सड़क हादसे आज के समय में किसी महामारी से कम नहीं रह गए हैं। हर दिन न जाने कितने परिवार इन हादसों की वजह से उजड़ जाते हैं। ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला और खौफनाक मामला उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से सामने आया है। यहां एक तेज रफ्तार और बेकाबू ट्रक ने एक 23 वर्षीय युवक को बेरहमी से कुचल दिया। यह हादसा इतना भयानक था कि देखने वालों की रूह कांप गई। जिस घर में कुछ ही दिनों बाद शहनाइयां बजने वाली थीं, वहां अब मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है। आइए, इस पूरी घटना को विस्तार से समझते हैं और जानते हैं कि आखिर उस काली रात को क्या हुआ था।READ ALSO:-मुरादाबाद में खूनी खेल: नमाज से लौट रहे कारोबारी को गोलियों से भूना, हत्यारे ने वीडियो जारी कर कहा- "मैंने लिया अपना बदला"
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हादसे का शिकार कौन हुआ? (Who was the Victim?)

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इस दर्दनाक हादसे का शिकार हुए युवक का नाम फुजैल था। फुजैल की उम्र मात्र 23 वर्ष थी। वह मेरठ के लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विकास पुरी इलाके का रहने वाला था। इतनी कम उम्र में ही फुजैल ने अपने पैरों पर खड़ा होना सीख लिया था। वह अपने परिवार की आर्थिक मदद करने के लिए कड़ी मेहनत करता था।
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फुजैल मेरठ कोतवाली थाना क्षेत्र की प्रसिद्ध भगत सिंह मार्केट में जूते की दुकान चलाता था। भगत सिंह मार्केट मेरठ के व्यस्त और जाने-माने बाजारों में से एक है। फुजैल अपने मिलनसार स्वभाव और ईमानदारी के लिए अपने दोस्तों और बाजार के अन्य दुकानदारों के बीच काफी लोकप्रिय था। वह अपने माता-पिता की आंखों का तारा था और अपने दो भाइयों में सबसे छोटा था।
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गुरुवार की वह मनहूस रात: आखिर क्या हुआ था?

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यह घटना गुरुवार रात की है। फुजैल अपनी दिन भर की थकान के बाद अपना काम खत्म करके लालकुर्ती इलाके से अपनी बाइक पर सवार होकर अपने घर (विकास पुरी) की ओर लौट रहा था। रात का समय था और सड़कें अपेक्षाकृत खाली होने लगती हैं, जिसका फायदा उठाकर अक्सर भारी वाहन (ट्रक, डंपर आदि) तेज गति से दौड़ने लगते हैं।
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जब फुजैल अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहा था, तभी पीछे से मौत बनकर आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उसकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयंकर थी कि फुजैल अपनी बाइक से नियंत्रण खो बैठा और सड़क पर गिर पड़ा। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाता या संभलने की कोशिश करता, उस भारी-भरकम ट्रक का पहिया उसके सिर के ऊपर से गुजर गया।
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इस भयावह घटना के कारण फुजैल की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सड़क खून से लाल हो गई और आसपास मौजूद लोग जब तक कुछ समझ पाते या मदद के लिए दौड़ते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
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CCTV फुटेज ने बयां किया खौफनाक सच

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इस पूरी घटना का सच शुक्रवार को तब सामने आया, जब पास ही लगे एक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे की फुटेज पुलिस और मीडिया के हाथ लगी। सीसीटीवी फुटेज ने इस बात की पुष्टि कर दी कि यह महज एक हादसा नहीं था, बल्कि यातायात नियमों की घोर अनदेखी और लापरवाही का नतीजा था।
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फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि:

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    फुजैल अपनी लेन में सामान्य गति से बाइक चला रहा है।
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    तभी पीछे से एक तेज रफ्तार ट्रक आता है।
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    ट्रक चालक लापरवाही दिखाते हुए फुजैल की बाइक को पीछे से या साइड से टक्कर मारता है।
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    फुजैल सड़क पर गिरता है और अगले ही पल ट्रक का भारी पहिया उसे कुचलता हुआ निकल जाता है।
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    सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि घटना को अंजाम देने के बाद ट्रक चालक ने इंसानियत के नाते वाहन रोकने या युवक की मदद करने की जहमत नहीं उठाई। वह अपना ट्रक लेकर मौके से तेजी से फरार हो गया।
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यह फुटेज इतना विचलित करने वाला है कि इसे देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए। यह साफ दर्शाता है कि सड़कों पर भारी वाहनों के चालक किस तरह लोगों की जान की परवाह किए बिना अपनी मनमानी करते हैं।
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हादसे की मुख्य वजह: ओवरटेकिंग की जानलेवा होड़

