बिजनौर (06 मई 2026): उत्तर प्रदेश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चल रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत जनपद बिजनौर की पुलिस को एक बड़ी और महत्वपूर्ण कामयाबी हाथ लगी है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की रातों की नींद हराम करने वाले एक अंतरराज्यीय पशु चोर गिरोह का थाना नूरपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस की मुस्तैदी और सटीक सूचना प्रणाली के चलते हरियाणा नंबर की एक लग्जरी पिकअप गाड़ी में पशु चोरी कर भाग रहे दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया है।Read also:-
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यह गिरफ्तारी न केवल नूरपुर क्षेत्र के लिए बल्कि पूरे बिजनौर जिले के किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। गिरफ्तार किए गए आरोपी इतने शातिर हैं कि वे घटनाओं को अंजाम देने के लिए दूसरे जिलों से बिजनौर आते थे और रात के अंधेरे में किसानों के घरों और तंबुओं से उनके मवेशी चुरा कर रफूचक्कर हो जाते थे।
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रात के अंधेरे में कैसे देते थे वारदात को अंजाम?
\r\n\r\nग्रामीण इलाकों में पशुपालन किसानों की आजीविका का मुख्य साधन होता है। एक भैंस की कीमत आज के समय में लाखों रुपये तक होती है, और यही कारण है कि पशु चोर गिरोह इन बेजुबान जानवरों को अपना आसान शिकार बनाते हैं। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह गिरोह बहुत ही 'हाईटेक' और योजनाबद्ध तरीके से काम करता था।
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\r\n— Bijnor Police (@bijnorpolice) May 6, 2026
\r\nथाना कोतवाली देहात पुलिस द्वारा मु0अ0सं0 89/2026 धारा 191(2)/191(3)/109(1)/351(3) बीएनएस से संबंधित अभियुक्त को अवैध शस्त्र सहित गिरफ्तार किया गया है ।#UPPolice pic.twitter.com/XzMJq9baVx
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यह लोग किसी आम बैलगाड़ी या छोटे वाहन का इस्तेमाल नहीं करते थे, बल्कि चोरी किए गए पशुओं को तेजी से सीमा पार या दूसरे जिलों में ले जाने के लिए महिंद्रा बोलेरो पिकअप (नंबर HR84A6575) जैसे तेज रफ्तार वाहनों का प्रयोग करते थे। रात के सन्नाटे में जब पूरा गांव सो रहा होता था, तब ये बदमाश सुनसान घरों या पशुपालों को निशाना बनाते थे। चंद मिनटों में ही ये बेजुबान जानवरों को खोलकर अपनी गाड़ी में लाद लेते थे और हाईवे के रास्ते फरार हो जाते थे। गाड़ी पर हरियाणा (HR) का नंबर होने के कारण कई बार पुलिस को चकमा देने में भी ये कामयाब हो जाते थे, ताकि पुलिस को लगे कि यह कोई मालवाहक गाड़ी है जो किसी दूसरे राज्य से आ-जा रही है।
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चेकिंग के दौरान नूरपुर पुलिस के बिछे जाल में फंसे
\r\n\r\nदिनांक 06 मई 2026 को थाना नूरपुर के थानाध्यक्ष प्रवेज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में नियमित गश्त और चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली और एक संदिग्ध महिंद्रा पिकअप गाड़ी को रुकने का इशारा किया गया। गाड़ी में बैठे लोगों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस टीम की घेराबंदी इतनी मजबूत थी कि दोनों आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया गया।
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जब पुलिस ने गाड़ी की तलाशी ली, तो उसमें से एक जीवित भैंस बरामद हुई। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपियों ने कबूल किया कि यह भैंस उन्होंने चोरी की है और इसे वे बेचने के लिए ले जा रहे थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर थाने ले जाकर गहनता से पूछताछ शुरू की, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।
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गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान और उनका कैराना कनेक्शन
\r\n\r\nगिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी जनपद शामली के कुख्यात माने जाने वाले कैराना कस्बे के रहने वाले हैं। इनकी पहचान इस प्रकार हुई है:
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- \r\n शौकीन (पुत्र नवाब, निवासी: मौहल्ला आर्यपुरी, कस्बा व थाना कैराना, जनपद शामली)\r\n \r\n
- \r\n मुजम्मिल उर्फ निजामुद्दीन (पुत्र कय्यूम, निवासी: मौहल्ला आर्यपुरी, कस्बा व थाना कैराना, जनपद शामली)\r\n \r\n
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बिजनौर से लगभग 100-150 किलोमीटर दूर शामली के कैराना से आकर बिजनौर के गांवों में चोरी करना यह दर्शाता है कि इस गिरोह का नेटवर्क कितना फैला हुआ था। ये आरोपी रेकी करने में माहिर थे और उन गांवों को निशाना बनाते थे जहां से हाईवे या मुख्य मार्ग तक पहुंचना आसान हो, ताकि चोरी के तुरंत बाद जिले की सीमा को पार किया जा सके।
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चांदी की चेन और 10 हजार नकद का क्या है राज?
