मेरठ (Meerut News): मेरठ के विकास को नई उड़ान देने वाली खबर सामने आई है। लंबे समय से प्रतीक्षित परतापुर हवाई पट्टी (Partapur Airstrip) को हवाई अड्डे (Airport) में बदलने की प्रक्रिया अब तेज हो गई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने जिला प्रशासन से हवाई पट्टी की भूमि के सटीक 'कोआर्डिनेट' (Coordinates) मांगे हैं, ताकि यहां से 72 सीटर विमानों का संचालन शुरू करने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जा सके। यह कदम मेरठ के लिए हवाई कनेक्टिविटी (Air Connectivity) के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।READ ALSO:-मेरठ विशेष: सेंट्रल मार्केट के ताबूत में सुप्रीम कोर्ट की 'आखिरी कील' — राजनीति, वादे और आश्वासन सब फेल, अब सिर्फ 'चमत्कार' बचा सकता है बाजार!
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इस परियोजना के लिए कुल 140.59 एकड़ भूमि की आवश्यकता है, जिसमें से अधिकांश भूमि की व्यवस्था की जा चुकी है और शेष 8 एकड़ भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने उपलब्ध भूमि की चारदीवारी के लिए 548 लाख रुपये का अनुमानित बजट (Estimate) भी तैयार कर लिया है।
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2014 से शुरू हुआ था सपना: AAI और UP सरकार का अनुबंध
\r\n\r\nमेरठ की हवाई पट्टी को एक पूर्ण विकसित हवाई अड्डे में बदलने का सपना वर्ष 2014 में देखा गया था, जब प्रदेश सरकार ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के साथ एक समझौता (MOU) किया था। इस अनुबंध के तहत, प्रदेश सरकार को हवाई पट्टी के विस्तार के लिए आवश्यक भूमि नि:शुल्क उपलब्ध करानी थी, जबकि हवाई अड्डे का निर्माण और संचालन AAI को करना था।
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AAI की प्राथमिक मांग: AAI ने प्रथम चरण में 72 सीटर विमानों के संचालन के लिए कुल 140.59 एकड़ भूमि की मांग की थी।
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भूमि अधिग्रहण की चुनौतियां और समाधान
\r\n\r\nइस परियोजना में भूमि अधिग्रहण हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। जिला प्रशासन ने शुरू में मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA) के माध्यम से किसानों की भूमि का अधिग्रहण कराया था, लेकिन भुगतान संबंधी विवादों के चलते मामला अटका हुआ था।
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वर्तमान स्थिति:
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- \r\n उपलब्ध भूमि: जिला प्रशासन के मुताबिक, कुल 123.23 एकड़ भूमि पर अब नागरिक उड्डयन विभाग (Civil Aviation Department) का नाम दर्ज किया जा चुका है।\r\n \r\n
- \r\n वन विभाग की भूमि: लगभग 9 एकड़ भूमि वन विभाग की है, जिसके उपयोग के लिए लिखित सहमति प्राप्त करने की कार्रवाई तेजी से की जा रही है।\r\n \r\n
- \r\n शेष 8 एकड़: AAI की मांग को पूरा करने के लिए बकाया 8 एकड़ किसानों की भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। इस पर न्यायालय में एक वाद भी लंबित है। जिला प्रशासन का दावा है कि कोर्ट में भूमि की कीमत की राशि जमा करके इस जमीन पर कब्जा लिया जा सकता है।\r\n \r\n
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कोआर्डिनेट मांगे गए: आगे की कार्रवाई के लिए अहम कदम
\r\n\r\nएयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के कार्यवाहक निदेशक विमानपत्तन, वरुण कुमार ने हाल ही में जिला प्रशासन को एक पत्र भेजकर हवाई अड्डे के विकास के लिए वांछित 140.59 एकड़ भूमि में से उपलब्ध भूमि के 'कोआर्डिनेट' मांगे हैं।
