उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ एक बार फिर गोलियों की गूंज और एक मासूम की मौत से दहल उठी है। सरोजनी नगर इलाके में रहने वाले 13 वर्षीय छात्र उनैज की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से हुई मौत ने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले में पुलिस ने हत्या की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि मुख्य आरोपी प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के करीबी रिश्तेदार का बेटा बताया जा रहा है। Lucknow Unaij Murder Case अब केवल एक आपराधिक मामला नहीं रह गया है, बल्कि इसने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है।READ ALSO:-आसमान में दिखा कुदरत का करिश्मा: साल 2026 के पहले 'ब्लड मून' से थर्राया ब्रह्मांड; जानें समय, प्रभाव और 3000 साल पुराना इतिहास
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घटना का घटनाक्रम: क्या हुआ था उस सोमवार की दोपहर?

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पीड़ित परिवार और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना सोमवार दोपहर की है। उनैज, जो स्टेलामेरी स्कूल में कक्षा 7 का छात्र था, अपने घर पर था। सोमवार को मुख्य आरोपी छात्र का जन्मदिन था। आरोपी छात्र, जो कि बिजनेसमैन संजीव त्रिपाठी का बेटा है, अपने दोस्तों और एक ड्राइवर के साथ कार से उनैज के घर पहुंचा। वह उनैज को जन्मदिन की पार्टी मनाने के बहाने अपने साथ ले गया।
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शुरुआत में उनैज के पिता जमीर खान ने उसे भेजने से मना किया था क्योंकि उस दिन उनैज का रोजा था। लेकिन दोस्तों के जिद करने और "रोजा साथ में खुलवाने" के वादे के बाद उनैज उनके साथ चला गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि ये सभी बच्चे एक कार में सवार थे और संजीव त्रिपाठी के घर के नीचे कार खड़ी कर पार्टी कर रहे थे। इसी दौरान संजीव त्रिपाठी की लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली चली, जो सीधे उनैज के माथे के बीचों-बीच जा लगी।
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पिता के सनसनीखेज आरोप: "यह एक्सीडेंट नहीं, सोची-समझी हत्या है"

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जमीर खान, जो उनैज के पिता हैं, इस घटना को महज एक दुर्घटना मानने से साफ इनकार कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस को दी गई अपनी तहरीर में Lucknow Unaij Murder Case को एक सुनियोजित हत्या करार दिया है। जमीर खान का कहना है कि गोली गलती से नहीं चली, बल्कि सटाकर माथे के बीच में मारी गई है।
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उन्होंने आरोप लगाया है कि:

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    हाथ-पैर पकड़कर मारी गई गोली: पिता का दावा है कि माथे के बिल्कुल बीच में गोली लगने का मतलब है कि किसी ने उनैज के हाथ-पैर पकड़े होंगे और दूसरे ने करीब से गोली चलाई होगी।
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    पुरानी रंजिश और धमकी: जमीर खान के अनुसार, आरोपी के पिता संजीव त्रिपाठी ने कुछ समय पहले एक पैरेंट्स-टीचर मीटिंग (PTM) के दौरान उन्हें "देख लेने" की धमकी दी थी।
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    रोजे की हालत में कत्ल: परिवार का दुख इस बात से और गहरा गया है कि उनैज ने रोजा रखा था और वह अंतिम समय में भूखा-प्यासा ही दुनिया से चला गया।
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वीवीआईपी कनेक्शन: डिप्टी सीएम और पूर्व एमएलसी का नाम

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इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब आरोपियों के राजनीतिक रसूख की बात सामने आई। बताया जा रहा है कि आरोपी छात्र के पिता संजीव त्रिपाठी डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के रिश्ते में साले लगते हैं। वहीं, आरोपी के चाचा गुड्डू त्रिपाठी पूर्व में एमएलसी रह चुके हैं। इस हाई-प्रोफाइल कनेक्शन की वजह से पीड़ित परिवार को डर है कि कहीं जांच को प्रभावित न किया जाए।
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पड़ोसियों और स्थानीय लोगों ने भी आरोप लगाया है कि "सत्ता के संरक्षण" के कारण पुलिस शुरुआत में मामले को दुर्घटना बताने की कोशिश कर रही थी। हालांकि, जनाक्रोश और सबूतों के आधार पर पुलिस को अंततः हत्या की धाराओं में एफआईआर दर्ज करनी पड़ी।
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पुलिस की कार्रवाई और एफआईआर का विवरण

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डीसीपी निपुण अग्रवाल ने बताया कि Lucknow Unaij Murder Case में मृतक के पिता की शिकायत पर संजीव त्रिपाठी, उनकी पत्नी, कार में मौजूद तीनों नाबालिग छात्रों और ड्राइवर के खिलाफ हत्या (धारा 302/BNS की संबंधित धाराएं) और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
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पुलिस की अब तक की जांच के प्रमुख बिंदु:

