Meerut News: मेरठ (Meerut) में बीएलओ (BLO) मोहित चौधरी के जहर खाने के मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ आया है। अस्पताल में होश में आने के बाद मोहित ने विभागीय अधिकारियों को पूरी तरह से 'क्लीन चिट' दे दी है।
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मंगलवार को जहां उनकी पत्नी और यूनियन ने अधिकारियों पर प्रताड़ना और काम के बोझ का आरोप लगाकर हंगामा किया था, वहीं अब मोहित ने साफ कहा है कि उन पर किसी भी अधिकारी का कोई दबाव नहीं था। उन्होंने इसे मानसिक तनाव और नींद न आने की वजह से उठाया गया 'गलती भरा कदम' बताया है।READ ALSO:-UP: दरोगा के बेटों की शर्मनाक करतूत: मंदिर के गर्भ गृह में पेशाब किया, जूते पहनकर चढ़े; पुजारी से की हाथापाई; रो पड़े पुजारी, दोनों गिरफ्तार
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"2-3 दिन से सो नहीं पाया था, गलती हो गई"

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लोकप्रिय अस्पताल में इलाज करा रहे मोहित चौधरी ने अपने बयान में कहा, "मुझ पर SIR (समोेकित निर्वाचक नामावली) को लेकर कोई दबाव नहीं था। मैं पिछले दो-तीन दिनों से ठीक से सो नहीं पाया था। इसी मानसिक तनाव (Mental Stress) और नींद की कमी के चलते मैंने गुस्से में आकर पेस्टिसाइड पी लिया।"
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मोहित ने अपने साथी कर्मचारियों से भी भावुक अपील की है। उन्होंने कहा, "SIR के काम में लगे सभी अधिकारी और कर्मचारी संयम रखें। कोई भी ऐसा कदम न उठाए जैसा मैंने उठाया, क्योंकि हमारे पीछे हमारा परिवार भी है। मुझे जिले के अधिकारियों का पूरा सहयोग मिल रहा है और गलती से मैंने यह कदम उठा लिया था।"
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पत्नी के आरोपों से उलट दिया बयान

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मोहित का यह बयान उनकी पत्नी ज्योति के आरोपों से बिल्कुल उलट है। घटना के बाद पत्नी ज्योति ने सुपरवाइजर आशीष शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि सुपरवाइजर बार-बार फोन कर सस्पेंड करने की धमकी देते थे और काम का इतना दबाव था कि मोहित खाना भी नहीं खा रहे थे।
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पत्नी ने यह भी दावा किया था कि जिस काम का दबाव डाला जा रहा है, उसकी कोई ट्रेनिंग नहीं दी गई। हालांकि, मोहित ने इस दावे को भी खारिज करते हुए कहा कि उन्हें SIR सर्वे की पूरी ट्रेनिंग दी गई थी।
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DM बोले- मोहित ने 65% काम पूरा कर लिया था

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मेरठ के जिलाधिकारी (DM Meerut) वीके सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। डीएम ने स्पष्ट किया कि, "मोहित चौधरी कैंट क्षेत्र के बूथ नंबर-18 पर बहुत अच्छा काम कर रहे थे। उन्होंने अपने क्षेत्र का 65% से ज्यादा काम पूरा कर लिया था, इसलिए उन पर दबाव होने का सवाल ही नहीं उठता।"
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डीएम ने बताया कि मोहित को अस्पताल में बेहतर उपचार दिया जा रहा है और उनकी हालत अब खतरे से बाहर है। फिलहाल उनका काम सुचारू रूप से चलाने के लिए उनकी जगह दूसरे बीएलओ की नियुक्ति कर दी गई है।
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मेरठ में 4 दिसंबर को मनेगा 'बूथ डे'

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जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि पूरे मेरठ जिले में SIR का काम तेजी से चल रहा है और अब तक करीब 85% काम पूरा हो चुका है। शेष कार्य को पूरा करने और गणना प्रपत्र भरने में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए 4 दिसंबर को 'बूथ डे' (Booth Day) मनाया जाएगा। इस दौरान बीएलए (Booth Level Agents) भी बीएलओ की मदद करेंगे।
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घटनाक्रम पर एक नजर

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    मंगलवार शाम: सिंचाई विभाग के लिपिक और BLO मोहित चौधरी ने पल्लवपुरम स्थित घर पर जहर खाया।
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    आरोप: पत्नी और यूनियन ने सुपरवाइजर पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर अस्पताल में हंगामा किया।
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    बुधवार (आज): होश में आने के बाद मोहित ने दबाव की बात से इनकार किया और इसे निजी तनाव बताया।
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मेरठ BLO प्रकरण में मोहित चौधरी के बयान ने प्रशासन को बड़ी राहत दी है। जहां कल तक यह मामला 'सिस्टम के दबाव' का दिख रहा था, वहीं अब यह 'निजी मानसिक तनाव' का मामला बन गया है। हालांकि, पत्नी के आरोपों और पति के बयान में विरोधाभास को देखते हुए डीएम ने जांच जारी रखने की बात कही है।
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