[बिजनौर, 13 फरवरी 2026] — भारत के विकास और नीतियों का आधार मानी जाने वाली जनगणना (Census) अब अपने सबसे आधुनिक स्वरूप में हमारे सामने आने वाली है। कागज के मोटे रजिस्टर और कलम का दौर अब इतिहास बनने जा रहा है। बिजनौर जिला प्रशासन ने आगामी जनगणना 2027 के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।READ ALSO:-मेरठ ब्रेकिंग: पुलिस की नाक के नीचे 'ट्रैफिक टेरर', कांवड़ यात्रा के बीच बेगमपुल पर ई-रिक्शा की अवैध 'दीवार'— पूर्व अध्यक्ष ने DM-SSP को चेताया, "हादसा हुआ तो कौन जिम्मेदार?"
\r\n\r\n\r\n\r\n
आज कलेक्ट्रेट सभागार, बिजनौर में जिला स्तरीय जनगणना समिति की एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी (DM) श्रीमती जसजीत कौर ने की। बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए कि इस बार की जनगणना न केवल हाई-टेक होगी बल्कि इसमें आम आदमी की भागीदारी (Public Participation) को भी सबसे ऊपर रखा जाएगा।
\r\n\r\n\r\n\r\n
इस विस्तृत रिपोर्ट में हम जानेंगे कि बिजनौर में प्रशासन ने क्या खाका तैयार किया है, 'डिजिटल सेंसस' का मतलब क्या है, और आप कैसे घर बैठे अपनी जानकारी सरकार तक पहुंचा पाएंगे।
\r\n\r\n\r\n\r\n
बैठक का एजेंडा - 'त्रुटि रहित' और 'समयबद्ध' काम
\r\n\r\nजिलाधिकारी जसजीत कौर ने बैठक की शुरुआत करते हुए सभी विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उनका मुख्य जोर शुद्धता (Accuracy) और समयबद्धता (Timeliness) पर था।
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
DM के सख्त निर्देश:
\r\n\r\nजिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनगणना का कार्य राष्ट्र निर्माण से जुड़ा है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n पूर्णतः डिजिटल: जनगणना का संपूर्ण कार्य डिजिटल मोड पर होगा।\r\n \r\n
- \r\n त्रुटि रहित डेटा: डेटा एंट्री में कोई गलती न हो, इसके लिए प्रगणकों (Enumerators) को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n मॉनिटरिंग: हर ब्लॉक और तहसील स्तर पर एक निगरानी समिति काम करेगी जो डेटा की गुणवत्ता चेक करेगी।\r\n \r\n
\r\n\r\n
कागज हटाओ, ऐप लाओ (The Digital Shift)
\r\n\r\nबिजनौर के नागरिकों के लिए सबसे बड़ी खबर यह है कि इस बार आपके दरवाजे पर आने वाला सरकारी कर्मचारी (प्रगणक) कोई भारी-भरकम रजिस्टर लेकर नहीं आएगा, बल्कि उसके हाथ में एक स्मार्टफोन या टैबलेट होगा।
\r\n\r\n\r\n\r\n
प्रगणक मोबाइल ऐप (Enumerator App):
\r\n\r\nजिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना 2027 के लिए एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन तैयार किया गया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n जियो-टैगिंग: प्रगणक जब आपके घर आएगा, तो वह ऐप के जरिए न केवल आपकी जानकारी भरेगा, बल्कि घर की लोकेशन को जियो-टैग भी करेगा।\r\n \r\n
- \r\n रियल टाइम डेटा: भरा गया डेटा तुरंत केंद्रीय सर्वर पर अपलोड होगा, जिससे डेटा चोरी या खोने का डर खत्म हो जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n पारदर्शिता: डिजिटल होने से आंकड़ों में हेराफेरी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।\r\n \r\n
\r\n\r\n
आम जनता के लिए बड़ी सुविधा - 'सेल्फ इन्यूमरेशन'
\r\n\r\nइस बैठक में सबसे महत्वपूर्ण घोषणा 'आत्म-गणना' (Self-Enumeration) को लेकर की गई। यह भारतीय जनगणना के इतिहास में एक बड़ा बदलाव है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
आप खुद भर सकेंगे अपना फॉर्म
\r\n\r\nडीएम जसजीत कौर ने बताया कि सरकार नागरिकों को यह सुविधा दे रही है कि वे स्वयं (Self) भी मोबाइल ऐप या वेब पोर्टल पर लॉग इन करके अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
इसके फायदे:
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n प्राइवेसी: आप अपनी जानकारी खुद भरेंगे, तो गलती होने की संभावना नहीं रहेगी।\r\n \r\n
- \r\n सुविधा: आपको प्रगणक के आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आप अपनी सुविधानुसार रात में या छुट्टी के दिन फॉर्म भर सकते हैं।\r\n \r\n
- \r\n वेरिफिकेशन: जब प्रगणक आपके घर आएगा, तो आपको बस उसे एक रेफरेंस कोड दिखाना होगा। वह उसे अपने ऐप में डालेगा और आपका वेरिफिकेशन पूरा हो जाएगा।\r\n \r\n
\r\n\r\n
प्रथम चरण - हाउस लिस्टिंग (HLBs) क्या है?
