मार्च का महीना आमतौर पर वसंत ऋतु की सुहावनी हवाओं और सर्दियों की विदाई के लिए जाना जाता है। लेकिन इस साल मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदला हुआ नजर आ रहा है। उत्तर भारत से लेकर पूर्वी भारत तक हर तरफ बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और भयानक तूफान अपना कहर बरपा रहे हैं। इसी बीच, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक नया और बेहद गंभीर IMD Weather Alert जारी किया है। इस अलर्ट के तहत कल यानी 21 मार्च 2026 को एक बार फिर से उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, बिहार और महाराष्ट्र सहित देश के 17 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का कहर देखने को मिलेगा।READ ALSO:-RLD प्रमुख जयंत चौधरी को 'MP5' से भूनने की धमकी: सरकारी टूर लीक कर रची गई हत्या की साजिश, कोठी के बाहर दिखी संदिग्ध काली फिल्म वाली गाड़ी
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यह मौसमी बदलाव केवल सामान्य बारिश तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं, भयंकर बिजली कड़कने और कई इलाकों में भारी ओलावृष्टि (Hailstorm) की चेतावनी भी दी गई है। इस अचानक आए मौसमी बदलाव ने जहां एक तरफ आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं खेतों में खड़ी रबी की फसलों के लिए यह एक बड़ा संकट बनकर उभरा है। इस विस्तृत समाचार रिपोर्ट में हम मौसम विभाग की इस चेतावनी का राज्यवार विश्लेषण करेंगे, जानेंगे कि किन शहरों में सबसे ज्यादा खतरा है, और इस बेमौसम बरसात से बचने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।
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देश के 17 राज्यों में बारिश-तूफान का महा-अलर्ट (Mega Alert for 17 States)

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मौसम विभाग (IMD) के ताज़ा रडार और सैटेलाइट इमेजरी के अनुसार, एक बेहद मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) हिमालयी क्षेत्रों के ऊपर सक्रिय हो गया है। इसके प्रभाव से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी युक्त हवाएं मैदानी इलाकों में एक खतरनाक मौसमी चक्र बना रही हैं।
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IMD Weather Alert के अनुसार, 21 मार्च को विशेष रूप से दिल्ली, यूपी, और हरियाणा में भारी बारिश और तूफान का 'ऑरेंज अलर्ट' (Orange Alert) जारी किया गया है। इस दौरान घने काले बादल छाए रहने के साथ-साथ आकाशीय बिजली गिरने (Lightning strikes) की भी गंभीर चेतावनी जारी की गई है। नागरिकों को बेवजह घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है, क्योंकि तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और बिजली के तार टूटने का खतरा बहुत अधिक है।
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उत्तर प्रदेश में कल कैसा रहेगा मौसम? (Weather Forecast for Uttar Pradesh)

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उत्तर प्रदेश, जो भारत का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है, वहां इस मौसमी बदलाव का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। आईएमडी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 21 मार्च को तेज बारिश और आंधी की सख्त चेतावनी है।
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प्रभावित होने वाले प्रमुख जिले: मौसम विभाग ने विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल) के लिए अलर्ट जारी किया है। गोरखपुर, बलरामपुर, बलिया, मऊ, देवरिया, आजमगढ़, बस्ती, संतकबीरनगर, और सिद्धार्थनगर में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
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हवा की रफ्तार और तापमान: इस दौरान पूरे क्षेत्र में 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। यह आंधी कच्चे मकानों, टीन शेड और होर्डिंग्स के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। राजधानी लखनऊ की बात करें तो कल लखनऊ में अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। तापमान में यह गिरावट लोगों को एक बार फिर से हल्की ठंड का अहसास कराएगी।
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दिल्ली-NCR में कल का मौसम: आंधी और बारिश का कहर (Delhi Weather Forecast)