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    हथियार: जिस रिवॉल्वर से गोली चली, वह संजीव त्रिपाठी के नाम पर पंजीकृत है। पुलिस ने इसे जब्त कर लिया है।
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    हिरासत: पुलिस ने घटना के समय कार में मौजूद तीनों नाबालिग लड़कों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
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    लापरवाही: एक नाबालिग के हाथ में लाइसेंसी हथियार कैसे पहुंचा, यह पुलिस के लिए सबसे बड़ा सवाल है। इसमें पिता संजीव त्रिपाठी की भारी लापरवाही सामने आई है।
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भारी आक्रोश: बेहसा गांव में नारेबाजी और अंतिम संस्कार

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मंगलवार को जब उनैज का शव पोस्टमॉर्टम के बाद सरोजनी नगर के बेहसा गांव लाया गया, तो वहां का माहौल गमगीन और तनावपूर्ण हो गया। हजारों की संख्या में लोग वहां जमा हो गए और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। ग्रामीणों की मांग थी कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
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मौके पर पहुंचे मोहनलालगंज के सपा सांसद आरके चौधरी ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और पुलिस को अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा, "अगर पुलिस ने 2 दिन के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया, तो हम सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे।" पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के काफी समझाने और निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद ही परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
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कानूनी और सामाजिक पहलू: नाबालिगों के हाथ में हथियार

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Lucknow Unaij Murder Case किशोरों के बीच बढ़ते हिंसक व्यवहार और माता-पिता की गैर-जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाता है। कानून विशेषज्ञों का कहना है कि आर्म्स एक्ट के तहत यह स्पष्ट है कि लाइसेंसी हथियार का मालिक उसकी सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है। अगर कोई बच्चा उस हथियार का उपयोग करता है, तो लाइसेंस धारक पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।
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इसके अलावा, इस केस में यह भी जांच का विषय है कि क्या वास्तव में यह 'एक्सीडेंटल फायर' था या जानबूझकर की गई हत्या। बैलिस्टिक एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट इस मामले में निर्णायक साबित होगी। अगर गोली सटाकर मारी गई है, जैसा कि पिता का आरोप है, तो "गनल शॉट इंजरी" के निशान इसकी पुष्टि कर देंगे।
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सांसद आरके चौधरी का रुख और राजनीतिक हलचल

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सांसद आरके चौधरी ने इस घटना को "सत्ता का अहंकार" बताया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ उसके अपने ही रिश्तेदारों के नाम ऐसे जघन्य अपराधों में सामने आ रहे हैं। इस मामले ने सोशल मीडिया पर भी काफी जोर पकड़ा है, जहाँ लोग #JusticeForUnaij ट्रेंड करा रहे हैं।
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पड़ोसियों की गवाही: "उनैज बहुत मासूम था"

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पड़ोसी डॉ. सलमान ने बताया कि उनैज इलाके का सबसे शांत और मिलनसार बच्चा था। वह अपनी पढ़ाई और फुटबॉल के प्रति बहुत गंभीर रहता था। 13 साल के बच्चे की इस तरह से निर्मम हत्या ने पूरे मोहल्ले को डरा दिया है। लोगों का कहना है कि अगर रसूखदारों के बच्चों को कानून का डर नहीं रहेगा, तो आम आदमी का घर से निकलना मुश्किल हो जाएगा।
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न्याय की उम्मीद

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Lucknow Unaij Murder Case उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था और वीवीआईपी कल्चर के लिए एक बड़ी परीक्षा है। क्या पुलिस बिना किसी राजनीतिक दबाव के संजीव त्रिपाठी और अन्य आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी? उनैज के पिता जमीर खान की आंखों के आंसू तब तक नहीं सूखेंगे जब तक उनके बेटे के कातिल सलाखों के पीछे नहीं पहुंच जाते। यह मामला हमें याद दिलाता है कि घर में रखे हथियार न केवल सुरक्षा के लिए होते हैं, बल्कि लापरवाही बरतने पर वे अपनों और दूसरों के जीवन के लिए काल भी बन सकते हैं।
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लखनऊ में 13 वर्षीय छात्र उनैज की संदिग्ध मौत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। Lucknow Unaij Murder Case में मुख्य आरोपी डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का रिश्तेदार है, जिसके कारण यह मामला हाई-प्रोफाइल बन गया है। पिता जमीर खान का आरोप है कि उनके बेटे को घेरकर और माथे पर सटाकर गोली मारी गई है। पुलिस ने हत्या की FIR दर्ज कर तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया है और रिवॉल्वर मालिक संजीव त्रिपाठी की भूमिका की जांच कर रही है। सांसद आरके चौधरी ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
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