\r\n\r\n
शनिवार और रविवार की दरमियानी रात, जब पूरा अफजलगढ़ क्षेत्र गहरी नींद में था, तब रात के लगभग ढाई बजे मेघपुर मोड़ के पास बहने वाली नचना नदी के ऊपर मौत का तांडव हुआ। एक तेज रफ्तार गैस टैंकर रात के सन्नाटे को चीरता हुआ आया और अनियंत्रित होकर पुलिया की मजबूत रेलिंग को खिलौने की तरह तोड़ता हुआ सीधे नदी की ठंडी गहराइयों में जा गिरा। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि इसकी गूंज दूर तक सुनाई दी, लेकिन जब तक कोई कुछ समझ पाता, तब तक दो जिंदगियां हमेशा के लिए खामोश हो चुकी थीं।READ ALSO:-नूरपुर में बेटियों को मिला 'शक्ति' का सुरक्षा कवच! पुलिस ने क्लासरूम में सिखाए आत्मरक्षा के गुर, ट्रैक पर दौड़ीं मेधावी छात्राएं
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
कैसे हुआ यह दिल दहला देने वाला हादसा?
\r\n\r\n
लिक्विड कार्बन डाइऑक्साइड से भरा यह टैंकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहा था। प्रारंभिक जांच के अनुसार, वाहन की स्टीयरिंग चालक सतपाल की जगह परिचालक रोबिन के हाथों में थी। आशंका है कि या तो वाहन की रफ्तार बहुत तेज थी या फिर रात के समय परिचालक को झपकी आ गई, जिससे मेघपुर के तीखे मोड़ पर वह टैंकर पर से अपना नियंत्रण पूरी तरह खो बैठा। अनियंत्रित टैंकर सीधे पुलिया से जा टकराया और उसे तोड़कर नदी में पलट गया। पानी में गिरने से टैंकर का अगला हिस्सा (केबिन) पूरी तरह चकनाचूर हो गया, जिससे दोनों युवकों को बाहर निकलने का कोई अवसर ही नहीं मिला।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
एक साथ मौत के मुंह में समा गए दो दोस्त
\r\n\r\n
इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले दोनों युवक रामपुर जनपद के टांडा थाना क्षेत्र के पीपली नायक गांव के रहने वाले थे। मृतकों की पहचान सतपाल (35 वर्ष) पुत्र रामपाल और रोबिन (32 वर्ष) पुत्र इंद्रपाल के रूप में हुई है। दोनों एक ही गांव के थे और साथ मिलकर रोजी-रोटी कमाते थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह सफर उनका आखिरी सफर साबित होगा और मौत भी दोनों को एक साथ ही गले लगाएगी।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
पुलिस और बचाव कार्य
\r\n\r\n
हादसे की सूचना मिलते ही अफजलगढ़ थाने की पुलिस टीम फौरन मौके पर पहुंची। रात के घने अंधेरे और नदी के पानी के कारण बचाव कार्य में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। पुलिस ने किसी तरह क्षतिग्रस्त टैंकर के केबिन से दोनों युवकों के शवों को बाहर निकाला। घटनास्थल का मंजर बेहद खौफनाक था। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिजनौर जिला अस्पताल भेज दिया है और मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर रात के समय हाईवे पर ड्राइविंग से जुड़े खतरों को उजागर कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें