Anil Kumar Sharma, Special Correspondent-Dhampur-Bijnor-भारतीय संस्कृति में अपने पूर्वजों को याद करना और उनकी स्मृति में समाज के लिए निस्वार्थ सेवा कार्य करना एक महान परंपरा रही है। इसी कड़ी में, मुरादाबाद रोड स्थित शुगर मिल्स तिराहा पर पंडित जय प्रकाश शर्मा की पुण्यतिथि अत्यंत सम्मान और भावपूर्ण तरीके से मनाई गई। स्वर्गीय पंडित जय प्रकाश शर्मा जी की यह सातवीं पुण्यतिथि थी, जिस अवसर पर उनके परिवार, इष्ट मित्रों और शहर के कई गणमान्य व्यक्तियों ने उपस्थित होकर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस आयोजन ने न केवल उनकी स्मृतियों को ताज़ा किया, बल्कि भीषण गर्मी में राहगीरों को राहत पहुंचाकर समाज सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत किया। READ ALSO:-बिजनौर क्राइम न्यूज़: 'खून के रिश्ते हुए तार-तार', बेदखल सौतेले बेटे और बहू ने माँ पर किया जानलेवा हमला, बाल नोंचे और घोंटा गला
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परिवारजनों ने नम आंखों से किया स्मरण

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कार्यक्रम का आयोजन मुरादाबाद रोड पर जे.पी. एंड संस के परिसर में किया गया था। वहां स्वर्गीय पंडित जय प्रकाश शर्मा जी के चित्र को सुसज्जित कर उस पर माल्यार्पण किया गया। कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ उनके परिवार के सदस्यों द्वारा किया गया। उनके सुपुत्र श्री जितेंद्र कुमार शर्मा और श्री सुनील कुमार शर्मा के साथ-साथ उनके पौत्र पुलकित गौतम ने सर्वप्रथम उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
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परिवार के सदस्यों ने इस अवसर पर पंडित जी के जीवन मूल्यों, उनके आदर्शों और उनके द्वारा समाज को दिए गए योगदान को याद किया। ऐसे आयोजन यह दर्शाते हैं कि महापुरुषों और परिवार के बुजुर्गों के विचार उनके जाने के बाद भी उनके वंशजों के माध्यम से जीवित रहते हैं। (External link: source URL)
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पंडित जय प्रकाश शर्मा की पुण्यतिथि पर गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

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इस श्रद्धांजलि सभा में केवल परिवार के सदस्य ही नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े कई प्रमुख लोग भी शामिल हुए। स्वर्गीय शर्मा जी के प्रति लोगों के मन में कितना सम्मान था, इसका अंदाजा इस कार्यक्रम में उपस्थित लोगों की भीड़ से लगाया जा सकता है।
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कार्यक्रम में मुख्य रूप से निम्नलिखित गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और पुष्पांजलि अर्पित की:
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    असित गोयल
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    बलीराम सिंह
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    सुनील मिश्रा
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    डॉक्टर शंकरलाल शर्मा
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    विनोद शर्मा
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    देवेंद्र सिसोदिया
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    गौरव कुमार
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    जोगेंद्र कुमार
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    गौरव सिंह
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    मुस्तकीम और सलमान
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    सुमित कुमार
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    शमसुल हसन और प्रतीक शर्मा
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इन सभी उपस्थित अतिथियों ने पंडित जी के साथ बिताए गए अपने पलों को साझा किया और उनके सरल स्वभाव तथा परोपकारी व्यक्तित्व की भूरि-भूरि प्रशंसा की। सभी ने एक स्वर में यह माना कि समाज के उत्थान में पंडित जी का योगदान हमेशा अविस्मरणीय रहेगा।
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भीषण गर्मी में समाज सेवा की अनूठी मिसाल

