नई दिल्ली/मुंबई: सर्राफा बाजार (Bullion Market) में आज यानी 7 जनवरी 2026 का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने का मन बना रहे हैं, तो यह खबर आपके होश उड़ा सकती है। जहां एक तरफ 'गरीबों का सोना' कही जाने वाली चांदी ने अब तक के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए एक नया 'ऑल टाइम हाई' (All Time High) बना दिया है, वहीं सोने की चाल थोड़ी सुस्त पड़ी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों ने बाजार में खलबली मचा दी है।READ ALSO:-UP Weather Red Alert: यूपी में कुदरत का 'कोल्ड अटैक', 35 जिलों में कोहरे का 'ब्लैकआउट'; सड़कों पर बिछीं लाशें, घरों में कैद हुई जिंदगी
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साल 2025 में निवेशकों को मालामाल करने के बाद, 2026 की शुरुआत में ही कीमती धातुओं, विशेषकर चांदी ने अपने तेवर दिखा दिए हैं। आइये विस्तार से जानते हैं आज के ताजा भाव, तेजी के बड़े कारण और आने वाले दिनों के लिए बाजार के दिग्गजों की राय।
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चांदी की रिकॉर्ड तोड़ दौड़: ₹2.46 लाख के पार पहुंचा भाव
\r\n\r\nआज के बाजार की सबसे बड़ी खबर चांदी (Silver) की कीमतों में आया भूचाल है। चांदी अब सिर्फ ज्वेलरी या पायल बनवाने वाली धातु नहीं रही, बल्कि इसने रिटर्न के मामले में सोने को भी पछाड़ दिया है।
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आज का चांदी का भाव (Silver Rate Today)
\r\n\r\nIBJA की वेबसाइट के मुताबिक, आज चांदी की कीमत में 2,894 रुपये की भारी बढ़त दर्ज की गई है।
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- \r\n आज का भाव: ₹2,46,044 प्रति किलोग्राम\r\n \r\n
- \r\n कल का भाव: ₹2,43,150 प्रति किलोग्राम\r\n \r\n
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यह चांदी का अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है। एक ही दिन में लगभग 3000 रुपये की तेजी यह दर्शाती है कि बाजार में चांदी की कितनी जबरदस्त मांग है। औद्योगिक मांग और वैश्विक समीकरणों ने चांदी को आसमान पर पहुंचा दिया है।
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सोने में मामूली राहत: ₹45 गिरा भाव
\r\n\r\nजहां चांदी आग उगल रही है, वहीं पीली धातु यानी सोने (Gold) में आज थोड़ी नरमी देखने को मिली है। हालांकि, यह गिरावट इतनी मामूली है कि इससे आम खरीदार को बहुत बड़ी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है, क्योंकि भाव अभी भी आसमान पर ही हैं।
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आज का सोने का भाव (Gold Rate Today)
\r\n\r\n10 ग्राम 24 कैरेट सोने के भाव में आज गिरावट आई है।
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- \r\n आज का भाव: ₹1,36,615 प्रति 10 ग्राम\r\n \r\n
- \r\n कल का भाव: ₹1,36,660 प्रति 10 ग्राम\r\n \r\n
- \r\n गिरावट: ₹45\r\n \r\n
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याद दिला दें: सोना हाल ही में यानी 29 दिसंबर 2025 को अपने इतिहास के सबसे उच्चतम स्तर ₹1,38,161 पर पहुंचा था। आज का भाव उस रिकॉर्ड स्तर से थोड़ा नीचे जरूर है, लेकिन ट्रेंड अभी भी पॉजिटिव बना हुआ है।
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फ्लैशबैक 2025: जिनने लगाया पैसा, वो हुए मालामाल
\r\n\r\nअगर हम थोड़ा पीछे मुड़कर देखें, तो साल 2025 सोने और चांदी के निवेशकों के लिए किसी लॉटरी से कम नहीं था। पिछले साल इन दोनों धातुओं ने शेयर बाजार और एफडी (FD) जैसे निवेश विकल्पों को धूल चटा दी।
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1. सोने का प्रदर्शन (Gold Performance 2025)
