मेरठ, बुधवार। मेरठ की हापुड़ रोड स्थित अब्दुल्ला रेजीडेंसी कॉलोनी मंगलवार को उस वक्त सुर्खियों में आ गई, जब भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में आवास विकास परिषद का बुलडोजर गरजा। यह बड़ी कार्रवाई प्रदेश के ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेन्द्र तोमर की उस सनसनीखेज शिकायत के बाद हुई है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि इस कॉलोनी में हिंदू समाज के लोगों को भेदभाव के तहत प्लॉट नहीं दिए जा रहे हैं।READ ALSO:-मेरठ की 'अब्दुल्ला कॉलोनी' विवाद: 'हिंदुओं की नो एंट्री' के आरोपों पर गरमाई सियासत, राज्यमंत्री बोले- खामी मिली तो चलेगा बुलडोजर
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मंगलवार को हुई इस कार्रवाई में कॉलोनी की लगभग 300 वर्ग मीटर में बनी बाउंड्रीवॉल को जमींदोज कर दिया गया।
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मंत्री की शिकायत और प्रशासन का एक्शन
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कुछ दिनों पहले ही ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेन्द्र तोमर ने जिला प्रशासन से शिकायत की थी कि अब्दुल्ला रेजीडेंसी में एक विशेष समुदाय के लोगों को ही प्लॉट बेचे जा रहे हैं और हिंदुओं को मना किया जा रहा है। मामले की गंभीरता और सांप्रदायिक पहलू को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल एक तीन-सदस्यीय हाई-प्रोफाइल जांच टीम का गठन किया।
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इस टीम की कमान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर डॉ. दीक्षा जोशी को सौंपी गई है, जबकि सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी और आवास विकास के अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार को सदस्य बनाया गया है।
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नाप-जोख में सामने आया 300 मीटर का खेल
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मंत्री की शिकायत के बाद जब जांच टीम ने मंगलवार को मौके पर पहुंचकर कॉलोनी की पैमाइश (नाप-जोख) की, तो एक बड़ा खुलासा हुआ। अधिकारियों ने पाया कि कॉलोनी का नक्शा 22,000 वर्ग मीटर के लिए स्वीकृत था, लेकिन बिल्डर ने इससे लगभग 300 वर्ग मीटर अतिरिक्त जमीन पर कब्जा कर बाउंड्रीवॉल का निर्माण कर लिया था।
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इसी अवैध कब्जे को आधार बनाते हुए प्रशासन ने तत्काल बुलडोजर चलाने का आदेश दिया। आवास विकास के अधिशासी अभियंता आफताब अहमद ने बताया, "स्वीकृत मानचित्र से अधिक जमीन पर कब्जा पाया गया था, जिसे ध्वस्त किया गया है। अब बिल्डर को यह 300 मीटर जमीन छोड़कर ही अपनी बाउंड्री बनानी होगी।"
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8 बिंदुओं पर जारी है जांच, बिल्डर ने किया खंडन
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हालांकि बिल्डर ने प्रशासन के इन दावों और आरोपों को खारिज किया है। फिलहाल, प्रशासनिक टीम केवल अवैध कब्जे तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह जमीन की प्रकृति, मानचित्र की स्वीकृति और मंत्री द्वारा लगाए गए मूल आरोपों समेत कुल आठ बिंदुओं पर गहन जांच कर रही है। जांच पूरी होने तक अधिकारियों ने किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
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इस कार्रवाई के बाद शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। जहां प्रशासन इसे अवैध कब्जे पर की गई एक नियमित कार्रवाई बता रहा है, वहीं इसे मंत्री की शिकायत से जोड़कर भी देखा जा रहा है। अब सभी की निगाहें तीन-सदस्यीय टीम की अंतिम जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।
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