बागपत (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के बागपत से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने हर सुनने वाले की रूह कंपा दी है। यहां एक मस्जिद में तालीम ले रहे दो नाबालिग छात्रों ने अपनी पढ़ाई के लिए मिली डांट और पिटाई का ऐसा बदला लिया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। मात्र 4 घंटे के भीतर दोनों ने अपने ही मौलाना की पत्नी और दो मासूम बेटियों की सोते समय हथौड़े से सिर कूचकर और चाकू से गोदकर नृशंस हत्या कर दी।READ ALSO:-वर्दी पर दाग! मेरठ में सिपाही पर रेप का संगीन आरोप, शादी-नौकरी का झांसा देकर फंसाया, गैंगस्टर से मरवाने की धमकी भी दी! महिला की शिकायत पर लाइन हाजिर
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इससे भी ज्यादा खौफनाक यह है कि इस तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद, दोनों आरोपी मौके पर वापस लौटे और भीड़ में शामिल होकर घड़ियाली आंसू बहाते रहे और हंगामा करने का नाटक करते रहे।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
4 घंटे की वो खूनी कहानी: डांट से कत्ल तक
\r\n\r\n
यह दिल दहला देने वाली घटना बागपत के दोघट थाना क्षेत्र के गांगनोली गांव की है। यहां की मस्जिद में मुजफ्फरनगर निवासी मौलाना इब्राहिम मुफ्ती का काम करते थे और बच्चों को तालीम भी देते थे।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    शनिवार, सुबह 9:00 बजे: मौलाना इब्राहिम ने मदरसे में पढ़ने वाले 14 और 15 साल के दो छात्रों को पढ़ाई को लेकर डांटा और उनकी पिटाई कर दी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    सुबह 10:00 बजे: पिटाई के बाद, मौलाना एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सहारनपुर के देवबंद के लिए निकल गए।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    दोपहर 1:00 बजे: मौलाना के जाने के बाद, दोनों छात्र बदले की आग में जलते हुए मस्जिद की पहली मंजिल पर बने उनके कमरे में घुसे। वहां मौलाना की पत्नी इसराना (30) और उनकी दो बेटियां, सोफिया (5) और सुमैय्या (2), गहरी नींद में सो रही थीं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    हत्याकांड: छात्रों ने कमरे में रखे हथौड़े से सोते हुए तीनों के सिर पर ताबड़तोड़ वार किए। जब उन्हें लगा कि वे मर चुके हैं, तो जिंदा बचने की कोई गुंजाइश न छोड़ने के लिए उन्होंने चाकू से तीनों के गले रेत दिए और शरीर को गोद दिया।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

\r\n\r\n
कैसे हुआ खुलासा और कैसे पकड़े गए 'शैतान'?
\r\n\r\n
दोपहर करीब 2 बजे जब नमाजी मस्जिद पहुंचे और मौलाना को आवाज लगाई, तो कोई जवाब नहीं मिला। ऊपर कमरे की ओर जाने पर उन्होंने दरवाजे के नीचे से खून बहता देखा। दरवाजा खोलते ही अंदर का मंजर देखकर उनकी चीख निकल गई। कमरे में खून से लथपथ तीन लाशें पड़ी थीं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
पुलिस मौके पर पहुंची तो शुरुआती शक मौलाना पर ही गया, क्योंकि मस्जिद के अंदर के सभी CCTV कैमरे बंद थे। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। लेकिन असली कातिल तो बाहर भीड़ में खड़े होकर नाटक कर रहे थे।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
पुलिस की जांच तब सही दिशा में बढ़ी, जब उन्होंने मस्जिद के गेट और आसपास लगे CCTV फुटेज को खंगाला। फुटेज में दोपहर करीब 12:30 बजे दोनों छात्र मस्जिद में घुसते हुए साफ नजर आ गए। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया। थोड़ी सी सख्ती के बाद ही दोनों टूट गए और अपना खौफनाक गुनाह कबूल कर लिया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
कातिलों का शातिरपन: रोना, हंगामा और नारेबाजी
\r\n\r\n
दोनों नाबालिग आरोपी इतने शातिर थे कि उन्होंने जुर्म करने के बाद सबूत मिटाने की कोशिश की और फिर आम लोगों की तरह घटनास्थल पर पहुंच गए। जब पुलिस ने मौलाना को हिरासत में लिया तो यही दोनों सबसे आगे होकर नारेबाजी कर रहे थे, "हमारे मौलवी साहब ऐसा नहीं कर सकते, उन्हें छोड़ दो।" वे सबके साथ मिलकर रोने का नाटक करते रहे ताकि किसी को उन पर शक न हो।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
पुलिस पूछताछ में उन्होंने बताया, "मौलवी इब्राहिम हमें अक्सर पढ़ाई के नाम पर सबके सामने पीटते और बेइज्जत करते थे। हम यह बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे, इसलिए हमने उनसे बदला लेने का फैसला किया।"
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें