नई दिल्ली। भारत में मौसम का मिजाज इस वक्त अपने सबसे चरम और विपरीत रूपों में नजर आ रहा है। एक तरफ जहां उत्तर और मध्य भारत के लोग अप्रैल के महीने में ही मई-जून जैसी चिलचिलाती और झुलसाने वाली गर्मी से बेहाल हैं, वहीं दूसरी तरफ पूर्वी और पहाड़ी राज्यों में कुदरत मेहरबान होने वाली है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, देश दो अलग-अलग मौसमी चक्रों का सामना कर रहा है।READ ALSO:-आसमान से बरस रही आग: यूपी के 60 जिलों में लू का 'रेड अलर्ट', हीट स्ट्रोक से कानपुर में गई जान; जानिए कब होगी बारिश?
\r\n\r\n\r\n\r\n
आगामी 3 से 4 दिनों तक दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में आसमान से आग बरसने वाली है और भीषण लू (Heatwave) का 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है। पारा 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। लेकिन, राहत की बात यह है कि 26 अप्रैल से एक बड़े मौसमी बदलाव की उम्मीद है, जो तपती धरती को ठंडी फुहारों से राहत देगा। आइए, इस विस्तृत रिपोर्ट में जानते हैं कि अगले एक हफ्ते आपके राज्य का मौसम कैसा रहेगा और इस साल मानसून की क्या स्थिति रहने वाली है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
उत्तर और मध्य भारत: भयंकर लू की चपेट में रहेंगे ये राज्य
\r\n\r\nउत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में सूरज के तल्ख तेवरों ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR): देश की राजधानी दिल्ली में भयंकर गर्मी ने लोगों का पसीना निकाल दिया है। मौसम विभाग का स्पष्ट अनुमान है कि दिल्ली में तापमान 41 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच ही बना रहेगा। 25 से 27 अप्रैल तक राजधानी और एनसीआर के इलाकों में भयंकर लू के साथ-साथ तेज गर्म हवाएं (Loo) चलेंगी। हालांकि, दिल्लीवासियों को 27 अप्रैल की शाम से कुछ राहत मिल सकती है, जब हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम में अचानक बदलाव आने की संभावना है।\r\n \r\n
- \r\n उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh): यूपी में अगले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी का कहर बरपेगा। राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने पश्चिमी और पूर्वी यूपी के दर्जनों जिलों में 24 से 27 अप्रैल तक लू का कड़ा अलर्ट जारी किया है। गर्मी से झुलस रहे यूपी वासियों को 28 तारीख से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। 28 से 30 अप्रैल के बीच पूरे प्रदेश में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है, जिससे पारे में गिरावट दर्ज की जाएगी।\r\n \r\n
- \r\n राजस्थान (Rajasthan): मरुस्थलीय राज्य राजस्थान में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। अप्रैल माह में ही पारा अपने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ रहा है। जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार, राज्य के कई जिलों में अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है। अगले 2 से 3 दिनों में पारा और बढ़ने के आसार हैं, जिससे लू का प्रकोप भीषण हो जाएगा। हालांकि, गर्मी के इस सितम के बीच मौसम विभाग ने जोधपुर संभाग और पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भीषण धूल भरी आंधी (Dust Storm) चलने के भी संकेत दिए हैं।\r\n \r\n
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश की चेतावनी
\r\n\r\nजहाँ उत्तर भारत तप रहा है, वहीं पूर्वी भारत में मौसम बिल्कुल अलग करवट ले रहा है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के टकराव के कारण यहाँ तूफानी हालात बन रहे हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल: इन तीन राज्यों में 25 से 28 अप्रैल के बीच मौसम का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने यहाँ तेज तूफानी हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया है।\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n बिहार में 24-25 अप्रैल को लू का असर रहेगा, लेकिन 26-27 अप्रैल को अचानक मौसम बदलेगा। पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और दरभंगा में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी और बारिश होगी।\r\n \r\n
- \r\n झारखंड में 26 अप्रैल को ओलावृष्टि (Hailstorm) होने की भी प्रबल संभावना है, जिससे किसानों की फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।\r\n \r\n
\r\n - \r\n
- \r\n पूर्वोत्तर राज्य (Northeast India): असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में इस पूरे सप्ताह व्यापक और भारी बारिश होने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर 'भारी से बहुत भारी बारिश' का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslide) का खतरा भी बढ़ सकता है।\r\n \r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
