उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में ग्रामीण क्षेत्रों की प्यास बुझाने और हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। 20 अप्रैल 2026 को बिजनौर कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में एक बेहद महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता तेजतर्रार जिलाधिकारी (DM) श्रीमती जसजीत कौर ने की। बैठक का मुख्य एजेंडा Bijnor Jal Jeevan Mission के तहत जिले के ग्रामीण अंचलों, विशेषकर सीमावर्ती गांवों में पाइप पेयजल आपूर्ति की वर्तमान स्थिति और विकास कार्यों की समीक्षा करना था। इस दौरान जिलाधिकारी ने जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता और कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए कि वे प्राथमिकता के आधार पर सभी सीमावर्ती ग्रामों में 100 प्रतिशत पेयजल कनेक्शन देना सुनिश्चित करें।READ ALSO:-दुनिया का सबसे बड़ा महा-अभियान: भारत की पहली 100% डिजिटल और जातिगत जनगणना 2027 शुरू, मोबाइल ऐप पर पूछे जाएंगे 33 अहम सवाल; पढ़ें पूरी लिस्ट
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सीमावर्ती गांवों को Bijnor Jal Jeevan Mission से जोड़ने की प्राथमिकता
\r\n\r\nजिला तकनीकी इकाई और जल निगम ग्रामीण की इस संयुक्त बैठक में डीएम जसजीत कौर ने सीमावर्ती गांवों की उपेक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त की। अक्सर यह देखा जाता है कि विकास कार्य मुख्य शहर और उसके आसपास के गांवों तक ही सीमित रह जाते हैं, लेकिन Bijnor Jal Jeevan Mission का मुख्य उद्देश्य 'हर घर जल' पहुंचाना है, चाहे गांव कितना भी दूर या सीमांत क्षेत्र में क्यों न हो। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया कि इन सुदूर गांवों में पाइप पेयजल टंकी का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर किया जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी सीमावर्ती गांव पानी की टंकी बनने और घर-घर जल पहुंचने की इस महत्वाकांक्षी योजना से वंचित नहीं रहना चाहिए। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इन क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करें और कार्य की प्रगति रिपोर्ट सीधा जिलाधिकारी कार्यालय को सौंपें।
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हैंडपंपों की विफलता और स्वच्छ पेयजल का गहरा संकट
\r\n\r\nबैठक के दौरान डीएम जसजीत कौर ने सीमावर्ती गांवों की भौगोलिक और भूजल स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन गांवों में जल की उपलब्धता और उसकी गुणवत्ता एक बहुत बड़ी समस्या है। अधिकांश क्षेत्रों में जल स्रोत मानक के अनुरूप उपलब्ध नहीं हैं, जिसका सीधा असर ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। भूजल स्तर नीचे जाने और पानी में खारापन या दूषित तत्वों की मौजूदगी के कारण ग्रामीण लोग अपने स्तर पर निजी हैंडपंपों का निर्माण करने में भी पूरी तरह असमर्थ हैं। ऐसे में Bijnor Jal Jeevan Mission ही उनके लिए एकमात्र और सबसे सुरक्षित विकल्प है। शुद्ध पानी की यह कमी उनके लिए लंबे समय से एक बड़ी कठिनाई का कारण बनी हुई है, जिसे अब सरकार की इस योजना के माध्यम से हमेशा के लिए दूर किया जाना है।
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सार्वजनिक स्थलों पर भी पहुंचेगा Bijnor Jal Jeevan Mission का लाभ
\r\n\r\nइस महाभियान का दायरा केवल व्यक्तिगत घरों तक ही सीमित नहीं है। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि Bijnor Jal Jeevan Mission के तहत सीमावर्ती गांवों में केवल घरों में ही नहीं, बल्कि सभी प्रमुख सार्वजनिक और सामुदायिक स्थलों पर भी पानी का कनेक्शन अनिवार्य रूप से दिया जाए। इसमें ग्राम स्थित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल, बरात घर (सामुदायिक केंद्र), पंचायत घर और मंदिर जैसी जगहें विशेष रूप से शामिल हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जब भी ग्रामीण किसी सार्वजनिक आयोजन या बच्चों को स्कूल भेजने के लिए घरों से बाहर निकलें, तो उन्हें वहां भी स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल आसानी से उपलब्ध हो सके। यह कदम ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बहुत बड़ी पहल मानी जा रही है।
