उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। अलीगंज इलाके में सोमवार दोपहर हुए लखनऊ कोचिंग अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एक कोचिंग सेंटर की बिल्डिंग में आग लगने से 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 9 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इस भीषण हादसे के बाद राज्य सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र शुक्ला समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। (Internal link to related article) आइए, इस पूरे घटनाक्रम और इसके पीछे की आपराधिक लापरवाही को विस्तार से जानते हैं।READ ALSO:-बिजनौर में 'रफ्तार, शोर और गुरूर' का खूनी अंजाम: शादी के 'भात' में डीजे की धुन पर चलीं गोलियां, खुशियों के आंगन में मची मौत की भगदड़; आरोपी गिरफ्तार
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कैसे हुआ यह भीषण लखनऊ कोचिंग अग्निकांड?
\r\n\r\nपुलिस और फायर ब्रिगेड की शुरुआती जांच के मुताबिक, यह खौफनाक घटना सोमवार, 22 जून को दोपहर करीब 2:30 बजे हुई। अलीगंज इलाके में स्थित इस बिल्डिंग में नीचे एक पेट शॉप और क्लीनिक चल रहा था, जबकि ऊपर रामेश्वरम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट कॉलेज की कोचिंग क्लासेज चल रही थीं।
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अचानक ग्राउंड फ्लोर पर लगे एसी (AC) में जोरदार ब्लास्ट हुआ और आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी बिल्डिंग और सभी कमरों में भारी मात्रा में जहरीला धुआं भर गया। धुएं और आग की वजह से दम घुटने और झुलसने से 15 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर की उम्र 20 से 30 साल के बीच थी।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\nथाना-अलीगंज क्षेत्रान्तर्गत स्थित एक कॉम्पलेक्स में आग लग जाने की दुखद घटना के सम्बंध में @LoJcp द्वारा दी गयी बाईट।@Uppolice @dgpup pic.twitter.com/kj6eatG0de
\r\n— LUCKNOW POLICE (@lkopolice) June 23, 2026
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बचाव कार्य में हुई देरी और लापरवाही
\r\n\r\nप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के करीब 40 मिनट बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। बिल्डिंग में आपात स्थिति में बाहर निकलने का कोई रास्ता (Emergency Exit) नहीं था और धुआं बाहर निकलने की भी कोई वेंटिलेशन व्यवस्था नहीं थी। सबसे बड़ी लापरवाही यह थी कि छत का दरवाजा भी बाहर से बंद था, जिसके कारण छात्र चाहकर भी अपनी जान नहीं बचा सके। जान बचाने की जद्दोजहद में कुछ लोग बिल्डिंग से नीचे कूद पड़े, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। एसडीआरएफ (SDRF) और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों को दीवारें तोड़कर शवों को बाहर निकालने में पूरे 7 घंटे का लंबा समय लगा। (External link: source URL)
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अवैध थी बिल्डिंग, 10 साल पहले रद्द हुआ था ध्वस्तीकरण का आदेश
\r\n\r\nइस लखनऊ कोचिंग अग्निकांड ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के भ्रष्टाचार और घोर लापरवाही की पोल खोलकर रख दी है। जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि जिस बिल्डिंग में आग लगी, वह पूरी तरह से अवैध थी।
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बिल्डिंग का इतिहास और एलडीए की भूमिका:
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- \r\n 1980 में आवंटन: इस जमीन को 11 जुलाई 1980 को लॉटरी के जरिए विजय कुमार को आवंटित किया गया था। 4 नवंबर 1980 को उन्हें कब्जा सौंपा गया।\r\n \r\n
- \r\n 2013 में बिक्री: 19 जनवरी 2013 को यह संपत्ति वीरेंद्र प्रताप शुक्ला और सुरेंद्र प्रताप शुक्ला को बेची गई।\r\n \r\n
- \r\n 2014 में नक्शा पास: 7 अगस्त 2014 को एलडीए ने नए मालिकों के नाम जमीन की और 20 अगस्त 2014 को 1992 वर्गफुट क्षेत्रफल वाली इस इमारत का नक्शा केवल 'आवासीय उपयोग' (Residential Use) के लिए पास किया गया।\r\n \r\n
- \r\n 2016 में ध्वस्तीकरण आदेश: बाद में प्राधिकरण को पता चला कि यहां कमर्शियल निर्माण नियमों के खिलाफ किया गया है। 10 मई 2016 को अवैध निर्माण हटाने के लिए ध्वस्तीकरण (Demolition) का आदेश जारी हुआ।\r\n \r\n
- \r\n आदेश रद्द: हैरत की बात यह है कि मात्र दो महीने के भीतर 5 जुलाई 2016 को यह ध्वस्तीकरण आदेश रहस्यमय तरीके से रद्द कर दिया गया।\r\n \r\n
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अब एलडीए के वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया है कि बिल्डिंग मालिक को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा गया है और जल्द ही इस अवैध बिल्डिंग पर बुलडोजर चलेगा। इस मामले में एलडीए के 4 अफसर सस्पेंड कर दिए गए हैं और 16 अन्य अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है।
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पुलिस की कार्रवाई और एफआईआर (FIR) के मुख्य बिंदु
\r\n\r\nइस भीषण लखनऊ कोचिंग अग्निकांड के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस ने बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र शुक्ला, तुषाक कृष्ण जायसवाल, पेट शॉप मालिक रामकृष्ण उपाध्याय, सुरेश कुमार और अन्य के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर 4 लोगों को गिरफ्तार किया है।
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थाना प्रभारी द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में निम्नलिखित बातें स्पष्ट रूप से बताई गई हैं:
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- \r\n बिल्डिंग में फायर सेफ्टी (Fire Safety) की कोई व्यवस्था नहीं थी।\r\n \r\n
- \r\n आपात स्थिति में बाहर निकलने का कोई अलग रास्ता (Emergency Exit) नहीं था।\r\n \r\n
- \r\n एसी के आउटडोर यूनिट्स और भारी बिजली के उपकरण बेहद असुरक्षित तरीके से अंदर ही लगाए गए थे।\r\n \r\n
- \r\n बिल्डिंग के मालिक और मैनेजर इस बात को भली-भांति जानते थे कि ऐसी लापरवाही से लोगों की जान जा सकती है, इसके बावजूद उन्होंने सुरक्षा नियमों की अनदेखी की।\r\n \r\n
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पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 6 पर FIR और 4 आरोपी गिरफ्तार
\r\n\r\nलखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए अग्निकांड मामले में पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अलीगंज पुलिस ने 6 नामजद और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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इन धाराओं में दर्ज हुआ केस पुलिस द्वारा आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम के तहत गंभीर मामले दर्ज किए गए हैं:
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- \r\n BNS की धाराएं: 110, 105, 125, 3(5)\r\n \r\n
- \r\n उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम: धारा 6/10\r\n \r\n
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गिरफ्तार किए गए 4 आरोपियों का विवरण:
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- \r\n रामकृष्ण उपाध्याय (उम्र- 43 वर्ष)\r\n\r\n
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- \r\n पता: एमएम-232, सेक्टर-डी, अलीगंज, शिव मंदिर के पास, लखनऊ।\r\n \r\n
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- \r\n वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (उम्र- 62 वर्ष)\r\n\r\n
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- \r\n पिता: रामेश्वर प्रसाद शुक्ला\r\n \r\n
- \r\n पता: 536/265A, मदेयगंज, बड़ा दुर्गा मंदिर के पास, सीतापुर रोड, लखनऊ।\r\n \r\n
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- \r\n तूशॉक कृष्णा जायसवाल (उम्र- 31 वर्ष)\r\n\r\n
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- \r\n पिता: स्व. कृष्ण कुमार जायसवाल\r\n \r\n
- \r\n पता: 441 RN/69/3, नीलकंठ हॉस्पिटल लेन, बालागंज, थाना ठाकुरगंज, लखनऊ।\r\n \r\n
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- \r\n सुरेश कुमार साहू\r\n\r\n
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- \r\n पिता: राम अभिलाष\r\n \r\n
- \r\n पता: 837B/5/123A, केशवनगर, थाना मड़ियांव, लखनऊ।\r\n \r\n
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सीएम योगी का सख्त एक्शन और SIT का गठन
\r\n\r\nमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर मृतकों के परिजनों और घायलों से मुलाकात की। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि इस लखनऊ कोचिंग अग्निकांड में जिम्मेदार किसी भी अधिकारी या व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
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मुख्यमंत्री ने तत्काल एक उच्च स्तरीय दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इस SIT में आईपीएस प्रवीण कुमार (एडीजी लखनऊ जोन) और आईएएस अमृत अभिजात (अपर मुख्य सचिव) शामिल हैं। टीम ने मंगलवार सुबह 11 बजे घटनास्थल का मुआयना किया और फोरेंसिक टीम के साथ साक्ष्य जुटाए। सरकार ने सात दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने और जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं।
