुलिस उन्हें सुरक्षा देगी।"
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    एसपी क्राइम का आश्वासन: एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने चाचा को सुरक्षा मुहैया कराने की बात कही है, ताकि उन पर कोई हमला न हो।
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मेरठ—जहां इश्क़ आसान नहीं

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पश्चिमी उत्तर प्रदेश, और खास तौर पर मेरठ, पिछले कुछ वर्षों में अंतरधार्मिक विवाहों (Interfaith Marriages) का अखाड़ा बन गया है।
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    सामाजिक ताना-बाना: यहाँ धर्म एक बेहद संवेदनशील मुद्दा है। छोटी सी चिंगारी भी बड़े दंगे का रूप ले सकती है। यही कारण है कि मंडप मालिक और स्थानीय प्रशासन रिस्क लेने से बचते हैं।
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    कानून का डर: यूपी का धर्मांतरण रोधी कानून (2021) सख्त है। इसमें शादी के लिए धर्म परिवर्तन को गैर-जमानती अपराध माना गया है। संगठन इसी कानून का हवाला देकर पुलिस पर दबाव बनाते हैं।
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    प्रॉपर्टी का एंगल: भारत में कई बार 'इज्जत' की लड़ाई के पीछे 'दौलत' की लड़ाई छिपी होती है। अगर युवती का आरोप सही है, तो यह मामला लव जिहाद का नहीं, बल्कि एक पारिवारिक संपत्ति विवाद का है, जिसे सांप्रदायिक रंग दे दिया गया है।
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13 फरवरी को क्या होगा?

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फिलहाल की स्थिति यह है कि 13 फरवरी की शादी टल चुकी है।
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    दूल्हा साहिल फरार है या भूमिगत (Underground) हो गया है, क्योंकि पुलिस उसे तलाश रही है।
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    दुल्हन अपने घर में है, लेकिन उसकी उम्मीदें टूट चुकी हैं।
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    चाचा और हिंदू संगठन संतुष्ट हैं कि शादी रुक गई।
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लेकिन सवाल अभी भी जिंदा है। क्या दो बालिग लोग इस देश में अपनी मर्जी से शादी नहीं कर सकते? अगर युवती प्रॉपर्टी के आरोप साबित कर देती है, तो क्या पुलिस चाचा और संगठन के खिलाफ कार्रवाई करेगी?
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यह घटना साबित करती है कि जब 'प्यार' और 'परंपरा' टकराते हैं, तो अक्सर जीत 'भीड़तंत्र' की होती है, कम से कम फौरी तौर पर तो यही दिखता है। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन युवती को कोई वैकल्पिक स्थान देकर उसकी शादी करवाता है, या यह फाइल भी 'लव जिहाद' के ठंडे बस्ते में डाल दी जाएगी।
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घटनाक्रम: एक नजर में (Timeline of Controversy)

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तारीख/समय
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घटनाक्रम
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जनवरी 2026
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हिंदू युवती और साहिल की शादी तय हुई। तारीख: 13 फरवरी।
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स्थान
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पैराडाइज मंडप, मवाना रोड, मेरठ।
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10 फरवरी (मंगलवार)
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सुबह 7:40 बजे: चाचा को धमकी भरा फोन आया।
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11 फरवरी (बुधवार)
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चाचा ने हिंदू संगठन के साथ SSP से मुलाकात की।
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11 फरवरी (बुधवार)
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शाम को मंडप स्वामी ने बुकिंग कैंसिल की।
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12 फरवरी (गुरुवार)
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युवती ने पुलिस को बयान दिया- "चाचा को प्रॉपर्टी का लालच है।"
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ताजा स्थिति
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शादी स्थगित, साहिल की तलाश जारी, पुलिस जांच में जुटी।
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महत्वपूर्ण सवाल जो अनुत्तरित हैं

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    अगर धर्मांतरण नहीं हो रहा था, तो मंडप मालिक को धमकी देने वालों पर पुलिस ने स्वतः संज्ञान (Suo Moto) लेकर कार्रवाई क्यों नहीं की?
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    क्या प्रशासन साहिल और युवती को सुरक्षा देकर कोर्ट मैरिज का विकल्प देगा?
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  4. \r\n
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    जिस नंबर से चाचा को धमकी मिली, उसका असली मालिक कौन है? क्या वह साहिल था या कोई और जो आग में घी डालना चाहता था?
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  6. \r\n
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मेरठ का यह मामला जटिल होता जा रहा है। एक तरफ 'लव' है, दूसरी तरफ 'जिहाद' का आरोप, और तीसरी तरफ 'प्रॉपर्टी' का एंगल। मेरठ हिंदू-मुस्लिम शादी विवाद ने प्रशासन के सामने भी चुनौती पेश कर दी है कि वे सामाजिक सौहार्द बनाए रखते हुए कानून का पालन कैसे करवाएं। युवती की मां की बेबसी और चाचा का गुस्सा, दोनों ही अपनी-अपनी जगह कायम हैं। अब देखना होगा कि पुलिस की जांच में क्या सच सामने आता है।
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मेरठ में 13 फरवरी को होने वाली हिंदू-मुस्लिम शादी को मंडप कैंसिल होने के बाद टाल दिया गया है। हिंदू संगठनों की धमकी के बाद मंडप मालिक ने हाथ खड़े कर दिए। युवती की मां ने कहा कि अगर मंडप मिले तो वे शादी को तैयार हैं। वहीं, चाचा ने लड़के पक्ष पर धर्मांतरण और धमकी देने का आरोप लगाया है, जबकि युवती का कहना है कि चाचा प्रॉपर्टी के लिए शादी का विरोध कर रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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