आज के डिजिटल युग में जहां बैंकिंग सुविधाएं आसान हुई हैं, वहीं साइबर अपराध और एटीएम ठगी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर में लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जहां शातिर अपराधी भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। इसी कड़ी में गाजियाबाद पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। Ghaziabad ATM Fraud का एक बड़ा खुलासा करते हुए खोड़ा थाना पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक बेहद शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस आरोपी के पास से 50 एटीएम कार्ड, 9,500 रुपये नकद और ठगी में इस्तेमाल होने वाला एक आईफोन बरामद किया है।READ ALSO:-गाजियाबाद में 'जॉब स्कैम' का महा-पर्दाफाश: मखाने के व्यापार की आड़ में चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर, B.Tech पास मास्टरमाइंड और 17 युवतियां गिरफ्तार
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इस मामले ने एक बार फिर एटीएम सुरक्षा और आम जनता की लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपी का नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर में फैला हुआ था और वह अब तक कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में एटीएम फ्रॉड की घटनाओं पर लगाम लगने की उम्मीद है।
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13 जुलाई की घटना से हुआ मामले का खुलासा
\r\n\r\nइस पूरे Ghaziabad ATM Fraud नेटवर्क का पर्दाफाश एक आम नागरिक की शिकायत के बाद हुआ। गाजियाबाद के डीसीपी सिटी (DCP City) धवल जायसवाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि 13 जुलाई को खोड़ा थाने में एक पीड़ित व्यक्ति ने धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\nथाना खोड़ा पुलिस टीम द्वारा एटीएम बदलकर धोखाधड़ी कर रुपये निकालने वाले अभियोग में वांछित 01 अभियुक्त गिरफ्तार, कब्जे से 50 एटीएम कार्ड, 9,500 रुपये एवं 01 आईफोन बरामद ।
\r\n— POLICE COMMISSIONERATE GHAZIABAD (@ghaziabadpolice) July 15, 2026
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\r\nबाइट- श्री धवल जायसवाल @dhawalips , पुलिस उपायुक्त नगर/ट्रांस हिण्डन@Uppolice pic.twitter.com/SKPJOlVbjj
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शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि वह खोड़ा इलाके में काला सीमेंट के पास स्थित एक एटीएम बूथ पर पैसे निकालने गया था। वहां पैसे निकालने में उसे कुछ परेशानी हो रही थी। इसी दौरान एटीएम केबिन में एक अज्ञात युवक दाखिल हुआ और उसने बड़ी ही शालीनता से मदद करने की पेशकश की। पीड़ित युवक की बातों में आ गया। आरोपी ने चालाकी से पीड़ित का एटीएम कार्ड लिया और मशीन में लगाने का नाटक किया। इसी दौरान उसने हाथ की सफाई दिखाते हुए पीड़ित का असली एटीएम कार्ड अपने पास रख लिया और उसी रंग व उसी बैंक का दूसरा डमी कार्ड पीड़ित को थमा दिया।
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पीड़ित को उस वक्त ठगी का बिल्कुल भी अहसास नहीं हुआ। वह डमी कार्ड लेकर घर चला गया। कुछ ही देर बाद पीड़ित के मोबाइल पर बैंक से मैसेज आया कि उसके खाते से 26,150 रुपये निकाल लिए गए हैं। मैसेज देखते ही पीड़ित के होश उड़ गए और उसने तुरंत खोड़ा पुलिस स्टेशन पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
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पुलिस इन्वेस्टिगेशन और आरोपी की गिरफ्तारी
\r\n\r\nशिकायत मिलने के तुरंत बाद खोड़ा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अज्ञात आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। पुलिस टीम ने सबसे पहले घटना वाले दिन के एटीएम बूथ और उसके आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।
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सीसीटीवी फुटेज में पुलिस को एक संदिग्ध युवक की गतिविधियां नजर आईं। इसके बाद पुलिस ने सर्विलांस (Surveillance) सेल की मदद ली और मुखबिरों का जाल बिछाया। पुलिस की यह मेहनत रंग लाई और बुधवार को खोड़ा थाना पुलिस की टीम ने इंदिरापुरम अंडरपास के पास से एक संदिग्ध युवक को धर दबोचा। पूछताछ और शिनाख्त में साफ हो गया कि यही युवक एटीएम ठगी का मुख्य आरोपी है। आरोपी की पहचान आकाश कुमार उर्फ अक्की पंडित (उम्र 26 वर्ष) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से नोएडा के सेक्टर-63 स्थित छिजारसी गांव का रहने वाला है।
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Ghaziabad ATM Fraud का मास्टरमाइंड: कैसे करता था ठगी?
