नई दिल्ली/मुंबई (बिज़नेस डेस्क): नया साल यानी 2026 की शुरुआत आम आदमी और निवेशकों के लिए राहत की खबर के साथ हुई है। अगर आप नए साल में सोना या चांदी खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो आज का दिन आपके लिए थोड़ा सुकून देने वाला है। भारतीय सर्राफा बाज़ार में साल के पहले दिन, यानी 1 जनवरी 2026 को भारी उथल-पुथल देखने को मिली है। लगातार तीसरे दिन सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।READ ALSO:-मेरठ: IIMT कॉलेज बना 'जंग का मैदान', कैंटीन के बाहर छात्राओं में हाईवोल्टेज ड्रामा; बॉयफ्रेंड-भाई के चक्कर में सरेआम नोचे बाल, वीडियो ने खोली अनुशासन की पोल
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खासकर चांदी के खरीदारों के लिए आज का दिन अच्छा है, क्योंकि इसकी कीमतों में भारी कटौती हुई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, चांदी की चमक आज फीकी पड़ी है और सोना भी अपने उच्चतम स्तर से नीचे फिसला है। हालांकि, यह गिरावट मुनाफावसूली (Profit Booking) का नतीजा मानी जा रही है, क्योंकि 2025 में इन दोनों धातुओं ने निवेशकों को छप्परफाड़ रिटर्न दिया है।
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आज का भाव: कहां पहुंचा सोना और चांदी?
\r\n\r\nबाज़ार खुलने के साथ ही कमोडिटी मार्केट में नरमी के संकेत मिले।
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- \r\n सोना (Gold): इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, आज 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 44 रुपये गिरकर 1,33,151 रुपये पर आ गया है। कल यानी 31 दिसंबर 2025 को बाज़ार बंद होते समय यह भाव 1,33,195 रुपये प्रति 10 ग्राम था।\r\n \r\n
- \r\n चांदी (Silver): चांदी में आज बड़ी गिरावट देखने को मिली। एक किलो चांदी की कीमत 2,520 रुपये टूटकर 2,27,900 रुपये पर आ गई है। कल इसकी कीमत 2,30,420 रुपये प्रति किलोग्राम थी।\r\n \r\n
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यह लगातार तीसरा दिन है जब लाल निशान में कारोबार हो रहा है। इससे पहले 29 दिसंबर 2025 को बाज़ार ने अपना ऑल टाइम हाई (All Time High) छुआ था। उस दिन सोने की कीमत 1,38,161 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी रिकॉर्ड तोड़ते हुए 2,43,483 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी। उस शिखर से तुलना करें तो आज भाव काफी नीचे आ चुके हैं।
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फ्लैशबैक 2025: जब सोने-चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड
\r\n\r\nसाल 2025 को इतिहास में 'गोल्डन ईयर' के तौर पर याद रखा जाएगा। निवेशकों के लिए यह साल किसी लॉटरी से कम नहीं था। आंकड़ों पर नज़र डालें तो पैरों तले ज़मीन खिसक जाएगी।
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- \r\n सोने की चाल: साल 2025 में सोने की कीमतों में 57,033 रुपये की भारी भरकम तेजी आई। प्रतिशत में देखें तो यह 75% का उछाल है। 31 दिसंबर 2024 को जो सोना महज 76,162 रुपये (10 ग्राम) का था, वह साल खत्म होते-होते 1.33 लाख के पार चला गया।\r\n \r\n
- \r\n चांदी की छलांग: चांदी ने तो 2025 में सारे अनुमान गलत साबित कर दिए। इसमें 167% की ऐतिहासिक तेजी दर्ज की गई। 31 दिसंबर 2024 को चांदी 86,017 रुपये किलो थी, जो 2025 के आखिरी दिन 2.30 लाख रुपये के स्तर को छू गई। यानी एक साल में चांदी 1,44,403 रुपये महंगी हुई।\r\n \r\n
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क्यों अलग होते हैं आपके शहर के रेट?
\r\n\r\nअक्सर लोग यह शिकायत करते हैं कि अखबार में छपा रेट और सुनार की दुकान के रेट में अंतर है। इसे समझना जरूरी है। IBJA द्वारा जारी किए गए रेट 24 कैरेट शुद्ध सोने के होते हैं और इसमें GST (Goods and Services Tax) और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होते। जब आप ज्वेलरी खरीदते हैं, तो:
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- \r\n सोने के बेस प्राइस पर 3% GST जुड़ता है।\r\n \r\n
- \r\n इसके ऊपर ज्वेलर्स अपना मेकिंग चार्ज (10% से 30%) जोड़ते हैं।\r\n \r\n
- \r\n यही कारण है कि दिल्ली, मुंबई, मेरठ या लखनऊ में सोने के फाइनल रेट में 2000 से 5000 रुपये तक का अंतर आ सकता है।\r\n \r\n
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सोने में तेजी के 3 बड़े 'ग्लोबल' कारण
\r\n\r\nभले ही आज भाव गिरे हों, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि ट्रेंड अभी भी 'बुलिश' (तेजी का) है। इसके पीछे तीन बड़े अंतरराष्ट्रीय कारण हैं:
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- \r\n कमजोर होता डॉलर: अमेरिका में ब्याज दरें घटने का सिलसिला शुरू हो चुका है। जब अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरें घटाता है, तो डॉलर इंडेक्स कमजोर होता है। डॉलर कमजोर होने से सोने की 'होल्डिंग कॉस्ट' कम हो जाती है और दुनिया भर के निवेशक डॉलर छोड़कर सोने में पैसा लगाने लगते हैं।\r\n \r\n
- \r\n जियोपॉलिटिकल तनाव (Geopolitics): रूस-यूक्रेन जंग अभी थमी नहीं है और मिडिल ईस्ट में भी तनाव बरकरार है। जब भी दुनिया में युद्ध या अस्थिरता का माहौल होता है, सोना सबसे 'सुरक्षित निवेश' (Safe Haven Asset) माना जाता है। डर के माहौल में लोग शेयर बाज़ार से पैसा निकालकर सोने में डालते हैं।\r\n \r\n
- \r\n सेंट्रल बैंकों की अंधाधुंध खरीदारी: चीन का पीपल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) और अन्य देशों के केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन जैसे देशों ने पिछले साल 900 टन से ज्यादा सोना खरीदा है ताकि वे डॉलर पर अपनी निर्भरता कम कर सकें। जब बड़े देश ही ग्राहक बन जाएं, तो दाम बढ़ना तय है।\r\n \r\n
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चांदी क्यों बन रही है 'नया सोना'?
\r\n\r\nचांदी की कीमतों में आई 167% की तेजी सिर्फ सट्टेबाजी नहीं है, इसके पीछे ठोस 'फंडामेंटल' कारण हैं। चांदी अब सिर्फ पायल या बर्तन बनाने वाली धातु नहीं रही, यह एक जरूरी इंडस्ट्रियल कमोडिटी बन गई है।
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- \r\n इंडस्ट्रियल डिमांड: सोलर पैनल बनाने में चांदी का भारी इस्तेमाल होता है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), 5G टेक्नोलॉजी और हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स में चांदी की खपत कई गुना बढ़ गई है।\r\n \r\n
- \r\n ट्रंप का 'टैरिफ डर': अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और टैरिफ (आयात शुल्क) के डर से अमेरिकी कंपनियों ने चांदी का भारी स्टॉक जमा (Stockpiling) करना शुरू कर दिया है। उन्हें डर है कि भविष्य में सप्लाई चेन टूट सकती है।\r\n \r\n
- \r\n मैन्युफैक्चरिंग होड़: ग्लोबल सप्लाई में कमी है और डिमांड ज्यादा है। प्रोडक्शन रुकने के डर से बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां पहले से ही माल खरीदकर रख रही हैं, जिससे बाज़ार में कृत्रिम कमी (Shortage) पैदा हो गई है और दाम आसमान छू रहे हैं।\r\n \r\n
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भविष्यवाणी 2026: क्या 3 लाख पार जाएगी चांदी?
\r\n\r\nआज की गिरावट को देखकर अगर आप सोच रहे हैं कि मंदी आ गई है, तो आप गलत हो सकते हैं। बाज़ार के जानकारों का मानना है कि यह सिर्फ एक छोटा 'करेक्शन' है।
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केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया का विश्लेषण बेहद चौंकाने वाला है:
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\r\n\r\n\r\n"चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड में कोई कमी नहीं आने वाली है। ग्रीन एनर्जी और सोलर सेक्टर बूम पर हैं। हमारा अनुमान है कि अगले 1 साल में चांदी 2.75 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर को छू सकती है। वहीं, इस साल (2026) के अंत तक चांदी के 2.10 लाख रुपये के आसपास रहने की उम्मीद है (अगर बीच में बड़ा करेक्शन आता है)। सोने की बात करें तो इसकी चमक भी फीकी नहीं पड़ेगी। अगले साल तक सोना 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के जादुई आंकड़े को पार कर सकता है।"\r\n
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निवेशकों के लिए सलाह: क्या करें, क्या न करें?
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- \r\n SIP करें: अगर आप एक साथ बड़ा निवेश नहीं कर सकते, तो गोल्ड या सिल्वर ETF के जरिए हर महीने थोड़ा-थोड़ा निवेश करें।\r\n \r\n
- \r\n गिरावट पर खरीदें: बाज़ार के एक्सपर्ट्स की सलाह है कि आज जैसी गिरावट (Dip) खरीदारी का अच्छा मौका होती है। लंबी अवधि (Long Term) के लिए सोना-चांदी अभी भी मुनाफे का सौदा है।\r\n \r\n
- \r\n शुद्धता का ध्यान रखें: फिजिकल गोल्ड खरीदते समय हॉलमार्किंग (Hallmark) जरूर चेक करें। बिना हॉलमार्क वाला सोना बेचना मुश्किल होता है और आपको सही दाम नहीं मिलते।\r\n \r\n
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बाज़ार पर रखें पैनी नज़र
\r\n\r\nनए साल का पहला दिन भले ही गिरावट के साथ शुरू हुआ हो, लेकिन 2026 कमोडिटी बाज़ार के लिए बेहद रोमांचक रहने वाला है। 1.33 लाख का सोना और 2.27 लाख की चांदी यह बता रही है कि महंगाई और आर्थिक बदलावों के इस दौर में 'पीली धातु' और 'चमकीली धातु' ही निवेशकों की पहली पसंद बनी हुई हैं।
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अगर आप शादी-ब्याह के लिए जेवर बनवाने की सोच रहे हैं, तो अभी की कीमतों पर बुकिंग करना समझदारी हो सकती है, क्योंकि एक्सपर्ट्स की मानें तो आने वाले महीनों में ग्राफ ऊपर की तरफ ही जाएगा।
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(नोट: निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से राय जरूर लें। कमोडिटी बाज़ार जोखिमों के अधीन है।)
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