नई दिल्ली (Education Desk): सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) के 10वीं कक्षा के उन लाखों छात्रों का इंतजार आज खत्म हो गया है, जो अपने 'सेशन-1' बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम की राह देख रहे थे। सीबीएसई ने आधिकारिक तौर पर 10वीं सेशन-1 का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस साल देशभर से लगभग 25 लाख छात्र-छात्राएं इस परीक्षा में शामिल हुए थे। शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सबसे बड़े सुधारों में से एक, 'टू-बोर्ड सिस्टम' (Two Board System) के तहत यह पहली परीक्षा थी, जिसे देश भर के 8,000 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर बेहद कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच सफलतापूर्वक आयोजित किया गया था।READ ALSO:-मेरठ के ऐतिहासिक नौचंदी मेले का मई में भव्य आगाज: बुजुर्गों-बच्चों को 'फ्री गोल्फ कार्ट' का तोहफा, महिलाओं के लिए रिजर्व होंगे स्टॉल
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परीक्षा में पास होने के लिए छात्रों को थ्योरी (Theory) और इंटरनल असेसमेंट (Internal Assessment) दोनों को मिलाकर न्यूनतम 33% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। छात्र अब सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट्स और सरकारी ऐप्स के माध्यम से अपना ऑनलाइन स्कोरकार्ड और मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं।
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क्यों नहीं जारी होगी मेरिट लिस्ट और टॉपर्स की सूची?
\r\n\r\nपिछले कुछ वर्षों से सीबीएसई ने एक बेहद सकारात्मक और छात्र-हितैषी कदम उठाते हुए मेरिट लिस्ट (Merit List) और टॉपर्स (Toppers) की घोषणा करने की प्रथा को पूरी तरह से बंद कर दिया है। इस साल भी 10वीं सेशन-1 के रिजल्ट में कोई टॉपर घोषित नहीं किया गया है।
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बोर्ड का मानना है कि टॉपर्स की सूची जारी करने से छात्रों के बीच अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा (Unhealthy Competition) और अनावश्यक मनोवैज्ञानिक दबाव (Psychological Pressure) पैदा होता है। इसके अलावा, सीबीएसई ने देश के सभी स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों को भी सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने स्तर पर किसी भी छात्र को 'स्कूल टॉपर' या 'जिला टॉपर' घोषित न करें। बोर्ड का यह कदम छात्रों को केवल अंकों की दौड़ में भागने के बजाय समग्र शिक्षा (Holistic Education) पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित करता है।
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यहां से चेक करें अपना CBSE 10th रिजल्ट (Direct Links)
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छात्रों की भारी संख्या के कारण वेबसाइट क्रैश न हो, इसके लिए सीबीएसई ने कई आधिकारिक वेबसाइट्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिजल्ट उपलब्ध कराया है। छात्र अपना 'रोल नंबर' (Roll Number), स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी दर्ज करके इन लिंक्स पर परिणाम देख सकते हैं:
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- \r\n results.cbse.nic.in\r\n \r\n
- \r\n cbse.gov.in\r\n \r\n
- \r\n results.nic.in\r\n \r\n
- \r\n results.digilocker.gov.in\r\n \r\n
- \r\n umang.gov.in\r\n \r\n
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उमंग (UMANG) ऐप पर रिजल्ट चेक करने का सबसे आसान तरीका: यदि वेबसाइट्स पर हैवी ट्रैफिक है, तो स्मार्टफोन यूजर्स भारत सरकार के उमंग ऐप से मात्र 1 मिनट में अपना रिजल्ट देख सकते हैं:
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- \r\n सबसे पहले अपने स्मार्टफोन के प्ले स्टोर (Play Store) या ऐप स्टोर से UMANG App डाउनलोड करें।\r\n \r\n
- \r\n ऐप खोलें, अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर एक अकाउंट बनाएं और लॉग इन करें।\r\n \r\n
- \r\n होमपेज पर 'ऑल सर्विसेज' में जाकर CBSE सर्च करें या सीधे "CBSE Class 10th Result 2026" लिंक पर क्लिक करें।\r\n \r\n
- \r\n अपना रोल नंबर, स्कूल कोड और जन्म तिथि (DOB) सही-सही भरें और 'सबमिट' बटन दबाएं।\r\n \r\n
- \r\n आपका सेशन-1 का डिजिटल स्कोरकार्ड स्क्रीन पर आ जाएगा। इसे भविष्य के लिए डाउनलोड कर लें।\r\n \r\n
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शिक्षा जगत का सबसे बड़ा बदलाव: 'टू-बोर्ड एग्जाम सिस्टम'
\r\n\r\nराष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के विजन को साकार करते हुए, सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 से 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के लिए नया 'टू-बोर्ड एग्जाम सिस्टम' लागू कर दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों पर से एक ही परीक्षा का सारा दबाव खत्म करना और उन्हें अपनी गलतियों को सुधारने का दूसरा मौका देना है।
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- \r\n पहला बोर्ड एग्जाम (सेशन-1 - अनिवार्य): यह परीक्षा सभी छात्रों के लिए अनिवार्य थी, जिसका आयोजन 17 फरवरी से 11 मार्च 2026 के बीच किया गया था। इसी का रिजल्ट आज जारी किया गया है।\r\n \r\n
- \r\n दूसरा बोर्ड एग्जाम (सेशन-2 - ऑप्शनल): यह परीक्षा पूरी तरह से वैकल्पिक (Optional) है। इसका आयोजन आगामी 15 मई से 1 जून 2026 तक किया जाएगा।\r\n \r\n
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सेशन-2 एग्जाम कौन दे सकता है?
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- \r\n अंक सुधार (Improvement): जो छात्र सेशन-1 के अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, वे अधिकतम 3 विषयों में अपने अंकों में सुधार करने के लिए सेशन-2 की परीक्षा दे सकते हैं।\r\n \r\n
- \r\n कंपार्टमेंट (Compartment): यदि कोई छात्र अधिकतम 2 विषयों में फेल हो गया है, तो उसे कंपार्टमेंट कैटेगरी में रखा जाएगा और वह सेशन-2 में उन विषयों की परीक्षा देकर इसी साल पास हो सकता है। (नोट: यदि कोई छात्र 3 या उससे अधिक विषयों में फेल होता है, तो उसे अनिवार्य रूप से अगले साल (2027) की मेन एग्जाम दोबारा देनी होगी।)\r\n \r\n
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नए नियमों को लेकर छात्रों और अभिभावकों के मन में उठने वाले अहम सवाल (FAQs)
\r\n\r\nदो बोर्ड परीक्षाओं के इस नए नियम को लेकर छात्रों और अभिभावकों के मन में कई शंकाएं हैं। आइए सीबीएसई की गाइडलाइंस के आधार पर इन्हें आसान भाषा में समझते हैं:
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सवाल 1: यह दो बार एग्जाम होने का नियम कब से लागू हुआ है? जवाब: शिक्षा मंत्रालय और सीबीएसई के अनुसार, यह नया नियम वर्तमान 2025-26 शैक्षणिक सत्र से ही लागू कर दिया गया है। यानी साल 2026 वह पहला साल है जिसमें बोर्ड एग्जाम 2 बार (सेशन 1 और सेशन 2) आयोजित किए जा रहे हैं।
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सवाल 2: क्या हर छात्र के लिए दोनों बार एग्जाम देना अनिवार्य (Compulsory) है? जवाब: बिलकुल नहीं। छात्रों पर कोई दबाव नहीं है। सीबीएसई ने छात्रों को 3 शानदार विकल्प दिए हैं:
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- \r\n विकल्प 1: छात्र चाहें तो साल में केवल एक बार (सेशन-1) परीक्षा देकर उसी रिजल्ट को फाइनल मान सकते हैं।\r\n \r\n
- \r\n विकल्प 2: छात्र अपने अनुभव के लिए दोनों परीक्षाओं (सेशन 1 और 2) में शामिल हो सकते हैं।\r\n \r\n
- \r\n विकल्प 3: यदि किसी छात्र का एक या दो विषयों का पेपर खराब गया है, तो वह केवल उन विशेष विषयों के लिए सेशन-2 का एग्जाम दे सकता है।\r\n \r\n
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सवाल 3: अगर किसी छात्र ने दोनों बार एग्जाम दिए हैं, तो फाइनल मार्कशीट में कौन सा रिजल्ट छपेगा? जवाब: यहीं पर 'बेस्ट ऑफ टू' (Best of Two) का शानदार फॉर्मूला लागू होता है। जो छात्र दोनों बार बोर्ड एग्जाम में शामिल होंगे, उनका वह रिजल्ट फाइनल माना जाएगा, जिसमें उनके नंबर बेहतर होंगे। उदाहरण के लिए, अगर आपने गणित में पहली बार 85 अंक प्राप्त किए और दूसरी बार परीक्षा देने पर अंक घटकर 75 रह गए, तो सीबीएसई आपकी मार्कशीट में पहली परीक्षा वाले 85 अंक ही फाइनल मानेगा। इससे छात्रों को बिना किसी नुकसान के अपना स्कोर सुधारने की आजादी मिलती है।
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सवाल 4: क्या सेशन-1 और सेशन-2 की परीक्षाओं में आधा-आधा सिलेबस (Syllabus) पूछा जाएगा? जवाब: नहीं। ऐसा कोई विभाजन नहीं किया गया है। दोनों ही परीक्षाओं (सेशन 1 और 2) में पूरा (100%) सिलेबस ही पूछा जाएगा। इसके साथ ही, एग्जाम का पैटर्न, प्रश्नों का फॉर्मेट, कठिनाई स्तर (Difficulty Level) और समय सीमा दोनों परीक्षाओं में एक जैसी ही होगी।
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सवाल 5: तो क्या अब इन दो एग्जाम्स के बाद कोई सप्लीमेंट्री (Supplementary) एग्जाम भी होगा? जवाब: नहीं। 10वीं कक्षा के लिए पुरानी सप्लीमेंट्री एग्जाम की व्यवस्था को अब हमेशा के लिए खत्म कर दिया गया है। जो छात्र फेल होते हैं या नंबर सुधारना चाहते हैं, उनके लिए अब 'सेशन-2' ही सप्लीमेंट्री और इंप्रूवमेंट दोनों का काम करेगा।
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सवाल 6: क्या दूसरी बार परीक्षा देने पर एग्जाम सेंटर बदल जाएगा? जवाब: नहीं, छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सीबीएसई ने यह तय किया है कि दोनों बोर्ड परीक्षाओं (सेशन-1 और सेशन-2) के लिए छात्र का एग्जाम सेंटर एक ही रहेगा।
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सवाल 7: क्या दोनों परीक्षाओं के लिए छात्रों को स्कूल में अलग-अलग रजिस्ट्रेशन कराना होगा और 2 बार फीस देनी होगी? जवाब: नहीं। कागजी कार्रवाई को आसान बनाने के लिए रजिस्ट्रेशन (Registration) की प्रक्रिया एक ही बार (शुरुआत में) की गई है। हालांकि, जो छात्र शुरुआत से ही दोनों बार परीक्षा देने का विकल्प चुनते हैं, उनकी परीक्षा फीस (Exam Fee) स्कूल द्वारा एक साथ ही जमा करा ली जाती है।
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सवाल 8: थ्योरी के एग्जाम तो 2 बार होंगे, लेकिन क्या प्रैक्टिकल (Practical) एग्जाम भी 2 बार देने होंगे? जवाब: नहीं। छात्रों को प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट के एग्जाम केवल एक ही बार देने होंगे। यह प्रक्रिया पहले की तरह ही सर्दियों में (दिसंबर-जनवरी) स्कूलों द्वारा आयोजित की जाती रहेगी। सेशन-2 में केवल थ्योरी (लिखित) परीक्षा होगी और प्रैक्टिकल के पुराने नंबर ही उसमें जोड़ दिए जाएंगे।
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सीबीएसई का यह नया सिस्टम निश्चित रूप से रट्टा मारने की प्रवृत्ति को कम करेगा और छात्रों को मानसिक तनाव से दूर रखकर उनकी वास्तविक क्षमता को निखारने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करेगा। 10वीं के सभी उत्तीर्ण छात्रों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं!
Sabse pehle comment karne wale banein.