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प्रारंभिक जांच और प्रत्यक्षदर्शियों (अगर कोई थे) व फुटेज के आधार पर पुलिस का मानना है कि इस हादसे की मुख्य वजह 'ओवरटेकिंग' (Overtaking) थी। जानकारी के अनुसार, बेकाबू ट्रक का चालक एक ट्रैक्टर को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था।
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रात के समय सड़कों पर भारी वाहनों के बीच आगे निकलने की होड़ अक्सर देखने को मिलती है। ट्रैक्टर को ओवरटेक करने के चक्कर में ट्रक चालक ने सड़क के किनारे चल रहे दोपहिया वाहन (फुजैल की बाइक) को नजरअंदाज कर दिया। ट्रक की अंधाधुंध गति और चालक के गलत फैसले ने एक झटके में एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। यह इस बात का ज्वलंत उदाहरण है कि सड़क पर एक सेकंड की जल्दबाजी किसी की जिंदगी भर की कमाई (उसके जीवन) को कैसे खत्म कर सकती है।
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घर में चल रही थी बड़े भाई की शादी की तैयारियां

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इस घटना का सबसे दुखद पहलू फुजैल के परिवार की वर्तमान स्थिति है। फुजैल दो भाइयों में छोटा था। परिवार के लोग इन दिनों बेहद खुश थे क्योंकि फुजैल के बड़े भाई की शादी तय हो चुकी थी और घर में शादी की जोर-शोर से तैयारियां चल रही थीं।
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शादी के कार्ड बांटे जा रहे थे, खरीदारी हो रही थी और रिश्तेदारों का आना-जाना शुरू होने वाला था। फुजैल भी अपने बड़े भाई की शादी को लेकर बहुत उत्साहित था और हर काम में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहा था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। जिस घर से कुछ दिनों बाद बारात उठने वाली थी, वहां से अब जवान बेटे का जनाजा उठा है।
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इस घटना के बाद से फुजैल की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता गहरे सदमे में हैं और बड़ा भाई अपने छोटे भाई को खोने के गम में सुधबुध खो बैठा है। पूरे विकास पुरी इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। जो लोग कल तक शादी की बधाइयां देने आ रहे थे, वे आज सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
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पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच

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घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस (लिसाड़ीगेट और संबंधित थाना पुलिस) तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके।
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पुलिस द्वारा उठाए गए कदम:

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    CCTV फुटेज को कब्जे में लेना: पुलिस ने सबसे पहले घटनास्थल के आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को अपने कब्जे में लिया है। इसी फुटेज के आधार पर ट्रक की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
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  3. \r\n
    फरार चालक की तलाश: ट्रक के नंबर प्लेट (Registration Number) को फुटेज से ज़ूम करके निकालने का प्रयास किया जा रहा है। आरटीओ (RTO) विभाग की मदद से ट्रक मालिक का पता लगाकर आरोपी चालक तक पहुंचने की रणनीति बनाई गई है।
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  5. \r\n
    नाकाबंदी और चेकिंग: घटना के तुरंत बाद पुलिस ने शहर के मुख्य मार्गों और टोल नाकों पर चेकिंग बढ़ा दी थी, हालांकि ट्रक चालक अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा।
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  6. \r\n
  7. \r\n
    मामला दर्ज: पुलिस ने अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और गैर इरादतन हत्या (Hit and Run / Rash Driving) की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी चालक को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे डाला जाएगा।
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सड़क सुरक्षा: एक गंभीर चिंतन (Road Safety: A Deep Reflection)

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फुजैल की मौत कोई पहली घटना नहीं है। मेरठ सहित पूरे उत्तर प्रदेश और भारत में हर दिन सैकड़ों लोग इसी तरह सड़क हादसों का शिकार होते हैं। यह घटना हमें सड़क सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर सवालों पर सोचने के लिए मजबूर करती है।
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भारत में सड़क हादसों के आंकड़े (Road Accident Statistics in India)

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सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर साल लगभग 1.5 लाख लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में होती है। इनमें से एक बहुत बड़ा प्रतिशत दोपहिया वाहन चालकों का होता है जो अक्सर ट्रकों, डंपरों या बसों जैसे भारी वाहनों का शिकार बनते हैं।
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    तेज गति (Over Speeding): 70% से अधिक दुर्घटनाएं तेज गति के कारण होती हैं।
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    गलत दिशा और ओवरटेकिंग: लगभग 10-15% दुर्घटनाएं गलत तरीके से ओवरटेक करने के कारण होती हैं।
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भारी वाहनों (ट्रकों) से दुर्घटनाओं के मुख्य कारण

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    ब्लाइंड स्पॉट्स (Blind Spots): ट्रकों का आकार बहुत बड़ा होता है। ड्राइवर की सीट से कुछ ऐसे कोण (Angles) होते हैं जहां उन्हें छोटे वाहन दिखाई नहीं देते। इसे 'ब्लाइंड स्पॉट' कहा जाता है। दोपहिया वाहन चालकों को अक्सर इसका पता नहीं होता।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    चालकों की थकान (Driver Fatigue): कई ट्रक ड्राइवर बिना पर्याप्त नींद लिए लगातार 15-20 घंटे तक ड्राइविंग करते हैं। नींद का झोंका आना हादसों का एक बड़ा कारण है।
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  4. \r\n
  5. \r\n
    टारगेट पूरा करने का दबाव: समय पर माल पहुंचाने के दबाव में ट्रक चालक अक्सर तेज गति से और लापरवाही से वाहन चलाते हैं।
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    शराब या नशे का सेवन: रात के समय दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण चालकों का नशे में होना भी पाया जाता है।
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क्या इस हादसे को टाला जा सकता था?

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हाँ, अगर कुछ बातों का ध्यान रखा जाता, तो शायद फुजैल आज हमारे बीच होता:
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    अगर ट्रक चालक ने ट्रैक्टर को ओवरटेक करने में संयम बरता होता।
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    अगर रात के समय ट्रैफिक पुलिस की गश्त और भारी वाहनों की गति सीमा पर सख्त निगरानी होती।
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    (हालांकि रिपोर्ट में स्पष्ट नहीं है) लेकिन हमेशा दोपहिया वाहन चालकों को भारी वाहनों से उचित दूरी बनाकर रखनी चाहिए और उनके 'ब्लाइंड स्पॉट' में चलने से बचना चाहिए।
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हिट एंड रन (Hit and Run) कानून और सजा के प्रावधान

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इस मामले में ट्रक चालक ने दुर्घटना के बाद भाग कर 'हिट एंड रन' का अपराध किया है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) जो अब IPC की जगह ले चुकी है, उसमें हिट एंड रन के मामलों को बहुत गंभीरता से लिया गया है।
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    नए कानूनों के तहत, यदि कोई चालक लापरवाही से गाड़ी चलाकर किसी की मौत का कारण बनता है और पुलिस या मजिस्ट्रेट को बिना सूचना दिए भाग जाता है, तो उसे 10 साल तक की कैद और भारी जुर्माना हो सकता है।
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    यह कानून इसलिए सख्त किया गया है ताकि चालक दुर्घटना के बाद भागने के बजाय पीड़ित को अस्पताल पहुंचाएं, जिससे उसकी जान बचाई जा सके। फुजैल के मामले में यदि चालक ने तुरंत ब्रेक लगाया होता या उसे तुरंत मेडिकल मदद दी होती, तो शायद परिणाम कुछ और हो सकता था।
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दोपहिया वाहन चालकों के लिए जीवन रक्षक सुझाव (Life-Saving Tips for Two-Wheeler Riders)

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चूंकि हम सड़कों से भारी वाहनों को नहीं हटा सकते, इसलिए हमें स्वयं अपनी सुरक्षा के उपाय करने होंगे। हर उस व्यक्ति को जो बाइक या स्कूटी चलाता है, इन नियमों का पालन करना चाहिए:
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  1. \r\n
    हेलमेट का अनिवार्य उपयोग: हमेशा अच्छी गुणवत्ता (ISI मार्क) वाला और सही साइज का हेलमेट पहनें। हेलमेट का स्ट्रैप हमेशा कसकर बांधें। (हालांकि इस रिपोर्ट में यह जिक्र नहीं है कि फुजैल ने हेलमेट पहना था या नहीं, लेकिन कई मामलों में भारी वाहन के नीचे आने पर हेलमेट भी पूरी तरह सुरक्षा नहीं दे पाता, फिर भी यह प्राथमिक सुरक्षा कवच है)।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    दूरी बनाए रखें (Maintain Safe Distance): ट्रकों, बसों और डंपरों से हमेशा पर्याप्त दूरी बनाकर चलें। कभी भी उनके एकदम पीछे या ठीक बगल में न चलें।
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  5. \r\n
    ओवरटेकिंग में सावधानी: किसी भी भारी वाहन को बाएं तरफ (Left side) से ओवरटेक करने की गलती कभी न करें। हमेशा दाईं ओर (Right side) से, हॉर्न या डिपर देकर ही ओवरटेक करें और सुनिश्चित करें कि बड़े वाहन के चालक ने आपको देख लिया है।
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  6. \r\n
  7. \r\n
    रात के समय ड्राइविंग: रात में विजिबिलिटी (Visibility) कम होती है। अपनी बाइक की हेडलाइट, टेललाइट और इंडिकेटर्स हमेशा चालू हालत में रखें। रिफ्लेक्टिव जैकेट या चमकीले कपड़े पहनने से आप बड़े वाहनों के चालकों को आसानी से नजर आ सकते हैं।
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  9. \r\n
    ब्लाइंड स्पॉट से बचें: अगर आप ट्रक के शीशे (Mirror) में ट्रक ड्राइवर का चेहरा नहीं देख पा रहे हैं, तो इसका मतलब है कि वह भी आपको नहीं देख पा रहा है। तुरंत उस जगह से हटें।
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  10. \r\n
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प्रशासन और सरकार से लोगों की अपील

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इस दर्दनाक हादसे के बाद मेरठ के स्थानीय लोगों और सिविल सोसाइटी में काफी रोष है। लोगों की मांग है कि:
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  • \r\n
    शहर के अंदर 'नो एंट्री' (No Entry) के समय का सख्ती से पालन करवाया जाए।
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  • \r\n
    भारी वाहनों की गति सीमा (Speed Limit) को नियंत्रित करने के लिए स्पीड रडार और ऑटोमैटिक चालान कैमरे शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर लगाए जाएं।
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  • \r\n
  • \r\n
    रात के समय पुलिस पट्रोलिंग बढ़ाई जाए ताकि नशे में या लापरवाही से गाड़ी चलाने वालों पर लगाम कसी जा सके।
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  • \r\n
  • \r\n
    अवैध रूप से और क्षमता से अधिक माल (Overloading) ले जाने वाले ट्रकों के लाइसेंस तुरंत रद्द किए जाएं।
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  • \r\n
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एक अनमोल जीवन का अंत और हमारे लिए एक सबक

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23 वर्षीय फुजैल की मौत सिर्फ एक अखबार की हेडलाइन या एक पुलिस फाइल का केस नंबर बनकर नहीं रह जानी चाहिए। यह हादसा हमारे पूरे सिस्टम, हमारी यातायात व्यवस्था और हमारी नागरिक जिम्मेदारियों पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाता है। परिवार ने अपना बेटा खो दिया, भाई ने अपना छोटा भाई खो दिया, लेकिन इस नुकसान की भरपाई दुनिया की कोई अदालत, कोई मुआवजा नहीं कर सकता।
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हमें यह समझना होगा कि सड़क पर चलने वाला हर व्यक्ति किसी न किसी का अपना है, किसी के घर का चिराग है। थोड़ी सी जल्दबाजी, थोड़ा सा रोमांच और यातायात नियमों की एक छोटी सी अनदेखी किसी की पूरी दुनिया उजाड़ सकती है।
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हम उम्मीद करते हैं कि मेरठ पुलिस जल्द से जल्द उस फरार ट्रक चालक को गिरफ्तार करेगी और कानून के तहत उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलवाएगी ताकि फुजैल के परिवार को न्याय मिल सके। साथ ही, यह घटना हम सभी के लिए एक कड़ा सबक है कि जब भी हम घर से बाहर सड़क पर निकलें, तो अपनी और दूसरों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखें। "सावधानी हटी, दुर्घटना घटी" - यह सिर्फ एक स्लोगन नहीं, बल्कि जिंदगी का सबसे बड़ा सच है।
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