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\r\n\r\n\r\n\r\n"Clarify your position": Priyanka Gandhi questions PM Modi over exclusion of women journalists from Afghan FM Muttaqi's press conference
\r\n— ANI Digital (@ani_digital) October 11, 2025
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\r\nRead @ANI Story |https://t.co/8WMbwlSjKW#PriyankaGandhi #PMModi #WomenJournalists #Afghanistan pic.twitter.com/xH0xM5vIYq
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- \r\n पत्रकार चयन: इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में केवल चुनिंदा पुरुष पत्रकार और अफगान दूतावास के अधिकारी ही शामिल हुए।\r\n \r\n
- \r\n दावा: कई महिला पत्रकारों ने सोशल मीडिया पर यह दावा किया कि उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थल पर प्रवेश ही नहीं दिया गया।\r\n \r\n
- \r\n तालिबान का हस्तक्षेप: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह निर्णय मुत्तकी के साथ आए तालिबान अधिकारियों ने लिया था कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में कौन शामिल होगा। हालांकि, यह साफ नहीं है कि इस पाबंदी के बारे में तालिबान ने भारत सरकार को पहले बताया था या नहीं।\r\n \r\n
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- \r\n राहुल गांधी (कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष): "PM मोदी, जब आप महिला पत्रकारों को सार्वजनिक मंचों से बाहर रखने की इजाजत देते हैं, तो आप भारत की हर महिला को यह बता रहे होते हैं कि आप बहुत कमजोर हैं और उनके लिए खड़े नहीं हो सकते। इस तरह के भेदभाव पर आपकी चुप्पी नारी शक्ति पर आपके नारों का खोखलापन उजागर करती है।"\r\n \r\n
- \r\n पी चिदंबरम (पूर्व गृह मंत्री): "मुझे लगता है कि जब पुरुष पत्रकारों को पता चला कि उनकी महिला सहकर्मियों को नहीं बुलाया गया है, तो उन्हें विरोध में बाहर चले जाना चाहिए था।"\r\n \r\n
- \r\n महुआ मोइत्रा (TMC सांसद): उन्होंने धार्मिक कट्टरता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि एक विदेशी मुस्लिम कट्टरपंथी हमारी जमीन पर हमारे कानूनों और मूल्यों का उल्लंघन करते हुए हमारी औरतों के साथ भेदभाव कर सकता है, इस पर विचार होना चाहिए।\r\n \r\n
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Sabse pehle comment karne wale banein.