\r\n\r\nसाल 2025 में सोने ने अपने निवेशकों को 75% का शानदार रिटर्न दिया।
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- \r\n 31 दिसंबर 2024: 10 ग्राम सोने की कीमत ₹76,162 थी।\r\n \r\n
- \r\n 31 दिसंबर 2025: कीमत बढ़कर ₹1,33,195 हो गई।\r\n \r\n
- \r\n कुल बढ़त: ₹57,033 प्रति 10 ग्राम।\r\n \r\n
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2. चांदी का प्रदर्शन (Silver Performance 2025)
\r\n\r\nचांदी ने तो रिटर्न के मामले में सोने को भी पीछे छोड़ दिया। 2025 में चांदी 167% महंगी हुई।
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- \r\n 31 दिसंबर 2024: एक किलो चांदी ₹86,017 की थी।\r\n \r\n
- \r\n 31 दिसंबर 2025: साल के आखिरी दिन यह ₹2,30,420 प्रति किलो पर बंद हुई।\r\n \r\n
- \r\n कुल बढ़त: ₹1,44,403 प्रति किलो।\r\n \r\n
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आखिर क्यों भाग रहे हैं चांदी के दाम? (3 प्रमुख कारण)
\r\n\r\nबाजार के जानकारों का कहना है कि चांदी में आई यह तेजी कोई बुलबुला नहीं है, बल्कि इसके पीछे ठोस फंडामेंटल कारण हैं। चांदी अब सिर्फ एक कीमती धातु नहीं, बल्कि एक 'इंडस्ट्रियल कमोडिटी' बन चुकी है।
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1. इंडस्ट्रियल डिमांड (Industrial Demand)
\r\n\r\nचांदी की सबसे ज्यादा खपत अब इंडस्ट्री में हो रही है।
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- \r\n सोलर एनर्जी: दुनिया भर में ग्रीन एनर्जी की मुहिम चल रही है। सोलर पैनल बनाने में चांदी का भारी इस्तेमाल होता है।\r\n \r\n
- \r\n इलेक्ट्रॉनिक्स और EV: इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और 5G टेक्नोलॉजी वाले गैजेट्स में चांदी एक सुचालक (Conductor) के रूप में अनिवार्य है। इसे अब ज्वेलरी से ज्यादा 'जरूरी कच्चा माल' माना जा रहा है।\r\n \r\n
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2. डोनाल्ड ट्रंप का 'टैरिफ डर' (Trump's Tariff Scare)
\r\n\r\nअमेरिका की राजनीति का असर सीधे आपके शहर के सर्राफा बाजार पर पड़ रहा है।
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- \r\n डोनाल्ड ट्रंप की आर्थिक नीतियों और संभावित टैरिफ (आयात शुल्क) के डर से अमेरिकी कंपनियां घबराई हुई हैं।\r\n \r\n
- \r\n कंपनियां चांदी का भारी स्टॉक (Stockpiling) जमा कर रही हैं ताकि भविष्य में महंगे दाम या सप्लाई की कमी से बचा जा सके। इस 'पैनिक बाइंग' ने ग्लोबल सप्लाई चेन को टाइट कर दिया है, जिससे कीमतें ऊपर चढ़ रही हैं।\r\n \r\n
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3. मैन्युफैक्चरर्स के बीच होड़
\r\n\r\nप्रोडक्शन रुकने के डर से दुनिया भर के मैन्युफैक्चरर्स पहले से चांदी खरीद रहे हैं। डिमांड ज्यादा है और सप्लाई कम, इसी अर्थशास्त्र के नियम के चलते आने वाले महीनों में भी तेजी बनी रहने की संभावना है।
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सोना क्यों नहीं हो रहा सस्ता? (तेजी के 3 बड़े कारण)
\r\n\r\nभले ही आज सोना ₹45 सस्ता हुआ हो, लेकिन इसका ट्रेंड 'बुलिश' (तेजी वाला) ही है। इसके पीछे तीन बड़े ग्लोबल फैक्टर काम कर रहे हैं।
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1. डॉलर की कमजोरी (Weak Dollar Index)
\r\n\r\nअंतर्राष्ट्रीय बाजार में डॉलर और सोने का रिश्ता 'साप-नेवले' जैसा है। अमेरिका में ब्याज दरें घटाने के फैसले के बाद से डॉलर इंडेक्स कमजोर हुआ है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो दूसरी मुद्राओं वाले देशों के लिए सोना खरीदना सस्ता पड़ता है, जिससे सोने की होल्डिंग कॉस्ट कम होती है और लोग जमकर खरीदारी करते हैं।
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2. जियोपॉलिटिकल तनाव (Geopolitical Tension)
\r\n\r\nदुनिया में शांति नहीं है, और यही सोने के लिए सबसे अच्छी खबर होती है।
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- \r\n रूस-यूक्रेन जंग का कोई अंत नजर नहीं आ रहा।\r\n \r\n
- \r\n मध्य पूर्व और एशिया में तनाव बढ़ रहा है। ऐसे अनिश्चित माहौल में निवेशक शेयर बाजार जैसे जोखिम वाले निवेश से पैसा निकालकर 'सुरक्षित निवेश' (Safe Haven) माने जाने वाले सोने में लगा रहे हैं।\r\n \r\n
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3. सेंट्रल बैंकों की भूख (Central Bank Buying)
\r\n\r\nयह सबसे बड़ा और छुपा हुआ कारण है। चीन (China) जैसे महाशक्तिशाली देश अमेरिकी डॉलर पर अपनी निर्भरता कम कर रहे हैं।
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- \r\n चीन का सेंट्रल बैंक (PBoC) और अन्य देशों के केंद्रीय बैंक अपने खजाने (Reserve) में डॉलर की जगह सोना भर रहे हैं।\r\n \r\n
- \r\n रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये बैंक सालभर में 900 टन से ज्यादा सोना खरीद रहे हैं। जब बड़े देश ही खरीदार बन जाएं, तो दाम नीचे आना नामुमकिन है।\r\n \r\n
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भविष्यवाणी: क्या 2026 में भी जारी रहेगी ये आंधी?
\r\n\r\nअब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह तेजी यहीं रुकेगी या भाव और ऊपर जाएंगे? केडिया एडवाइजरी (Kedia Advisory) के डायरेक्टर और कमोडिटी मार्केट के दिग्गज एक्सपर्ट अजय केडिया ने इसको लेकर बड़ी भविष्यवाणी की है।
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चांदी का लक्ष्य: ₹2.75 लाख
\r\n\r\nअजय केडिया का मानना है कि चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड में अभी और तेजी आनी बाकी है। यह मांग आगे भी बनी रहेगी।
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\r\n\r\n\r\n"चांदी की सप्लाई सीमित है और डिमांड बेतहाशा बढ़ रही है। ऐसे तकनीकी समीकरणों को देखते हुए चांदी इस साल (2026) में ₹2.75 लाख प्रति किलो के स्तर को छू सकती है।"\r\n
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सोने का लक्ष्य: ₹1.50 लाख
\r\n\r\nसोने को लेकर भी सेंटीमेंट मजबूत हैं। केडिया के अनुसार, शादियों के सीजन और सेंट्रल बैंकों की खरीदारी के चलते सोने में बड़ी गिरावट की गुंजाइश नहीं है।
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\r\n\r\n\r\n"सोने की डिमांड में तेजी बनी हुई है। ऐसे में इस साल के आखिर तक सोना ₹1.50 लाख (डेढ़ लाख) प्रति 10 ग्राम के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर सकता है।"\r\n
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आम आदमी क्या करे?
\r\n\r\nबाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए, एक्सपर्ट्स की सलाह है कि 'गिरावट पर खरीदारी' (Buy on Dips) की रणनीति अपनानी चाहिए। अगर आप सोने-चांदी को निवेश के तौर पर देख रहे हैं, तो यह सही समय हो सकता है, क्योंकि लंबी अवधि में (Long Term) भाव ऊपर जाने के ही संकेत हैं।
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चांदी में निवेश इस समय सोने से ज्यादा आकर्षक लग रहा है क्योंकि इंडस्ट्रियल डिमांड इसे पुश कर रही है। हालांकि, निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से राय जरूर लें।
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(नोट: यह खबर सर्राफा बाजार के आज के रेट्स और एक्सपर्ट्स की राय पर आधारित है। बाजार जोखिमों के अधीन है।)
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