बिजनौर (Khabreelal News Desk): उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) जिले में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल चुका है। पिछले कुछ दिनों से जारी बर्फीली हवाओं और घने कोहरे ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। आसमान से बरस रही इस 'आफत' के बीच सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही थी। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
बिजनौर जिलाधिकारी (DM) जसजीत कौर के कड़े निर्देशों के बाद, जिला बेसिक शिक्षा विभाग ने जिले के स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। यह खबर न केवल बच्चों के लिए बल्कि उन अभिभावकों के लिए भी बड़ी राहत लेकर आई है, जो सुबह-सुबह घने कोहरे में अपने बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर चिंतित थे।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
आइये, आपको इस आदेश की एक-एक जानकारी, मौसम के भयानक रूप और बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी उपायों के बारे में विस्तार से बताते हैं।
\r\n\r\n

\r\n\r\n

1. क्या है पूरा आदेश? (Official Order Details)

\r\n\r\n
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) सचिन कसाना द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिले में अत्यधिक ठंड और शीतलहर (Cold Wave) के प्रकोप को देखते हुए स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया गया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    अवकाश की तारीख: 7 और 8 जनवरी (दो दिन)।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    किन कक्षाओं के लिए: प्री-प्राइमरी (नर्सरी/प्ले ग्रुप) से लेकर कक्षा 8वीं तक।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    कौन से स्कूल शामिल हैं: यह आदेश जिले के सभी परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त (Aided), सीबीएसई (CBSE), आईसीएसई (ICSE), मदरसा बोर्ड और यूपी बोर्ड के सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
बीएसए ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है और ऐसे मौसम में उनके बीमार पड़ने का खतरा सबसे अधिक होता है। इसलिए, प्रशासन ने बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

2. प्रशासन की सख्त चेतावनी: उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई

\r\n\r\n
जिला प्रशासन ने इस आदेश को केवल सलाह नहीं, बल्कि सख्त निर्देश के रूप में जारी किया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEOs) और स्कूल प्रबंधकों को निर्देशित किया है कि इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    निगरानी: विभाग की टीमें औचक निरीक्षण कर सकती हैं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    चेतावनी: यदि कोई स्कूल (चाहे वह कितना भी प्रतिष्ठित प्राइवेट स्कूल क्यों न हो) 7 या 8 जनवरी को कक्षा 8 तक के बच्चों को बुलाता पाया गया, तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम और विभागीय नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्कूल की मान्यता पर भी संकट आ सकता है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
प्रशासन का कहना है कि कई बार प्राइवेट स्कूल अपनी मनमानी करते हुए गुपचुप तरीके से क्लास लगाते हैं, जिससे बच्चों को कड़ाके की ठंड में घर से निकलना पड़ता है। इस बार ऐसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

3. बिजनौर में 'शिमला' जैसा अहसास: मौसम का हाल

\r\n\r\n
बिजनौर जिले की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहाँ पहाड़ी इलाकों (उत्तराखंड) से आने वाली हवाओं का सीधा असर होता है। पिछले 48 घंटों में जिले का तापमान तेजी से नीचे गिरा है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    तापमान में गिरावट: दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 5-6 डिग्री नीचे चल रहा है, जबकि न्यूनतम तापमान 4-5 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने की संभावना है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    गलन वाली सर्दी: धूप न निकलने और पछुआ हवाओं के कारण 'गलन' बढ़ गई है। लोग दिन में भी अलाव तापते नजर आ रहे हैं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    विजिबिलिटी (दृश्यता) ज़ीरो: सुबह और रात के समय कोहरा इतना घना है कि 10 मीटर दूर देखना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में स्कूल बसों और वैन का सड़कों पर चलना किसी खतरे से खाली नहीं था।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मौसम विभाग (IMD) ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक 'कोल्ड डे' (Cold Day) की स्थिति बने रहने की चेतावनी दी है। इसका मतलब है कि अभी ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

