चांदपुर (बिजनौर)। भागती-दौड़ती जिंदगी में थोड़ी सी लापरवाही अक्सर बड़े हादसों का सबब बन जाती है। इसी बात को गंभीरता से लेते हुए और शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में, चांदपुर स्थित गुलाब सिंह हिंदू स्नातकोत्तर महाविद्यालय (Gulab Singh Hindu Post Graduate College) में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान (Road Safety Awareness Campaign) के तहत एक भव्य विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।READ ALSO:-चांदपुर में 'आग का तांडव': शॉर्ट सर्किट की चिंगारी से फर्नीचर शोरूम जलकर हुआ खाक; लाखों का सामान राख, फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत से पाया काबू
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इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी, विशेषकर छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाना था। महाविद्यालय के सेमिनार हॉल में आयोजित इस गोष्ठी में छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सड़क सुरक्षा को लेकर अपने विचार साझा किए।
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NCC, NSS और रोवर्स रेंजर्स का संयुक्त प्रयास
\r\n\r\nइस महत्वपूर्ण जागरूकता अभियान की सफलता के पीछे महाविद्यालय की तीन प्रमुख इकाइयों—एनसीसी (NCC), राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) और रोवर्स रेंजर्स (Rovers Rangers)—का संयुक्त प्रयास रहा। इन इकाइयों के स्वयंसेवकों और कैडेट्स ने न केवल कार्यक्रम में भाग लिया, बल्कि समाज में सड़क सुरक्षा का संदेश फैलाने का संकल्प भी लिया।
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कार्यक्रम के आयोजन में महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापकों की भूमिका अहम रही:
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- \r\n प्रोफेसर साधना: जिन्होंने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और छात्रों को प्रेरित किया।\r\n \r\n
- \r\n डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह: जिन्होंने आंकड़ों के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं की भयावहता समझाई।\r\n \r\n
- \r\n उदिता राजपूत (NSS): जिन्होंने स्वयंसेवकों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया।\r\n \r\n
- \r\n मोहम्मद आरिफ: जिनके सक्रिय सहयोग से कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हुआ।\r\n \r\n
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विचार गोष्ठी: 'सावधानी हटी, दुर्घटना घटी'
\r\n\r\nविचार गोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।
\r\n\r\nप्रोफेसर साधना ने अपने संबोधन में कहा, "सड़क पर चलते समय हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि घर पर कोई हमारा इंतजार कर रहा है। हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी जान बचाने के लिए करना चाहिए। युवा देश का भविष्य हैं, और अगर वे यातायात नियमों का पालन करेंगे, तो पूरा समाज सुधरेगा।"
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वहीं, डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि आज के दौर में अधिकांश दुर्घटनाएं तेज रफ्तार और मोबाइल फोन के प्रयोग के कारण हो रही हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे गाड़ी चलाते समय मोबाइल का उपयोग बिल्कुल न करें और न ही स्टंट दिखाने की कोशिश करें।
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संयुक्त प्रयास से मिली सफलता
\r\n\r\nकार्यक्रम को सफल बनाने में एनएसएस की कार्यक्रम अधिकारी उदिता राजपूत और मोहम्मद आरिफ का विशेष योगदान रहा। उन्होंने छात्रों को बताया कि कैसे एक छोटी सी गलती जीवन भर का पछतावा बन सकती है। एनसीसी कैडेट्स ने अनुशासन का परिचय देते हुए सड़क सुरक्षा के नियमों को जीवन में उतारने का संकल्प लिया।
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वक्ताओं ने छात्रों को निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया:
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- \r\n दुपहिया वाहन चलाते समय हमेशा ISI मार्क वाला हेलमेट पहनें।\r\n \r\n
- \r\n कार चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग अवश्य करें।\r\n \r\n
- \r\n तेज रफ्तार (Over Speeding) से बचें।\r\n \r\n
- \r\n नशे की हालत में वाहन न चलाएं।\r\n \r\n
- \r\n पैदल चलते समय जेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करें।\r\n \r\n
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शपथ ग्रहण: 'सुरक्षित सड़क, सुरक्षित भविष्य'
\r\n\r\nकार्यक्रम के समापन अवसर पर एक भावुक और प्रेरणादायक क्षण देखने को मिला। प्रोफेसर साधना ने वहां मौजूद सभी प्राध्यापकों, एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवकों और अन्य छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा जागरूकता की शपथ (Oath) दिलाई।
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हॉल में मौजूद सभी लोगों ने एक स्वर में शपथ ली:
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\r\n\r\n\r\n"हम सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञा करते हैं कि हम सड़क सुरक्षा के नियमों का सदैव पालन करेंगे। हम अपने परिवार और मित्रों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करेंगे और सड़क पर एक जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार करेंगे।"\r\n
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गुलाब सिंह हिंदू स्नातकोत्तर महाविद्यालय का यह प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय है। ऐसे जागरूकता अभियान न केवल छात्रों में अनुशासन की भावना पैदा करते हैं, बल्कि समाज में सड़क सुरक्षा को लेकर एक सकारात्मक संदेश भी देते हैं। उम्मीद है कि इस गोष्ठी से मिली सीख को छात्र अपने जीवन में उतारेंगे और दूसरों को भी प्रेरित करेंगे।
Sabse pehle comment karne wale banein.