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सड़कों की मरम्मत और गुणवत्ता पर डीएम की सख्त हिदायत
\r\n\r\nजल जीवन मिशन के कार्यों के दौरान एक आम शिकायत यह आती है कि पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों को वैसे ही उबड़-खाबड़ छोड़ दिया जाता है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेते हुए डीएम जसजीत कौर ने Bijnor Jal Jeevan Mission से जुड़े सभी इंजीनियरों और ठेकेदारों को कड़ी हिदायत दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पानी की टंकी के निर्माण कार्य और पाइपलाइन बिछाने के दौरान जो भी सड़कें खोदी जाती हैं, उनकी तत्काल मरम्मत पूर्ण मानक और उच्च गुणवत्ता के साथ कराई जानी चाहिए। खोदी गई सड़कों के कारण ग्रामवासियों को आवागमन में कोई भी दुश्वारी नहीं होनी चाहिए। अगर गुणवत्ता के साथ कोई समझौता किया गया या कार्य में अनावश्यक देरी हुई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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लापरवाही पर नपेगी जिम्मेदारी: कोताही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं
\r\n\r\nजिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद सभी अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि Bijnor Jal Jeevan Mission राज्य और केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। इसलिए, इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या लेटलतीफी को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने अब 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति अपना ली है। अधिशासी अभियंता से लेकर साइट पर काम करने वाले जूनियर इंजीनियर तक, सभी की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय कर दी गई है। डीएम ने कहा कि योजना का क्रियान्वयन सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर स्पष्ट रूप से नजर आना चाहिए। इसके लिए थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन (Third Party Inspection) की व्यवस्था को भी और अधिक मजबूत किया जाएगा।
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जल जनित बीमारियों से बचाव और महिला सशक्तिकरण
\r\n\r\nBijnor Jal Jeevan Mission का यह वृहद अभियान सिर्फ प्यास बुझाने का नहीं, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य को सुधारने का भी एक मजबूत आधार है। दूषित पेयजल पीने से पीलिया, हैजा, टाइफाइड और डायरिया जैसी कई गंभीर बीमारियां फैलती हैं। सीमावर्ती गांवों में हर घर नल पहुंचने के बाद इन बीमारियों के ग्राफ में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी। इसके अलावा, जब घर में ही शुद्ध पानी मिलेगा, तो ग्रामीण महिलाओं और बच्चियों का भी बड़ा सशक्तिकरण होगा। उन्हें पानी लाने के लिए दूर तक पैदल नहीं जाना पड़ेगा, जिससे उनके समय और ऊर्जा की बचत होगी और जीवन स्तर बेहतर होगा।
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उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में 20 अप्रैल 2026 को जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में जल निगम ग्रामीण की एक अहम समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में डीएम ने Bijnor Jal Jeevan Mission के कार्यों की कड़ाई से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे सीमावर्ती गांवों में प्राथमिकता के आधार पर 100% पाइप पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करें। चूंकि इन गांवों में भूजल स्तर और गुणवत्ता की समस्या के कारण हैंडपंप कारगर नहीं हैं, इसलिए यह योजना यहां के लिए जीवनदायिनी है। डीएम ने घरों के साथ-साथ स्कूलों, पंचायत भवनों और मंदिरों में भी नल कनेक्शन देने को कहा है। इसके अलावा, पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों की तत्काल और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत के भी कड़े आदेश दिए गए हैं, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी न हो। प्रशासन का यह सख्त रवैया 'हर घर जल' के लक्ष्य को समय पर पूरा करने की दिशा में एक अहम कदम है।
Sabse pehle comment karne wale banein.