बिजनौर/नूरपुर (06 अप्रैल 2026): उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद में वाहन चोरों के खिलाफ पुलिस का 'ऑपरेशन क्लीन' लगातार जारी है। पुलिस अधीक्षक (SP Bijnor) के सख्त निर्देशों के अनुपालन में, जनपद भर में अपराध नियंत्रण और अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत थाना नूरपुर पुलिस ने एक बड़ी और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।READ ALSO:-बिजनौर में 'तालिब-खालिद प्रकरण' बना सियासी अखाड़ा: सपा-असपा के बाद कांग्रेस की एंट्री, पुलिस ने कई नेताओं को किया 'हाउस अरेस्ट', जेल जाने से रोका
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नूरपुर पुलिस ने एक ऐसे शातिर वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो भीड़भाड़ वाले इलाकों और मेलों को अपना निशाना बनाता था। पुलिस ने इस मामले में एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है, जबकि अपराध में उसका साथ देने वाले दो नाबालिग बाल अपचारियों को भी पुलिस निगरानी में लिया गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि ये चोर चोरी की गई मोटरसाइकिल को साबुत बेचने के बजाय, पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए उसके पुर्जे-पुर्जे अलग कर देते थे, ताकि चेकिंग के दौरान वे पकड़े न जा सकें।
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क्या था पूरा मामला? एक नजर पृष्ठभूमि पर
\r\n\r\nवाहन चोरी के इस सनसनीखेज मामले की शुरुआत इसी महीने की 2 तारीख को हुई थी। दिनांक 02 अप्रैल 2026 को थाना नूरपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम लोदीपुर मिलक के रहने वाले श्री गोपाल सिंह ने थाने में एक लिखित तहरीर (शिकायत) दर्ज कराई थी।
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\r\n— Bijnor Police (@bijnorpolice) April 6, 2026
\r\nथाना नूरपुर पुलिस द्वारा मु0अ0सं0 120/2026 धारा 303(2) बीएनएस से संबंधित 01 अभियुक्त को गिरफ्तार कर उसके 02 अन्य साथी बाल अपचारियो को पुलिस निगरानी में लिया गया। #UPPolice pic.twitter.com/AtQTwVd4p7
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वादी गोपाल सिंह ने अपनी शिकायत में बताया था कि वह पास ही में लगे एक स्थानीय मेले में गए हुए थे। उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल (हीरो स्पलेंडर प्लस, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर UP 20 AN 9263 है) मेले के बाहर खड़ी की थी। जब वे वापस लौटे, तो उनकी मोटरसाइकिल वहां से गायब थी। अज्ञात चोरों ने भीड़ का फायदा उठाते हुए उनकी बाइक पर हाथ साफ कर दिया था। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए थाना नूरपुर पुलिस ने तत्काल प्रभाव से मु0अ0सं0 120/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303 (2) (चोरी के अपराध से संबंधित नई धारा) में मुकदमा दर्ज कर लिया था और चोरों की तलाश शुरू कर दी थी।
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पुलिस का 'क्रैकडाउन' और मुखबिर तंत्र की सफलता
\r\n\r\nचोरी का मुकदमा दर्ज होने के बाद, नूरपुर थाना प्रभारी ने इलाके में गश्त तेज कर दी और अपने 'मुखबिर तंत्र' (Informant Network) को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया। पुलिस को अंदेशा था कि चोर स्थानीय न होकर किसी आस-पास के जिले से ताल्लुक रखते होंगे।
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इसी कड़ी में, 06 अप्रैल 2026 (सोमवार) को नूरपुर पुलिस को एक सटीक और विश्वसनीय मुखबिर की सूचना प्राप्त हुई। मुखबिर ने बताया कि मेले से बाइक चोरी करने वाले संदिग्ध इलाके में ही मौजूद हैं और चोरी की गई संपत्ति को खुर्द-बुर्द (ठिकाने लगाने) की कोशिश कर रहे हैं। इस पुख्ता सूचना के आधार पर, पुलिस की एक चुस्त और मुस्तैद टीम ने तुरंत घेराबंदी की।
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घेराबंदी के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी अंकित पुत्र राजाराम को धर दबोचा। यह आरोपी पड़ोसी जनपद अमरोहा का रहने वाला है। इसके साथ ही, अपराध में लिप्त दो अन्य नाबालिगों (बाल अपचारियों) को भी पुलिस ने अपनी कस्टडी (निगरानी) में ले लिया।
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अपराध का चौंकाने वाला 'मॉडस ऑपरेंडी' (Modus Operandi)