4. अभिभावकों की चिंता और राहत की सांस

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    सुमन शर्मा (अभिभावक, सिविल लाइंस): "मेरा बेटा कक्षा 2 में है। सुबह 7 बजे इतनी ठंड होती है कि बच्चे का हाथ-पैर सुन्न हो जाते हैं। स्कूल बस स्टॉप पर खड़े रहना भी मुश्किल था। डीएम साहब का यह फैसला बहुत अच्छा है।"
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    रमीज अहमद (नजीबाबाद): "कोहरा इतना ज्यादा है कि डर लगता है। हाईवे पर हादसे हो रहे हैं। ऐसे में बच्चों को घर पर रखना ही सुरक्षित है। हम तो चाहते थे कि कम से कम एक हफ्ते की छुट्टी हो जाए।"
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
सोशल मीडिया पर भी बिजनौर के लोग प्रशासन के इस कदम की सराहना कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि अगर ठंड बढ़ी तो छुट्टी को आगे भी बढ़ाया जाए।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

5. बच्चों के लिए 'शीतलहर' क्यों है खतरनाक? (Health Advisory)

\r\n\r\n
डॉक्टरों के अनुसार, 12 साल से कम उम्र के बच्चों का शरीर तापमान को नियंत्रित (thermoregulation) करने में बड़ों की तरह सक्षम नहीं होता। अत्यधिक ठंड का उन पर सीधा असर पड़ता है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

ठंड से होने वाली आम बीमारियां:

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    हाइपोथर्मिया (Hypothermia): शरीर का तापमान खतरनाक स्तर तक गिर जाना।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    निमोनिया (Pneumonia): ठंड के कारण फेफड़ों में संक्रमण, जो बच्चों के लिए जानलेवा हो सकता है।
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    कोल्ड डायरिया: ठंड लगने से बच्चों को दस्त और उल्टी की शिकायत होना।
    \r\n
  6. \r\n
  7. \r\n
    अस्थमा और एलर्जी: कोहरे में प्रदूषक तत्व जम जाते हैं, जिससे सांस के मरीजों और अस्थमा पीड़ित बच्चों को सांस लेने में तकलीफ होती है।
    \r\n
  8. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह:

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    बच्चों को सुबह और शाम घर से बाहर न निकलने दें।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    सिर, कान और पैरों को पूरी तरह ढंककर रखें। ऊनी टोपी और मोज़े अनिवार्य रूप से पहनाएं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ठंडे पानी और ठंडी चीजों (आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक) से पूरी तरह दूर रखें।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    खाने में गर्म तासीर वाली चीजें जैसे—अंडा, गुड़, खजूर, और ड्राई फ्रूट्स शामिल करें।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    गुनगुना पानी ही पीने को दें।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

6. छुट्टी का मतलब 'मस्ती' नहीं, 'सुरक्षा' है

\r\n\r\n
अक्सर देखा जाता है कि छुट्टी मिलते ही बच्चे गलियों में क्रिकेट खेलने या छत पर पतंग उड़ाने निकल जाते हैं। अभिभावकों को यह समझना होगा कि यह 'विंटर वेकेशन' मौज-मस्ती के लिए नहीं, बल्कि जानलेवा ठंड से बचाव के लिए दिया गया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
बच्चों को घर पर कैसे व्यस्त रखें? चूंकि स्कूल बंद हैं, बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए अभिभावक ये तरीके अपना सकते हैं:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    रिवीजन: आगामी परीक्षाओं को देखते हुए बच्चों का सिलेबस रिवाइज कराएं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    इनडोर गेम्स: लूडो, कैरम या शतरंज जैसे खेल खेलें जिससे बच्चे घर के अंदर रहें।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ऑनलाइन लर्निंग: अगर स्कूल की तरफ से ऑनलाइन क्लास नहीं भी है, तो यूट्यूब और एजुकेशनल ऐप्स के जरिए बच्चों को कुछ नया सिखाएं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    रचनात्मक कार्य: पेंटिंग, ड्राइंग या क्राफ्टिंग में बच्चों का मन लगाएं।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

7. पूरे पश्चिम यूपी में ठंड का कहर

\r\n\r\n
सिर्फ बिजनौर ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों जैसे मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मुरादाबाद और रामपुर में भी हालात कमोबेश ऐसे ही हैं। वहां भी जिला प्रशासनों ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है या छुट्टियां घोषित की हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी (Snowfall) का असर मैदानी इलाकों में शीतलहर के रूप में दिख रहा है। आने वाले 3-4 दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। अगर हालात नहीं सुधरे, तो प्रशासन 8 जनवरी के बाद भी छुट्टियों को आगे बढ़ाने पर विचार कर सकता है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