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मई के इस महीने में जब सूर्य देव अपने पूरे तेज पर हैं और भीषण गर्मी से आम जनजीवन बेहाल है, ऐसे में पंडित जय प्रकाश शर्मा की पुण्यतिथि के अवसर पर एक बहुत ही पुनीत कार्य का आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि सभा के उपरांत, सुबह 11:30 बजे से लेकर दोपहर 1:30 बजे तक राहगीरों के लिए विशेष जलपान की व्यवस्था की गई।
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इस दौरान सड़क से गुजरने वाले हर छोटे-बड़े राहगीर को ताजे केले और लाहौरी जीरा की ठंडी बोतलें वितरित की गईं। चिलचिलाती धूप में सफर कर रहे लोगों के लिए यह ठंडी राहत किसी वरदान से कम नहीं थी। इस सेवा कार्य की स्थानीय लोगों ने खूब सराहना की। राहगीरों को जल और फल का वितरण करना भारतीय मान्यताओं में सबसे बड़ा पुण्य माना जाता है, और इस आयोजन ने इसी मान्यता को चरितार्थ किया। (Internal link to related article)
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जे.पी. एंड संस के स्टाफ का सराहनीय योगदान

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किसी भी बड़े सामाजिक आयोजन को सफल बनाने के पीछे एक मजबूत और समर्पित टीम का हाथ होता है। इस पूरे कार्यक्रम और सेवा कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने में 'जे.पी. एंड संस' के समस्त स्टाफ का अत्यंत सराहनीय योगदान रहा। स्टाफ के सदस्यों ने पूरी लगन और निष्ठा के साथ न केवल कार्यक्रम की व्यवस्था संभाली, बल्कि कड़ी धूप में खड़े होकर अपने हाथों से राहगीरों को केले और ठंडे पेय वितरित किए।
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उनका यह निस्वार्थ सेवा भाव यह प्रमाणित करता है कि संस्थान के भीतर एक पारिवारिक और सेवाभाव का माहौल है, जिसकी नींव स्वयं स्वर्गीय पंडित जय प्रकाश शर्मा जी ने रखी थी। व्यापारिक संस्थानों द्वारा इस प्रकार की सामाजिक जिम्मेदारी (Corporate Social Responsibility) का निर्वहन करना समाज के अन्य लोगों और संस्थाओं के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा है। 
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पूर्वजों की याद में परोपकार का महत्व

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आज के आधुनिक दौर में अक्सर लोग अपने पूर्वजों के आदर्शों को भूल जाते हैं, लेकिन ऐसे आयोजन हमें हमारी जड़ों से जोड़े रखते हैं। पुण्यतिथि केवल शोक का दिन नहीं होता, बल्कि यह उस महान आत्मा के जीवन का उत्सव मनाने और उनके बताए गए परोपकार के मार्ग पर चलने का दिन होता है। स्वर्गीय पंडित जय प्रकाश शर्मा जी ने अपने जीवन काल में जो भी नेक कार्य किए, आज उनका परिवार उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।
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गरीबों, असहायों और राहगीरों की सेवा करने से न केवल दिवंगत आत्मा को शांति मिलती है, बल्कि समाज में सद्भाव, प्रेम और भाईचारे का संदेश भी जाता है। मुरादाबाद रोड पर आयोजित यह कार्यक्रम सर्वधर्म समभाव का भी प्रतीक बना, जहां हर वर्ग और समुदाय के लोगों ने मिलकर इस पुनीत कार्य में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।
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स्वर्गीय पंडित जय प्रकाश शर्मा जी की सातवीं पुण्यतिथि का यह आयोजन एक तरफ जहां श्रद्धा और भावुकता से भरा हुआ था, वहीं दूसरी ओर इसने समाज को सेवा और परोपकार का एक मजबूत संदेश भी दिया। जे.पी. एंड संस, मुरादाबाद रोड पर आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा ने साबित कर दिया कि अच्छे कर्मों की गूंज इंसान के जाने के वर्षों बाद भी सुनाई देती है। भीषण गर्मी में राहगीरों की प्यास बुझाकर और उन्हें फल वितरित कर परिवार तथा स्टाफ ने सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की है। पंडित जय प्रकाश शर्मा की पुण्यतिथि पर किए गए इस उत्कृष्ट सामाजिक कार्य की स्मृति स्थानीय लोगों के दिलों में लंबे समय तक तरोताजा रहेगी।
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