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कोआर्डिनेट क्या होते हैं? 'कोआर्डिनेट' किसी भूखंड की सटीक भौगोलिक स्थिति (Geographical Location) दर्शाने वाले विशिष्ट नंबर होते हैं। ये मुख्य रूप से अक्षांश (Latitude) और देशांतर (Longitude) के रूप में होते हैं। जीपीएस तकनीक (GPS Technology) का उपयोग करके ये जमीन के कोनों की सही पहचान करते हैं और डिजिटल नक्शों पर सटीक स्थिति बताते हैं।
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AAI ने स्पष्ट किया है कि 'कोआर्डिनेट' प्राप्त होने के बाद ही वे उपलब्ध भूमि का तकनीकी परीक्षण करेंगे और हवाई अड्डा निर्माण की दिशा में आगे की कार्रवाई शुरू करेंगे। यह जानकारी AAI को विस्तृत इंजीनियरिंग और डिजाइनिंग (Engineering and Designing) में मदद करेगी।
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चारदीवारी की तैयारी: 548 लाख का एस्टीमेट तैयार
\r\n\r\nहाल ही में मुख्य सचिव (Chief Secretary) द्वारा बुलाई गई एक उच्च स्तरीय बैठक में मेरठ की हवाई पट्टी के चौड़ीकरण के लिए उपलब्ध भूमि को चिह्नित करने और उसकी चारदीवारी (Boundary Wall) करने का निर्देश दिया गया था।
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- \r\n तहसील टीम: इसके बाद जिला प्रशासन ने तहसील की टीम को भूमि चिह्नित करने का कार्य सौंपा।\r\n \r\n
- \r\n लोक निर्माण विभाग: लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड ने इस कार्य के लिए 548 लाख रुपये का विस्तृत एस्टीमेट तैयार करके जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दिया है।\r\n \r\n
- \r\n निर्माण कौन करेगा: हालांकि, जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने स्पष्ट किया है कि चारदीवारी का निर्माण AAI को ही करना है, लेकिन जनपद स्तर से इस संबंध में सभी आवश्यक कार्रवाई पूरी की जा चुकी है।\r\n \r\n
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जिलाधिकारी का बयान
\r\n\r\nजिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया:
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\r\n\r\n\r\n"शासन से समय-समय पर प्राप्त हो रहे आदेश और निर्देश के मुताबिक कार्रवाई की जा रही है। AAI को कोआर्डिनेट भेज दिए गए हैं। भूमि के चारदीवारी का एस्टीमेट भी शासन को भेज दिया गया है। चारदीवारी का निर्माण AAI को करना है। जनपद स्तर से इस संबंध में कार्रवाई पूरी की जा चुकी है।"\r\n
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मेरठ की परतापुर हवाई पट्टी का विस्तार अब केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह धरातल पर उतरने के लिए तैयार दिख रहा है। AAI द्वारा कोआर्डिनेट मांगे जाने और चारदीवारी के एस्टीमेट का तैयार होना यह संकेत देता है कि परियोजना ने गति पकड़ ली है। यह हवाई अड्डा मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास, पर्यटन और कनेक्टिविटी के लिए गेम चेंजर साबित होगा। यह क्षेत्र को न केवल राष्ट्रीय हवाई मानचित्र पर लाएगा, बल्कि नए निवेश और रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा। अब सभी को AAI की अगली कार्रवाई का बेसब्री से इंतजार है।
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सारांश: मेरठ की परतापुर हवाई पट्टी को हवाई अड्डे में बदलने की प्रक्रिया तेज हो गई है। AAI ने जिला प्रशासन से 140.59 एकड़ भूमि के कोआर्डिनेट मांगे हैं, ताकि 72 सीटर विमानों के लिए आगे की कार्रवाई हो सके। 132.23 एकड़ भूमि उपलब्ध है, जबकि 8 एकड़ किसानों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में है। लोक निर्माण विभाग ने चारदीवारी के लिए 548 लाख का एस्टीमेट तैयार किया है। जिलाधिकारी ने बताया कि सभी आवश्यक कार्रवाई पूरी हो चुकी है।
Sabse pehle comment karne wale banein.