मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक केंद्र मेरठ (Meerut News) के व्यापारियों के लिए एक अच्छी खबर और एक चेतावनी, दोनों साथ आई हैं। शहर के मशहूर सेंट्रल मार्केट (Central Market) को 'बाजार स्ट्रीट' (Bazaar Street) के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है। अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता है, तो इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा बूस्ट मिलेगा। लेकिन दूसरी तरफ, अवैध निर्माण करने वालों पर प्रशासन ने शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है।READ ALSO:-मेरठ में रिश्तों का कत्ल: पत्नी की मौत के बाद 'हैवान' बना पिता, 15 साल की बेटी से करता रहा दरिंदगी; मामी के एक फोन कॉल ने खोला घिनौना राज
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
आवास विकास परिषद की बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को रखने की पूरी तैयारी है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में शास्त्रीनगर के सैकड़ों अवैध निर्माणों का दोबारा सर्वे भी शुरू होने जा रहा है।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n

क्या है 'बाजार स्ट्रीट' का प्रस्ताव?

\r\n\r\n
नई भू-उपयोग नीति (New Land Use Policy) के तहत, शहरों में जिन रिहायशी इलाकों की सड़कों पर बाजार विकसित हो गए हैं, उन्हें विनियमित करने की योजना है। आवास विकास के उप आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल केवल मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट के लिए यह प्रस्ताव लाया जा रहा है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    शर्तें: नियमानुसार, केवल 12 मीटर और 18 मीटर चौड़ी सड़कों को ही 'बाजार स्ट्रीट' घोषित किया जा सकता है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    पात्रता: उस सड़क के 90 प्रतिशत से ज्यादा भूखंडों (Plots) पर अगर व्यावसायिक गतिविधियां हो रही हैं, तभी उसे यह दर्जा मिलेगा।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद मेडा (Meerut Development Authority) द्वारा महायोजना (Master Plan) में यह बदलाव किया जाएगा। इससे व्यापारियों को कानूनी मान्यता मिलेगी और व्यापार के नए अवसर खुलेंगे।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

9 मीटर चौड़ी सड़कों पर संकट बरकरार

\r\n\r\n
सेंट्रल मार्केट और आवास विकास की कई कॉलोनियों में बड़ी संख्या में दुकानें 9 मीटर चौड़ी सड़कों पर बनी हैं। उप आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि नई नीति के तहत 9 मीटर चौड़ी सड़कों को बाजार स्ट्रीट घोषित नहीं किया जा सकता। ऐसे में इन सड़कों पर बनी दुकानों पर अवैध निर्माण की तलवार लटकी रहेगी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

अवैध निर्माण: 1468 में से सिर्फ 131 सुधरे

\r\n\r\n
एक तरफ जहां विकास की बात हो रही है, वहीं दूसरी तरफ अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई भी तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के मद्देनजर प्रशासन सख्त है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    शास्त्रीनगर योजना-7: यहां 860 अवैध निर्माण चिह्नित किए गए थे। नोटिस मिलने के बाद इनमें से केवल 131 लोगों ने व्यावसायिक उपयोग बंद किया है। अभी भी 729 निर्माण रडार पर हैं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    शास्त्रीनगर योजना-3: यहां 608 अवैध निर्माण हैं, जो सीधे तौर पर सुनवाई के दायरे में नहीं हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट का आदेश पूरे देश के लिए होने के कारण ये भी कार्रवाई की जद में हैं।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

नए सिरे से होगा सर्वे, फिर चलेगा बुलडोजर

\r\n\r\n
आवास विकास परिषद अब अवैध निर्माणों का 'फ्रेश सर्वे' कराने जा रहा है। अधिकारियों की एक टीम जल्द ही मौके पर जाकर यह जांच करेगी कि पूर्व में दिए गए नोटिस के बाद व्यापारियों ने क्या बदलाव किए हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
उप आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने चेतावनी दी है कि जिन लोगों ने नोटिस के बावजूद रिहायशी मकानों में व्यावसायिक गतिविधियां (दुकानें) बंद नहीं की हैं, उनकी सूची तैयार की जाएगी। सर्वे पूरा होते ही ऐसे भवनों के खिलाफ ध्वस्तीकरण (Demolition) की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मेरठ के व्यापारियों के लिए आने वाले दिन महत्वपूर्ण हैं। जो लोग 12 और 18 मीटर चौड़ी सड़कों पर हैं, उन्हें 'बाजार स्ट्रीट' बनने से बड़ी राहत मिल सकती है। लेकिन 9 मीटर रोड वाले और नोटिस को अनदेखा करने वाले दुकानदारों की मुश्किलें बढ़नी तय हैं। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है—नियमों का पालन करें या कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मेरठ के सेंट्रल मार्केट को 'बाजार स्ट्रीट' बनाने का प्रस्ताव आवास विकास परिषद की बैठक में रखा जाएगा। यह लाभ 12-18 मीटर चौड़ी सड़कों को मिलेगा। वहीं, शास्त्रीनगर में 700 से ज्यादा अवैध निर्माणों का दोबारा सर्वे होगा और दुकानें बंद न करने वालों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन