इंसानियत शर्मसार! सुबह 9 बजे डांट, दोपहर 1 बजे कत्ल... बागपत में मौलाना की पत्नी-मासूम बेटियों को हथौड़े से कूंचा, फिर भीड़ में बहाते रहे घड़ियाली आंसू!
यूपी के बागपत में दहला देने वाली वारदात। पढ़ाई के लिए पिटाई का बदला लेने के लिए दो नाबालिग छात्रों ने मौलाना की पत्नी और दो मासूम बेटियों की हथौड़े से हत्या कर दी। पढ़ें पूरी खबर।
Published at : 12 Oct 2025, 05:37 AM
Updated at : 11 Sep 2026, 09:25 PM
Humanity Shamed Maulvi Kills Wife and Daughters with Hammer in Baghpat Then Pretends to Mourn
इससे भी ज्यादा खौफनाक यह है कि इस तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद, दोनों आरोपी मौके पर वापस लौटे और भीड़ में शामिल होकर घड़ियाली आंसू बहाते रहे और हंगामा करने का नाटक करते रहे।
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#baghpatpolice \r\nदिनांक 11.10.25 को ग्राम गांगनौली में 1 महिला व 2 बच्चों की हत्या की सूचना पर 7 टीमों का गठन किया गया। मात्र 6 घंटे में घटना का अनावरण करते हुए 2 बालअपचारियों को हिरासत मे लिया गया तथा उनकी निशानदेही पर हथौड़ा व छुरी बरामद।इस सम्बन्ध में SP बागपत की बाइट।@Uppolicepic.twitter.com/XAoTRyTYdL
यह दिल दहला देने वाली घटना बागपत के दोघट थाना क्षेत्र के गांगनोली गांव की है। यहां की मस्जिद में मुजफ्फरनगर निवासी मौलाना इब्राहिम मुफ्ती का काम करते थे और बच्चों को तालीम भी देते थे।
शनिवार, सुबह 9:00 बजे: मौलाना इब्राहिम ने मदरसे में पढ़ने वाले 14 और 15 साल के दो छात्रों को पढ़ाई को लेकर डांटा और उनकी पिटाई कर दी।
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सुबह 10:00 बजे: पिटाई के बाद, मौलाना एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सहारनपुर के देवबंद के लिए निकल गए।
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दोपहर 1:00 बजे: मौलाना के जाने के बाद, दोनों छात्र बदले की आग में जलते हुए मस्जिद की पहली मंजिल पर बने उनके कमरे में घुसे। वहां मौलाना की पत्नी इसराना (30) और उनकी दो बेटियां, सोफिया (5) और सुमैय्या (2), गहरी नींद में सो रही थीं।
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हत्याकांड: छात्रों ने कमरे में रखे हथौड़े से सोते हुए तीनों के सिर पर ताबड़तोड़ वार किए। जब उन्हें लगा कि वे मर चुके हैं, तो जिंदा बचने की कोई गुंजाइश न छोड़ने के लिए उन्होंने चाकू से तीनों के गले रेत दिए और शरीर को गोद दिया।
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दोपहर करीब 2 बजे जब नमाजी मस्जिद पहुंचे और मौलाना को आवाज लगाई, तो कोई जवाब नहीं मिला। ऊपर कमरे की ओर जाने पर उन्होंने दरवाजे के नीचे से खून बहता देखा। दरवाजा खोलते ही अंदर का मंजर देखकर उनकी चीख निकल गई। कमरे में खून से लथपथ तीन लाशें पड़ी थीं।
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पुलिस मौके पर पहुंची तो शुरुआती शक मौलाना पर ही गया, क्योंकि मस्जिद के अंदर के सभी CCTV कैमरे बंद थे। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। लेकिन असली कातिल तो बाहर भीड़ में खड़े होकर नाटक कर रहे थे।
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पुलिस की जांच तब सही दिशा में बढ़ी, जब उन्होंने मस्जिद के गेट और आसपास लगे CCTV फुटेज को खंगाला। फुटेज में दोपहर करीब 12:30 बजे दोनों छात्र मस्जिद में घुसते हुए साफ नजर आ गए। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया। थोड़ी सी सख्ती के बाद ही दोनों टूट गए और अपना खौफनाक गुनाह कबूल कर लिया।
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कातिलों का शातिरपन: रोना, हंगामा और नारेबाजी
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दोनों नाबालिग आरोपी इतने शातिर थे कि उन्होंने जुर्म करने के बाद सबूत मिटाने की कोशिश की और फिर आम लोगों की तरह घटनास्थल पर पहुंच गए। जब पुलिस ने मौलाना को हिरासत में लिया तो यही दोनों सबसे आगे होकर नारेबाजी कर रहे थे, "हमारे मौलवी साहब ऐसा नहीं कर सकते, उन्हें छोड़ दो।" वे सबके साथ मिलकर रोने का नाटक करते रहे ताकि किसी को उन पर शक न हो।
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पुलिस पूछताछ में उन्होंने बताया, "मौलवी इब्राहिम हमें अक्सर पढ़ाई के नाम पर सबके सामने पीटते और बेइज्जत करते थे। हम यह बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे, इसलिए हमने उनसे बदला लेने का फैसला किया।"
Sabse pehle comment karne wale banein.