उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में रीवा नेशनल हाईवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। बेकाबू ट्रक के ब्रेक फेल होने से 11 लोगों की जान चली गई। मैहर से मुंडन कराकर लौट रहे एक ही परिवार के 9 लोग बोले
Published at : 23 Apr 2026, 07:45 AM
Updated at : 11 Sep 2026, 09:25 PM
mirzapur horrific road accident 11 dead 9 burnt alive in bolero truck brake fail
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उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से एक बेहद दुखद और रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। बुधवार रात ड्रमडगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत मिर्जापुर-रीवा नेशनल हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ। इस हादसे ने 11 लोगों की जिंदगी पल भर में छीन ली। सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि एक बोलेरो कार में सवार 9 लोगों को अपनी जान बचाने का रत्ती भर भी मौका नहीं मिला और वे गाड़ी के अंदर ही जिंदा जल गए। ये सभी लोग मध्य प्रदेश के मैहर माता मंदिर से अपने 8 साल के बेटे का मुंडन संस्कार पूरा करके हंसी-खुशी घर लौट रहे थे।READ ALSO:-यूपी में आसमान से बरस रही आग, 32 जिलों में लू का 'रेड अलर्ट'! जानें कब मिलेगी इस झुलसाने वाली गर्मी से राहत?
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खुशियों का सफर कैसे बन गया मौत का रास्ता?
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जानकारी के मुताबिक, मिर्जापुर के जिगना थाना क्षेत्र के नरैना गांव का रहने वाला एक परिवार बुधवार को अपने 8 साल के बेटे शिवा सिंह का मुंडन कराने मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध मैहर माता मंदिर गया था। परिवार में उल्लास का माहौल था। मुंडन संस्कार और देवी दर्शन के बाद सभी लोग अपनी बोलेरो कार से वापस अपने गांव लौट रहे थे। रात के करीब 9:30 बज रहे थे। उनकी गाड़ी ड्रमडगंज थाना क्षेत्र से गुजरते हुए मिर्जापुर-रीवा नेशनल हाईवे पर थी। किसी को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि पीछे से मौत उनके बेहद करीब आ चुकी है।
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तभी पीछे से आ रहे एक भारी-भरकम और तेज रफ्तार ट्रक का अचानक ब्रेक फेल हो गया। ढलान और तेज रफ्तार होने के कारण ट्रक ड्राइवर गाड़ी पर से अपना नियंत्रण पूरी तरह खो बैठा।
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, बेकाबू ट्रक ने सबसे पहले अपने ठीक आगे चल रही बोलेरो और एक स्विफ्ट कार को बहुत ही जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों गाड़ियां अनियंत्रित होकर अपने आगे चल रहे एक बड़े ट्रॉले (कंटेनर) से जा टकराईं।
रफ्तार और झटके की तीव्रता के कारण बोलेरो कार दोनों भारी वाहनों के बीच से उछलकर सड़क के किनारे जा गिरी। गिरते ही एक जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते पूरी बोलेरो कार आग के गोले में तब्दील हो गई। वहीं दूसरी ओर, स्विफ्ट कार ट्रक और आगे वाले ट्रॉले के बीच बुरी तरह से पिचक गई, जैसे किसी ने उसे लोहे की मशीन में दबा दिया हो।
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आग इतनी भयानक और तेजी से फैली कि बोलेरो के अंदर बैठे किसी भी व्यक्ति को गाड़ी का दरवाजा खोलने या शीशा तोड़ने का अवसर ही नहीं मिला। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और राहगीर मदद के लिए दौड़े, लेकिन आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि कोई भी गाड़ी के करीब जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। लोग बेबस होकर आंखों के सामने एक पूरे परिवार को जलता हुआ देखते रहे। करीब ढाई घंटे तक बोलेरो सड़क किनारे धू-धू कर जलती रही।
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मृतकों की पहचान: राख में तब्दील हो गए शव
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जब तक फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बोलेरो में सवार सभी 9 लोग पूरी तरह से कंकाल में बदल चुके थे। शव इतनी बुरी तरह से जल गए थे कि शुरुआत में यह पहचानना भी मुश्किल हो रहा था कि मरने वालों में कितने पुरुष, कितनी महिलाएं और कितने बच्चे हैं।
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बाद में पुलिस ने गाड़ी के नंबर और अन्य दस्तावेजों के आधार पर मृतकों की शिनाख्त की। इस हादसे में स्विफ्ट कार के ड्राइवर और ट्रॉले के एक क्लीनर की भी दर्दनाक मौत हो गई।
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विष्णु सिंह (उम्र 45 वर्ष): पुत्र ढिकर सिंह, (संभवतः ड्राइवर), निवासी- जिगना (मिर्ज़ापुर, यूपी)।
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स्विफ्ट कार और ट्रॉले में सवार मृतक (2 लोगों की मौत): 10. जय प्रकाश (उम्र 28 वर्ष): स्विफ्ट कार सवार, पुत्र मुन्नर, निवासी- मझिगांव (सोनभद्र, यूपी)। 11. विकास शर्मा (उम्र 32 वर्ष): ट्रॉले का क्लीनर, पुत्र ओमकार, निवासी- नया खेड़ा (सागर, मध्य प्रदेश)।
घटना की सूचना मिलते ही मिर्जापुर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। मिर्जापुर की एसपी अपर्णा रजत कौशिक भारी पुलिस बल और दमकल विभाग की गाड़ियों के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि, "हादसा बेहद गंभीर था। ट्रक का ब्रेक फेल होना इस दुर्घटना का मुख्य कारण सामने आया है। फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाई। बोलेरो सवार सभी लोग जिगना थाना के नरैना गांव के रहने वाले थे। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है।"
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हादसे के बाद हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया था, जिसे पुलिस ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को किनारे हटाकर देर रात खुलवाया।
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गांव में पसरा मातम, चूल्हे तक नहीं जले
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जैसे ही नरैना और आसपास के गांवों में इस हादसे की खबर पहुंची, वहां कोहराम मच गया। जिस घर में कुछ घंटों पहले तक मुंडन संस्कार की खुशियां मनाई जा रही थीं और मंगल गीत गाए जा रहे थे, वहां अब सिर्फ महिलाओं की हृदय विदारक चीखें गूंज रही हैं। एक ही परिवार के कई सदस्यों के एक साथ चले जाने से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। गांव वालों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में इतना भीषण और दर्दनाक हादसा पहले कभी नहीं देखा। गुरुवार की सुबह गांव में किसी के भी घर चूल्हा नहीं जला है। पूरा इलाका शोक की लहर में डूबा हुआ है।
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यह हादसा एक बार फिर नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार और भारी वाहनों के रखरखाव की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ब्रेक फेल होने जैसी तकनीकी खामियां अक्सर रखरखाव के अभाव के कारण होती हैं, जिसका खामियाजा निर्दोष लोगों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ता है।
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