\r\n\r\nआमतौर पर वाहन चोर चुराई गई गाड़ियों की नंबर प्लेट बदलकर या फर्जी कागजात बनाकर उन्हें ग्रामीण इलाकों में बेच देते हैं। लेकिन इस गिरोह का काम करने का तरीका (Modus Operandi) बिल्कुल अलग और बेहद शातिराना था।
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पुलिस द्वारा की गई सख्त पूछताछ में आरोपी अंकित ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि उन्होंने ही मेले से स्पलेंडर प्लस (UP 20 AN 9263) मोटरसाइकिल चुराई थी। आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि आजकल पुलिस की चेकिंग बेहद सख्त हो गई है और चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों (CCTV Cameras) की वजह से चोरी की बाइक के साथ पकड़े जाने का खतरा बहुत अधिक रहता है।
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इस खतरे से बचने और गाड़ी की पहचान पूरी तरह से मिटाने के लिए, उन्होंने मोटरसाइकिल को एक सुनसान जगह पर ले जाकर उसे खोल दिया था। आरोपियों ने बाइक की पेट्रोल टंकी, हेड लाइट, दोनों टायर (अलॉय व्हील सहित), हैंडल और इंजन के हिस्से अलग-अलग कर दिए थे। उनकी योजना इन कलपुर्जों (Spare Parts) को कबाड़ी या किसी मैकेनिक को औने-पौने दामों में बेचकर मोटा मुनाफा कमाने की थी।
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बरामदगी और कानूनी कार्रवाई का विवरण
\r\n\r\nआरोपी अंकित की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी गई मोटरसाइकिल (रजिस्ट्रेशन नंबर UP 20 AN 9263) के सभी अलग किए गए पार्ट्स सफलतापूर्वक बरामद कर लिए हैं। पुलिस ने पेट्रोल टंकी, हेड लाइट, अलॉय टायर, हैंडल और अन्य छोटे-बड़े कलपुर्जे कब्जे में लेकर उन्हें सील कर दिया है।
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चूंकि आरोपियों ने चोरी की संपत्ति की पहचान छिपाने और उसे नष्ट करने का प्रयास किया था, इसलिए नूरपुर पुलिस ने मूल मुकदमे (धारा 303 (2) बीएनएस) में बरामदगी और सबूत मिटाने के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2) और 317(5) की भी विधिवत वृद्धि कर दी है। अब आरोपी पर चोरी के साथ-साथ साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ और चोरी की संपत्ति को छिपाने के तहत भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस बाल अपचारियों को किशोर न्याय बोर्ड (Juvenile Justice Board) के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया पूरी कर रही है।
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गिरफ्तार मुख्य अभियुक्त का विवरण:
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- \r\n नाम: अंकित\r\n \r\n
- \r\n पिता का नाम: राजाराम\r\n \r\n
- \r\n निवासी: ग्राम अदलपुर समधू\r\n \r\n
- \r\n थाना: नौगावां सादात\r\n \r\n
- \r\n जनपद: अमरोहा (उत्तर प्रदेश)\r\n \r\n
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इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
\r\n\r\nथाना नूरपुर की पुलिस द्वारा किए गए इस शानदार खुलासे की पूरे क्षेत्र में भूरि-भूरि प्रशंसा हो रही है। इस अंतरजनपदीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ करने और चोरी का माल शत-प्रतिशत बरामद करने में थाना नूरपुर की पुलिस टीम का अहम योगदान रहा। इस सफलता को अंजाम तक पहुंचाने वाली टीम में मुख्य रूप से:
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- \r\n उप-निरीक्षक (SI): श्री अमूल मिश्रा\r\n \r\n
- \r\n कांस्टेबल: श्री गौरव कुमार\r\n \r\n
- \r\n कांस्टेबल: श्री आकाश कुमार\r\n \r\n
- \r\n कांस्टेबल: श्री विकास कुमार ...शामिल रहे।\r\n \r\n
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पुलिस की आम जनता से अपील
\r\n\r\nइस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने आम जनता और विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर ही पार्क करें। मेलों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाते समय वाहनों में मजबूत व्हील लॉक (Wheel Lock) या अतिरिक्त सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग अवश्य करें। इसके अलावा, किसी भी कबाड़ी या मैकेनिक से अपील की गई है कि वे बिना वैध कागजात के पुराने पार्ट्स न खरीदें, अन्यथा उनके खिलाफ भी चोरी का माल खरीदने के जुर्म में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नूरपुर पुलिस की यह कार्रवाई निश्चित तौर पर इलाके में सक्रिय अन्य वाहन चोरों और असामाजिक तत्वों के लिए एक कड़ा संदेश है।
Sabse pehle comment karne wale banein.