देशभर में इस साल हुई असाधारण भारी बारिश के बाद, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने नवंबर महीने के मौसम को लेकर बड़ी जानकारी दी है। IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि, उत्तर-पश्चिम, मध्य और पश्चिमी भारत के अधिकांश हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से कम रहने का अनुमान है, जबकि रातें सामान्य से अधिक गर्म रहने की संभावना है। यह दिलचस्प मौसमी बदलाव कमजोर ला नीना (La Niña) की स्थिति और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण हो रहा है।READ ALSO:-मेरठ में CM ग्रिड योजना को लगा 'ब्रेक': गढ़ रोड पुलिया का निर्माण बंद, गंगा स्नान के कारण ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ने पर निगम का फैसला
\r\n\r\n\r\n\r\n
कमजोर ला नीना और अक्टूबर का रिकॉर्ड
\r\n\r\nIMD ने इन असामान्य रुझानों के लिए मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर में बन रही कमजोर ला नीना की स्थिति को जिम्मेदार ठहराया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n ला नीना की स्थिति: कमजोर ला नीना की स्थिति दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 तक बनी रहने की उम्मीद है, जिसके बाद यह धीरे-धीरे तटस्थ अवस्था में परिवर्तित होने लगेगी।\r\n \r\n
- \r\n अक्टूबर का रिकॉर्ड: IMD के अनुसार, भारत में अक्टूबर पहले ही असाधारण रूप से आर्द्र रहा है, जहाँ 112.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से 49 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि चार निम्न-दाब सिस्टम और चार वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण हुई।\r\n \r\n
\r\n\r\n
ठंडे दिन, गर्म रातें और तापमान का हाल
\r\n\r\nIMD के पूर्वानुमान के अनुसार, नवंबर में मौसम का मिजाज काफी अलग रहने वाला है:
\r\n\r\n| \r\n क्षेत्र \r\n | \r\n \r\n दिन का तापमान (अधिकतम) \r\n | \r\n \r\n रात का तापमान (न्यूनतम) \r\n | \r\n
| \r\n उत्तर-पश्चिम, मध्य और पश्चिमी भारत \r\n | \r\n \r\n सामान्य से कम रहेगा (ठंडा दिन) \r\n | \r\n \r\n सामान्य से अधिक रहेगा (गर्म रात) \r\n | \r\n
| \r\n पश्चिमी हिमालय और पूर्वोत्तर भारत \r\n | \r\n \r\n सामान्य से अधिक रहने का अनुमान \r\n | \r\n \r\n | \r\n
| \r\n उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ इलाके \r\n | \r\n \r\n | \r\n \r\n सामान्य से थोड़ा कम रह सकता है \r\n | \r\n
अमेठी, बाराबंकी और झांसी में गुरुवार को अक्टूबर माह का सबसे कम अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया, जिससे कई स्थानों पर सर्दी का रिकॉर्ड टूट गया है।
\r\n\r\nवर्षा पूर्वानुमान: पूरे भारत में मिश्रित तस्वीर
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n सामान्य से अधिक वर्षा: IMD के मासिक पूर्वानुमान के मुताबिक, नवंबर में भारत के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है।\r\n \r\n
- \r\n सामान्य से कम वर्षा: उत्तर-पश्चिम भारत और दक्षिणी प्रायद्वीप में सामान्य से कम वर्षा होने का अनुमान है।\r\n \r\n
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
क्षेत्रीय अलर्ट और Montha का असर:
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n मध्य प्रदेश और बिहार: चक्रवात Montha का असर उत्तर-पश्चिम झारखंड और आसपास के इलाकों में बना हुआ है और यह बिहार की ओर बढ़ रहा है। 3 नवंबर से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तरी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है।\r\n \r\n
- \r\n राजस्थान: हाल के दिनों में लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा है। हालांकि, IMD ने 5 नवंबर से पश्चिमी राजस्थान में शुष्क मौसम का अनुमान लगाया है। तब तक, उदयपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।\r\n \r\n
- \r\n बंगाल की खाड़ी: दक्षिण म्यांमार तट और उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर एक और साइक्लोनिक सर्कुलेशन अगले 48 घंटों में एक नया निम्न दाब क्षेत्र उत्पन्न कर सकता है, जो मध्य और पूर्वी भारत में बारिश को और तेज कर सकता है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
किसानों के लिए चुनौती
\r\n\r\nमौसम विज्ञानियों का मानना है कि नवंबर मानसून के पीछे हटने और सर्दियों के आगमन के बीच की एक संक्रमणकालीन अवधि है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n लाभ: वर्षा आधारित इलाकों के किसानों को देर से होने वाली बारिश से लाभ हो सकता है।\r\n \r\n
- \r\n चुनौती: हालाँकि, लगातार बारिश से कुछ मध्य और उत्तरी जिलों में रबी की बुवाई में देरी हो सकती है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, नवंबर का महीना मानसून की वापसी और सर्दियों की शुरुआत के बीच एक 'संक्रमणकालीन अवधि' है। इस दौरान ला नीना और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ मिलकर मौसम के मिजाज को तय कर रहे हैं, जिससे रबी की बुवाई पर भी असर पड़ सकता है।
Sabse pehle comment karne wale banein.