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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी कल यानी 21 मार्च को मौसम के पूरी तरह से बिगड़ने की प्रबल संभावना है।
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प्रभावित इलाके: IMD के अनुसार, सुबह के समय से ही तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू होने की संभावना है। हवा की रफ्तार 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। मौसम विभाग ने दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों जैसे आनंद विहार, लक्ष्मी नगर, आईटीओ (ITO), लाजपत नगर, करोल बाग, राजीव चौक और राजघाट में जोरदार बारिश की चेतावनी जारी की है।
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तापमान का हाल: इस झमाझम बारिश से दिल्ली के तापमान में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिलेगी। कल दिल्ली में अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किए जाने का अनुमान है। लोगों को सुबह दफ्तर जाते समय वॉटरलॉगिंग (जलभराव) और ट्रैफिक जाम जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। 
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पूर्वी और मध्य भारत में भारी तबाही की आशंका (Central and East India Alert)

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पश्चिमी विक्षोभ का असर केवल उत्तर भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूर्वी और मध्य भारत में भी भारी तबाही मचाने को तैयार है।
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ओलावृष्टि (Hailstorm) की चेतावनी: मौसम विभाग के मुताबिक 21 मार्च को मध्य प्रदेश, विदर्भ (महाराष्ट्र), छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड के कई हिस्सों में भारी ओलावृष्टि (ओले गिरने) की प्रबल संभावना है। रबी की फसलों (जैसे गेहूं, चना, सरसों) के लिए यह ओलावृष्टि किसी काल से कम नहीं है।
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तूफानी हवाएं: 21 मार्च को झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार, और ओडिशा में तेज बारिश-तूफान की चेतावनी है। सबसे डराने वाली बात यह है कि इस दौरान इन राज्यों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा के झोंके (Gusty winds) चलने की संभावना है। IMD के अनुसार, 21 मार्च को गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल (Gangetic West Bengal) में भी कुछ स्थानों पर भयंकर गरज के साथ आंधी आने की संभावना है। अगले 2-3 दिनों के दौरान इस पूरे क्षेत्र में ऐसा ही खराब मौसम बना रहेगा।
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बिहार में कल कैसा रहेगा मौसम? (Weather in Bihar)

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IMD के अनुसार, बिहार में कल (21 मार्च) मूसलाधार बारिश और आंधी का 'रेड अलर्ट' जैसी स्थिति बनी हुई है।
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अलर्ट वाले जिले: मौसम विभाग ने बिहार के सीमांचल और उत्तरी हिस्सों जैसे किशनगंज, कटिहार, औरंगाबाद, पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर, सहरसा, मधेपुरा, वैशाली, सिवान, सारण और गोपालगंज में भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इन इलाकों में किसानों को अपनी कटी हुई फसलों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है।
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तापमान: राजधानी पटना में बादलों की आवाजाही के बीच अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहेगा। तेज हवाओं के कारण यहां भी ठिठुरन महसूस की जा सकती है।
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पहाड़ी राज्यों का हाल: उत्तराखंड और हिमाचल में बर्फबारी (Uttarakhand and Himachal Pradesh)

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पहाड़ी राज्यों में इस मौसमी बदलाव का असर बर्फबारी और भूस्खलन के रूप में देखने को मिलेगा। IMD के अनुसार, 23 से 26 मार्च तक हिमाचल प्रदेश और 23 मार्च को उत्तराखंड में हल्की से मध्यम वर्षा और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी (Snowfall) की संभावना है।
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उत्तराखंड का मौसम: आईएमडी के मुताबिक उत्तराखंड में 21 मार्च को भारी बारिश और तेज हवा की चेतावनी जारी की गई है। कुमाऊं और गढ़वाल दोनों मंडलों के नैनीताल, देहरादून, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, और चंपावत में बारिश का अलर्ट है। देहरादून में कल अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रहेगा।
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हिमाचल प्रदेश का हाल: हिमाचल प्रदेश में 21 मार्च को भारी बारिश और तेज हवा का अलर्ट जारी किया गया है। कुल्लू, मंडी, चंबा, बिलासपुर, मनाली और किन्नौर में भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट है। पर्यटकों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है क्योंकि कल मनाली में अधिकतम तापमान 0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान शून्य से 8 डिग्री नीचे (माइनस 8 डिग्री सेल्सियस) गोता लगा जाएगा। इतनी भयंकर ठंड में यात्रा करना खतरनाक हो सकता है।
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हरियाणा और पंजाब में मौसम का मिजाज (Haryana and Punjab Weather)

