बिजनौर (खबरीलाल क्राइम डेस्क):
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उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में पुलिस अपराध और अपराधियों पर लगातार कहर बनकर टूट रही है। गोकशी और गो-तस्करी जैसे जघन्य अपराधों पर लगाम कसने के लिए बिजनौर पुलिस पूरी तरह से एक्शन मोड में है। इसी कड़ी में थाना कोतवाली देहात पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अकबराबाद के जंगल में चल रहे गोकशी के एक बड़े गोरखधंधे का भंडाफोड़ किया है। इस दौरान पुलिस और शातिर गो तस्करों के बीच सीधी मुठभेड़ (Police Encounter) हो गई, जिसमें एक अपराधी पुलिस की गोली का शिकार होकर घायल हो गया।
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​मुखबिर की सूचना और पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन

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​'खबरीलाल' को मिली जानकारी के अनुसार, जिले में अपराध नियंत्रण और अपराधियों की धरपकड़ के लिए थाना कोतवाली देहात पुलिस की एक टीम बीती रात इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को एक विश्वस्त मुखबिर (Informer) से बेहद अहम और गुप्त सूचना मिली।
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​मुखबिर ने बताया कि अकबराबाद गांव के बाहरी छोर पर स्थित घने जंगल में कुछ शातिर अपराधी एक गोवंश की हत्या कर रहे हैं और गोमांस को ठिकाने लगाने की फिराक में हैं। इस सूचना को पूरी गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी (SHO) के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम ने तुरंत हथियारों के साथ जंगल की ओर कूच किया। पुलिस टीम ने पूरी सावधानी बरतते हुए जंगल की घेराबंदी शुरू कर दी ताकि कोई भी अपराधी मौके से भाग न सके।
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​जंगल में गूंजी गोलियों की तड़तड़ाहट, पुलिस पर किया गया फायर

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​जैसे ही पुलिस की टीम अकबराबाद के जंगल में उस गुप्त स्थान पर पहुंची, जहां गोकशी की जा रही थी, उन्होंने अपराधियों को रंगे हाथों पकड़ने के लिए ललकारा। पुलिस ने तस्करों को चारों तरफ से घेर लिया और उन्हें आत्मसमर्पण (Surrender) करने की चेतावनी दी।
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​लेकिन, खुद को चारों तरफ से खाकी वर्दी से घिरा देखकर गो तस्करों में हड़कंप मच गया। बचने का कोई रास्ता न देख, बेखौफ तस्करों ने अपने अवैध हथियारों से पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग (Firing on Police) शुरू कर दी। तस्करों की मंशा पुलिस पर जानलेवा हमला कर वहां से भाग निकलने की थी।
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​जवाबी फायरिंग में तस्कर के पैर में लगी गोली (Operation Langda)

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​तस्करों द्वारा अचानक की गई फायरिंग से पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे। इसके बाद, अपनी आत्मरक्षा (Self-defense) और अपराधियों को काबू में करने के लिए पुलिस टीम ने भी अपनी सर्विस रिवॉल्वर और राइफलों से मोर्चा संभालते हुए जवाबी फायरिंग की।
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​पुलिस की ओर से की गई इस सधी हुई फायरिंग में एक गोली सीधा एक शातिर गो तस्कर के पैर में जा लगी। गोली लगते ही वह दर्द से कराहता हुआ जमीन पर गिर पड़ा और पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए उसे मौके पर ही दबोच लिया। घायल तस्कर की पहचान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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​अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर दो बदमाश हुए फरार

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​इस मुठभेड़ के दौरान, घटनास्थल पर मौजूद घायल तस्कर के दो अन्य साथी पुलिस को चकमा देने में कामयाब हो गए। रात का अंधेरा और जंगल की भौगोलिक स्थिति (घनी झाड़ियां और ऊबड़-खाबड़ रास्तों) का फायदा उठाते हुए वे दोनों अपराधी वहां से भाग निकले।
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​घटना के तुरंत बाद पुलिस ने पूरे जंगल की सघन तलाशी (Combing Operation) शुरू कर दी है। फरार हुए बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं, जो आस-पास के संभावित ठिकानों और रास्तों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द फरार अपराधी भी सलाखों के पीछे होंगे।
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मौके से 2 कुंतल गोमांस और अवैध हथियारों का जखीरा बरामद

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​मुठभेड़ के बाद जब पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया, तो वहां का नजारा बेहद खौफनाक था। पुलिस ने मौके से निम्नलिखित चीजें बरामद की हैं:
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    ​गोमांस (Beef): लगभग 2 कुंतल (200 किलोग्राम) ताजा कटा हुआ गोमांस।
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    ​अवैध हथियार: एक देशी तमंचा (315 बोर), कुछ जिंदा और चले हुए खोखा कारतूस, जिनका इस्तेमाल पुलिस पर फायरिंग के लिए किया गया था।
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    ​कटान के उपकरण: गोवंश काटने में इस्तेमाल होने वाले भारी छुरे, चापड़, कुल्हाड़ी और लकड़ी का बड़ा गुटका (जिस पर रखकर मांस काटा जाता है)।
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    ​अन्य सामग्री: मांस को पैक करने के लिए लाई गई पन्नियां और वजन तौलने का कांटा।
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​अस्पताल में भर्ती है घायल तस्कर, दर्ज हुआ सख्त मुकदमा

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​पुलिस ने मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से घायल हुए तस्कर को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल (सीएचसी) में भर्ती कराया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार चल रहा है। अस्पताल में भी भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
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​इस मामले में थाना कोतवाली देहात में 'उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम' (UP Prevention of Cow Slaughter Act), पुलिस पर जानलेवा हमला करने (Attempt to Murder) और आर्म्स एक्ट (Arms Act) की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब घायल आरोपी के आपराधिक इतिहास (Criminal History) का पता लगा रही है कि क्या वह पहले भी इस तरह के अपराधों में जेल जा चुका है।
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​बरामद किए गए 2 कुंतल गोमांस का सैंपल पशु चिकित्सा अधिकारी (Veterinary Doctor) द्वारा लेकर उसे फोरेंसिक और विभागीय जांच के लिए लैब भेज दिया गया है। बाकी बचे मांस को कानूनी प्रक्रिया के तहत जमीन में सुरक्षित रूप से दफना (Dispose off) दिया गया है।
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​बिजनौर पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संदेश है कि जिले में गोकशी जैसे अपराधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले अपराधियों को या तो जेल जाना होगा, या फिर पुलिस की गोली का सामना करना पड़ेगा।
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​(बिजनौर जिले के हर थाने, कस्बे और गांव की सबसे तेज और सच्ची क्राइम रिपोर्टिंग के लिए पढ़ते रहें आपका अपना विश्वसनीय न्यूज़ पोर्टल - खबरीलाल)
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