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इसके अलावा, रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह भी देर रात दिल्ली से लखनऊ पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। उधर, एलडीए वीसी ने भी अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय आंतरिक जांच समिति गठित की है।
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राजनेताओं की प्रतिक्रिया: हाई लेवल जांच की मांग
\r\n\r\nइस दर्दनाक हादसे के बाद राजनीतिक गलियारों में भी शोक और आक्रोश की लहर है।
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- \r\n अवधेश प्रसाद (सपा सांसद, अयोध्या): "यह बहुत दुखद घटना है। सरकार से मांग करता हूँ कि पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए। इस घटना की हाई लेवल जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई हो कि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो।"\r\n \r\n
- \r\n इमरान मसूद (कांग्रेस सांसद): "बेहद दुखद घटना है। जिन बच्चों के मां-बाप ने अपने बच्चों को मौत के मुंह में देखा, उनके दुख की हम कल्पना भी नहीं कर सकते। दिल्ली के कोचिंग सेंटर हादसे की तरह यहां भी कोचिंग संचालकों को अपने सुरक्षा मानदंडों पर काम करना चाहिए था।"\r\n \r\n
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दर्दनाक मंजर: 15 जिंदगियां खाक (मृतकों की सूची)
\r\n\r\n7 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शवों को बाहर निकाला गया। पोस्टमॉर्टम हाउस का नजारा बेहद हृदयविदारक था। शवों का 7 घंटे तक पोस्टमॉर्टम चला। जब पश्चिम बंगाल की 30 वर्षीय अनामिका का शव पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचा, तो उनकी मां अपनी बेटी को इस हाल में देखकर बेहोश हो गईं। मृतकों में उत्तर प्रदेश के 11, पश्चिम बंगाल के 2, मध्य प्रदेश और हरियाणा के 1-1 लोग शामिल हैं।
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लखनऊ कोचिंग अग्निकांड में जान गंवाने वालों की सूची:
\r\n\r\n| \r\n क्र. सं. \r\n | \r\n \r\n नाम \r\n | \r\n \r\n उम्र \r\n | \r\n \r\n जिला/राज्य \r\n | \r\n
|---|---|---|---|
| \r\n 1 \r\n | \r\n \r\n सागर \r\n | \r\n \r\n 28 \r\n | \r\n \r\n लखनऊ \r\n | \r\n
| \r\n 2 \r\n | \r\n \r\n नीलेश \r\n | \r\n \r\n 21 \r\n | \r\n \r\n लखनऊ \r\n | \r\n
| \r\n 3 \r\n | \r\n \r\n अनामिका \r\n | \r\n \r\n 30 \r\n | \r\n \r\n पश्चिम बंगाल \r\n | \r\n
| \r\n 4 \r\n | \r\n \r\n अब्दुल रहमान \r\n | \r\n \r\n 22 \r\n | \r\n \r\n लखनऊ \r\n | \r\n
| \r\n 5 \r\n | \r\n \r\n मोहम्मद अम्मार \r\n | \r\n \r\n 24 \r\n | \r\n \r\n बाराबंकी \r\n | \r\n
| \r\n 6 \r\n | \r\n \r\n आदित्य श्रीवास्तव \r\n | \r\n \r\n 24 \r\n | \r\n \r\n लखनऊ \r\n | \r\n
| \r\n 7 \r\n | \r\n \r\n जैनी चक्रवर्ती \r\n | \r\n \r\n 25 \r\n | \r\n \r\n मध्य प्रदेश \r\n | \r\n
| \r\n 8 \r\n | \r\n \r\n ज्योति \r\n | \r\n \r\n 25 \r\n | \r\n \r\n लखनऊ \r\n | \r\n
| \r\n 9 \r\n | \r\n \r\n संयम \r\n | \r\n \r\n 27 \r\n | \r\n \r\n कानपुर \r\n | \r\n
| \r\n 10 \r\n | \r\n \r\n शहजान सिद्दीकी \r\n | \r\n \r\n 18 \r\n | \r\n \r\n लखनऊ \r\n | \r\n
| \r\n 11 \r\n | \r\n \r\n सौमाल्या बेरा \r\n | \r\n \r\n 24 \r\n | \r\n \r\n पश्चिम बंगाल \r\n | \r\n
| \r\n 12 \r\n | \r\n \r\n सुखमणि सिंह \r\n | \r\n \r\n 23 \r\n | \r\n \r\n लखनऊ \r\n | \r\n
| \r\n 13 \r\n | \r\n \r\n अनुष्का \r\n | \r\n \r\n 24 \r\n | \r\n \r\n लखनऊ \r\n | \r\n
| \r\n 14 \r\n | \r\n \r\n भविष्य \r\n | \r\n \r\n 25 \r\n | \r\n \r\n हरियाणा \r\n | \r\n
| \r\n 15 \r\n | \r\n \r\n सूरज \r\n | \r\n \r\n 28 \r\n | \r\n \r\n कानपुर \r\n | \r\n
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यह लखनऊ कोचिंग अग्निकांड सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम के भ्रष्टाचार और नियमों की अनदेखी के कारण हुई एक 'संस्थागत हत्या' है। 15 मासूम युवाओं ने अपने सुनहरे भविष्य के सपने संजोए थे, जो एक बंद इमारत के धुएं में हमेशा के लिए घुट कर रह गए। मुख्यमंत्री की सख्ती और एसआईटी (SIT) जांच से उम्मीद जगी है कि इस मामले में बिल्डिंग मालिक से लेकर एलडीए के भ्रष्ट अधिकारियों तक, सभी पर कड़ी कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई होगी। समय आ गया है कि पूरे प्रदेश में चल रही सभी कोचिंग संस्थाओं और कमर्शियल बिल्डिंग्स का कड़ाई से फायर सेफ्टी ऑडिट हो, ताकि भविष्य में ऐसी हृदयविदारक घटनाओं को रोका जा सके।
Sabse pehle comment karne wale banein.