उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ (Aligarh) में क्रिसमस के दिन एक दिल दहला देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां महानगर के खेरेश्वर हाईवे बाईपास के पास एक बंद कार के अंदर दो युवकों की निर्मम हत्या कर दी गई। मृतकों की पहचान ओयो (Oyo) होटल संचालक बॉबी और उसके दोस्त मोहित के रूप में हुई है।READ ALSO:-UP Assembly Uproar: 'गांधी' के नाम पर भू-माफिया की नजर! विधानसभा में गूंजा मेरठ गांधी आश्रम के कब्जे का मुद्दा; CM योगी का 'रौद्र रूप'— "पौराणिक स्थल छेड़ा तो छोडूंगा नहीं"
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हत्यारों ने वारदात को अंजाम देने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया। शवों को कार में लॉक करके खेत में लावारिस छोड़ दिया गया और कार के शीशों को प्लास्टिक के बोरों (कट्टों) से ढक दिया गया ताकि बाहर से किसी को अंदर का खौफनाक मंजर नजर न आए। शाम को जब ग्रामीणों ने हिम्मत करके कार के पास जाकर देखा, तो उनके होश उड़ गए।
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क्या है पूरा मामला? (The Incident Detail)
\r\n\r\nघटना अलीगढ़ के खैर थाना क्षेत्र (Khair Area) की है। सोमना रोड पर स्थित गांव उदयपुर के पास एक खेत में दोपहर करीब 2:00 बजे से एक संदिग्ध कार खड़ी थी। कार को मुख्य सड़क से उतारकर खेत में एक पेड़ के सहारे खड़ा किया गया था।
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शुरुआत में आसपास काम कर रहे ग्रामीणों ने इसे किसी प्रॉपर्टी डीलर या राहगीर की कार समझा और नजरअंदाज कर दिया। लेकिन जब शाम के 5:00 बज गए और कार अपनी जगह से नहीं हिली, तो ग्रामीणों को शक हुआ। ग्रामीण जब कार के नजदीक पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि कार के खिड़की वाले शीशों को अंदर से प्लास्टिक के बोरों से ढका गया था। कार के दरवाजे बाहर से लॉक थे। ग्रामीणों ने किसी तरह झांककर देखा तो अंदर खून से लथपथ दो युवक पड़े थे।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\nथाना खैर क्षेत्रान्तर्गत बरखा-उदयपुर मार्ग पर एक गाड़ी में 02 शव मिलने के संबंध में पुलिस अधीक्षक यातायात श्री प्रवीन कुमार द्वारा दी गई बाइट@Uppolice pic.twitter.com/fWEcPMuLd2
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मौके पर पहुंची पुलिस, तोड़ा गया दरवाजा
\r\n\r\nदोहरे हत्याकांड की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में एसएसपी नीरज जादौन (SSP Neeraj Jadoun), एसपी देहात अमृत जैन, इलाका पुलिस और फॉरेंसिक टीम (Field Unit) मौके पर पहुंची।
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पुलिस ने कार का शीशा तोड़ा और लॉक खोलकर दोनों शवों को बाहर निकाला।
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- \r\n पहला शव: ड्राइवर के बगल वाली सीट (Front Passenger Seat) पर पड़ा था।\r\n \r\n
- \r\n दूसरा शव: पिछली सीट पर खून से लथपथ मिला।\r\n \r\n
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दोनों युवकों की गर्दन के आसपास गहरे चोट के निशान थे और काफी खून बह चुका था। प्राथमिक जांच में अंदेशा जताया जा रहा है कि दोनों को कम से कम दो-दो गोलियां मारी गई हैं। हालांकि, चोट गोली की है या किसी धारदार हथियार की, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
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कौन थे मृतक? (Victim Identification)
\r\n\r\nकार के नंबर और दस्तावेजों के आधार पर मृतकों की पहचान बन्नादेवी थाना क्षेत्र के गांव ताजपुर रसूलपुर के रहने वाले दो दोस्तों के रूप में हुई:
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- \r\n बॉबी (32 वर्ष): बॉबी खेरेश्वर हाईवे पर 'बीके आर्या' (BK Arya) नाम से एक ओयो होटल चलाता था।\r\n \r\n
- \r\n मोहित (24 वर्ष): मोहित, बॉबी का पड़ोसी था और एक कारखाने में काम करता था।\r\n \r\n
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किराए की कार और रहस्यमयी सफर
\r\n\r\nपुलिस की शुरुआती जांच में एक अहम जानकारी सामने आई है। पता चला है कि जिस कार में शव मिले, वह बॉबी की नहीं थी। बॉबी ने घटना से एक दिन पहले, यानी 24 दिसंबर की शाम को अपने गांव के ही एक व्यक्ति जमील से यह कार भाड़े (Rent) पर ली थी।
\r\n\r\n25 दिसंबर की सुबह भी दोनों को गांव में देखा गया था। लेकिन इसके बाद वे सोमना रोड कैसे पहुंचे? उनके साथ कार में और कौन बैठा था? यह अभी पहेली बना हुआ है। जिस तरह से कार को बाहर से लॉक किया गया और शीशों को ढका गया, उससे साफ है कि हत्यारा कोई ऐसा व्यक्ति था जो उनके साथ ही कार में मौजूद था और वारदात के बाद बड़े आराम से निकल गया।
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पुलिस का बयान: 'करीबियों का हो सकता है हाथ'
\r\n\r\nघटनास्थल का मुआयना करने के बाद एसएसपी नीरज जादौन ने बताया कि यह रंजिशन हत्या या किसी विवाद का परिणाम लग रहा है।
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एसएसपी नीरज जादौन ने कहा:
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n"कार के अंदर दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया है। दोनों युवकों की गर्दन के पास चोट के गहरे निशान हैं। यह चोट गोली की है या किसी अन्य हथियार की, यह पोस्टमार्टम में स्पष्ट होगा। परिस्थितियों को देखकर लगता है कि कार में उनके साथ एक या दो अन्य साथी मौजूद थे। अंदेशा है कि उन्हीं ने किसी आपसी विवाद पर हत्या की होगी। पुलिस ने परिजनों को सूचित कर दिया है। खुलासे के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। कुछ संदिग्धों को पूछताछ के लिए उठाया गया है, जल्द ही मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।"\r\n
सवालों के घेरे में वारदात
\r\n\r\nइस हत्याकांड ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं:
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- \r\n शीशे क्यों ढके गए? हत्यारों ने कार के शीशों को प्लास्टिक के बोरों से क्यों ढका? क्या वे शवों को ठिकाने लगाने का इंतजार कर रहे थे या वे चाहते थे कि शवों की पहचान देर से हो?\r\n \r\n
- \r\n कार में कौन था? कार बाहर से लॉक थी, इसका मतलब हत्यारा हत्या करने के बाद कार लॉक करके चाबी अपने साथ ले गया। यह साफ इशारा करता है कि हत्यारा बेहद शातिर था।\r\n \r\n
- \r\n हथियार: अगर गोलियां चलीं, तो क्या आसपास के लोगों ने आवाज नहीं सुनी? या फिर साइलेंसर का इस्तेमाल हुआ?\r\n \r\n
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फिलहाल, पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतकों के मोबाइल की कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाली जा रही है ताकि यह पता चल सके कि आखिरी बार उनकी बात किससे हुई थी। अलीगढ़ पुलिस का दावा है कि जल्द ही हत्यारे सलाखों के पीछे होंगे।
Sabse pehle comment karne wale banein.