केंद्रीय मंत्री और BJP के फायर ब्रांड नेता गिरिराज सिंह ने एक बार फिर विवादित बयान देकर राजनीतिक गलियारों में तूफान खड़ा कर दिया है। बिहार के अरवल जिले में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए, गिरिराज सिंह ने मुस्लिम समुदाय को 'नमक हराम' (Namak Haraam) कह दिया। यह बयान बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आया है, जिस पर विपक्षी दल और सामाजिक समूह कड़ा विरोध जता रहे हैं।READ ALSO:-BREAKING: पेरिस के लूव म्यूजियम से नेपोलियन के 9 कीमती गहने चोरी, चोर ने महज 4 मिनट में दिया वारदात को अंजाम
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आयुष्मान योजना पर वोट का सवाल
\r\n\r\nगिरिराज सिंह ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र किया और आरोप लगाया कि मुस्लिम समुदाय इन योजनाओं का लाभ तो लेता है, लेकिन BJP को वोट नहीं देता।
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- \r\n आयुष्मान कार्ड का जिक्र: उन्होंने एक मौलवी के साथ हुई अपनी बातचीत का हवाला दिया। गिरिराज सिंह ने मौलवी से पूछा कि क्या उन्हें आयुष्मान कार्ड का लाभ मिला है, जिस पर मौलवी ने 'हाँ' कहा।\r\n \r\n
- \r\n भेदभाव पर सवाल: उन्होंने मौलवी से पूछा कि क्या आयुष्मान कार्ड देते समय हिंदू-मुसलमान का कोई भेदभाव हुआ, जिस पर मौलवी ने 'नहीं' में जवाब दिया।\r\n \r\n
- \r\n वोट देने का सवाल: इसके बाद गिरिराज सिंह ने मौलवी से पूछा कि क्या उन्होंने BJP को वोट दिया था, जिस पर मौलवी ने पहले 'हाँ' कहा। लेकिन जब मंत्री ने 'खुदा का नाम लेकर' सच बोलने को कहा, तो मौलवी ने वोट न देने की बात स्वीकार कर ली।\r\n \r\n
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'नमक हराम' की संज्ञा और वोट की अस्वीकृति
\r\n\r\nगिरिराज सिंह ने इस बातचीत को आधार बनाकर अपनी बात को आगे बढ़ाया।
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- \r\n विवादित टिप्पणी: उन्होंने कहा, "मेरी गलती क्या थी? जो किसी के उपकार को न माने, उसको नमक हराम (Betrayer) कहते हैं।"\r\n \r\n
- \r\n सख्त रुख: मंत्री ने भरी चुनावी सभा में कहा, "मुझे इन नमक हरामों का वोट नहीं चाहिए।"\r\n \r\n
- \r\n राजनीतिक माहौल: यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार में राजनीतिक ध्रुवीकरण चरम पर है और सभी दल जातीय और धार्मिक समीकरणों को साधने में लगे हैं।\r\n \r\n
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विपक्षी दलों का पलटवार
\r\n\r\nगिरिराज सिंह के इस बयान पर विपक्षी दलों, खासकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
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- \r\n विरोध: विपक्षी नेताओं ने मंत्री के इस बयान को 'लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों के विपरीत' बताया है। कांग्रेस ने तो गिरिराज सिंह को 'मानसिक रूप से अस्वस्थ' घोषित करने की मांग की है।\r\n \r\n
- \r\n जदयू का रुख: गठबंधन सहयोगी जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने गिरिराज सिंह के बयान से किनारा कर लिया है, लेकिन साथ ही मुस्लिम समुदाय को योजनाओं का लाभ लेने के बावजूद वोट न देने के आरोपों पर भी सफाई दी है।\r\n \r\n
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हेट स्पीच पर सवाल
\r\n\r\nसोशल मीडिया पर गिरिराज सिंह के बयान का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। नागरिक समूहों और यूजर्स ने राजनेताओं द्वारा चुनावी लाभ के लिए दिए जा रहे नफरती भाषणों (Hate Speech) पर सवाल उठाए हैं। यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सरकारी योजनाओं के लाभ को वोटिंग पैटर्न से जोड़ना कितना विवादास्पद हो सकता है।
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चुनाव आयोग की कार्रवाई की मांग
\r\n\r\nइस बयान को लेकर चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज होने की संभावना है। गिरिराज सिंह का यह बयान BJP के 'सबका साथ, सबका विकास' के नारे के विपरीत है और बिहार चुनाव के दौरान मुस्लिम वोटरों के ध्रुवीकरण का कारण बन सकता है।
Sabse pehle comment karne wale banein.