उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) जिले से एक दिल दहला देने वाली और बेहद दुखद खबर सामने आई है। जिले के बढ़ापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रहमापुर गांव में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही ने एक हंसते-खेते परिवार को उजाड़ कर रख दिया है। खेतों की देखभाल के लिए गए एक पूर्व प्रधान किसान की हाई टेंशन विद्युत लाइन (High Tension Wire) की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। इस अचानक हुए हादसे से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और ग्रामीणों में बिजली विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
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आइए, इस पूरी मर्मस्पर्शी घटना और प्रशासनिक कार्रवाई के हर पहलू को विस्तार से समझते हैं।READ ALSO:-बिजनौर में बाढ़ का भीषण तांडव: स्टेट हाईवे पर बहा गंगा का उफनता पानी, पुलिस चौकी डूबी और 12 गांवों का संपर्क कटा
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क्या था पूरा मामला? खेत पर निरीक्षण के लिए गए थे किसान
\r\n\r\nमिली जानकारी के अनुसार, बिजनौर जिले के बढ़ापुर थाना क्षेत्र स्थित रहमापुर गांव में यह खौफनाक हादसा हुआ। मृतक किसान, जो कि अपने क्षेत्र के एक सम्मानित व्यक्ति थे और पूर्व में गांव के प्रधान (Former Village Head) रह चुके थे, रोजाना की तरह अपने खेत पर गए थे।
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\r\n\r\nबड़ी संख्या में किसानों की तरह वे भी अपने खेतों की सुध लेने और फसलों का जायजा लेने के लिए खेत पर पहुंचे थे। उन्हें इस बात का दूर-दूर तक अंदाजा नहीं था कि जिस खेत पर वे अपनी आजीविका कमाने गए हैं, वही उनकी मौत का कारण बन जाएगा। खेतों के ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन विद्युत लाइन का एक जर्जर तार अचानक टूटकर सीधे उनके खेत में आ गिरा था। जब तक वे इस जानलेवा खतरे को भांप पाते या संभल पाते, तब तक वे करंट की चपेट में आ चुके थे। विद्युत प्रवाह इतना तेज था कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
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\r\n\r\nपरिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, गांव में छाया मातम
\r\n\r\nघटना की सूचना जैसे ही मृतक किसान के परिवार तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। जो परिवार कुछ घंटे पहले तक अपने मुखिया की सकुशल घर वापसी का इंतजार कर रहा था, अचानक आई इस मनहूस खबर ने उनके पैरों तले जमीन खिसका दी।
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पूर्व प्रधान होने के नाते वे इलाके में काफी लोकप्रिय और मिलनसार स्वभाव के थे। इस दुखद हादसे की खबर फैलते ही रहमापुर गांव और आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल और उनके घर के बाहर एकत्र होने लगे। हर किसी की आंखें नम थीं और लोग बिजली विभाग की लचर व्यवस्था को कोसते नजर आए।
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पुलिस और प्रशासनिक अमला पहुंचा मौके पर
\r\n\r\nहाथों-हाथ इस दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। बढ़ापुर थाना पुलिस का दल फौरन बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गया। पुलिस ने स्थिति का जायजा लिया और भीड़ को नियंत्रित किया।
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- \r\n पंचनामा और पोस्टमार्टम: पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कानूनी प्रक्रिया पूरी की। मृतक के शव का पंचनामा (Panchnama) भरकर उसे तत्काल पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवा दिया गया, ताकि मौत के स्पष्ट कारणों की पुष्टि हो सके और विधिक कार्रवाई आगे बढ़ाई जा सके।\r\n \r\n
- \r\n कानून-व्यवस्था: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की तहरीर मिलने पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।\r\n \r\n
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बिजली विभाग के अधिकारी भी पहुंचे, एसडीओ और जेई ने लिया जायजा
\r\n\r\nहादसे की गंभीरता को देखते हुए विद्युत विभाग (Electricity Department) के अधिकारी भी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सके। सूचना मिलते ही हरेवली विद्युत उपखंड से एसडीओ (SDO) और जूनियर इंजीनियर सुनील कुमार (JE Sunil Kumar) अपनी तकनीकी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
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बिजली विभाग के अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया और उस हाई टेंशन लाइन व टूटे हुए तार की जांच की जिसकी वजह से यह जानलेवा हादसा हुआ। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे बिजली विभाग के अधिकारियों के सामने अपना रोष व्यक्त किया और जर्जर तारों को समय पर न बदलने के लिए विभाग को जिम्मेदार ठहराया। जेई सुनील कुमार और अन्य अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेते हुए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजने और विभागीय स्तर पर जांच कराने की बात कही है।
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लापरवाही के सवाल और सुरक्षा के मोर्चे पर नाकामी
\r\n\r\nइस दुखद घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में बिजली के जर्जर तारों और खंभों की खस्ता हालत पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।
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- \r\n समय पर मरम्मत न होना: ग्रामीणों का आरोप है कि खेतों के ऊपर से गुजरने वाली हाई टेंशन लाइनें काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी हैं। कई बार शिकायत के बावजूद विभाग द्वारा इनकी मरम्मत नहीं की जाती है।\r\n \r\n
- \r\n जिंदगी से खिलवाड़: बिजली विभाग की इस प्रकार की अनदेखी कब तक बेकसूर किसानों की जान लेती रहेगी? क्या प्रशासन अब कोई ठोस कदम उठाएगा?\r\n \r\n
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संक्षिप्त विवरण तालिका:
\r\n\r\n| \r\n घटना के मुख्य बिंदु \r\n | \r\n \r\n विवरण \r\n | \r\n
|---|---|
| \r\n घटनास्थल \r\n | \r\n \r\n रहमापुर, बढ़ापुर थाना क्षेत्र (बिजनौर) \r\n | \r\n
| \r\n घटना का कारण \r\n | \r\n \r\n हाई टेंशन विद्युत लाइन का तार टूटना \r\n | \r\n
| \r\n मृतक की पहचान \r\n | \r\n \r\n गांव के पूर्व प्रधान / किसान \r\n | \r\n
| \r\n मौके पर पहुंचे अधिकारी \r\n | \r\n \r\n बढ़ापुर पुलिस, SDO, और JE सुनील कुमार (हरेवली उपखंड) \r\n | \r\n
| \r\n की गई कार्रवाई \r\n | \r\n \r\n शव का पंचनामा, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया \r\n | \r\n
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बिजनौर के बढ़ापुर में हुई यह दुर्घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि व्यवस्था की वह नाकामी है जो किसी हंसते-खेलते परिवार को हमेशा के लिए अंधेरे में धकेल देती है। एक पूर्व प्रधान और जिम्मेदार नागरिक की इस तरह अचानक हुई मौत ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। अब देखना यह होगा कि पुलिस जांच और विद्युत विभाग की आंतरिक जांच के बाद क्या दोषियों पर कोई कड़ी कार्रवाई होती है या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाता है। जरूरत इस बात की है कि ग्रामीण क्षेत्रों में झूलते और जर्जर हाई टेंशन तारों को जल्द से जल्द बदला जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य किसान को अपनी जान न गंवानी पड़े।


Sabse pehle comment karne wale banein.