उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। मेरठ के प्रसिद्ध सर्राफा बाजार में एक कारोबारी का भारी नुकसान हुआ है, जब एक बंगाली कारीगर जेवरात बनाने के नाम पर दिया गया लाखों रुपये का सोना लेकर चंपत हो गया। कारीगर अपने पूरे परिवार के साथ गायब है और उसके घर तथा दुकान पर ताला लटका हुआ है। इस घटना के बाद से सराफा बाजार में हड़कंप मच गया है। एक बंगाली कारीगर का मेरठ में 39 लाख का सोना लेकर फरार होने का यह मामला पूरे व्यापारिक समुदाय में चर्चा और रोष का विषय बना हुआ है। पुलिस इस पूरे मामले की छानबीन में जुट गई है, जबकि व्यापारी संगठन ने गृहमंत्री अमित शाह से शिकायत करने की बात कही है।READ ALSO:-भारत टैक्सी: कैब सेक्टर में सबसे बड़ी क्रांति, सिर्फ ₹500 में बनें कंपनी के मालिक; 80% मुनाफे के साथ खत्म होगा विदेशी कंपनियों का 'कमीशन राज'
\r\n\r\n\r\n\r\n
क्या है पूरा मामला?
\r\n\r\nमेरठ के प्रमुख सराफा बाजार चौक में सौरभ रस्तोगी की 'न्यादरमल सुरेश चंद ज्वेलर्स' के नाम से एक फर्म है। व्यापार के चलन के अनुसार, वे अक्सर बाजार के कारीगरों से आर्डर पर आभूषण तैयार कराते हैं। सौरभ रस्तोगी ने बताया कि 3 फरवरी को उन्होंने सुभास पॉल नामक एक बंगाली कारीगर को जेवरात बनाने का आर्डर दिया था। सुभास पॉल (पुत्र चंद्रेश्वर पॉल) बाजार में 'दर्पण ओर्नामेंट' नाम की फर्म चलाता है। कारोबारी ने उसे लगभग 244 ग्राम सोना सौंपा था, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत करीब 39 लाख रुपये है। लेकिन, आभूषण बनाकर देने के बजाय कारीगर वह सारा सोना लेकर रफूचक्कर हो गया।
\r\n\r\n 
मेरठ में 39 लाख का सोना लेकर फरार: 14 फरवरी को देने थे जेवर
\r\n\r\nसौरभ रस्तोगी के अनुसार, 3 फरवरी को जब सुभास पॉल को सोना दिया गया था, तो दोनों के बीच यह तय हुआ था कि वह 14 फरवरी तक सभी जेवरात तैयार करके वापस लौटा देगा। चूंकि उसकी फर्म पक्की थी और वह पहले से काम कर रहा था, इसलिए कारोबारी ने उस पर भरोसा कर लिया। 14 फरवरी को जब सौरभ अपने जेवर लेने कारीगर की दुकान पर पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि दुकान पर ताला लगा है। आसपास के अन्य दुकानदारों से पूछताछ करने पर पता चला कि कारीगर की दुकान पिछले दो दिनों से बंद है। काफी इंतजार करने के बाद भी जब कारीगर नहीं लौटा, तो पीड़ित ने घटना की सूचना अपने व्यापारी संगठन को दी।
\r\n\r\n\r\n\r\n
संगठन ने पुलिस से किया संपर्क
\r\n\r\nघटना की भनक लगते ही मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल तुरंत पीड़ित कारोबारी सौरभ रस्तोगी के पास पहुंचे। पूरे मामले की विस्तृत जानकारी लेने के बाद उन्होंने देहलीगेट थाने की पुलिस को मौके पर बुला लिया। पुलिस की टीम आरोपी कारीगर की दुकान पर पहुंची, लेकिन वहां सन्नाटा पसरा था और ताला लगा हुआ था। आरोपी के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन वह भी स्विच ऑफ बता रहा था। प्राथमिक जानकारी जुटाने के बाद पुलिस वहां से लौट गई।
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
पुलिस ने मांगा सोने से जुड़ा ब्यौरा
\r\n\r\nइसके बाद, पीड़ित सराफ सौरभ रस्तोगी कुछ अन्य लोगों के साथ देहलीगेट थाने पहुंचे और पुलिस को लिखित तहरीर दी। पुलिस ने कार्रवाई तो शुरू की, लेकिन इस मामले में तत्काल केस दर्ज करने से मना कर दिया। पुलिस का कहना था कि कारोबारी ने सोने से जुड़ा पूरा ब्यौरा (बिल और कागजात) तहरीर के साथ संलग्न नहीं किया है। अब व्यापारी संगठन ने तय किया है कि वे शुक्रवार को सोने से जुड़े सभी आवश्यक कागजातों के साथ पीड़ित सराफ को लेकर देहलीगेट थाना पुलिस से मिलेंगे, ताकि आगे की उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके।
\r\n\r\n\r\n\r\n
बंगाल में राष्ट्रपति शासन की मांग
\r\n\r\nइस घटना को लेकर मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि सराफा कारोबारी बंगाली कारीगरों पर भरोसा करके उन्हें अपना कीमती सोना देते हैं, लेकिन ये कारीगर अक्सर दगा देकर भाग जाते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब यूपी पुलिस ऐसे मामलों की जांच के लिए पश्चिम बंगाल जाती है, तो वहां की स्थानीय पुलिस बिल्कुल सहयोग नहीं करती, जिससे एफआईआर (FIR) दर्ज होने के बाद भी व्यापारियों को न्याय नहीं मिल पाता है। इसी समस्या को देखते हुए उन्होंने बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग उठाई है। साथ ही, उन्होंने कहा है कि वे जल्द ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर इस गंभीर मुद्दे को उनके समक्ष उठाएंगे।
\r\n\r\n\r\n\r\n
मेरठ के सर्राफा बाजार में हुई यह घटना व्यापारियों की सुरक्षा और एक-दूसरे पर किए जाने वाले विश्वास पर बड़ा आघात है। एक कारीगर का मेरठ में 39 लाख का सोना लेकर फरार हो जाना सराफा कारोबारियों के लिए एक चेतावनी भी है कि बिना पुख्ता सुरक्षा और कागजी कार्रवाई के बड़ा जोखिम न लें। इससे न केवल एक कारोबारी का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, बल्कि बाजार में दहशत का माहौल भी है। अब सभी की निगाहें देहलीगेट पुलिस की आगे की जांच और व्यापारी संगठन द्वारा उठवाए जाने वाले अगले कदमों पर टिकी हैं। उम्मीद है कि जल्द ही पुलिस इस मामले का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार करेगी।
Sabse pehle comment karne wale banein.