बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) जिले में जंगली जानवरों, विशेषकर गुलदार (तेंदुए) का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन किसी न किसी गांव या कस्बे से तेंदुए के देखे जाने या इंसानों और मवेशियों पर हमले की खबरें सामने आती रहती हैं। लेकिन इस बार जो वाकया सामने आया है, उसने पूरे प्रशासन और आम जनता की नींद उड़ा कर रख दी है। जिले के चांदपुर (Chandpur) क्षेत्र में एक या दो नहीं, बल्कि पूरे चार तेंदुओं (Leopards) का झुंड एक साथ देखा गया है। यह घटना कोई घने जंगल की नहीं, बल्कि आबादी के बीच स्थित नवीन मंडी समिति की है। इस घटना का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक तेंदुआ मंडी समिति की ऊंची दीवार पर सरपट दौड़ता हुआ नजर आ रहा है। इस खौफनाक मंजर के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग घरों से बाहर निकलने में भी कतरा रहे हैं।READ ALSO:-मेरठ में सीलिंग की गाज, सुप्रीम कोर्ट की सख्ती से मची खलबली! 44 प्रतिष्ठानों को बचाने के लिए व्यापारी करेंगे 'पैदल न्याय यात्रा', दिल्ली में अमित शाह से लगाएंगे न्याय की गुहार
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क्या है वायरल वीडियो की पूरी कहानी? (Eyewitness Account)

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जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना सोमवार देर रात की है। रात के सन्नाटे में हलदौर रोड (Haldaur Road) स्थित एक प्लाईवुड फैक्ट्री में काम करने वाले गांव नाईपुरा के कुछ युवक अपनी शिफ्ट खत्म करके घर लौट रहे थे। जब वे मंडी समिति के पिछले हिस्से से स्याऊ गांव की तरफ जाने वाले रास्ते से गुजर रहे थे, तभी उनकी नजर मंडी समिति की ऊंची बाउंड्री वॉल (Boundary Wall) पर पड़ी। अंधेरे में चमकती आंखों और लंबी पूंछ वाले आकार को देखकर उनके होश उड़ गए। वहां एक नहीं, बल्कि चार खूंखार तेंदुए मौजूद थे।
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 Chandpur Bijnor | Four Leopards Viral VIDEO on Mandi Samiti Wall Creates  Panic

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युवकों ने सूझबूझ और हिम्मत दिखाते हुए तुरंत अपने मोबाइल फोन निकाले और इस खौफनाक नजारे को कैमरे में कैद करना शुरू कर दिया। मोबाइल की फ्लैशलाइट पड़ते ही तेंदुओं में भी हलचल मच गई। वीडियो बनाते समय प्रत्यक्षदर्शियों ने देखा कि तीन तेंदुए तो फुर्ती से दीवार फांदकर सीधे मंडी समिति के विशाल परिसर के अंदर कूद गए। लेकिन एक तेंदुआ दीवार के ऊपर ही तेजी से दौड़ने लगा। इसी चौथे तेंदुए का दीवार पर फर्राटे भरते हुए भागने का 10-15 सेकंड का वीडियो अब सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म पर वायरल हो चुका है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे यह खूंखार जानवर आबादी वाले क्षेत्र में बेखौफ घूम रहा है।
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मंडी समिति परिसर में भारी खतरा: किसानों और व्यापारियों में खौफ

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तीन तेंदुओं के मंडी समिति की बाउंड्री फांदकर अंदर कूदने की खबर ने प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए हैं। चांदपुर की यह नवीन मंडी समिति कोई वीरान जगह नहीं है। दिन के समय यहां हजारों किसानों, आढ़तियों, पल्लेदारों और आम व्यापारियों की भारी भीड़ रहती है। सुबह तड़के से ही यहां सब्जियों, फलों और अनाज की ट्रॉलियां आना शुरू हो जाती हैं। ऐसे में अगर ये तीन खूंखार तेंदुए मंडी समिति के किसी शेड, गोदाम या झाड़ियों में छिपे हुए हैं, तो यह किसी बड़े खतरे का संकेत है।
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तेंदुओं के अंदर होने की आशंका के चलते मंगलवार सुबह से ही मंडी में सन्नाटा पसरा हुआ है। जो किसान अपनी फसल लेकर पहुंचे भी थे, वे दहशत के मारे अपने वाहनों से नीचे उतरने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। व्यापारी वर्ग ने प्रशासन से तुरंत मंडी परिसर को खाली कराकर वहां वन विभाग की बड़ी टीम बुलाकर सर्च ऑपरेशन (Search Operation) चलाने की मांग की है।
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वन विभाग का एक्शन: रेंजर टीम कर रही है सघन जांच

