\r\n\r\n\r\n\r\n🚦ट्रैफिक एडवाइजरी 🚦
\r\n— Ghaziabad Traffic Police (@Gzbtrafficpol) August 7, 2026
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\r\n📢 कांवड़ यात्रा 2026: सुगम यातायात हेतु विशेष रूट डायवर्जन एवं वैकल्पिक मार्ग व्यवस्था-
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\r\n⚠️ DPS सिद्धार्थ विहार से मेरठ तिराहा मार्ग पर आवागमन प्रतिबंधित।
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) का क्या है ताजा हाल?
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- \r\n गाजियाबाद से मेरठ (रास्ता बंद): एक्सप्रेसवे पर गाजियाबाद (सिद्धार्थ विहार/यूपी गेट) की तरफ से वाहनों की एंट्री पूरी तरह रोक दी गई है। अब दिल्ली या गाजियाबाद से कोई भी वाहन सीधे एक्सप्रेसवे के जरिए मेरठ नहीं जा सकता।\r\n \r\n
- \r\n मेरठ से दिल्ली (रास्ता खुला): हालांकि, राहत की बात यह है कि एडीजी भानु भास्कर ने स्पष्ट किया है कि मेरठ की तरफ से दिल्ली जाने वाले वाहनों के लिए एक्सप्रेसवे फिलहाल खुला रखा गया है। यानी मेरठ से दिल्ली जाने वाले यात्री आराम से सफर कर सकते हैं।\r\n \r\n
डायवर्जन: दिल्ली-नोएडा से मेरठ कैसे जाएं?
\r\n\r\nशहर के अंदर की व्यवस्था: वन-वे (One-Way) और पाबंदियां
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- \r\n इन प्रमुख मार्गों पर वन-वे लागू: शहर के मुख्य मार्गों—दिल्ली रोड, गढ़ रोड और हापुड़ रोड पर वन-वे (One-Way) व्यवस्था लागू कर दी गई है। सड़क की एक साइड पूरी तरह से सिर्फ कांवड़ियों के लिए आरक्षित (Reserve) कर दी गई है। दूसरी साइड से दोनों तरफ के (आने और जाने वाले) सामान्य वाहन गुजरेंगे।\r\n \r\n
- \r\n ऑटो और ई-रिक्शा पर पूर्ण प्रतिबंध: ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए इन तीनों प्रमुख मार्गों (दिल्ली, हापुड़, गढ़ रोड) पर ऑटो और ई-रिक्शा (E-Rickshaw) का संचालन पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।\r\n \r\n
- \r\n दिल्ली-रुड़की हाईवे का हाल: दिल्ली-रुड़की हाईवे पर एक साइड में हल्के वाहनों (Light Motor Vehicles) के संचालन की अनुमति दी गई है। भारी वाहनों की नो-एंट्री जारी रहेगी।\r\n \r\n
किन रास्तों पर सफर करना है सबसे सुरक्षित? (No Kanwariya Zone)
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- \r\n दिल्ली-दून इकोनॉमिक कॉरिडोर (Delhi-Dehradun Economic Corridor)\r\n \r\n
- \r\n गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway)\r\n \r\n
'नमो भारत' (Namo Bharat): जाम से बचने का सबसे बड़ा ब्रह्मास्त्र
\r\n\r\nआंकड़ों में कांवड़ यात्रा 2026 (एक नजर में)
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- \r\n शनिवार तक का आंकड़ा: प्राप्त सरकारी आंकड़ों के अनुसार, केवल शनिवार को ही 55 लाख 40 हजार कांवड़ियों ने हरिद्वार से पवित्र गंगाजल उठाया है।\r\n \r\n
- \r\n कुल कांवड़ियों की संख्या: अब तक कुल 3 करोड़ 19 लाख से ज्यादा शिवभक्त जल लेकर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान कर चुके हैं।\r\n \r\n
- \r\n डाक कांवड़ का प्रवेश: मुजफ्फरनगर और मेरठ की सीमा में यूपी, दिल्ली और हरियाणा के लाखों 'डाक कांवड़ियों' का जत्था प्रवेश कर चुका है। डाक कांवड़ में शिवभक्त रिले रेस की तरह बिना रुके दौड़ते हुए जल लेकर आते हैं, इसीलिए उनके लिए रास्ता खाली रखना पुलिस की सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है।\r\n \r\n
यात्रियों के लिए एक्सपर्ट एडवाइजरी (Travel Tips)
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- \r\n अतिरिक्त समय लेकर चलें (Margin of Error): यदि आप सड़क मार्ग से यात्रा कर रहे हैं, तो अपने सामान्य समय से कम से कम 2 से 3 घंटे अतिरिक्त लेकर चलें, क्योंकि NH-9 और पेरिफेरल पर जाम मिलना तय है।\r\n \r\n
- \r\n Google Maps का ब्लाइंडली भरोसा न करें: कई बार जीपीएस (GPS) बंद हो चुके ग्रामीण रास्तों या कांवड़ पटरियों को शॉर्टकट के रूप में दिखा देता है। पुलिस बैरिकेडिंग के अनुसार ही चलें।\r\n \r\n
- \r\n सार्वजनिक परिवहन अपनाएं: जितना हो सके, नमो भारत (RRTS) या दिल्ली मेट्रो (रेड लाइन- नया बस अड्डा) का इस्तेमाल करें।\r\n \r\n
Sabse pehle comment karne wale banein.