पहाड़ों पर सुकून: हिमाचल और उत्तराखंड में सुहाना हुआ मौसम
\r\n\r\nमैदानी इलाकों की भीषण गर्मी से बचने के लिए जो पर्यटक पहाड़ों का रुख कर रहे हैं, उनके लिए अच्छी खबर है। पहाड़ी राज्यों में मौसम सुहाना बना हुआ है और बारिश की फुहारें इसे और भी खुशनुमा बना देंगी।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n हिमाचल प्रदेश: IMD के अनुसार, हिमाचल में एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है। 25 अप्रैल को राज्य में कई जगहों पर हल्की बारिश होगी। वहीं, 28 से 30 अप्रैल के बीच शिमला, मनाली, धर्मशाला, मंडी और चंबा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर गरज-चमक के साथ मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है। सबसे बड़ी बात यह है कि ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी (Snowfall) की भी संभावना है।\r\n \r\n
- \r\n उत्तराखंड: देवभूमि उत्तराखंड के मैदानी इलाकों (जैसे देहरादून, हरिद्वार) में इन दिनों गर्मी परेशान कर रही है, लेकिन पहाड़ी इलाकों में मौसम बेहद सुहाना है। 24 से 30 अप्रैल के दौरान राज्य के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों (केदारनाथ, बद्रीनाथ आदि) में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।\r\n \r\n
\r\n\r\n
दक्षिण और पश्चिम भारत: प्री-मानसून की दस्तक
\r\n\r\nदक्षिण भारत में मानसून से पहले की गतिविधियां (Pre-Monsoon Showers) तेज होने लगी हैं। मौसम विभाग की मानें तो एक कमजोर एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक के ऊपर बना हुआ है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n 27 अप्रैल से 2 मई के बीच दक्षिण भारत में एक मौसमी ट्रफ सक्रिय होगा, जिससे आंधी-तूफान की गतिविधियां बढ़ेंगी।\r\n \r\n
- \r\n अगले 2 दिनों के दौरान केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, मराठवाड़ा, महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ हिस्सों में अचानक बारिश होने की संभावना है। हालांकि, तटीय क्षेत्रों को छोड़कर अधिकांश भीतरी इलाकों में लू और उमस लोगों को परेशान करती रहेगी।\r\n \r\n
\r\n\r\n
एक नजर में: किस राज्य में कैसा रहेगा मौसम?
\r\n\r\n| \r\n क्षेत्र / राज्य \r\n | \r\n \r\n मौसम का अनुमान \r\n | \r\n \r\n मुख्य अलर्ट \r\n | \r\n
| \r\n दिल्ली व एनसीआर \r\n | \r\n \r\n 41-44°C तापमान, 27 अप्रैल से हल्की बारिश। \r\n | \r\n \r\n भीषण लू का रेड अलर्ट। \r\n | \r\n
| \r\n उत्तर प्रदेश \r\n | \r\n \r\n 24-27 अप्रैल तक लू, 28-30 अप्रैल तक बारिश। \r\n | \r\n \r\n हीटवेव और उमस। \r\n | \r\n
| \r\n राजस्थान \r\n | \r\n \r\n पारा 42°C के पार, रेतीली आंधी की संभावना। \r\n | \r\n \r\n हीटवेव और डस्ट स्टॉर्म। \r\n | \r\n
| \r\n बिहार व झारखंड \r\n | \r\n \r\n 26-27 अप्रैल को 50-70 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी-बारिश। \r\n | \r\n \r\n भारी आंधी और ओलावृष्टि अलर्ट। \r\n | \r\n
| \r\n हिमाचल व उत्तराखंड \r\n | \r\n \r\n 28-30 अप्रैल के बीच बारिश और तेज हवाएं। \r\n | \r\n \r\n ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी। \r\n | \r\n
| \r\n पूर्वोत्तर भारत \r\n | \r\n \r\n असम, मेघालय, अरुणाचल में लगातार बारिश। \r\n | \r\n \r\n भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट। \r\n | \r\n
कब आएगा मानसून? (Monsoon 2026 Forecast)
\r\n\r\nचिलचिलाती गर्मी के बीच हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है कि इस साल मानसून (Monsoon) कब दस्तक देगा?
\r\n\r\nमौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि दक्षिण भारत और तटीय इलाकों में 'प्री-मानसून' (Pre-Monsoon) गतिविधियां जल्द ही पूरी तरह से दस्तक दे सकती हैं। मुख्य मानसून जून महीने के पहले सप्ताह के दौरान केरल के तट पर एंट्री कर सकता है। हालांकि, शुरुआती दौर में मानसून की गति थोड़ी धीमी रहने का अनुमान है और अत्यधिक भारी बारिश की संभावना कम है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
माना जा रहा है कि जून के महीने में भी उत्तर-पश्चिम भारत (दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान) में भीषण लू और गर्म हवाएं अपना असर दिखाती रहेंगी। लेकिन दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने से मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा। अल-नीनो (El Nino) प्रभाव के कारण इस साल कुल मानसूनी बारिश सामान्य से थोड़ी कम रहने के आसार जताए गए हैं। ऐसे में जल संरक्षण और गर्मी से बचाव के उपाय करना बेहद जरूरी हो गया है।
Sabse pehle comment karne wale banein.