नई दिल्ली: देश के नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बीच, चुनाव आयोग (ECI) ने 2003 मतदाता सूची से नाम खोजने की प्रक्रिया को बेहद सरल कर दिया है। यह कदम वोटरों को एसआईआर प्रक्रिया को आसानी से पूरा करने में मदद करने के लिए उठाया गया है।READ ALSO:-'उड़ता पंजाब' के बाद अब 'नशे में यूपी': 100 करोड़ के कफ सिरप सिंडिकेट का पर्दाफाश, गाजियाबाद से बांग्लादेश तक बिछा था जाल, मास्टरमाइंड शुभम फरार
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अब ECI की वेबसाइट पर, मतदाता को अपना नाम, राज्य और माता-पिता का नाम लिखना होगा। बस इतना करने पर, उनका नाम 2003 मतदाता सूची में कहाँ पर दर्ज है, यह जानकारी तुरंत स्क्रीन पर खुलकर सामने आ जाएगी। आयोग का दावा है कि जल्द ही माता-पिता का नाम भी दर्ज करने से छूट मिल जाएगी।
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ECI के फैसले से वोटरों को मिलेगी बड़ी राहत

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ईसीआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भी इस नई सुविधा की जानकारी साझा की है, साथ ही स्टेप-बाय-स्टेप नाम ढूंढने की प्रक्रिया को भी बताया है।
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    सरल प्रक्रिया: इस नई व्यवस्था से वोटरों को अब विधानसभा क्षेत्र, पार्ट नंबर (Part Number), पोलिंग स्टेशन समेत अन्य जटिल विवरणों को बताने से पूरी तरह निजात मिलेगी।
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    SIR प्रक्रिया में मदद: SIR प्रक्रिया के तहत बीएलओ (BLO) द्वारा Enumeration Form भरवाए जा रहे हैं, जिसमें 2002 या 2003 की मतदाता सूची से नाम को लिंक करना होता है। यह नई सुविधा इस लिंकिंग प्रक्रिया को अत्यंत सरल बना देगी। (Internal link to related article on SIR process and Enumeration Form)
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सुप्रीम कोर्ट ने SIR प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर ECI से मांगा जवाब

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इस बीच, कई राज्यों में चल रही SIR प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट (SC) में भी सुनवाई शुरू हो गई है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने केरल, यूपी और अन्य राज्यों में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
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न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने शुक्रवार को इस पर सुनवाई की और विभिन्न राज्यों में SIR की प्रक्रिया को चुनौती देने वाली नेताओं की नई याचिकाओं पर चुनाव आयोग से जवाब मांगा है।
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    जल्द सुनवाई की मांग: केरल में SIR को चुनौती देने वाले एक याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने पीठ से कहा कि केरल में स्थानीय निकाय चुनाव भी होने हैं, इसलिए इस मामले पर जल्द विचार किया जाना जरूरी है।
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    अगली सुनवाई की तिथि: पीठ ने निर्देश दिया कि केरल में SIR को चुनौती देने वाली याचिकाओं को 26 नवंबर को लिस्ट किया जाएगा। वहीं, दूसरे राज्यों में इलेक्टोरल रोल रिवीजन एक्सरसाइज को चुनौती देने वाली बाकी याचिकाओं पर दिसंबर के पहले या दूसरे हफ्ते में सुनवाई होगी। 
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चुनाव आयोग द्वारा 2003 मतदाता सूची में नाम खोजने की प्रक्रिया को सरल करना जहां तकनीकी सुविधा प्रदान करता है, वहीं सुप्रीम कोर्ट में विपक्षी दलों की याचिकाओं पर सुनवाई, इस पूरी एसआईआर प्रक्रिया के कानूनी और राजनीतिक महत्व को दर्शाती है। 
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चुनाव आयोग ने 2003 मतदाता सूची में नाम खोजने की प्रक्रिया को सरल बनाकर एसआईआर प्रक्रिया को गति दी है, जिससे वोटरों को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न राज्यों में SIR की प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। अब सभी की निगाहें 26 नवंबर और दिसंबर के शुरुआती हफ्तों में होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं।
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