न्यू यॉर्क/न्यू जर्सी (Sports Desk): फुटबॉल के महाकुंभ यानी फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) का रोमांच अब पूरी दुनिया के सिर चढ़कर बोल रहा है। टूर्नामेंट के ग्रुप सी (Group C) के एक बेहद बहुप्रतीक्षित और हाई-वोल्टेज मुकाबले में पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील (Brazil) का सामना अफ्रीकी शेर मोरक्को (Morocco) से हुआ। यह मुकाबला अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित प्रतिष्ठित न्यू यॉर्क न्यू जर्सी स्टेडियम (New York New Jersey Stadium) में खेला गया, जहां दर्शकों का उत्साह चरम पर था। दोनों ही टीमों ने मैदान पर अपनी पूरी जान झोंक दी, लेकिन अंततः यह कांटे की टक्कर 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुई।READ ALSO:-मेरठ में प्रशासन का 'ऑपरेशन क्लीन': गंगानगर में अवैध होटलों और शराब के ठिकानों पर एसडीएम की ताबड़तोड़ छापेमारी!
\r\n\r\n\r\n\r\n
इस ड्रॉ मुकाबले का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक पहलू यह रहा कि ब्राजील ने अपनी प्रतिष्ठा के अनुरूप खेलते हुए, फीफा वर्ल्ड कप में पिछले 88 सालों से चले आ रहे अपने पहले मैच (Opening Match) को न हारने के स्वर्णिम रिकॉर्ड को टूटने से बचा लिया।
\r\n\r\n\r\n\r\n
नेमार के बिना मैदान पर उतरी ब्राजील, मोरक्को ने किया चौंकाने वाला प्रहार
\r\n\r\nइस बड़े मुकाबले से ठीक पहले ब्राजीलियाई प्रशंसकों को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब टीम के सबसे बड़े सुपरस्टार और करिश्माई स्ट्राइकर नेमार (Neymar Jr.) इंजरी (चोट) के कारण इस मैच से बाहर हो गए। नेमार की गैरमौजूदगी में ब्राजील की टीम थोड़ी दबाव में नजर आ रही थी।
\r\n\r\n\r\n\r\n
मैच की शुरुआत होते ही मोरक्को की टीम ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे किसी भी कीमत पर ब्राजील से दबने वाले नहीं हैं। 2022 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल तक का सफर तय करने वाली मोरक्को की टीम ने इस मैच में बेहद आक्रामक और तेज शुरुआत की। ब्राजीलियाई डिफेंस को भेदते हुए मोरक्को लगातार हमले कर रहा था।
\r\n\r\n 
मोरक्को की इसी आक्रामकता का फल उन्हें मैच के 21वें मिनट में मिला। मोरक्को के युवा और टैलेंटेड खिलाड़ी इस्माइल साइबेरी ने ब्राजील के डिफेंडर्स को छकाते हुए एक शानदार और सटीक गोल दाग दिया। इस गोल ने पूरे स्टेडियम में मौजूद मोरक्को के प्रशंसकों में खुशी की लहर दौड़ा दी और टीम को 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी।
\r\n\r\n\r\n\r\n
विनीसियस जूनियर ने कराई शानदार वापसी: 1-1 पर आया मैच
\r\n\r\nएक गोल से पिछड़ने के बाद ब्राजील की टीम, जिसे 'सेलेकाओ' (Seleção) कहा जाता है, मानो नींद से जाग गई। उन्होंने अपनी रणनीति में तुरंत बदलाव किया और मोरक्को के खेमे में जवाबी हमले तेज कर दिए। खेल की गति (Pace of the game) अचानक बढ़ गई। ब्राजील के मिडफील्डरों ने बॉल पर नियंत्रण (Possession) बनाना शुरू कर दिया।
\r\n\r\n\r\n\r\n
