मेरठ/गाजियाबाद (NCR News):
\r\n\r\n
सावन के पवित्र महीने में कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) अपने चरम पर पहुंच चुकी है। 'बम-बम भोले' के जयकारों के बीच लाखों शिवभक्त हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। विशेषकर 'डाक कांवड़ियों' (Dak Kanwariyas) के जत्थों की संख्या में अचानक हुए भारी इजाफे के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यातायात तंत्र पर जबरदस्त दबाव पड़ा है। इसी को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लेते हुए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (Delhi-Meerut Expressway - DME) को गाजियाबाद की तरफ से यातायात के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
​इस महा-डायवर्जन के कारण दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) से वेस्ट यूपी और उत्तराखंड की ओर जाने वाले लाखों दैनिक यात्रियों और वाहन चालकों के लिए स्थिति थोड़ी मुश्किल हो गई है। जगह-जगह जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। आइए आपको विस्तार से बताते हैं कि कौन से रास्ते पूरी तरह बंद हैं, किन रास्तों पर वन-वे (One-way) लागू है और आपको अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए कौन सा सुरक्षित विकल्प चुनना चाहिए।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) का क्या है ताजा हाल?

\r\n\r\n
​कांवड़ यात्रा के अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण में डाक कांवड़िये दौड़ते हुए अपने शिवालयों तक पहुंचते हैं। इनकी सुरक्षा और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए यातायात पुलिस ने निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    ​गाजियाबाद से मेरठ (रास्ता बंद): एक्सप्रेसवे पर गाजियाबाद (सिद्धार्थ विहार/यूपी गेट) की तरफ से वाहनों की एंट्री पूरी तरह रोक दी गई है। अब दिल्ली या गाजियाबाद से कोई भी वाहन सीधे एक्सप्रेसवे के जरिए मेरठ नहीं जा सकता।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ​मेरठ से दिल्ली (रास्ता खुला): हालांकि, राहत की बात यह है कि एडीजी भानु भास्कर ने स्पष्ट किया है कि मेरठ की तरफ से दिल्ली जाने वाले वाहनों के लिए एक्सप्रेसवे फिलहाल खुला रखा गया है। यानी मेरठ से दिल्ली जाने वाले यात्री आराम से सफर कर सकते हैं।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n
​
\r\n\r\n

डायवर्जन: दिल्ली-नोएडा से मेरठ कैसे जाएं?

\r\n\r\n
​चूंकि एक्सप्रेसवे गाजियाबाद की तरफ से बंद है, इसलिए दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद से मेरठ जाने वाले वाहनों को डासना कट से डायवर्ट किया जा रहा है। अब इन वाहनों को डासना से उतरकर हापुड़ मार्ग (Hapur Road) होते हुए मेरठ आना पड़ रहा है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
​जाम की स्थिति: सारा ट्रैफिक डासना-हापुड़ मार्ग पर शिफ्ट होने के कारण इस रूट पर वाहनों का भारी दबाव बन गया है, जिसके चलते कई किलोमीटर लंबे जाम की समस्या खड़ी हो गई है। इसके अलावा, ट्रैफिक को NH-9 (नेशनल हाईवे 9) और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (Eastern Peripheral Expressway - EPE) की ओर भी मोड़ा गया है, जिससे इन दोनों एक्सप्रेसवे पर भी गाड़ियों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं।
\r\n\r\n
​
\r\n\r\n

शहर के अंदर की व्यवस्था: वन-वे (One-Way) और पाबंदियां

\r\n\r\n
​मेरठ के एसपी यातायात, राजेश श्रीवास्तव और एडीजी भानु भास्कर ने शहर की आंतरिक ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    इन प्रमुख मार्गों पर वन-वे लागू: शहर के मुख्य मार्गों—दिल्ली रोड, गढ़ रोड और हापुड़ रोड पर वन-वे (One-Way) व्यवस्था लागू कर दी गई है। सड़क की एक साइड पूरी तरह से सिर्फ कांवड़ियों के लिए आरक्षित (Reserve) कर दी गई है। दूसरी साइड से दोनों तरफ के (आने और जाने वाले) सामान्य वाहन गुजरेंगे।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    ​ऑटो और ई-रिक्शा पर पूर्ण प्रतिबंध: ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए इन तीनों प्रमुख मार्गों (दिल्ली, हापुड़, गढ़ रोड) पर ऑटो और ई-रिक्शा (E-Rickshaw) का संचालन पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    ​दिल्ली-रुड़की हाईवे का हाल: दिल्ली-रुड़की हाईवे पर एक साइड में हल्के वाहनों (Light Motor Vehicles) के संचालन की अनुमति दी गई है। भारी वाहनों की नो-एंट्री जारी रहेगी।
    \r\n
  6. \r\n
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