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कृषि प्रधान राज्य हरियाणा में भी 21 मार्च को तेज बारिश और तूफान की चेतावनी जारी की गई है। IMD ने एनसीआर से सटे और राज्य के आंतरिक हिस्सों जैसे गुरुग्राम, रोहतक, जींद, करनाल, कैथल, कुरुक्षेत्र, और अंबाला में बारिश की भारी आशंका जताई है। इन इलाकों में गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार खड़ी है, जिस पर इस बारिश का सीधा और नकारात्मक असर पड़ेगा। राजधानी चंडीगढ़ में कल अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
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राजस्थान: रेगिस्तान में भी बारिश का अलर्ट (Rajasthan Weather Forecast)

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आमतौर पर सूखे रहने वाले राजस्थान में भी मौसम का मिजाज काफी आक्रामक नजर आ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक राजस्थान में कल 21 मार्च को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
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प्रभावित जिले: IMD के अनुसार, पूर्वी और मध्य राजस्थान के जयपुर, झुंझुनू, अलवर, करौली, टोंक, भीलवाड़ा, अजमेर, चित्तौरगढ़, कोटा और बारां में बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। पिंक सिटी जयपुर में कल अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहेगा। 
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दक्षिण और पश्चिमी भारत में कैसा रहेगा कल का मौसम? (South and West India)

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दक्षिण भारत (South India): आईएमडी के अनुसार, दक्षिण प्रायद्वीप में भी मौसम करवट ले रहा है। 21 से 22 मार्च के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में झमाझम बारिश होगी। वहीं, 21 मार्च को रायलसीमा में भी बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा तेलंगाना, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल और माहे में 21 मार्च को आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल संभावना है। दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 21, 22 और 24 मार्च को भी खराब मौसम का अलर्ट है।
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पश्चिमी भारत (West India): महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी बेमौसम बारिश का कहर जारी रहेगा। मध्य महाराष्ट्र में 20, 23 और 24 मार्च को बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा सूखाग्रस्त माने जाने वाले मराठवाड़ा क्षेत्र में 20, 21, 23 और 24 मार्च को छिटपुट से लेकर हल्की/मध्यम वर्षा, गरज, बिजली और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। किसानों के लिए यह बारिश प्याज और अंगूर की खेती के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।
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बेमौसम बारिश का कृषि पर विनाशकारी प्रभाव (Impact on Agriculture)

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मार्च के महीने में होने वाली यह बेमौसम बारिश, आंधी और विशेषकर ओलावृष्टि भारतीय कृषि के लिए एक बहुत बड़ा झटका है।
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    गेहूं की फसल: उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में गेहूं की फसल इस समय दाना पकने की अवस्था में है। 50 से 70 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के कारण गेहूं की फसल खेतों में बिछ (गिर) सकती है, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट आती है।
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    सरसों और चना: मध्य प्रदेश और राजस्थान में सरसों और चने की कटाई चल रही है। ओलावृष्टि के कारण सरसों की फलियां टूट जाती हैं और दाने खेत में ही झड़ जाते हैं।
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    बागवानी (Horticulture): आम के पेड़ों पर इस समय बौर (फूल) आए हुए हैं। तेज आंधी और बारिश के कारण ये बौर झड़ जाएंगे, जिससे इस साल आम के उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा और गर्मियों में आम की कीमतें आसमान छू सकती हैं।
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सुरक्षा के लिए क्या सावधानियां बरतें? (Health and Safety Precautions)

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इस IMD Weather Alert को गंभीरता से लेते हुए नागरिकों को निम्नलिखित सावधानियां बरतनी चाहिए:
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    बिजली कड़कने के दौरान: जब आसमान में बिजली कड़क रही हो, तो कभी भी पेड़ों के नीचे या खुले मैदान में खड़े न हों। तुरंत किसी पक्की छत वाले घर या कार के अंदर शरण लें।
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    यात्रा से बचें: जब तक बहुत जरूरी न हो, पहाड़ी इलाकों (हिमाचल, उत्तराखंड) की यात्रा से बचें, क्योंकि भारी बारिश के कारण भूस्खलन (Landslides) का खतरा बहुत अधिक होता है।
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  • \r\n
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    किसानों के लिए सलाह: किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि वे कटी हुई फसल को तुरंत तिरपाल से ढक दें या सुरक्षित गोदामों में पहुंचा दें। खेतों में जलभराव न होने दें, इसके लिए पानी निकासी की उचित व्यवस्था करें।
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मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी प्रणाली को समझें