8. कोहरे में सड़क सुरक्षा: एक बड़ी चुनौती

\r\n\r\n
स्कूल बंद होने से सुबह के समय सड़कों पर स्कूल बसों और वैन की भीड़ कम होगी, जिससे यातायात थोड़ा सुगम होगा। लेकिन जो लोग दफ्तर या काम पर जा रहे हैं, उन्हें विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

कोहरे में ड्राइविंग के 5 गोल्डन रूल्स:

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    फॉग लाइट्स का इस्तेमाल: अपनी गाड़ी की फॉग लाइट्स और लो-बीम हेडलाइट्स हमेशा ऑन रखें। हाई बीम का इस्तेमाल न करें, इससे रोशनी कोहरे से टकराकर वापस आपकी आंखों पर आती है।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    धीमी गति: गाड़ी की रफ्तार कम रखें ताकि अचानक कोई सामने आ जाए तो ब्रेक लगाया जा सके।
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    इंडिकेटर: मुड़ने से काफी पहले इंडिकेटर दें।
    \r\n
  6. \r\n
  7. \r\n
    डिफ़ॉगर: कार के शीशों पर जमी धुंध हटाने के लिए हीटर और डिफ़ॉगर का प्रयोग करें।
    \r\n
  8. \r\n
  9. \r\n
    दूरी बनाए रखें: अगली गाड़ी से उचित दूरी बनाकर चलें।
    \r\n
  10. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

सतर्क रहें, सुरक्षित रहें

\r\n\r\n
बिजनौर जिला प्रशासन का यह फैसला सराहनीय और समय की मांग है। 'खबरीलाल' अपने सभी पाठकों से अपील करता है कि आप भी इस मौसम को हल्के में न लें। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों का खास ख्याल रखें।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
7 और 8 जनवरी को स्कूल बंद रहने की सूचना अपने आसपास के लोगों, व्हाट्सएप ग्रुप्स और रिश्तेदारों तक जरूर पहुंचाएं ताकि कोई भी अभिभावक अनजाने में अपने बच्चे को स्कूल भेजने की परेशानी न उठाए।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
जैसे ही इस आदेश में कोई बदलाव होगा या छुट्टियों को आगे बढ़ाया जाएगा, खबरीलाल सबसे पहले आप तक वह खबर पहुंचाएगा। तब तक रजाई में रहें, गर्म चाय की चुस्की लें और ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें हमारे साथ।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

\r\n\r\n
Q: क्या बिजनौर में सभी स्कूल बंद हैं?
\r\n\r\n
A: जी हां, प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 8 तक के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल 7 और 8 जनवरी को बंद रहेंगे। कक्षा 9 से 12 तक के स्कूलों के लिए अभी कोई स्पष्ट आदेश नहीं है, वे अपने निर्धारित समय पर खुल सकते हैं (कृपया अपने स्कूल से पुष्टि करें)।
\r\n\r\n
Q: क्या टीचर्स को स्कूल जाना होगा?
\r\n\r\n
A: आदेश मुख्य रूप से छात्रों के लिए है। शिक्षकों को स्कूल जाना है या नहीं, यह विद्यालय प्रबंधन और बीएसए के आंतरिक आदेशों पर निर्भर करेगा। सरकारी स्कूलों में अक्सर शिक्षकों को विभागीय कार्यों के लिए उपस्थित रहना होता है।
\r\n\r\n
Q: क्या 9 जनवरी को स्कूल खुलेंगे?
\r\n\r\n
A: फिलहाल आदेश केवल 8 जनवरी तक के लिए है। मौसम की स्थिति को देखते हुए 8 तारीख की शाम को प्रशासन नया निर्णय ले सकता है। अपडेट के लिए 'खबरीलाल' चेक करते रहें।
\r\n\r\n
Q: क्या यह आदेश सिर्फ सरकारी स्कूलों के लिए है?
\r\n\r\n
A: नहीं, यह आदेश सीबीएसई (CBSE), आईसीएसई (ICSE), मदरसा और सभी मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों पर भी सख्ती से लागू होगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
रिपोर्ट: खबरीलाल न्यूज़ डेस्क, बिजनौर। तारीख: 07 जनवरी 2026 स्रोत: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बिजनौर।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें