नए वित्तीय वर्ष (2026-27) की शुरुआत के साथ ही नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने आम जनता और वाहन चालकों की जेब ढीली करने की पूरी तैयारी कर ली है। यदि आप रोज़ाना दिल्ली, नोएडा या गाजियाबाद से मेरठ और हापुड़ की ओर सफर करते हैं, तो आपके लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है। आगामी 1 अप्रैल से Delhi-Meerut Expressway Toll Tax के साथ-साथ नेशनल हाईवे-9 (NH-9) और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) पर सफर करना महंगा होने जा रहा है।READ ALSO:-इंदौर हादसे से लें सबक: घर पर EV चार्जिंग के दौरान हुई छोटी सी लापरवाही ने ली 7 की जान, भूलकर भी न करें ये 5 बड़ी गलतियां
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच टोल टैक्स में इस वृद्धि का सीधा असर लाखों दैनिक यात्रियों की जेब पर पड़ेगा। आइए विस्तार से समझते हैं कि नई दरें क्या होंगी, एनुअल फास्टैग में कितना इजाफा हुआ है और सरकार की भविष्य की 'पे-पर-यूज' (Pay-per-use) टोल नीति क्या है।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n

Delhi-Meerut Expressway Toll Tax में कितनी हुई है बढ़ोतरी?

\r\n\r\n
NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद कुमार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इन सभी प्रमुख राजमार्गों पर टोल दरों में 5 प्रतिशत तक की वृद्धि प्रस्तावित की गई है। यह बढ़ी हुई दरें 31 मार्च की रात 12 बजे (यानी 1 अप्रैल की शुरुआत) से प्रभावी हो जाएंगी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
यद्यपि आधिकारिक तौर पर नई दरों की अंतिम और विस्तृत सूची 31 मार्च की रात को ही सार्वजनिक की जाएगी, लेकिन अनुमानित आंकड़ों के अनुसार कार चालकों को अब अपनी जेब से अतिरिक्त पैसे खर्च करने होंगे। Delhi-Meerut Expressway Toll Tax में इस 5% वृद्धि के बाद, एक सामान्य कार चालक को दिल्ली (सराय काले खां) से मेरठ तक के सफर के लिए लगभग ₹8 से ₹10 अतिरिक्त चुकाने पड़ सकते हैं। (Internal link placeholder: जानें एनसीआर के अन्य एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स के नियम और दरें)
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

वर्तमान और संभावित टोल दरों का गणित

\r\n\r\n
वर्तमान में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) और NH-9 पर सराय काले खां से मेरठ तक का सफर करने के लिए अलग-अलग वाहन श्रेणियों से निम्नलिखित टोल वसूला जाता है:
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n\r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n
\r\n
वाहन श्रेणी
\r\n
\r\n
वर्तमान दर (DME)
\r\n
\r\n
वर्तमान दर (NH-9)
\r\n
\r\n
अनुमानित नई दर (DME - 5% वृद्धि के बाद)
\r\n
\r\n
कार/जीप/वैन
\r\n
\r\n
₹170
\r\n
\r\n
₹175
\r\n
\r\n
₹178 - ₹180
\r\n
\r\n
हल्के व्यावसायिक वाहन (LCV)
\r\n
\r\n
₹275
\r\n
\r\n
₹280
\r\n
\r\n
₹288 - ₹290
\r\n
\r\n
बस/ट्रक (2 एक्सल)
\r\n
\r\n
₹580
\r\n
\r\n
₹590
\r\n
\r\n
₹609 - ₹610
\r\n
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
(नोट: ये अनुमानित आंकड़े हैं, सटीक दरें NHAI की आधिकारिक अधिसूचना के बाद लागू होंगी।)
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

एनुअल फास्टैग पास (Annual Fastag Pass) भी हुआ महंगा

\r\n\r\n
NHAI ने केवल दैनिक टोल यात्राओं को ही महंगा नहीं किया है, बल्कि नियमित यात्रियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 'एनुअल फास्टैग पास' की कीमतों में भी इजाफा कर दिया है। 15 मार्च को जारी की गई अधिसूचना के अनुसार:
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    आगामी वित्तीय वर्ष के लिए एनुअल पास की फीस ₹3,000 से बढ़ाकर ₹3,075 कर दी गई है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    यह ₹75 की बढ़ोतरी राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम, 2008 के प्रावधानों के तहत लागू की गई है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
एनुअल फास्टैग पास के बड़े फायदे: जो यात्री नियमित रूप से इन हाईवे का इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए यह पास बेहद लाभकारी है:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    बार-बार रिचार्ज से मुक्ति: एक बार ₹3,075 का भुगतान करने के बाद पूरे साल भर बार-बार फास्टैग रिचार्ज करने के झंझट से मुक्ति मिल जाती है।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    वैधता (Validity): यह पास जारी होने की तिथि से एक साल की अवधि तक, या वाहन द्वारा 200 टोल प्लाजा पार करने तक (जो भी पहले हो) मान्य रहता है।
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    लाखों यूज़र्स: वर्तमान में देश भर में 56 लाख से अधिक निजी वाहन मालिक इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं।
    \r\n
  6. \r\n
  7. \r\n
    आसान एक्टिवेशन: वाहन मालिक 'राजमार्ग यात्रा ऐप' (Rajmarg Yatra App) या NHAI की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से भुगतान कर सकते हैं। भुगतान के मात्र 2 घंटे के भीतर यह पास सक्रिय हो जाता है। 
    \r\n
  8. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

भविष्य की तकनीक: 'पे-पर-यूज' (Pay-per-use) मॉडल

\r\n\r\n
लगातार बढ़ते टोल टैक्स के बीच सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने टोल प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और सुगम बनाने के लिए एक नई नीति पर जोर दिया है। हाल ही में संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, सरकार ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) आधारित टोलिंग तकनीक पर तेजी से काम कर रही है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इस तकनीक का मूल मंत्र है- "जितनी सड़क, उतना टैक्स"।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    यानी भविष्य में आपको पूरे एक्सप्रेसवे स्ट्रेच का टोल नहीं देना होगा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    यदि आप एक्सप्रेसवे पर चढ़कर मात्र 15 किलोमीटर चलने के बाद किसी एग्जिट से उतर जाते हैं, तो आपके खाते से केवल 15 किलोमीटर की दूरी के हिसाब से ही पैसे (लगभग ₹15) कटेंगे।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

रफ्तार में कोई ब्रेक नहीं: बिना रुके कटेगा टोल

\r\n\r\n
नई GNSS और ANPR (Automatic Number Plate Recognition) तकनीक के लागू होने के बाद वाहनों की रफ्तार पर कोई ब्रेक नहीं लगेगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    वाहन 80 किमी/घंटा या उससे अधिक की रफ्तार से टोल नाके पार कर सकेंगे।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    एडवांस कैमरे आपकी नंबर प्लेट और फास्टैग को ऑटोमैटिक रीड कर लेंगे और पैसे सीधे आपके लिंक्ड बैंक खाते से कट जाएंगे।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    इससे टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों, ट्रैफिक जाम और ईंधन की बर्बादी से पूरी तरह मुक्ति मिलेगी। (Internal link placeholder: सैटेलाइट आधारित टोल कलेक्शन सिस्टम (GNSS) भारत में कैसे काम करेगा?)
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

दैनिक यात्रियों और ट्रांसपोर्टर्स पर असर (Analysis)

\r\n\r\n
Delhi-Meerut Expressway Toll Tax और पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर दरों में इस वृद्धि का सीधा असर ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट पर पड़ेगा। ट्रकों और कमर्शियल वाहनों के लिए टोल बढ़ने से माल ढुलाई महंगी हो सकती है, जिसका आंशिक असर रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है। वहीं, नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली से मेरठ अप-डाउन करने वाले नौकरीपेशा लोगों का मासिक बजट भी इस बढ़ोतरी से प्रभावित होगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
कुल मिलाकर, 1 अप्रैल से Delhi-Meerut Expressway Toll Tax, NH-9 और ईपीई पर सफर करने के लिए आपको अपनी जेब थोड़ी ज्यादा ढीली करनी होगी। एनुअल फास्टैग पास में ₹75 की वृद्धि भी नियमित यात्रियों के लिए एक अतिरिक्त खर्च है। हालांकि, NHAI और सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा भविष्य के लिए 'पे-पर-यूज' मॉडल और फास्ट-ट्रैक टोलिंग सिस्टम जैसी जो योजनाएं बनाई जा रही हैं, वे लंबी अवधि में यात्रियों के समय और पैसे दोनों की बचत करने में कारगर साबित होंगी। यात्रा पर निकलने से पहले अपने फास्टैग का बैलेंस जरूर चेक कर लें ताकि टोल प्लाजा पर आपको दोगुना जुर्माना न भरना पड़े। 
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
सारांश (Summary): 1 अप्रैल 2026 से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, NH-9 और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर टोल दरें 5% तक बढ़ने जा रही हैं। इसके साथ ही एनुअल फास्टैग पास की कीमत भी ₹3,000 से बढ़कर ₹3,075 हो गई है। यह नई दरें 31 मार्च की मध्यरात्रि से लागू होंगी। कार चालकों को मेरठ तक के सफर के लिए अब ₹8 से ₹10 अतिरिक्त देने होंगे। हालांकि, सरकार जल्द ही 'पे-पर-यूज' मॉडल लागू करने की तैयारी कर रही है, जिसमें यात्रियों को केवल उतनी ही दूरी का टोल देना होगा, जितनी उन्होंने यात्रा की है, और वह भी बिना टोल प्लाजा पर रुके।
विज्ञापन
विज्ञापन