मेरठ, उत्तर प्रदेश: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) द्वारा निर्मित दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर का नाम लोगों के लिए तेज और सुविधाजनक यात्रा का पर्याय बन चुका है, लेकिन मेरठ के निवासियों के लिए यह इंतजार अब परेशानी का सबब बन गया है। मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक 23 किलोमीटर के रूट में स्टेशन पूरी तरह से तैयार हैं, ट्रायल रन को दो महीने से अधिक समय हो चुका है, और सुरक्षा एवं सिग्नल से जुड़ी सभी आवश्यक मंजूरी भी मिल चुकी हैं, फिर भी आम लोगों के लिए दरवाज़े बंद हैं।READ ALSO:-ही-मैन' के निधन से यूपी की सियासत में भी मातम: CM योगी बोले- अपूरणीय क्षति; अखिलेश-मायावती ने याद किया 'जमीन से जुड़ा' व्यक्तित्व
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यह असमंजस शहरवासियों को परेशान कर रहा है क्योंकि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि इतनी तैयारी के बाद भी दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर देरी क्यों हो रही है।
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तैयारी पूरी, फिर भी उद्घाटन का इंतजार

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मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक का यह 23 किलोमीटर का सेक्शन घनी आबादी वाले इलाके जैसे बेगमपुल, एमईएस और परतापुर को कवर करता है। सितंबर में इसके उद्घाटन की पूरी उम्मीद थी, लेकिन दो महीने गुजरने के बाद भी यात्री सिर्फ दूर से इस अत्याधुनिक सुविधा को निहारने पर मजबूर हैं।
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    तैयारी की स्थिति: स्टेशन पर सुरक्षाकर्मी तैनात हैं, साइनबोर्ड लग चुके हैं और ट्रायल रन सफलतापूर्वक जारी है।
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    बाधा: अधिकारी देरी के कारणों पर चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे यह साफ नहीं हो पा रहा है कि रुकावट तकनीकी है या प्रशासनिक/राजनीतिक। NCRTC ने बार-बार 'प्रोजेक्ट तैयार है' कहकर दिलासा दिया है, लेकिन उद्घाटन की तिथि लगातार टल रही है।
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लोगों की जेब और समय, दोनों पर पड़ रहा बोझ

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इस दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर देरी का सीधा असर मेरठ के दैनिक यात्रियों पर पड़ रहा है। उन्हें रोजाना अतिरिक्त समय और पैसा खर्च करना पड़ रहा है।
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    बेगमपुल निवासी अरबाज ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उन्हें हर सुबह ऑफिस पहुंचने में 45 से 50 मिनट लगते हैं और मेरठ साउथ स्टेशन तक पहुंचने के लिए ₹50 खर्च करने पड़ते हैं। अगर बेगमपुल स्टेशन चालू होता, तो वे पैदल चलकर स्टेशन पहुंचते और लगभग एक घंटा बचा लेते।
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    यातायात की चुनौती: मेरठ से दिल्ली आने वाले यात्री असलम ने बताया कि आरआरटीएस ट्रेन भले ही जल्दी मेरठ पहुंचा दे, लेकिन शहर के अंदरूनी हिस्सों तक पहुंचने में अभी भी 45 मिनट और लग जाते हैं। रात 8 बजे के बाद पब्लिक ट्रांसपोर्ट मिलना बेहद मुश्किल हो जाता है।
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वर्तमान में, दिल्ली के न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ तक लगभग 55 किमी रूट चालू है। जब यह पूरा कॉरिडोर चालू हो जाएगा, तो मोदीपुरम तक की दूरी ट्रेन मात्र 55 मिनट में तय करेगी, जिससे लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी। 
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उद्घाटन की संभावित तारीख: 25 दिसंबर

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अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही लोगों का इंतजार खत्म होने की संभावना है। हालांकि कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, सूत्रों से खबर मिली है कि 25 दिसंबर को, जो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म जयंती है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सेक्शन का उद्घाटन कर सकते हैं।
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इस प्रोजेक्ट को पहले जून 2025 तक पूरा होने की बात कही गई थी और इसे देश में सबसे तेज़ी से बन रहे परिवहन प्रोजेक्ट्स में गिना गया था। अब 55 किलोमीटर का रूट चालू होने के बाद हर किसी को बाकी बचे 23 किलोमीटर रूट के जल्द से जल्द चालू होने का इंतजार है। 
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दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर देरी से मेरठ के निवासी परेशान हैं, क्योंकि मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक 23 किलोमीटर का रूट पूरी तरह तैयार होने, ट्रायल रन सफल होने और सभी मंजूरी मिलने के बावजूद उद्घाटन टल रहा है। लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है, हालांकि उम्मीद है कि 25 दिसंबर को इसका उद्घाटन हो सकता है।
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