\r\n\r\nपुलिस की पूछताछ केवल भैंस चोरी तक सीमित नहीं रही। जब पुलिस ने इनकी जामा तलाशी ली, तो इनके पास से 10 हजार रुपये नकद और सफेद धातु (चांदी) की एक चेन भी बरामद हुई।
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कड़ी पूछताछ में आरोपियों के हौसले पस्त हो गए और उन्होंने अपना जुर्म कबूलना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि बरामद हुई 10 हजार रुपये की नकदी थाना कोतवाली शहर (जनपद बिजनौर) क्षेत्र से की गई एक चोरी से संबंधित है (मु०अ०सं० 221/2026 धारा 303(2) बीएनएस)। वहीं, उनके पास से मिली चांदी की चेन लगभग तीन साल पहले, वर्ष 2023 में थाना चांदपुर क्षेत्र से चुराई गई थी (मु०अ०सं० 808/2023 व 914/2023 धारा 379/380 भादवि)।
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इसका सीधा अर्थ यह है कि यह गिरोह केवल पशु चोरी ही नहीं करता था, बल्कि मौका मिलने पर घरों में घुसकर नकदी और आभूषणों पर भी हाथ साफ कर देता था।
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लंबे समय से था इन 'पशु तस्करों' का इंतज़ार: पुराने मामलों का खुलासा
\r\n\r\nआरोपियों ने पूछताछ में बिजनौर पुलिस को बताया कि उन्होंने हाल ही में और अतीत में कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया है। उनके द्वारा स्वीकार किए गए जुर्म की सूची इस प्रकार है:
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- \r\n कोतवाली शहर क्षेत्र की घटना: आरोपियों ने बताया कि उन्होंने थाना कोतवाली शहर क्षेत्र के ग्राम गावंडी बुजुर्ग से दो भैंस और एक भैंसा चोरी किया था।\r\n \r\n
- \r\n चांदपुर क्षेत्र की पुरानी घटनाएं: लगभग दो साल पहले थाना चांदपुर क्षेत्र के ग्राम घूँधली और ईस्माइलपुर से भी इन्होंने एक भैंस और एक भैंसा चोरी किया था।\r\n \r\n
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इन्हीं चोरी किए गए जानवरों को अवैध पशु बाजारों या कसाइयों को बेचकर जो पैसा इन्हें मिला था, उसी में से बची हुई 10 हजार रुपये की रकम और चोरी के समय घर से उड़ाई गई एक चांदी की चेन इनके पास से बरामद हुई है।
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गिरोह के दो साथी अब भी पुलिस की गिरफ्त से दूर
\r\n\r\nइस पूरे ऑपरेशन में एक बात जो स्पष्ट रूप से सामने आई है, वह यह है कि शौकीन और मुजम्मिल अकेले काम नहीं करते थे। पूछताछ में इन्होंने अपने दो अन्य साथियों के नाम भी उगले हैं जो घटनाओं के समय इनके साथ मौजूद रहते थे।
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फरार आरोपियों के नाम हैं:
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- \r\n हारून (पुत्र लालू, निवासी: मौहल्ला आर्यपुरी, थाना कैराना, जनपद शामली)\r\n \r\n
- \r\n लालू (पुत्र नामालूम, निवासी: मौहल्ला आर्यपुरी, थाना कैराना, जनपद शामली)\r\n \r\n
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बिजनौर पुलिस ने इन दोनों फरार आरोपियों के नाम भी प्रकाश में आने के बाद उनकी सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही गिरोह के इन बाकी सदस्यों को भी सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
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आपराधिक इतिहास और दर्ज किए गए मुकदमे
\r\n\r\nशामली के इन बदमाशों का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। इनके खिलाफ बिजनौर जिले के अलग-अलग थानों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पुरानी भारतीय दंड संहिता (IPC) की गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
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अभियुक्त शौकीन और मुजम्मिल का आपराधिक इतिहास:
