भारतीय सर्राफा बाजार में आज, 23 फरवरी 2026 को एक बार फिर सोने-चांदी के दाम (Gold and Silver Prices) में जोरदार उछाल देखने को मिला है। लगातार बढ़ती वैश्विक अस्थिरता और केंद्रीय बैंकों की भारी डिमांड के चलते कीमती धातुओं के भाव आसमान छू रहे हैं। जो निवेशक और आम खरीदार सोने-चांदी में गिरावट का इंतजार कर रहे थे, उन्हें आज बड़ा झटका लगा है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सोने और चांदी दोनों ने ही तेजी के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।Read also:-मेरठ का 'मेट्रो सिटी' बनने का सपना साकार: नमो भारत और मेरठ मेट्रो के शुभारंभ पर उमड़ा जनसैलाब, अब दिल्ली दूर नहीं!
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इस लेख में हम आज के ताजा भाव, पिछले सालों के ऐतिहासिक रिटर्न, भविष्य की भविष्यवाणियों और सोना खरीदते समय ध्यान रखने योग्य जरूरी बातों का विस्तार से विश्लेषण करेंगे।
\r\n\r\n23 फरवरी 2026: आज के ताजा भाव का विश्लेषण
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इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, आज 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 3,362 रुपए की भारी छलांग लगाकर 1,58,428 रुपए के स्तर पर पहुंच गया है। पिछले कारोबारी दिन यह आंकड़ा 1,55,066 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। यह उछाल दिखाता है कि वैश्विक बाजार में सोने की मांग कितनी मजबूत है।
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वहीं, अगर चांदी (Silver) की बात करें, तो इसकी रफ्तार सोने से भी ज्यादा तेज नजर आ रही है। आज एक किलो चांदी की कीमत में 15,236 रुपए का जबरदस्त उछाल आया है, जिसके बाद इसका भाव 2,65,550 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया है। कल तक बाजार में इसकी कीमत 2,50,314 रुपए प्रति किलो थी।
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2026 में अब तक: 25 हजार और 35 हजार की धुआंधार तेजी
\r\n\r\nसाल 2026 की शुरुआत से ही सोने-चांदी के दाम में लगातार उतार-चढ़ाव और तेजी का दौर जारी है। महज दो महीने से भी कम समय में सोना और चांदी दोनों ही निवेशकों को तगड़ा रिटर्न दे चुके हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो 2026 में अब तक सोना 25,000 रुपए प्रति 10 ग्राम महंगा हो चुका है। वहीं, औद्योगिक मांग और सप्लाई चेन की बाधाओं के कारण चांदी भी 35,000 रुपए प्रति किलो महंगी हो चुकी है।
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आपको याद दिला दें कि इसी साल 29 जनवरी को भारतीय सर्राफा बाजार में एक ऐतिहासिक दिन देखने को मिला था, जब सोने ने 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी ने 3.86 लाख रुपए प्रति किलो का अपना 'ऑल टाइम हाई' (All-Time High) स्तर छुआ था। हालांकि, उस रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद बाजार में थोड़ा करेक्शन (Correction) आया, लेकिन आज की तेजी फिर से उसी दिशा में बढ़ने का संकेत दे रही है।
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2025 का ऐतिहासिक बुल रन: जब निवेशकों की हुई चांदी
\r\n\r\nसोने-चांदी के मौजूदा परिदृश्य को समझने के लिए हमें साल 2025 के आंकड़ों पर नजर डालनी होगी। 2025 बुलियन मार्केट के इतिहास में सबसे बेहतरीन सालों में से एक रहा है। इस दौरान सोने-चांदी के दाम ने निवेशकों को ऐसा रिटर्न दिया, जिसने शेयर बाजार (Stock Market) और रियल एस्टेट जैसे विकल्पों को भी पीछे छोड़ दिया।
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- \r\n सोने में 75% का उछाल: साल 2025 में सोना ₹57 हजार प्रति 10 ग्राम महंगा हुआ। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹76 हजार के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। लेकिन एक साल के भीतर ही, 31 दिसंबर 2025 को यह आंकड़ा लगभग दोगुना होकर ₹1.33 लाख रुपए पर पहुंच गया।\r\n \r\n
- \r\n चांदी में 167% की बंपर तेजी: चांदी ने तो 2025 में सभी पूर्वानुमानों को ध्वस्त कर दिया। एक साल में चांदी ₹1.44 लाख प्रति किलो बढ़ी। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी ₹86 हजार की थी, जो साल 2025 के आखिरी दिन ₹2.30 लाख प्रति किलो हो गई।\r\n \r\n
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यह ऐतिहासिक रिटर्न बताता है कि जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता होती है, तो 'सेफ हेवन' (Safe Haven) एसेट्स के रूप में सोने-चांदी की मांग कितनी तेजी से बढ़ती है।
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UBS रिपोर्ट और एक्सपर्ट्स की राय: 1.80 लाख तक जा सकता है सोना!
