बिजनौर (शकील अहमद ब्यूरो चीफ बिजनौर)
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के लिए राहत भरी खबर है! जिले में लंबे समय से आतंक मचा रहे एक आदमखोर गुलदार को आखिरकार वन विभाग ने पिंजरे में कैद कर लिया है। बिजनौर के थाना अफजलगढ़ क्षेत्र के मुरलीवाला गाँव के जंगलों (या भिक्कवाला के जंगल) के पास वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में यह गुलदार फँस गया। वन विभाग की इस बड़ी कामयाबी के बाद ग्रामीणों ने चैन की साँस ली है, जो पिछले कई महीनों से गुलदार के खौफ में जी रहे थे।READ ALSO:-महापंचायत करना पड़ा महंगा: अक्षय बैंसला, पवन गुर्जर समेत 6 नामजद और 40 अज्ञात पर FIR, मेरठ पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
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गुलदार के हमले में 35 से अधिक लोगों की मौत
\r\n\r\nबिजनौर जिला पिछले कुछ वर्षों से गुलदार के आतंक से बुरी तरह प्रभावित रहा है। यह क्षेत्र घने गन्ने के खेतों और जंगलों से घिरा हुआ है, जो गुलदार को छिपने और शिकार करने के लिए एक आदर्श स्थान प्रदान करते हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n@Shakeel57767846 बिजनौर में 35 मौतों का 'आतंक' पिंजरे में कैद! मुरलीवाला के जंगल में फंसा आदमखोर गुलदार, लोगों ने कहा- 'जान बची तो लाखों पाए' pic.twitter.com/uUT0HXeKL8
\r\n— MK Vashisth (@vadhisth) October 27, 2025
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- \r\n मौतों का आँकड़ा: जिले में पिछले ढाई से तीन सालों में 35 से अधिक लोगों की मौत गुलदार के हमले में हो चुकी है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, यह संख्या 40 से भी अधिक है।\r\n \r\n
- \r\n लगातार हमले: अफजलगढ़ क्षेत्र के मुरलीवाला और आसपास के गाँवों में गुलदार लगातार ग्रामीणों को दिखाई दे रहा था। कुछ दिनों पहले गुलदार ने पशुशाला में घुसकर गाय के बछड़े को भी अपना निवाला बना लिया था।\r\n \r\n
- \r\n ग्रामीणों की शिकायत: गुलदार के बढ़ते हमलों और आतंक से त्रस्त ग्रामीणों ने वन विभाग से तुरंत पिंजरा लगाकर उसे पकड़ने की मांग की थी।\r\n \r\n
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वन विभाग को मिली बड़ी कामयाबी
\r\n\r\nग्रामीणों की शिकायत और बढ़ते आक्रोश के बाद वन विभाग ने मुरलीवाला के जंगल से सटे इलाके में एक बड़ा पिंजरा लगाया था।
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- \r\n सफलता: सोमवार या मंगलवार रात (अक्टूबर 2025) किसी समय गुलदार पिंजरे में कैद हो गया।\r\n \r\n
- \r\n रेस्क्यू ऑपरेशन: गुलदार के पिंजरे में फँसने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची। टीम ने गुलदार को कब्जे में लिया और उसे गांव से दूर ले जाने की प्रक्रिया शुरू की।\r\n \r\n
- \r\n आदमखोर गुलदार: माना जा रहा है कि यह वही गुलदार हो सकता है, जो पिछले कुछ दिनों में इस क्षेत्र में हुए हमलों के लिए जिम्मेदार था, जिसमें बच्चों और महिलाओं को निशाना बनाया गया था। विशेषज्ञों ने पहले ही इस गुलदार को 'आदमखोर' घोषित कर दिया था।\r\n \r\n
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वन विभाग की आगे की योजना
\r\n\r\nवन विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि गुलदार को रेस्क्यू कर लिया गया है और उसे चिड़ियाघर (Zoo) या सुरक्षित वन्यजीव अभयारण्य (Wildlife Sanctuary) में भेजा जाएगा।
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- \r\n खतरा बरकरार: अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में गुलदारों की संख्या अधिक है, इसलिए आसपास के क्षेत्रों में अभी भी पूरी तरह से खतरा टला नहीं है।\r\n \r\n
- \r\n आगे की कार्रवाई: वन विभाग की टीमें अब भी क्षेत्र में गश्त (Patrolling) और काम्बिंग (Combing) अभियान जारी रखेंगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई और गुलदार आबादी वाले क्षेत्र में न आ जाए।\r\n \r\n
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राहत और सुरक्षा की मांग
\r\n\r\nगुलदार के पकड़े जाने से बिजनौर के ग्रामीणों में बड़ी राहत है। हालाँकि, ग्रामीणों ने वन विभाग से जिले में गुलदारों की बढ़ती संख्या पर स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि किसानों को अपने खेतों और पशुओं की सुरक्षा के बारे में डर में न जीना पड़े।
Sabse pehle comment karne wale banein.