मेरठ रेंज में नवरात्र और राम नवमी पर अभेद्य सुरक्षा घेरा, डीआईजी ने जारी किए कड़े निर्देश

 5 अप्रैल को दुर्गा अष्टमी और 6 अप्रैल को राम नवमी के मद्देनजर 117 संवेदनशील स्थानों पर रहेगी कड़ी निगरानी, 90 शोभायात्राओं और 30 मेलों के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था
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 DIG Kalanidhi Naithani
मेरठ: आगामी नवरात्र और राम नवमी के त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए मेरठ रेंज के डीआईजी कलानिधि नैथानी ने कमर कस ली है। उन्होंने रेंज के सभी जिला प्रभारियों को विस्तृत और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।READ ALSO:-सहारनपुर में BJP नेता का खौफनाक कृत्य: पत्नी और बच्चों को मारी गोली, तीन बच्चों की मौत, पुलिस को बोला सब को मार डाला

 

यह निर्देश ऐसे समय में आए हैं जब मेरठ परिक्षेत्र में नवरात्र की धूम मची हुई है, जिसका समापन 5 अप्रैल को दुर्गा अष्टमी और 6 अप्रैल को राम नवमी के साथ होगा। इन त्योहारों के दौरान मेरठ रेंज के चार जिलों - मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ में बड़ी संख्या में धार्मिक आयोजन होते हैं। इस वर्ष, इन जिलों में कुल 90 शोभायात्राएं और 30 मेले आयोजित होने वाले हैं। अकेले मेरठ जिले में 16 शोभायात्राएं और 6 मेले निकलेंगे, जबकि बुलंदशहर में सबसे अधिक 38 शोभायात्राएं और 13 मेले आयोजित किए जाएंगे। बागपत में 2 शोभायात्राएं और 4 मेले, और हापुड़ में 34 शोभायात्राएं और 7 मेले प्रस्तावित हैं।

 

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डीआईजी नैथानी ने कोई भी ढिलाई न बरतने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इसके तहत, पूरे परिक्षेत्र में 117 स्थानों को संवेदनशील या हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है। इन संवेदनशील क्षेत्रों की प्रभावी निगरानी के लिए पुलिस ने 23 जोन, 79 सेक्टर और 56 क्विक रिस्पांस टीमों (क्यूआरटी) का गठन किया है। यह टीमें किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार रहेंगी।

 

सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पुलिस ने स्थानीय स्तर पर भी व्यापक स्तर पर संवाद स्थापित किया है। पीस कमेटी, विभिन्न धर्मों के गुरुओं और शांति समिति के सदस्यों के साथ कुल 126 बैठकें आयोजित की गई हैं। इसके अतिरिक्त, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और विद्युत विभाग जैसे आवश्यक सेवा प्रदाताओं के साथ 105 समन्वय बैठकें की गई हैं, ताकि त्योहारों के दौरान आवश्यक नागरिक सुविधाएं सुचारू रूप से चलती रहें। कार्यक्रम आयोजकों के साथ भी 114 गोष्ठियां आयोजित की गई हैं, जिनमें सुरक्षा प्रोटोकॉल और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई है।

 

डीआईजी कलानिधि नैथानी ने सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाने वाली या धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली किसी भी पोस्ट पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, सभी धार्मिक स्थलों की नियमित जांच के लिए विशेष पोस्टर पार्टियों का गठन किया गया है। प्रमुख मंदिरों, दुर्गा पूजा पंडालों और मेला स्थलों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

 

शोभायात्राओं के मार्गों पर सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। डीआईजी ने निर्देश दिया है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि ढीले या टूटे हुए बिजली के तारों से किसी भी वाहन या डीजे के छू जाने से कोई दुर्घटना न हो। इसके साथ ही, दूसरे संप्रदाय के धार्मिक स्थलों या आयोजनों के पास लाउडस्पीकर या ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर आयोजकों से पहले ही बातचीत करने के लिए कहा गया है, ताकि किसी भी प्रकार का तनाव उत्पन्न न हो।

 

असामाजिक तत्वों, अराजक तत्वों और कट्टरपंथियों पर कड़ी नजर रखने और उनके द्वारा किसी भी समाज विरोधी गतिविधि को अंजाम देने पर त्वरित और कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

 

डीआईजी ने थाना प्रभारियों, क्षेत्राधिकारियों और अपर पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि यदि कोई विवाद सामने आया हो तो त्योहार से पहले स्वयं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उन स्थानों का दौरा करें और दोनों पक्षों के बीच विवाद का समाधान कराएं। इसके अनुसार, कार्यक्रमों में आवश्यक पुलिस प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। यदि किसी विवाद का समाधान नहीं होता है, तो ऐसे मामलों में प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई करने के लिए भी कहा गया है।

 

सुरक्षा व्यवस्था के तहत, महत्वपूर्ण स्थानों पर पिकेट और मोबाइल गश्त की व्यवस्था की जाएगी। जुलूसों और शोभायात्राओं के दौरान यातायात व्यवस्था किसी भी हालत में प्रभावित न हो, इसके लिए विशेष यातायात प्लान तैयार किए गए हैं और यातायात पुलिस कर्मियों के साथ-साथ नागरिक पुलिस की संयुक्त टीमों की आवश्यकतानुसार ड्यूटी लगाई जाएगी। यदि किसी कारणवश रूट डायवर्जन की आवश्यकता होती है, तो त्योहार से पहले ही वैकल्पिक मार्गों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जाम की स्थिति से बचा जा सके।

 

आयोजकों के साथ समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि यथासंभव प्रत्येक जुलूस, शोभायात्रा और कार्यक्रम का संपूर्ण मार्ग और स्थल सीसीटीवी कैमरों से कवर हो। यदि पहले से कैमरे लगे हैं, तो उनकी कार्यप्रणाली की जांच करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, त्योहार के दौरान आयोजित सभी शोभायात्राओं और कार्यक्रमों के महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई जाएगी।

 

जिन मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक होती है, वहां भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख मंदिरों और पंडालों के आयोजन स्थलों के आसपास मांस और शराब की दुकानों को चिन्हित कर उनकी समीक्षा करने और श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए नवरात्रि की अवधि में उन्हें बंद रखने के संबंध में जिलाधिकारी के साथ विचार-विमर्श करने के लिए भी कहा गया है।

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जनपद में अतिसंवेदनशील, संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष रूप से पिकेट्स और पेट्रोलिंग की व्यवस्था की जाएगी। इन क्षेत्रों में पुलिस की लगातार उपस्थिति बनाए रखने के साथ-साथ जनपद और सर्किल मुख्यालय पर रिजर्व बल भी तैनात रहेगा, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की सूचना मिलते ही तुरंत पुलिस बल भेजा जा सके। यदि अतिरिक्त होमगार्ड की आवश्यकता होती है, तो संबंधित जिलाधिकारी के माध्यम से पत्राचार कर उन्हें प्राप्त करने के लिए भी कहा गया है।

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डीआईजी कलानिधि नैथानी ने सभी पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने और त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए हर संभव कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उनकी इस व्यापक सुरक्षा योजना से उम्मीद है कि मेरठ रेंज में नवरात्र और राम नवमी के त्योहार बिना किसी विघ्न के शांतिपूर्वक संपन्न होंगे।

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