किन रास्तों पर सफर करना है सबसे सुरक्षित? (No Kanwariya Zone)

\r\n\r\n
​यदि आप बिना जाम में फंसे अपनी यात्रा पूरी करना चाहते हैं, तो प्रशासन ने दो प्रमुख मार्गों को कांवड़ियों के प्रवेश से मुक्त (Restricted for Kanwariyas) रखा है:
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    ​दिल्ली-दून इकोनॉमिक कॉरिडोर (Delhi-Dehradun Economic Corridor)
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ​गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway)
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n
​
\r\n\r\n
इन दोनों हाई-स्पीड कॉरिडोर्स पर यातायात सामान्य रूप से चलता रहेगा। यहां शिवभक्तों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा, इसलिए वाहन चालक लंबी दूरी की यात्रा के लिए बेझिझक इन मार्गों का चुनाव कर सकते हैं।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

'नमो भारत' (Namo Bharat): जाम से बचने का सबसे बड़ा ब्रह्मास्त्र

\r\n\r\n
​सड़क मार्ग पर बढ़ते दबाव और डायवर्जन को देखते हुए, एडीजी भानु भास्कर ने आम जनता से एक विशेष अपील की है। उन्होंने कहा है कि जो भी यात्री मेरठ से दिल्ली या दिल्ली से मेरठ-गाजियाबाद का सफर कर रहे हैं, वे अगले तीन दिनों तक अपने निजी वाहनों या बसों का उपयोग करने से बचें।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
​इसके बजाय, लोगों को 'नमो भारत' (Rapid Rail / RRTS) का अधिकतम इस्तेमाल करना चाहिए। 'नमो भारत' ट्रेन आपको बिना किसी ट्रैफिक जाम के 160 किमी/घंटा की रफ्तार से आपकी मंजिल तक पहुंचा देगी।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
​यात्रियों की सुविधा के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रशासन ने दिल्ली रोड पर 'नमो भारत स्टेशनों' के सामने बैरिकेडिंग से बंद किए गए कट्स को तुरंत खोलने के आदेश दे दिए हैं, ताकि लोग आसानी से स्टेशन तक पहुंच सकें।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

आंकड़ों में कांवड़ यात्रा 2026 (एक नजर में)

\r\n\r\n
​इस बार की कांवड़ यात्रा ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    ​शनिवार तक का आंकड़ा: प्राप्त सरकारी आंकड़ों के अनुसार, केवल शनिवार को ही 55 लाख 40 हजार कांवड़ियों ने हरिद्वार से पवित्र गंगाजल उठाया है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ​कुल कांवड़ियों की संख्या: अब तक कुल 3 करोड़ 19 लाख से ज्यादा शिवभक्त जल लेकर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान कर चुके हैं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ​डाक कांवड़ का प्रवेश: मुजफ्फरनगर और मेरठ की सीमा में यूपी, दिल्ली और हरियाणा के लाखों 'डाक कांवड़ियों' का जत्था प्रवेश कर चुका है। डाक कांवड़ में शिवभक्त रिले रेस की तरह बिना रुके दौड़ते हुए जल लेकर आते हैं, इसीलिए उनके लिए रास्ता खाली रखना पुलिस की सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

यात्रियों के लिए एक्सपर्ट एडवाइजरी (Travel Tips)

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    ​अतिरिक्त समय लेकर चलें (Margin of Error): यदि आप सड़क मार्ग से यात्रा कर रहे हैं, तो अपने सामान्य समय से कम से कम 2 से 3 घंटे अतिरिक्त लेकर चलें, क्योंकि NH-9 और पेरिफेरल पर जाम मिलना तय है।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    ​Google Maps का ब्लाइंडली भरोसा न करें: कई बार जीपीएस (GPS) बंद हो चुके ग्रामीण रास्तों या कांवड़ पटरियों को शॉर्टकट के रूप में दिखा देता है। पुलिस बैरिकेडिंग के अनुसार ही चलें।
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    ​सार्वजनिक परिवहन अपनाएं: जितना हो सके, नमो भारत (RRTS) या दिल्ली मेट्रो (रेड लाइन- नया बस अड्डा) का इस्तेमाल करें।
    \r\n
  6. \r\n
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
कांवड़ यात्रा आस्था का महापर्व है, लेकिन इसके विशाल स्वरूप के कारण आम जनजीवन का प्रभावित होना स्वाभाविक है। प्रशासन स्थिति को संभालने के लिए मुस्तैद है। एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते, पुलिस के ट्रैफिक डायवर्जन प्लान का पालन करें, संयम बनाए रखें और 'नमो भारत' जैसे सुरक्षित विकल्पों को चुनें।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन