मेरठ (ख़बरीलाल विशेष डेस्क): पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे संवेदनशील जिलों में शुमार मेरठ में 'ईद-उल-फितर' (Eid-Ul-Fitr 2026) के पावन पर्व को लेकर प्रशासन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार ईद और चैत्र नवरात्र का पर्व एक साथ पड़ रहा है, जिसके चलते पूरे शहर में 'हाई अलर्ट' (High Alert) घोषित कर दिया गया है।READ ALSO:-ईरान-इजरायल युद्ध की आंच खाड़ी तक: रियाद में मिसाइल हमले का शिकार हुआ सीतापुर का लाल, पत्नी से फोन पर बात करते समय हुआ धमाका
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शांति, सौहार्द और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मेरठ पुलिस-प्रशासन ने एक 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) नीति अपनाई है। स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी गई है कि इस बार किसी भी सूरत में सड़क पर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं होगी। यदि किसी ने नियमों का उल्लंघन कर यातायात बाधित करने या सड़क पर नमाज पढ़ने की कोशिश की, तो न केवल उसके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी, बल्कि उसका पासपोर्ट भी जब्त करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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आइए विस्तार से समझते हैं कि मेरठ शहर में शांतिपूर्ण ईद संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने किस स्तर की किलेबंदी की है।
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1. 1.42 लाख नमाजी, 375 मस्जिदें: सुरक्षा का विशाल खाका
\r\n\r\nमेरठ शहर में ईद के मौके पर नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ती है। खुफिया और पुलिस विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस बार शहर और देहात क्षेत्र को मिलाकर लगभग 1 लाख 42 हजार लोग एक साथ नमाज अदा करेंगे।
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- \r\n नमाज स्थल: पूरे जिले में कुल 375 छोटी-बड़ी मस्जिदों और 28 प्रमुख ईदगाहों में नमाज अदा की जाएगी।\r\n \r\n
- \r\n सबसे बड़ी नमाज: सबसे ज्यादा भीड़ दिल्ली रोड स्थित शाही ईदगाह और शहर की जामा मस्जिद पर उमड़ने की संभावना है, जहां सबसे कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं।\r\n \r\n
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इतनी बड़ी संख्या में लोगों के एक जगह जुटने को देखते हुए प्रशासन ने मस्जिदों के बाहर बैरिकेडिंग और रास्तों के डायवर्जन का पूरा ब्लू-प्रिंट तैयार कर लिया है।
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2. चप्पे-चप्पे पर खाकी का पहरा: 1500 पुलिसकर्मी मुस्तैद
\r\n\r\nमेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोई चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पूरे शहर को कई जोन और सेक्टर्स में बांटकर सुरक्षा ग्रिड तैयार किया गया है।
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- \r\n बड़ी तैनाती: शहर भर की विभिन्न मस्जिदों, चौराहों और संवेदनशील प्वाइंट्स पर लगभग 1500 पुलिसकर्मियों की सीधी तैनाती की गई है।\r\n \r\n
- \r\n स्पेशल फोर्सेज: सिविल पुलिस के अलावा प्रांतीय सशस्त्र पीएसी (PAC) की कई कंपनियां और त्वरित कार्रवाई बल (Quick Response Team - QRT) को स्टैंडबाय पर रखा गया है।\r\n \r\n
- \r\n निगरानी का तरीका: ऊंची इमारतों की छतों पर दूरबीन और आधुनिक हथियारों के साथ स्नाइपर और पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इसके अलावा ड्रोन (Drones) के जरिए पूरे शहर की हवाई निगरानी की जाएगी ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पकड़ा जा सके।\r\n \r\n
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3. 'सड़क पर नमाज' पर पूर्ण प्रतिबंध: नियम टूटे तो छिनेगा पासपोर्ट
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश सरकार और मेरठ पुलिस का सबसे कड़ा रुख 'सड़क पर नमाज' को लेकर है। पिछले कुछ वर्षों में सड़क पर नमाज पढ़ने के कारण यातायात बाधित होने और तनाव की स्थिति पैदा होने के मामले सामने आते रहे हैं।
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- \r\n सख्त चेतावनी: प्रशासन ने मस्जिदों के इमामों और धर्मगुरुओं के साथ बैठक कर यह स्पष्ट कर दिया है कि नमाज केवल ईदगाह या मस्जिद के परिसर के अंदर ही पढ़ी जाएगी।\r\n \r\n
- \r\n क्या होगी कार्रवाई? यदि भीड़ अधिक होने का हवाला देकर किसी ने सड़क घेरकर नमाज पढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस तुरंत वीडियोग्राफी कर ऐसे लोगों की पहचान करेगी। उनके खिलाफ धारा 144 के उल्लंघन, मार्ग अवरुद्ध करने और शांति भंग करने के आरोप में FIR दर्ज की जाएगी।\r\n \r\n
- \r\n पासपोर्ट जब्ती: सबसे बड़ी कार्रवाई के रूप में पुलिस ने चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वाले युवाओं और व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस वेरिफिकेशन में 'नेगेटिव रिपोर्ट' लगाई जाएगी और उनके पासपोर्ट जब्त करने या उन्हें रद्द करने की सिफारिश भी की जा सकती है।\r\n \r\n
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4. 106 खुराफातियों को 'रेड कार्ड': पहले ही कस दिया गया शिकंजा
\r\n\r\nत्योहारों पर माहौल बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए पुलिस ने 'प्रिवेंटिव पुलिसिंग' (Preventive Policing) का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है।
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- \r\n चिन्हित हुए उपद्रवी: स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) और थानों की पुलिस ने ऐसे लोगों की सूची तैयार की है जो पूर्व में त्योहारों के दौरान बलवा, उपद्रव, भड़काऊ बयानबाजी या शांति भंग करने के मुकदमों में शामिल रहे हैं।\r\n \r\n
- \r\n रेड कार्ड जारी: पूरे शहर में ऐसे 106 लोगों को 'रेड कार्ड' (Red Card) जारी कर उनके घरों पर तामील करा दिया गया है।\r\n \r\n
- \r\n रेड कार्ड का मतलब: यह एक अंतिम चेतावनी है। इसका अर्थ है कि पुलिस की रडार पर ये लोग 24 घंटे रहेंगे। यदि इनके इलाके में कोई भी गड़बड़ी हुई या ये संदिग्ध अवस्था में पाए गए, तो बिना कोई सवाल-जवाब किए इन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा और कड़ी धाराओं में जेल भेजा जाएगा।\r\n \r\n
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5. नवरात्र और ईद का दुर्लभ संयोग: मिश्रित आबादी पर विशेष फोकस
\r\n\r\nइस वर्ष की सुरक्षा व्यवस्था इसलिए भी चुनौतीपूर्ण है क्योंकि मुसलमानों का पवित्र त्योहार ईद-उल-फितर और हिंदुओं का पावन पर्व चैत्र नवरात्र एक साथ चल रहे हैं।
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- \r\n शहर में कई ऐसे मिश्रित आबादी (Mixed Population) वाले इलाके हैं जहां मंदिर और मस्जिद बेहद करीब हैं।\r\n \r\n
- \r\n हापुड़ अड्डा, लिसाड़ी गेट, कोतवाली, देहली गेट, और नौचंदी जैसे थाना क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल (Extra Force) लगाया गया है।\r\n \r\n
- \r\n दोनों समुदायों के बीच आपसी सौहार्द बनाए रखने के लिए पिछले एक हफ्ते से लगातार 'पीस कमेटी' (Peace Committee) की बैठकें की जा रही हैं, जिसमें दोनों धर्मों के मौलाना और महंत शामिल होकर लोगों से शांति की अपील कर रहे हैं।\r\n \r\n
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6. सोशल मीडिया पर साइबर सेल की तीसरी आंख
\r\n\r\nआजकल किसी भी दंगे या तनाव की शुरुआत सड़क से पहले इंटरनेट पर होती है। अफवाहों के बाजार को गर्म होने से रोकने के लिए मेरठ पुलिस की साइबर सेल (Cyber Cell) 24x7 काम कर रही है।
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- \r\n अफवाहों पर लगाम: व्हाट्सएप (WhatsApp) ग्रुप्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।\r\n \r\n
- \r\n चेतावनी: पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी, पुराने वीडियो या भड़काऊ पोस्ट को बिना पुष्टि किए शेयर न करें। यदि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाता हुआ पाया गया, तो उस पर आईटी एक्ट (IT Act) और रासुका (NSA) के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।\r\n \r\n
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शांति से मनाएं त्योहार, पुलिस है तैयार
\r\n\r\nमेरठ प्रशासन ने अपनी ओर से तैयारियां पूरी कर ली हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से लेकर जिलाधिकारी (DM) तक खुद ईदगाह और संवेदनशील इलाकों का पैदल गश्त (Foot March) कर जायजा ले चुके हैं। धर्म गुरुओं ने भी आवाम से अपील की है कि वे खुशी के इस त्योहार को घर और मस्जिद की इबादत तक सीमित रखें और प्रशासन द्वारा बनाए गए नियमों का पालन कर एक आदर्श नागरिक होने का फर्ज निभाएं।
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'ख़बरीलाल' परिवार की ओर से भी सभी पाठकों को ईद-उल-फितर की दिली मुबारकबाद। त्योहार सौहार्द का प्रतीक होते हैं, इसे भाईचारे के साथ मनाएं। शहर की ताजा और एक्सक्लूसिव खबरों के लिए हमारे पोर्टल से जुड़े रहें।
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