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- \r\n थाना नूरपुर: मु०अ०सं० 157/2026 धारा 303(2)/317(2) बीएनएस (हालिया भैंस चोरी)\r\n \r\n
- \r\n थाना कोतवाली शहर: मु०अ०सं० 221/2026 धारा 303(2)/317(2) बीएनएस (नकदी व अन्य चोरी)\r\n \r\n
- \r\n थाना चांदपुर: मु०अ०सं० 808/2023 धारा 379/411 भादवि (चोरी और चोरी का माल बरामद होना)\r\n \r\n
- \r\n थाना चांदपुर: मु०अ०सं० 914/2023 धारा 380/414 भादवि (घर में चोरी और चोरी की संपत्ति छिपाना)\r\n \r\n
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नोट: नए कानूनों के तहत चोरी के मामलों में अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) लगाई जाती है, जो इन आरोपियों पर नए मुकदमों में लगाई गई है।
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बरामदगी का विस्तृत विवरण (Recoveries)
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- \r\n एक जीवित भैंस: जिसे घटना की रात चुराया गया था (थाना नूरपुर के मुकदमे से संबंधित)।\r\n \r\n
- \r\n 10,000/- रुपये नकद: जो कि कोतवाली शहर क्षेत्र की चोरी से जुड़े हैं।\r\n \r\n
- \r\n एक सफेद धातु (चांदी) की चेन: जिसे थाना चांदपुर क्षेत्र से चुराया गया था।\r\n \r\n
- \r\n महिंद्रा बोलेरो पीकअप (रजिस्ट्रेशन नंबर HR84A6575): वह वाहन जिसका उपयोग चोरी के मवेशियों को ढोने और भागने के लिए किया जाता था। वाहन को पुलिस ने सीज कर दिया है।\r\n \r\n
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पुलिस टीम का शानदार काम और अधिकारियों की सराहना
\r\n\r\nइस पूरे घटनाक्रम में नूरपुर थाने की पुलिस टीम की भूमिका बेहद सराहनीय रही है। रात के समय मुस्तैदी से चेकिंग करना और एक संदिग्ध तेज रफ्तार वाहन को रोककर आरोपियों को पकड़ना पुलिस की सतर्कता का प्रमाण है।
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गिरफ्तार करने वाली इस जांबाज पुलिस टीम में शामिल थे:
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- \r\n थानाध्यक्ष श्री प्रवेज कुमार (थाना नूरपुर, जनपद बिजनौर)\r\n \r\n
- \r\n उप-निरीक्षक (S.I.) श्री प्रमोद कुमार\r\n \r\n
- \r\n हेड कांस्टेबल (H.C.) भूपेन्द्र सिंह\r\n \r\n
- \r\n कांस्टेबल (Constable) भूदेव सिंह\r\n \r\n
- \r\n कांस्टेबल राहुल कुमार\r\n \r\n
- \r\n कांस्टेबल अंकित कुमार\r\n \r\n
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उच्च अधिकारियों ने थाना नूरपुर पुलिस के इस गुडवर्क की सराहना की है। पुलिस का मानना है कि इन बदमाशों के जेल जाने से ग्रामीण इलाकों में हो रही पशु चोरी की घटनाओं में भारी कमी आएगी। किसानों ने भी नूरपुर पुलिस के इस काम पर संतोष व्यक्त किया है, क्योंकि पशुओं की चोरी उनके लिए सीधे तौर पर आर्थिक तबाही का कारण बनती है।
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अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश पुलिस का यह एक्शन साबित करता है कि अपराधी चाहे कितने भी 'हाईटेक' क्यों न हो जाएं या किसी दूसरे जिले से आकर वारदात को अंजाम दें, कानून के लंबे हाथों से वे बच नहीं सकते। शामली से बिजनौर आकर किसानों को लूटने वाले इस गिरोह का अंत पुलिस की बेहतरीन रणनीति का नतीजा है। अब बिजनौर पुलिस इस गिरोह के बाकी बचे दो सदस्यों की तलाश में जुटी है, ताकि इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके। पुलिस ने आम जनता और किसानों से भी अपील की है कि वे रात के समय अपने पशुओं की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध वाहन या व्यक्ति को देखने पर तुरंत डायल 112 या स्थानीय थाने को सूचित करें।
Sabse pehle comment karne wale banein.