\r\n\r\nगिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आकाश कुमार से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने Ghaziabad ATM Fraud को अंजाम देने के अपने शातिर तरीके (Modus Operandi) का विस्तार से खुलासा किया। उसका ठगी करने का तरीका इतना सधा हुआ था कि पढ़े-लिखे लोग भी उसके जाल में फंस जाते थे।
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आरोपी ने बताया कि वह अक्सर सुनसान या कम भीड़ वाले एटीएम बूथ के बाहर खड़ा रहता था। वह विशेष रूप से ऐसे लोगों को अपना निशाना (Target) बनाता था जिन्हें एटीएम मशीन ऑपरेट करने में दिक्कत होती थी, जैसे बुजुर्ग, महिलाएं या कम पढ़े-लिखे लोग। जब ऐसा कोई व्यक्ति एटीएम में जाता, तो वह पीछे से केबिन में घुस जाता और मदद करने का नाटक करता।
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उसके पास विभिन्न बैंकों के दर्जनों एटीएम कार्ड पहले से मौजूद रहते थे। जैसे ही वह पीड़ित का कार्ड देखता, वह अपनी जेब से उसी बैंक और उसी रंग का दूसरा कार्ड निकाल लेता। कार्ड स्वाइप करने के बहाने वह कार्ड बदल देता था। सबसे खतरनाक बात यह थी कि जब पीड़ित अपना पिन (PIN) नंबर मशीन में डालता था, तो आरोपी बातचीत में उलझाकर या तो पिन देख लेता था, या फिर अपने महंगे आईफोन (iPhone) में चोरी-छिपे वीडियो रिकॉर्ड कर लेता था। पीड़ित के जाने के बाद वह दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न एटीएम बूथों पर जाकर उस असली कार्ड और पिन की मदद से खाते में मौजूद सारी रकम साफ कर देता था।
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भारी मात्रा में बरामदगी और आपराधिक इतिहास
\r\n\r\nडीसीपी सिटी धवल जायसवाल के अनुसार, पुलिस ने जब आरोपी आकाश की तलाशी ली तो उसके पास से चौंकाने वाली चीजें बरामद हुईं। पुलिस ने उसके कब्जे से कुल 50 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। ये कार्ड अलग-अलग बैंकों के हैं और अलग-अलग लोगों के नाम पर हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बना चुका है।
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इसके साथ ही आरोपी के पास से 9,500 रुपये की नगदी और ठगी में प्रयुक्त होने वाला एक एप्पल आईफोन (Apple iPhone) भी बरामद किया गया है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी आकाश का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। खोड़ा थाने के अलावा, दिल्ली के विभिन्न थानों (जैसे मयूर विहार, न्यू अशोक नगर आदि) में भी उसके खिलाफ धोखाधड़ी और चोरी के तीन मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस अब उसे रिमांड पर लेकर यह पूछताछ कर रही है कि उसके इस गिरोह में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं और उसने अब तक कुल कितने लोगों से कितने लाख रुपये की ठगी की है।
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एटीएम ठगी से बचने के लिए जरूरी सावधानियां
\r\n\r\nइस तरह के मामलों को देखते हुए गाजियाबाद पुलिस ने आम जनता के लिए एक एडवायजरी भी जारी की है ताकि लोग भविष्य में इस तरह की ठगी से बच सकें:
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- \r\n अकेले करें इस्तेमाल: एटीएम केबिन में एक बार में केवल एक ही व्यक्ति को होना चाहिए। यदि कोई अंजान व्यक्ति अंदर आने की कोशिश करे, तो उसे बाहर जाने के लिए कहें।\r\n \r\n
- \r\n मदद न लें: पैसे निकालते समय कभी भी किसी अंजान व्यक्ति से मदद न लें। यदि मशीन काम नहीं कर रही है, तो बैंक कर्मचारी या गार्ड से ही संपर्क करें।\r\n \r\n
- \r\n पिन छुपाएं: एटीएम मशीन में पिन नंबर दर्ज करते समय की-पैड (Keypad) को अपने दूसरे हाथ से हमेशा छिपा कर रखें।\r\n \r\n
- \r\n कार्ड वापस लें: एटीएम से पैसे निकालने के बाद अपना कार्ड वापस लेना न भूलें और यह भी सुनिश्चित करें कि वह कार्ड आप ही का है।\r\n \r\n
- \r\n अलर्ट चालू रखें: अपने बैंक खाते में एसएमएस (SMS) अलर्ट सेवा हमेशा चालू रखें ताकि किसी भी अनधिकृत लेनदेन की जानकारी तुरंत मिल सके।\r\n \r\n
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Ghaziabad ATM Fraud के इस खुलासे से यह स्पष्ट हो जाता है कि जालसाज लोगों की छोटी सी लापरवाही और मजबूरी का किस तरह फायदा उठाते हैं। खोड़ा पुलिस द्वारा 50 एटीएम कार्ड के साथ शातिर ठग आकाश कुमार की गिरफ्तारी एक सराहनीय कदम है, जिससे कई अन्य संभावित ठगियों को रोका जा सका है। पुलिस की सक्रियता के साथ-साथ आम नागरिकों को भी बैंकिंग लेन-देन के दौरान अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। अपनी व्यक्तिगत जानकारी, पिन और कार्ड किसी भी अंजान व्यक्ति के साथ साझा न करें, क्योंकि आपकी एक छोटी सी चूक आपकी जिंदगी भर की गाढ़ी कमाई पर भारी पड़ सकती है। पुलिस मामले की आगे की तहकीकात कर रही है और जल्द ही इस गिरोह के अन्य सदस्यों के भी पकड़े जाने की पूरी संभावना है।
Sabse pehle comment karne wale banein.