\r\n\r\nजनगणना रातों-रात नहीं होती; यह एक चरणबद्ध प्रक्रिया है। बिजनौर में इसके प्रथम चरण की शुरुआत जल्द ही होने वाली है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
मकान सूचीकरण (House Listing Operations):
\r\n\r\nबैठक में बताया गया कि सबसे पहले हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स (HLBs) तैयार किए जाएंगे।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n इसमें इंसानों को नहीं, बल्कि मकानों को गिना जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n यह देखा जाएगा कि मकान कच्चा है या पक्का, उसमें बिजली-पानी का कनेक्शन है या नहीं, और उसका उपयोग किस लिए हो रहा है (रिहायशी या कमर्शियल)।\r\n \r\n
- \r\n इसी डेटा के आधार पर जनगणना के दूसरे चरण (जनसंख्या गिनती) का रोडमैप तैयार होगा।\r\n \r\n
\r\n\r\n
गांव-गांव चलेगा जागरूकता अभियान
\r\n\r\nचूंकि यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है और इसमें जनता का सहयोग अनिवार्य है, इसलिए प्रशासन ने एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान (Mass Awareness Campaign) चलाने का निर्णय लिया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
अभियान की रूपरेखा:
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n पंचायत स्तर: ग्राम प्रधानों और सचिवों के माध्यम से ग्रामीणों को बताया जाएगा कि मोबाइल ऐप पर जानकारी कैसे देनी है।\r\n \r\n
- \r\n शहरी निकाय: नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में होर्डिंग्स और लाउडस्पीकर के जरिए प्रचार होगा।\r\n \r\n
- \r\n स्कूल-कॉलेज: जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को निर्देश दिए गए हैं कि छात्रों के माध्यम से उनके अभिभावकों को जागरूक किया जाए।\r\n \r\n
\r\n\r\n
विकास को मिलेगी नई दिशा
\r\n\r\nजिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि "जनगणना 2027 को डिजिटल करके विकास को नई दिशा दी जाएगी।"
\r\n\r\n\r\n\r\n
इसका क्या मतलब है? सही और सटीक डेटा होने पर ही सरकार सही योजनाएं बना पाती है।
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n अगर बिजनौर के किसी गांव में साक्षरता कम है, तो वहां स्कूल खोले जाएंगे।\r\n \r\n
- \r\n अगर किसी क्षेत्र में कच्चे मकान ज्यादा हैं, तो वहां प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n डिजिटल जनगणना से यह डेटा सरकार को बहुत जल्दी मिल जाएगा, जिससे योजनाओं को लागू करने में देरी नहीं होगी।\r\n \r\n
\r\n\r\n
बैठक में मौजूद अधिकारी
\r\n\r\nइस महत्वपूर्ण बैठक में जिला प्रशासन के सभी शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे, जिससे इस कार्य की गंभीरता का पता चलता है:
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n श्रीमती वान्या सिंह, अपर जिलाधिकारी (ADM)\r\n \r\n
- \r\n जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO)\r\n \r\n
- \r\n जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS)\r\n \r\n
- \r\n सभी तहसीलों के एसडीएम (SDM) और अन्य विभागीय अधिकारी।\r\n \r\n
\r\n\r\n
एक नए दौर की शुरुआत
\r\n\r\nबिजनौर जिला प्रशासन द्वारा शुरू की गई यह तैयारी बताती है कि 2027 की जनगणना केवल सिर गिनने की प्रक्रिया नहीं होगी, बल्कि यह एक 'डिजिटल एक्सरसाइज' होगी। डीएम जसजीत कौर का विजन स्पष्ट है—तकनीक का इस्तेमाल करके प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाना। अब यह बिजनौर की जनता की जिम्मेदारी है कि वे प्रशासन का सहयोग करें और जब प्रगणक आएं या ऐप लाइव हो, तो सही जानकारी दर्ज कराएं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
\r\n\r\nप्रश्न 1: क्या मुझे जनगणना के लिए सरकारी दफ्तर जाना होगा?
\r\n\r\nउत्तर: नहीं, प्रगणक (सरकारी कर्मचारी) आपके घर आएंगे। इसके अलावा, आप खुद भी मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे जानकारी भर सकेंगे।
\r\n\r\nप्रश्न 2: क्या यह जनगणना पूरी तरह से पेपरलेस होगी?
\r\n\r\nउत्तर: जी हां, प्रशासन का पूरा जोर डिजिटल मोड पर है। प्रगणक मोबाइल/टैबलेट का उपयोग करेंगे।
\r\n\r\nप्रश्न 3: सेल्फ-इन्यूमरेशन (स्वयं गणना) कैसे काम करेगा?
\r\n\r\nउत्तर: सरकार एक पोर्टल/ऐप लॉन्च करेगी। आप अपने मोबाइल नंबर से लॉग इन करेंगे, फॉर्म भरेंगे, और आपको एक कोड मिलेगा। जब प्रगणक आपके घर आएगा, तो वह कोड उसे देना होगा।
\r\n\r\nप्रश्न 4: हाउस लिस्टिंग (HLB) क्या होती है?
\r\n\r\nउत्तर: यह जनगणना का पहला चरण है जिसमें केवल मकानों और इमारतों को सूचीबद्ध किया जाता है ताकि यह पता चले कि लोग कहां और कैसी स्थिति में रह रहे हैं।
Sabse pehle comment karne wale banein.