मेरठ (ब्यूरो)। पश्चिम उत्तर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक केंद्र मेरठ में कारोबारी अपने अस्तित्व और व्यापार को बचाने के लिए लामबंद हो गए हैं। शहर की धड़कन कहे जाने वाले सेंट्रल मार्केट, शास्त्री नगर और जागृति विहार के व्यापारियों ने अपने हक की लड़ाई के लिए आर-पार के संघर्ष का ऐलान कर दिया है। अपनी मांगों को सरकार तक पहुँचाने और व्यापार पर मंडरा रहे संकट को टालने के लिए व्यापारियों ने एक अनोखा और शांतिपूर्ण रास्ता चुना है। आगामी 16 दिसंबर को मेरठ के व्यापारी सड़कों पर मौन जुलूस (Silent Procession) निकालेंगे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हजारों की संख्या में पोस्टकार्ड भेजकर अपनी व्यथा सुनाएंगे।READ ALSO:-Bijnor News: दिल्ली के सैलून में ग्राहक के बाल काट रहे थे सलमान, अचानक आया 'साइलेंट अटैक' और थम गईं सांसें; परिवार में कोहराम
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व्यापारियों की यह एकजुटता शनिवार को देखने को मिली, जब 'व्यापार बचाओ संघर्ष समिति' के बैनर तले एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में लिए गए निर्णयों ने साफ कर दिया है कि व्यापारी अब पीछे हटने के मूड में नहीं हैं।
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'व्यापार बचाओ संघर्ष समिति' का शंखनाद

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शनिवार को शुभकामना बैंकट हॉल में 'व्यापार बचाओ संघर्ष समिति' की एक आपात और महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई। इस बैठक में शास्त्री नगर और जागृति विहार क्षेत्र की सभी प्रमुख व्यापारी संस्थाओं के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य एजेंडा व्यापार के सामने आ रही चुनौतियों और उनसे निपटने की रणनीति तय करना था।
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बैठक में माहौल काफी गर्म रहा और व्यापारियों ने एक स्वर में अपनी चिंताओं को व्यक्त किया। समिति के सदस्यों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि व्यापार को बचाने के लिए चाहे जैसा भी संघर्ष करना पड़े, वे तैयार हैं। उन्होंने संकल्प लिया कि किसी भी सूरत में एक भी व्यापारी का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। व्यापारियों का कहना है कि उनकी एकता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और इसी के बल पर वे अपनी जायज मांगों को सरकार तक पहुंचाएंगे और मनवाएंगे।
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16 दिसंबर: शाम 6 बजे मौन जुलूस का ऐलान

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लंबे विचार-विमर्श के बाद, संघर्ष समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि 16 दिसंबर को एक विशाल मौन जुलूस निकाला जाएगा। यह जुलूस शाम 6 बजे शुरू होगा।
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जुलूस का रूट: यह मौन यात्रा नई सड़क से शुरू होकर मेरठ के व्यस्ततम सेंट्रल मार्केट से गुजरते हुए सेक्टर-2 के मार्केट तक जाएगी।
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इस जुलूस की खास बात यह होगी कि इसमें कोई नारेबाजी नहीं होगी, बल्कि हजारों व्यापारी शांतिपूर्ण तरीके से हाथों में तख्तियां लेकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे और सरकार से व्यापार बचाने की मूक गुहार लगाएंगे। इस जुलूस में शास्त्री नगर और जागृति विहार के समस्त छोटे-बड़े व्यापारियों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है, जिससे यह प्रदर्शन ऐतिहासिक होने की उम्मीद है।
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CM योगी तक सीधी बात: पोस्टकार्ड अभियान

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विरोध प्रदर्शन के साथ-साथ अपनी बात सीधे सूबे के मुखिया तक पहुँचाने के लिए व्यापारियों ने एक और नायाब तरीका अपनाया है। बैठक में तय किया गया कि एक व्यापक 'पोस्टकार्ड अभियान' चलाया जाएगा।
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इस अभियान के तहत केवल व्यापारी ही नहीं, बल्कि उनके परिवारजन, दुकानों पर काम करने वाला स्टाफ और यहां तक कि ग्राहक भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पोस्टकार्ड लिखेंगे। इन पोस्टकार्डों के माध्यम से सीएम से मेरठ के व्यापारियों के हितों की रक्षा करने और उनके व्यापार को बचाने की भावुक अपील की जाएगी। व्यापारियों का मानना है कि जब हजारों की संख्या में पोस्टकार्ड लखनऊ पहुंचेंगे, तो सरकार उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने को मजबूर होगी।
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'व्यापारी एकता' के नारों से गूंजा हॉल

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बैठक का समापन पूरे जोश और खरोश के साथ हुआ। बैंकट हॉल 'व्यापारी एकता जिंदाबाद' के नारों से गूंज उठा, जिसने आने वाले संघर्ष के लिए व्यापारियों के मनोबल को दर्शाया।
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इस महत्वपूर्ण बैठक में शहर के कई प्रमुख व्यापारी नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें मुख्य रूप से जितेंद्र अग्रवाल, निमित जैन, राकेश बंसल, अमित अग्रवाल, जतिन चंदना, शुभम दुबलिश, नानकचंद शर्मा, और गौरव वरमानी सहित अनेक गणमान्य व्यापारी मौजूद रहे। सभी ने 16 दिसंबर के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंकने का आह्वान किया।
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