शंघाई मास्टर्स के सेमीफाइनल में शनिवार को अलेक्जेंडर ज्वेरेव और अलेजांद्रो डेविडोविच आमने-सामने होंगे। दूसरे सेमीफाइनल में डेनियल मेदवेदेव का मुकाबला राफेल जोडार से होगा। इस बार टूर्नामेंट में ऑल-स्पेनिश फाइनल की संभावना बनी हुई है, जिसमें जोडार और डेविडोविच खिताब के लिए भिड़ सकते हैं।

ज्वेरेव और मेदवेदेव को सेमीफाइनल में पसंदीदा माना जा रहा है। मेदवेदेव पूर्व रैंकिंग लीडर हैं। दोनों की नजर खिताब पर है, जबकि दो स्पेनिश खिलाड़ी उनके रास्ते रोकने की कोशिश में होंगे।

ज्वेरेव के लिए समय पर बड़ी जीत

क्वार्टर फाइनल में ज्वेरेव ने एलेक्स डी मिनॉर को 6-4, 6-4 से हराया। शुरुआती तीन मुकाबलों में उनका प्रदर्शन साधारण रहा था, जिनमें दो तीन सेट तक गए। इस जीत से उन्होंने सही समय पर लय पकड़ी।

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डी मिनॉर पर जीत ज्वेरेव के लिए टॉप-10 खिलाड़ियों के खिलाफ इस साल 11 मौकों में सिर्फ तीसरी जीत रही। उनके नाम सात मास्टर्स खिताब हैं। पेरिस 2024 के बाद से वह कोई मास्टर्स खिताब नहीं जीत पाए हैं। सक्रिय खिलाड़ियों में सिर्फ नोवाक जोकोविच उनसे ज्यादा मास्टर्स सेमीफाइनल खेल चुके हैं। टॉप-20 से बाहर के खिलाड़ियों के खिलाफ इस साल उनका रिकॉर्ड 53-4 है।

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कार्लोस अल्काराज और जैनिक सिनर की गैरमौजूदगी में ज्वेरेव के लिए शंघाई खिताब जीतने का अच्छा मौका माना जा रहा है। डेविडोविच के खिलाफ उनका रिकॉर्ड 6-1 है। सात मुकाबलों में छह जीत उन्होंने दर्ज की हैं, जिनमें चार सीधे सेट में आईं। आखिरी दो जीत मास्टर्स स्तर पर मैड्रिड और पेरिस 2025 में मिली थीं। मास्टर्स सेमीफाइनल में ज्वेरेव का रिकॉर्ड 13-14 है; आठ हार सिनर, अल्काराज या जोकोविच के खिलाफ रही हैं।

डेविडोविच की फॉर्म और जोडार का दम

डेविडोविच ने पिछले चार महीनों में दो खिताब जीते हैं। इससे पहले उन्होंने टूर स्तर का कोई फाइनल नहीं जीता था। अब वह करीबी मुकाबले भी जीत रहे हैं, जिनमें निर्णायक सेट के टाईब्रेक शामिल हैं। शंघाई में वह लगातार तीन सेट के मुकाबलों के बाद थके हुए थे।

क्वार्टर फाइनल में आर्थर गेया पहले सेट में 4-1 से पीछे होने पर चोटिल होकर हट गए। इससे डेविडोविच को आराम और सेमीफाइनल का टिकट मिला। अगले हफ्ते वह टॉप-20 में लौटेंगे। उन्होंने अब तक तीन मास्टर्स सेमीफाइनल खेले हैं, जिनमें दो हारे हैं। टॉप-5 खिलाड़ियों के खिलाफ उनका रिकॉर्ड 5-17 है।

मेदवेदेव एटीपी फाइनल्स की जगह और टॉप-10 में अपनी स्थिति बनाए रखने की कोशिश में हैं। शंघाई में उन्हें सेमीफाइनल अंक बचाने थे और उन्होंने यह चुनौती पूरी की। एशियाई स्विंग में उनका फॉर्म अच्छा रहा है।

जोडार का शंघाई डेब्यू संघर्ष और मानसिक मजबूती का उदाहरण रहा है। वह तीन मैचों की हार के क्रम में यहां आए थे। इस हफ्ते उनके चारों मुकाबले तीन सेट तक गए और हर बार पहला सेट हारने के बाद उन्होंने जीत हासिल की। जिरी लेहेका और कास्पर रूड के खिलाफ भी उन्होंने ऐसा किया।

जोडार शंघाई मास्टर्स इतिहास के सबसे युवा सेमीफाइनलिस्ट हैं। एटीपी फाइनल्स की दौड़ में वह आठवें स्थान पर पहुंच गए हैं, जो आखिरी क्वालिफाइंग पोजीशन है। खिताब जीतने पर उनका टॉप-10 में डेब्यू होगा। मार्च में ही टॉप-100 में पहुंचे जोडार टॉप-100 से टॉप-10 तक पहुंचने का सबसे कम समय का रिकॉर्ड बना सकते हैं, जो बोरिस बेकर ने 1985 में बनाया था।

ज्वेरेव 2019 में शंघाई में उपविजेता रहे थे। अब उनके पास दूसरी बार फाइनल में पहुंचने का मौका है। सेमीफाइनल में जीतने वाले खिलाड़ी खिताब की दौड़ में आगे बढ़ेंगे।

स्रोत: Flashscore.com

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