आर्सेनल के मिडफील्डर मिकेल मेरिनो ने 2017 में बोरुसिया डॉर्टमुंड की टीम बस पर हुए बम हमले को याद किया है। स्पेन को विश्व कप 2026 जिताने में अहम भूमिका निभाने वाले मेरिनो ने कहा कि वे जिंदा हैं, यह उनका सौभाग्य है। उन्होंने द प्लेयर्स ट्रिब्यून में छपे अपने लेख में कहा कि उन्हें लगता है कि उनका कोई गार्जियन एंजल है।

हमला उस वक्त हुआ था जब डॉर्टमुंड की टीम चैंपियंस लीग में मोनाको के खिलाफ मैच के लिए जा रही थी। सर्गेई वेनेरगोल्ड ने टीम बस के रास्ते में झाड़ियों के पास तीन विस्फोटक लगाए थे। इनमें धातु की कीलें थीं और इनका असर करीब 100 मीटर के दायरे में था। हमले में स्पेन के डिफेंडर मार्क बार्ट्रा का हाथ घायल हुआ और उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ, जो बाद में काम पर नहीं लौट सका।

मेरी आम सीट उस दिन खाली थी

मेरिनो ने लिखा कि उस वक्त वे 20 साल के थे। उन्हें एक भयानक आवाज याद है, जिसके बाद बस लगभग पलटने वाली थी। पीछे देखा तो फर्श पर खून था। धुआं, चीखें और अफरा-तफरी थी। उस रात वे अस्पताल में बार्ट्रा का इंतजार कर रहे थे, जिनकी कलाई बुरी तरह जख्मी थी।

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अगले दिन किसी ने उन्हें बताया कि बार्ट्रा की सीट के बगल वाली सीट के हेडरेस्ट में धातु का एक बड़ा टुकड़ा धंसा था। मेरिनो ने कहा कि वह उनकी आम सीट थी, लेकिन उस दिन खाली थी। पैरों में थोड़ी अकड़न महसूस होने पर वे आगे की सीट पर बैठ गए थे, जिसे वे अपनी जान बचने की वजह मानते हैं। उनका मानना है कि कुछ चीजें किसी वजह से ही होती हैं।

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बार्ट्रा ने डर और दर्द को याद किया

रियल बेटिस के फुटबॉलर मार्क बार्ट्रा ने 2017 में एंटेना 3 के शो एल ऑर्मिगुएरो में हमले का अनुभव साझा किया था। उन्होंने बताया कि शाम करीब 7 बजे टीम होटल से बस तक पहुंची। वे सबसे आखिर में चढ़े और अपनी हमेशा वाली पीछे दाईं ओर की सीट पर बैठे। अचानक धुआं, कानों में सीटी और बारूद की गंध के बीच उन्हें गर्म हवा चेहरे पर महसूस हुई।

बार्ट्रा के मुताबिक, उन्हें लगा जैसे गोली लगी हो, जो धातु का टुकड़ा था। वे डर से जम गए और दर्द से चिल्ला उठे। फिजियो उन्हें सोने नहीं दे रही थी और कह रही थी कि आंखें खुली रखें। उन्होंने अपनी बेटी के बारे में सोचा। एम्बुलेंस के 10-15 मिनट उन्हें अनंत लगे। ऑपरेशन के बाद पता चला कि फ्रैक्चर साफ था और टेंडन व लिगामेंट पर असर नहीं था। डॉक्टर ने कहा था कि एक महीने में वे खेल सकेंगे।

हमले के मामले में सर्गेई वेनेरगोल्ड पर हत्या के प्रयास के 28 आरोप लगे थे। अदालत ने उसे 14 साल कैद की सजा सुनाई। मुकदमे में उसने कबूल किया कि उसका किसी को मारने का इरादा नहीं था। उसने यह हमला बोरुसिया डॉर्टमुंड के शेयर भाव में गिरावट पर सट्टा लगाकर पैसा कमाने के लिए किया था।

मेरिनो ने अपने लेख में उस दौर को भी याद किया जब दाएं पैर की स्ट्रेस फ्रैक्चर ने उन्हें लगभग विश्व कप से बाहर कर दिया था। उन्होंने लिखा कि जब स्थिति थोड़ी साफ हुई, तो उन्हें लगा कि यह सब किसी वजह से हुआ होगा। अपने लेख का शीर्षक उन्होंने उन लोगों के नाम पर रखा, जिन्होंने मुझे गोद में उठाया।

स्रोत: MARCA

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