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वायरल वीडियो और लोगों की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए वन विभाग (Forest Department) पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। स्थानीय रेंजर दुष्यंत सिंह (Ranger Dushyant Singh) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को मौके पर रवाना कर दिया है।
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रेंजर दुष्यंत सिंह ने बताया कि, "वायरल वीडियो हमारे संज्ञान में आया है। वीडियो में दिख रहा जानवर स्पष्ट रूप से गुलदार (तेंदुआ) ही है। हमने तुरंत अपनी एक विशेष टीम को चांदपुर मंडी समिति और नाईपुरा गांव के आसपास के इलाके में भेज दिया है। टीम वहां पगमार्क (पैरों के निशान) की तलाश कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि तेंदुए मंडी के अंदर ही छिपे हैं या वे वहां से जंगल या खेतों की तरफ वापस लौट गए हैं।"
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उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जरूरत पड़ने पर मंडी समिति परिसर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पिंजरे (Cages) लगाए जाएंगे और नाइट विजन कैमरों के जरिए निगरानी की जाएगी। वन विभाग की टीम लगातार इलाके में गश्त कर रही है।
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बिजनौर में क्यों बढ़ रहा है 'गुलदार' का आतंक?

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बिजनौर जिले का एक बड़ा हिस्सा वन क्षेत्र और कॉर्बेट नेशनल पार्क के बफर जोन से सटा हुआ है। इसके अलावा, बिजनौर पूरे उत्तर प्रदेश में गन्ने की खेती (Sugarcane Farming) के लिए जाना जाता है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि गन्ने के ऊंचे और घने खेत इन तेंदुओं के लिए एक 'मिनी फॉरेस्ट' (Mini Forest) या सुरक्षित पनाहगाह का काम करते हैं।
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जंगलों में शिकार की कमी और इंसानी बस्तियों के आसपास आसानी से मिलने वाले शिकार (जैसे आवारा कुत्ते, बकरियां और बछड़े) इन जंगली जानवरों को आबादी की तरफ खींच लाते हैं। मादा तेंदुए अक्सर गन्ने के खेतों में ही अपने शावकों को जन्म देती हैं, जिससे इंसानी बस्तियों के बिल्कुल करीब उनकी एक नई पीढ़ी तैयार हो रही है। यही कारण है कि अब बिजनौर में तेंदुए कभी खेतों में, कभी सड़कों पर तो कभी इस तरह सरकारी इमारतों की दीवारों पर खुलेआम घूमते नजर आ रहे हैं।
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पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं, ग्रामीण मांग रहे स्थायी समाधान

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क्षेत्रवासियों और नाईपुरा गांव के लोगों के अनुसार, चांदपुर और इसके आसपास के इलाकों में तेंदुओं के देखे जाने की यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले कुछ महीनों में हलदौर रोड, स्याऊ और आसपास के कई गांवों में गुलदार देखे जा चुके हैं। कई बार ये पालतू कुत्तों और पशुओं को अपना निवाला भी बना चुके हैं। हालांकि, एक साथ चार तेंदुओं का दिखना और उनका मंडी जैसी भीड़भाड़ वाली जगह पर घुसना बेहद चिंताजनक है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि केवल गश्त करने या एडवाइजरी जारी करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि इन खतरनाक जानवरों को पकड़कर वापस गहरे जंगलों में छोड़ने का स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए।
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वन विभाग की विशेष एडवाइजरी (Public Advisory)

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खतरे को देखते हुए वन विभाग ने चांदपुर, नाईपुरा और आसपास के सभी गांवों के लिए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है:
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    अकेले बाहर न निकलें: रात के समय या अलसुबह अंधेरे में घरों से बाहर अकेले न जाएं। खेतों में काम करने जाने वाले किसान समूह (Group) बनाकर ही जाएं।
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    रोशनी का प्रबंध: घरों के बाहर, रास्तों और पशुओं के बाड़े के पास पर्याप्त रोशनी (Light) की व्यवस्था रखें।
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    शोर मचाते रहें: खेतों या सुनसान रास्तों पर चलते समय मोबाइल पर गाने बजाएं, बात करते हुए चलें या हाथ में लाठी/डंडा लेकर उसे जमीन पर पटकते हुए चलें। शोर से जानवर दूर रहते हैं।
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    बच्चों का विशेष ध्यान: छोटे बच्चों को किसी भी हाल में अकेले घर से बाहर न खेलने दें और उन्हें अपनी नजरों के सामने रखें।
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    तत्काल सूचना दें: किसी भी संदिग्ध गतिविधि या तेंदुए के दिखने पर खुद हीरो बनने की कोशिश न करें, तुरंत वन विभाग के टोल-फ्री नंबर या स्थानीय पुलिस (112) को सूचना दें।
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बिजनौर के चांदपुर में चार तेंदुओं के खुलेआम घूमने का यह वीडियो केवल एक सनसनीखेज खबर नहीं है, बल्कि बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष (Human-Wildlife Conflict) का एक जीता-जागता और खौफनाक सबूत है। जब तक वन विभाग इन तेंदुओं को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू नहीं कर लेता या उन्हें जंगल की ओर नहीं खदेड़ देता, तब तक क्षेत्र के लोगों को पूरी सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन को भी इस चुनौती से निपटने के लिए आधुनिक उपकरणों (जैसे ड्रोन और ट्रैंक्विलाइजर गन) के साथ मुस्तैद रहना होगा, ताकि किसी भी अप्रिय घटना और जनहानि से बचा जा सके।
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