\r\n\r\nअगर आप सोच रहे हैं कि अब सोने-चांदी के दाम अपने पीक (Peak) पर पहुंच चुके हैं और यहाँ से गिरावट आ सकती है, तो दुनिया की प्रमुख इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी UBS की रिपोर्ट आपको हैरान कर सकती है। UBS के अनुसार, सोने की वैश्विक मांग में अभी और तेजी आनी बाकी है।
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केंद्रीय बैंकों की भारी खरीदारी: UBS की हालिया रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों (Central Banks) ने अपनी तिजोरियों को सुरक्षित करने के लिए कुल 863 टन सोना खरीदा था। डॉलर पर अपनी निर्भरता कम करने (De-dollarization) की वैश्विक रणनीति के तहत चीन, रूस, भारत और कई यूरोपीय देश लगातार सोना खरीद रहे हैं। अब अनुमान है कि 2026 में यह खरीदारी का आंकड़ा बढ़कर 950 टन तक पहुंच सकता है।
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गोल्ड ETF में भारी निवेश: इसके साथ ही, गोल्ड ईटीएफ (Exchange Traded Funds) में भी निवेश का प्रवाह लगातार तेज हो रहा है। अनुमान है कि 2026 में ETF में निवेश बढ़कर 825 टन होने की उम्मीद है। बड़े-बड़े इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स भी अब इक्विटी बाजार के जोखिम को कम करने के लिए सोने की ओर रुख कर रहे हैं।
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UBS को पूरा भरोसा है कि 2026 में सोने की कीमतें और भी ऊंचे स्तरों को छुएंगी। रिपोर्ट के अनुसार, 2026 के मध्य (Mid-year) तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 6,200 डॉलर प्रति औंस के ऊंचे स्तर को छू सकता है। अगर इसे भारतीय रुपए और मौजूदा विनिमय दर के हिसाब से देखें, तो भारतीय सर्राफा बाजार में सोने का भाव आसानी से 1.80 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के जादुई आंकड़े तक जा सकता है।
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सोने-चांदी की कीमतों में इस भारी उछाल के 5 मुख्य कारण
\r\n\r\nआखिर ऐसा क्या हो रहा है कि सोने-चांदी के दाम रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं? इसके पीछे कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारण जिम्मेदार हैं:
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- \r\n जियो-पॉलिटिकल टेंशन (भू-राजनीतिक तनाव): दुनिया के कई हिस्सों में चल रहे तनाव और युद्ध की स्थितियों ने निवेशकों को डरा दिया है। युद्ध के समय कागजी मुद्रा (Fiat Currency) और शेयर बाजार अपना मूल्य खो सकते हैं, लेकिन सोना हमेशा अपना मूल्य बरकरार रखता है।\r\n \r\n
- \r\n डॉलर की घटती साख: दुनियाभर के देश डॉलर पर अपनी निर्भरता खत्म कर रहे हैं। व्यापार के लिए स्थानीय मुद्राओं का इस्तेमाल बढ़ रहा है, और विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) में डॉलर की जगह सोने को प्राथमिकता दी जा रही है।\r\n \r\n
- \r\n ब्याज दरों में कटौती: जब प्रमुख केंद्रीय बैंक (जैसे अमेरिकी फेडरल रिजर्व) ब्याज दरों में कटौती करते हैं, तो फिक्स्ड डिपॉजिट और बॉन्ड से मिलने वाला रिटर्न कम हो जाता है। ऐसे में निवेशकों का पैसा सोने की तरफ डायवर्ट होता है।\r\n \r\n
- \r\n महंगाई (Inflation) के खिलाफ सबसे अच्छी ढाल: जब-जब दुनिया में महंगाई बढ़ती है, पैसे की क्रय शक्ति (Purchasing Power) कम हो जाती है। सोना महंगाई के खिलाफ एक हेज (Hedge) की तरह काम करता है।\r\n \r\n
- \r\n चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड: चांदी केवल एक कीमती धातु नहीं है, बल्कि इसका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs), सोलर पैनल, और 5G तकनीक में भारी मात्रा में होता है। ग्रीन एनर्जी की बढ़ती मांग के कारण चांदी की सप्लाई कम और डिमांड ज्यादा हो गई है।\r\n \r\n
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सोना खरीदते समय इन अहम बातों का जरूर रखें ध्यान
\r\n\r\nजब सोने-चांदी के दाम इतने उच्च स्तर पर हों, तो खरीदारी करते समय ग्राहकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। थोड़ी सी चूक से आपको लाखों का नुकसान हो सकता है। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, सोना खरीदते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान हमेशा रखना चाहिए:
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1. हमेशा सर्टिफाइड गोल्ड (Hallmarked Gold) ही खरीदें भारत सरकार ने सोने की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए हॉलमार्किंग को अनिवार्य कर दिया है। कभी भी बिना हॉलमार्क वाला सोना न खरीदें। हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही चुनें। आभूषण पर एक 6 अंकों का HUID (Hallmark Unique Identification) कोड होता है। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक होता है, जैसे- AZ4524। आप BIS Care App डाउनलोड करके इस कोड को स्कैन कर सकते हैं और पता लगा सकते हैं कि सोना असली है या नहीं, और इसे किस ज्वेलर ने हॉलमार्क करवाया है। हॉलमार्किंग से यह सटीक रूप से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।
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2. कीमत और मेकिंग चार्ज (Making Charges) को क्रॉस चेक करें अक्सर देखा जाता है कि अलग-अलग शहरों और अलग-अलग ज्वेलर्स के पास सोने का भाव थोड़ा भिन्न होता है। सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत को कई सोर्सेज से क्रॉस चेक करें। इसके लिए आप इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप की मदद ले सकते हैं।
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3. कैरेट का गणित समझें (24K, 22K, 18K) सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।
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- \r\n 24 कैरेट (99.9% शुद्ध): यह सबसे शुद्ध सोना होता है। हालांकि, यह बहुत मुलायम होता है, इसलिए इससे सीधे तौर पर मजबूत गहने नहीं बनाए जा सकते। इसका इस्तेमाल सोने के सिक्के (Gold Coins) और बिस्किट (Bars) बनाने में होता है।\r\n \r\n
- \r\n 22 कैरेट (91.6% शुद्ध): आभूषण बनाने के लिए यह सबसे बेहतरीन माना जाता है। इसमें 22 भाग सोना और 2 भाग अन्य धातुएं (जैसे तांबा, चांदी या जिंक) मिलाई जाती हैं ताकि गहनों में मजबूती आ सके। इसे '916 गोल्ड' भी कहा जाता है।\r\n \r\n
- \r\n 18 कैरेट (75.0% शुद्ध): इसमें 75% सोना होता है और यह डायमंड ज्वेलरी या डेली वियर ज्वेलरी बनाने के लिए सबसे उपयुक्त होता है, क्योंकि यह 22 कैरेट से भी अधिक मजबूत होता है और सस्ता भी होता है।\r\n \r\n
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निवेश के नजरिए से क्या अभी खरीदारी करनी चाहिए?
\r\n\r\nकई निवेशकों के मन में यह सवाल है कि जब सोने-चांदी के दाम इतने ऊंचे हैं, तो क्या अभी निवेश करना समझदारी है? एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सोने में निवेश को हमेशा एक लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी (Long-term Strategy) के रूप में देखना चाहिए। अपने पोर्टफोलियो का कम से कम 10 से 15 प्रतिशत हिस्सा गोल्ड या सिल्वर में जरूर रखना चाहिए।
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अगर आप फिजिकल गोल्ड नहीं खरीदना चाहते हैं, तो आप डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ईटीएफ (Gold ETFs) या गोल्ड म्यूचुअल फंड्स के जरिए भी निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, भारत सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bonds) भी एक बेहतरीन विकल्प हैं, जिनमें सोने की कीमत बढ़ने के साथ-साथ सालाना 2.5% का फिक्स्ड ब्याज भी मिलता है।
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आज 23 फरवरी 2026 को सोने-चांदी के दाम में आई यह जबरदस्त तेजी इस बात का साफ संकेत है कि वैश्विक बाजारों में कीमती धातुओं का दबदबा कायम है। 24 कैरेट सोने का 1.58 लाख रुपए और चांदी का 2.65 लाख रुपए के पार जाना कोई सामान्य घटना नहीं है, बल्कि यह बदलती हुई वैश्विक अर्थव्यवस्था का परिणाम है। 2025 में शानदार रिटर्न देने के बाद, 2026 में भी यह बुल्स (Bulls) के नियंत्रण में नजर आ रहा है। UBS जैसी वैश्विक संस्थाओं का यह अनुमान कि सोना 1.80 लाख तक पहुंच सकता है, निवेशकों के विश्वास को और मजबूत कर रहा है। हालांकि, आम ग्राहकों को इस ऊंचे बाजार में खरीदारी करते समय पूरी सावधानी बरतनी चाहिए, BIS हॉलमार्क चेक करना चाहिए और मेकिंग चार्जेस का मोलभाव जरूर करना चाहिए। अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो सोने-चांदी की यह चमक आने वाले सालों में आपके पोर्टफोलियो को और रोशन कर सकती है।
Sabse pehle comment karne wale banein.