मेटा के स्वामित्व वाले इंस्टाग्राम ने 14 अक्टूबर को एक ऐतिहासिक ऐलान करते हुए टीनएजर्स की ऑनलाइन सेफ्टी के लिए अब तक का सबसे बड़ा और सख्त कदम उठाया है। प्लेटफॉर्म ने घोषणा की है कि दुनिया भर के सभी टीनएज यूजर्स (18 वर्ष से कम) के अकाउंट अब ऑटोमैटिक रूप से PG-13 गाइडलाइन पर सेट कर दिए जाएंगे। इस बदलाव का सीधा मतलब है कि बच्चे अब ऐसा कोई भी कंटेंट नहीं देख पाएंगे जो उनकी उम्र के लिए अनुपयुक्त या हानिकारक हो सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किशोर अब इन सेटिंग्स को खुद से बदल या बंद नहीं कर पाएंगे; इसके लिए माता-पिता की अनुमति अनिवार्य होगी।READ ALSO:-Amazon Layoffs: AI क्रांति की भेंट चढ़ा HR विभाग, कंपनी के 15% कर्मचारियों की नौकरी खतरे में
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क्या है PG-13 नियम और कैसे बदलेगा एक्सपीरियंस? PG-13 नियम का मतलब है कि इंस्टाग्राम पर टीनएजर्स को अब वही कंटेंट अनुभव मिलेगा जो एक PG-13 (पेरेंटल गाइडेंस) रेटेड फिल्म में होता है। यानी, अत्यधिक बोल्ड, हिंसक, ग्राफिक या परेशान करने वाला कंटेंट उनकी फीड, एक्सप्लोर पेज और रील्स से स्वतः ही फिल्टर हो जाएगा।
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इस अपडेट के तहत ये बड़े बदलाव होंगे:
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    आपत्तिजनक कंटेंट ब्लॉक: सेक्सुअली सजेस्टिव कंटेंट, ग्राफिक हिंसा, गाली-गलौज वाले पोस्ट, खतरनाक स्टंट या ऐसे मैसेज जो जोखिम भरे व्यवहार को बढ़ावा देते हैं, अब टीनएजर्स की पहुंच से दूर होंगे।
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    खतरनाक अकाउंट्स पर प्रतिबंध: इंस्टाग्राम अब ऐसे अकाउंट्स की पहचान करेगा जो नियमित रूप से बच्चों के लिए अनुपयुक्त कंटेंट साझा करते हैं। यदि किसी अकाउंट का नाम, बायो या पोस्ट इस श्रेणी में आते हैं, तो टीनएजर्स उन्हें फॉलो ही नहीं कर पाएंगे। अगर वे पहले से ऐसे किसी अकाउंट को फॉलो कर रहे हैं, तो भी वे उनकी पोस्ट, मैसेज या कमेंट्स नहीं देख पाएंगे।
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    सर्च रिजल्ट पर सख्ती: मेटा ने पहले ही आत्महत्या, सेल्फ-हार्म या ईटिंग डिसऑर्डर जैसे संवेदनशील विषयों पर सर्च को ब्लॉक कर दिया था। अब इस लिस्ट में शराब (alcohol), खून-खराबा (gore) और अन्य एडल्ट कीवर्ड भी जोड़ दिए गए हैं। गलत स्पेलिंग के साथ सर्च करने पर भी रिजल्ट ब्लॉक रहेगा।
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माता-पिता को मिले नए अधिकार यह अपडेट माता-पिता को अपने बच्चों के डिजिटल जीवन में अधिक सकारात्मक भूमिका निभाने का अधिकार देता है:
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    पोस्ट फ्लैग करने की सुविधा: अब माता-पिता इंस्टाग्राम पर किसी भी ऐसी पोस्ट को फ्लैग या रिपोर्ट कर सकेंगे जो उन्हें अपने बच्चों के लिए असुरक्षित लगती है।
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    लिमिटेड कंटेंट मोड: इस नए मोड को एक्टिवेट करने पर बच्चों के अकाउंट पर कमेंट सेक्शन बंद हो जाएगा और कंटेंट फिल्टरिंग और भी सख्त हो जाएगी।
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दुनिया भर में कब होगा लागू? कंपनी के अनुसार, ये PG-13 नियम सबसे पहले अमेरिका, यूके, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में लागू किए गए हैं। इस साल के अंत तक इसे भारत समेत अन्य सभी देशों में रोलआउट कर दिया जाएगा। यह सेटिंग उन यूजर्स पर भी लागू होगी जो अपनी उम्र गलत बताकर 18+ प्रोफाइल चलाते हैं।
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एक्सपर्ट्स की मिली-जुली प्रतिक्रिया कई बाल सुरक्षा विशेषज्ञों ने मेटा के इस कदम की सराहना की है, वहीं 'फेयरप्ले' और 'पेरेंट्सटुगेदर' जैसे संगठनों ने इसे सिर्फ एक पीआर स्टंट बताते हुए कहा है कि कंपनी को घोषणाओं से आगे बढ़कर इन फीचर्स को व्यावहारिक रूप से प्रभावी बनाना होगा। हालांकि, कई एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह अपडेट माता-पिता और बच्चों के बीच डिजिटल सुरक्षा पर एक स्वस्थ बातचीत शुरू करने का एक बेहतरीन अवसर है।
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