उत्तर प्रदेश इस समय मौसम की दोहरी मार झेल रहा है। जहां एक ओर पूर्वांचल, विशेषकर वाराणसी, में हुई प्रलयंकारी बारिश ने 136 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़कर सब कुछ जलमग्न कर दिया है, वहीं अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 23 जिलों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। मौसम विभाग ने आज (रविवार) के लिए इन जिलों में भारी बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है, जिससे प्रशासन और नागरिक दोनों की चिंताएं बढ़ गई हैं।READ ALSO:-पहाड़ से लेकर समंदर तक आसमानी आफत: दार्जिलिंग में भूस्खलन से 13 की मौत, गुजरात-महाराष्ट्र पर चक्रवात 'शक्ति' का खतरा, 8 राज्यों में भारी बारिश का रेड अलर्ट
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काशी में बादलफाड़ बारिश, टूटा सदी का रिकॉर्ड
\r\n\r\nधर्मनगरी काशी ने शनिवार को बारिश का ऐसा रौद्र रूप देखा जो एक सदी से भी ज्यादा समय में नहीं देखा गया था। बीएचयू मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में शहर में 187 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह आंकड़ा न केवल भयावह है, बल्कि ऐतिहासिक भी है, क्योंकि इसने 9 अक्टूबर 1900 को हुई 138.9 मिमी बारिश के 121 साल पुराने रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया है। स्टेशन के 1889 से अब तक के रिकॉर्ड में अक्टूबर महीने में एक दिन में हुई यह सबसे अधिक बारिश है। इस अप्रत्याशित बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी और सड़कें दरिया बन गईं, जिससे जन-जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।
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आज पश्चिमी यूपी की बारी, मौसम विभाग का रेड अलर्ट
\r\n\r\nबंगाल की खाड़ी से उठा दबाव का क्षेत्र अब पूर्वी उत्तर प्रदेश से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने आज सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, बिजनौर, अमरोहा समेत 23 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। पूर्वानुमान के मुताबिक, इन इलाकों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी प्रबल आशंका है। कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है, जिससे फसलों को और अधिक नुकसान हो सकता है।
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नदियां उफान पर, बांधों से छोड़ा गया पानी
\r\n\r\nपूर्वी यूपी में हुई मूसलाधार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और बांधों के जलस्तर ने खतरे के निशान को छू लिया है। मिर्जापुर में अहरौरा और जरगो बांध के गेट खोलकर हजारों क्यूसेक पानी छोड़ना पड़ा। वहीं, चंदौली में चंद्रप्रभा और मूसाखाड़ बांध के ओवरफ्लो होने से कर्मनाशा और चंद्रप्रभा नदियां उफान पर हैं, जिससे डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी घुसने का खतरा पैदा हो गया है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने कई मार्गों पर यातायात को रोककर वाहनों को दूसरे रास्तों पर डायवर्ट कर दिया है।
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कब मिलेगी राहत? 7 अक्टूबर से मौसम होगा साफ
\r\n\r\nइस आसमानी आफत के बीच एक राहत की खबर भी है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल सिंह के अनुसार, इस मौसमी सिस्टम का असर धीरे-धीरे कम हो रहा है और 7 अक्टूबर से प्रदेश भर में मौसम साफ होने और खिली धूप निकलने की उम्मीद है। हालांकि, तब तक अगले 24 से 48 घंटे प्रदेश के लिए, खासकर पश्चिमी यूपी के लिए, भारी गुजर सकते हैं।
Sabse pehle comment karne wale banein.