लगातार प्रयासों का नतीजा ब्राजील को ज्यादा देर तक नहीं भुगतना पड़ा। मैच के 32वें मिनट में, रियल मैड्रिड के सुपरस्टार और ब्राजील के युवा सनसनी विनीसियस जूनियर (Vinicius Junior) ने अपनी अद्भुत ड्रिब्लिंग और स्पीड का मुजाहिरा पेश किया। उन्होंने मोरक्को के गोलकीपर को चकमा देते हुए गेंद को नेट के पार पहुंचा दिया। इस बेहतरीन गोल के साथ ही ब्राजील ने मैच में 1-1 की रोमांचक बराबरी कर ली।
\r\n\r\n\r\n\r\n
पहले हाफ के अंत में 4 मिनट का इंजरी टाइम (Extra Time) जोड़ा गया, लेकिन दोनों टीमें इस दौरान कोई गोल नहीं कर सकीं और पहला हाफ 1-1 के स्कोर पर समाप्त हुआ।
\r\n\r\n\r\n\r\n
दूसरे हाफ का संघर्ष और फीफा अध्यक्ष की मौजूदगी
\r\n\r\nमैच का दूसरा हाफ भी पहले हाफ की तरह ही सांसें रोक देने वाला था। दोनों टीमों ने एक-दूसरे के गोलपोस्ट पर कई बेहतरीन मूव्स बनाए, लेकिन दोनों तरफ के गोलकीपर्स ने दीवार की तरह खड़े होकर हर हमले को नाकाम कर दिया। इस महामुकाबले का रोमांच इतना ज्यादा था कि फीफा (FIFA) के अध्यक्ष भी इस मैच का लुत्फ उठाने के लिए स्टेडियम के वीआईपी स्टैंड में मौजूद थे।
\r\n\r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
अंततः रेफरी की फुल-टाइम सीटी बजने तक कोई और गोल नहीं हो सका और मैच 1-1 के स्कोर के साथ ड्रॉ घोषित कर दिया गया। दोनों दिग्गज टीमों को एक-एक अंक से संतोष करना पड़ा।
\r\n\r\n\r\n\r\n
इतिहास के पन्नों में दर्ज: 88 साल से पहला मैच नहीं हारा ब्राजील
\r\n\r\nमोरक्को के खिलाफ यह ड्रॉ केवल एक अंक का मामला नहीं था; यह ब्राजील के उस गौरवशाली इतिहास को बचाने की लड़ाई थी, जो पिछले आठ दशकों से चला आ रहा है। ब्राजील फुटबॉल टीम का वर्ल्ड कप के अपने ओपनिंग मैच में एक ऐसा दबदबा है, जिसे दुनिया की कोई भी टीम आज तक तोड़ नहीं पाई है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
ब्राजील को वर्ल्ड कप के अपने पहले मैच में आखिरी बार हार 1934 में स्पेन के हाथों (1-3) झेलनी पड़ी थी। लेकिन 1938 के वर्ल्ड कप से लेकर 2026 के वर्ल्ड कप तक, इन 88 सालों के लंबे अंतराल में, ब्राजील ने कभी अपना शुरुआती मुकाबला नहीं गंवाया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
आंकड़ों की बात करें तो इन 88 वर्षों में ब्राजील ने कुल 21 ओपनिंग मैच खेले हैं। इसमें से 17 मुकाबलों में ब्राजील ने शानदार जीत दर्ज की है, जबकि केवल 4 मैच ड्रॉ रहे हैं। इस दौरान ब्राजीलियाई स्ट्राइकर्स ने विरोधी टीमों के खिलाफ 48 गोल दागे हैं, जबकि केवल 18 गोल खाए हैं। यह आंकड़ा ही यह बताने के लिए काफी है कि वर्ल्ड कप में ब्राजील की शुरुआत कितनी खतरनाक होती है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
एक नजर 1938 से 2026 तक के ब्राजील के ओपनिंग मैचों पर:
\r\n\r\nआइए विस्तार से देखते हैं कि 1938 के बाद से ब्राजील ने अपने पहले वर्ल्ड कप मुकाबलों में किस तरह का प्रदर्शन किया है:
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n 1938: पोलैंड को एक बेहद रोमांचक मुकाबले में 6-5 से शिकस्त दी।\r\n \r\n