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कई बार लोग मौसम विभाग के अलर्ट्स को समझ नहीं पाते हैं। आईएमडी मुख्य रूप से तीन रंग के अलर्ट जारी करता है:
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    येलो अलर्ट (Yellow Alert): इसका मतलब है 'नजर रखें' (Watch)। मौसम खराब हो सकता है, इसलिए अपडेट्स लेते रहें।
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    ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert): इसका अर्थ है 'तैयार रहें' (Be Prepared)। मौसम खतरनाक हो सकता है और इसके कारण यातायात या बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है। (21 मार्च के लिए यूपी, दिल्ली आदि में यही अलर्ट है)।
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    रेड अलर्ट (Red Alert): इसका मतलब है 'कार्रवाई करें' (Take Action)। यह बेहद गंभीर मौसम की स्थिति को दर्शाता है जहां जान-माल का खतरा होता है।
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जलवायु परिवर्तन (Climate Change) और बेमौसम बरसात

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आखिर मार्च के महीने में इतनी भयंकर बारिश और ओलावृष्टि क्यों हो रही है? मौसम विज्ञानी और पर्यावरण विशेषज्ञ इसके पीछे मुख्य कारण वैश्विक 'जलवायु परिवर्तन' (Climate Change) को मानते हैं। ग्लोबल वार्मिंग के कारण पृथ्वी के तापमान का संतुलन बिगड़ गया है, जिसके परिणामस्वरूप 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbances) की तीव्रता और आवृत्ति में अप्रत्याशित बदलाव आ रहे हैं। प्रशांत महासागर में 'अल नीनो' (El Nino) और 'ला नीना' (La Nina) जैसी घटनाओं का सीधा असर अब भारतीय उपमहाद्वीप के मौसम चक्र पर दिखने लगा है। यदि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में ऐसी बेमौसम आपदाओं की संख्या और अधिक बढ़ सकती है।
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21 मार्च 2026 के लिए जारी किया गया यह IMD Weather Alert इस बात का स्पष्ट संकेत है कि प्रकृति के मिजाज को हल्के में नहीं लिया जा सकता। देश के 17 राज्यों में एक साथ बारिश, आंधी, तूफान और ओलावृष्टि की यह चेतावनी प्रशासन, किसानों और आम नागरिकों सभी के लिए एक बड़ी चुनौती है। दिल्ली, यूपी और बिहार जैसे घनी आबादी वाले राज्यों में 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं भारी तबाही मचा सकती हैं।
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ऐसे समय में यह बेहद जरूरी है कि हम मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें, बेवजह यात्रा करने से बचें और अपने आस-पास के कच्चे मकानों या कमजोर पेड़ों से दूरी बनाए रखें। इसके साथ ही, सरकार को भी किसानों को होने वाले संभावित नुकसान के आकलन और मुआवजे के लिए पहले से ही तैयारियां शुरू कर देनी चाहिए। प्रकृति की इस मार से बचना मुश्किल है, लेकिन सही जानकारी और सतर्कता से हम इसके नुकसान को काफी हद तक कम जरूर कर सकते हैं।
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सारांश (Summary): भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 21 मार्च 2026 के लिए एक गंभीर IMD Weather Alert जारी किया है, जिसके तहत दिल्ली, यूपी, हरियाणा, बिहार और महाराष्ट्र सहित 17 राज्यों में भारी बारिश, 30-70 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में जहां भारी बर्फबारी और शून्य से नीचे तापमान (-8°C) का अलर्ट है, वहीं मध्य और पूर्वी भारत में ओले गिरने से रबी की फसलों को भारी नुकसान की आशंका है। मौसम के इस आक्रामक रूप को देखते हुए नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और पहाड़ी यात्राओं से बचने की कड़ी सलाह दी गई है।
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