- \r\n 1950 और 1954: लगातार दो वर्ल्ड कप में मेक्सिको को बुरी तरह रौंदा (क्रमशः 4-0 और 5-0 की जीत)।\r\n \r\n
- \r\n 1958: ऑस्ट्रिया को 3-0 से धूल चटाई।\r\n \r\n
- \r\n 1962: एक बार फिर मेक्सिको को 2-0 से हराया।\r\n \r\n
- \r\n 1966: बुल्गारिया के खिलाफ 2-0 से शानदार जीत।\r\n \r\n
- \r\n 1970: चेकोस्लोवाकिया को 4-1 से एकतरफा मुकाबले में हराया।\r\n \r\n
- \r\n 1974 (युगोस्लाविया के साथ) और 1978 (स्वीडन के साथ): लगातार दो ओपनिंग मैच ड्रॉ रहे (0-0 और 1-1)।\r\n \r\n
- \r\n 1982: सोवियत यूनियन (रूस) जैसी मजबूत टीम को 2-1 से मात दी।\r\n \r\n
- \r\n 1986: अपनी पुरानी हार का बदला लेते हुए स्पेन को 1-0 से हराया।\r\n \r\n
- \r\n 1990 और 1994: क्रमशः स्वीडन (2-1) और रूस (2-0) को हराकर अपना विजय रथ जारी रखा।\r\n \r\n
- \r\n 1998 और 2002: स्कॉटलैंड को 2-1 और फिर तुर्की को 2-1 से ओपनिंग मैच में हराया।\r\n \r\n
- \r\n 2006: क्रोएशिया के खिलाफ 1-0 की संघर्षपूर्ण जीत दर्ज की।\r\n \r\n
- \r\n 2010: नॉर्थ कोरिया जैसी डिफेंसिव टीम को 2-1 से हराया।\r\n \r\n
- \r\n 2014 (घरेलू वर्ल्ड कप): एक बार फिर क्रोएशिया को अपने पहले मैच में 3-1 से मात दी।\r\n \r\n
- \r\n 2018: स्विट्जरलैंड के साथ कड़ा मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा।\r\n \r\n
- \r\n 2022: कतर वर्ल्ड कप के पहले मैच में सर्बिया को 2-0 से आसानी से हराया।\r\n \r\n
- \r\n 2026: और अब, मोरक्को के खिलाफ कड़ी टक्कर के बाद 1-1 का ड्रॉ खेलकर इस इतिहास को जीवंत रखा है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
दोनों टीमों को है बड़ी जीत की दरकार
\r\n\r\nफीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप सी (Group C) में इस 1-1 के ड्रॉ के बाद, अब ब्राजील और मोरक्को दोनों टीमों के लिए समीकरण बेहद दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। ग्रुप स्टेज के अगले दो मुकाबले दोनों ही टीमों के लिए 'करो या मरो' (Do or Die) जैसे होने वाले हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
चूंकि दोनों ने अपना पहला मैच ड्रॉ खेला है, इसलिए अगले राउंड (Knockout Stage) में सुरक्षित तरीके से पहुंचने के लिए उन्हें अपने बाकी बचे दोनों मुकाबले न केवल जीतने होंगे, बल्कि गोल-डिफरेंस (Goal Difference) को बेहतर करने के लिए एक बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी। ब्राजील के खेमे को उम्मीद होगी कि उनके स्टार खिलाड़ी नेमार अगले मैच से पहले पूरी तरह फिट होकर मैदान पर वापसी करें, ताकि ब्राजील की आक्रमण पंक्ति (Attacking Line) को और अधिक मजबूती मिल सके।
\r\n\r\n\r\n\r\n
वहीं, मोरक्को ने भी इस ड्रॉ से यह साबित कर दिया है कि वे वर्ल्ड कप में एक छुपे रुस्तम (Dark Horse) की भूमिका निभा सकते हैं और किसी भी बड़ी टीम को आसानी से पटखनी देने का माद्दा रखते हैं। आने वाले मैच फुटबॉल फैंस के लिए और भी ज्यादा धड़कनें बढ़ाने वाले साबित होंगे।
Sabse pehle comment karne wale banein.